नए पुल से बदली तस्वीर, बरसात में भी नहीं थमेगा अब आवागमन करहिया-डोंगरपुर मार्ग पर 2.74 करोड़ की लागत से बने 61 मीटर लंबे पुल से 19 हजार ग्रामीणों को मिली राहत किसानों, विद्यार्थियों और मरीजों के लिए खुली विकास की नई राह भितरवार। बरसात के दिनों में करहिया-डोंगरपुर मार्ग पर जलभराव और आवागमन ठप होने की समस्या अब अतीत की बात बन गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत करहिया (एमडीआर) से डोंगरपुर (एमडीआर) मार्ग पर लगभग 61 मीटर लंबे पुल का निर्माण पूर्ण होने के साथ ही क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को वर्षभर सुरक्षित, सुगम और निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलने लगी है। करीब 2 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत से आरडी 4000 मीटर पर निर्मित यह पुल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की नई पहचान बनकर सामने आया है। *19 हजार ग्रामीणों के लिए वर्षभर सुगम आवागमन की सौगात* इस पुल के निर्माण से रिछारखुर्द, स्याऊ, जतर्थी, ईंटों सहित आसपास के अनेक गांवों की लगभग 19 हजार की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। वर्षों से ग्रामीण बरसात के मौसम में सड़क संपर्क टूटने की समस्या झेलते आ रहे थे। तेज बारिश के दौरान पुलिया पर पानी आने से घंटों तक आवागमन बंद रहता था, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार मरीज हों या गर्भवती महिलाएं समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते थे, विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और किसानों की उपज खेतों या गांवों में ही फंसकर रह जाती थी। *किसानों को मिलेगी सबसे बड़ी राहत, समय पर मंडी पहुंचेगी उपज* अब यह स्थिति पूरी तरह बदल गई है। मजबूत और आधुनिक तकनीक से निर्मित इस पुल के कारण वर्षा के दौरान भी मार्ग खुला रहेगा। इससे ग्रामीणों का जिला मुख्यालय, तहसील, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और कृषि मंडियों से संपर्क बिना किसी बाधा के बना रहेगा। विशेष रूप से किसानों को सबसे अधिक राहत मिलने की उम्मीद है। खरीफ और रबी दोनों सीजन में अब कृषि उपज को समय पर मंडियों तक पहुंचाना आसान होगा, जिससे परिवहन में समय और लागत दोनों की बचत होगी। *विद्यार्थियों की पढ़ाई और मरीजों के उपचार में नहीं आएगी बाधा* विद्यार्थियों के लिए भी यह पुल किसी वरदान से कम नहीं है। पहले बरसात के दिनों में कई छात्र-छात्राओं को स्कूल और कॉलेज जाने में कठिनाई होती थी। कई बार पानी अधिक होने पर उन्हें घर लौटना पड़ता था। अब वे पूरे वर्ष नियमित रूप से अपनी शिक्षण संस्थाओं तक पहुंच सकेंगे। इसी प्रकार स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से भी यह पुल अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को बिना विलंब अस्पताल पहुंचाना संभव होगा, जिससे कई गंभीर परिस्थितियों में जीवन बचाने में भी मदद मिलेगी। *ग्रामीणों में खुशी, बोले— विकास और सुविधाओं की दूरी भी हुई कम* ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस पुल की मांग की जा रही थी। बरसात के दौरान गांवों का संपर्क टूटने से लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। अब पुल बनने से न केवल यात्रा आसान हुई है, बल्कि लोगों में विकास के प्रति नया विश्वास भी जगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल क्षेत्र की प्रगति का प्रतीक है और आने वाले वर्षों में सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा। रिछारी खुर्द ग्राम की सरपंच संगीता राजेंद्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य के पूरा होने पर खुशी जताते हुए कहा कि "यह पुल केवल दो किनारों को नहीं जोड़ता, बल्कि गांवों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को भी आपस में जोड़ता है। पुल बनने से गांवों के बीच की दूरी ही नहीं, बल्कि विकास और सुविधाओं की दूरी भी कम हो गई है।" *ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती* क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यह पुल भविष्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ आसपास के गांवों के समग्र विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, कृषि क्षेत्र को नई गति मिलेगी और ग्रामीणों का जीवन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनेगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तैयार यह पुल भितरवार क्षेत्र के ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
नए पुल से बदली तस्वीर, बरसात में भी नहीं थमेगा अब आवागमन करहिया-डोंगरपुर मार्ग पर 2.74 करोड़ की लागत से बने 61 मीटर लंबे पुल से 19 हजार ग्रामीणों को मिली राहत किसानों, विद्यार्थियों और मरीजों के लिए खुली विकास की नई राह भितरवार। बरसात के दिनों में करहिया-डोंगरपुर मार्ग पर जलभराव और आवागमन ठप होने की समस्या अब अतीत की बात बन गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत करहिया (एमडीआर) से डोंगरपुर (एमडीआर) मार्ग पर लगभग 61 मीटर लंबे पुल का निर्माण पूर्ण होने के साथ ही क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को वर्षभर सुरक्षित, सुगम और निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलने लगी है। करीब 2 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत से आरडी 4000 मीटर पर निर्मित यह पुल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की नई पहचान बनकर सामने आया है। *19 हजार ग्रामीणों के लिए वर्षभर सुगम आवागमन की सौगात* इस पुल के निर्माण से रिछारखुर्द, स्याऊ, जतर्थी, ईंटों सहित आसपास के अनेक गांवों की लगभग 19 हजार की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। वर्षों से ग्रामीण बरसात के मौसम में सड़क संपर्क टूटने की समस्या झेलते आ रहे थे। तेज बारिश के दौरान पुलिया पर पानी आने से घंटों तक आवागमन बंद रहता था, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार मरीज हों या गर्भवती महिलाएं समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते थे, विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और किसानों की उपज खेतों या गांवों में ही फंसकर रह जाती थी। *किसानों को मिलेगी सबसे बड़ी राहत, समय पर मंडी पहुंचेगी उपज* अब यह स्थिति पूरी तरह बदल गई है। मजबूत और आधुनिक तकनीक से निर्मित इस पुल के कारण वर्षा के दौरान भी मार्ग खुला रहेगा। इससे ग्रामीणों का जिला मुख्यालय, तहसील, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और कृषि मंडियों से संपर्क बिना किसी बाधा के बना रहेगा। विशेष रूप से किसानों को सबसे अधिक राहत मिलने की उम्मीद है। खरीफ और रबी दोनों सीजन में अब कृषि उपज को समय पर मंडियों तक पहुंचाना आसान होगा, जिससे परिवहन में समय और लागत दोनों की बचत होगी। *विद्यार्थियों की पढ़ाई और मरीजों के उपचार में नहीं आएगी
बाधा* विद्यार्थियों के लिए भी यह पुल किसी वरदान से कम नहीं है। पहले बरसात के दिनों में कई छात्र-छात्राओं को स्कूल और कॉलेज जाने में कठिनाई होती थी। कई बार पानी अधिक होने पर उन्हें घर लौटना पड़ता था। अब वे पूरे वर्ष नियमित रूप से अपनी शिक्षण संस्थाओं तक पहुंच सकेंगे। इसी प्रकार स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से भी यह पुल अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को बिना विलंब अस्पताल पहुंचाना संभव होगा, जिससे कई गंभीर परिस्थितियों में जीवन बचाने में भी मदद मिलेगी। *ग्रामीणों में खुशी, बोले— विकास और सुविधाओं की दूरी भी हुई कम* ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस पुल की मांग की जा रही थी। बरसात के दौरान गांवों का संपर्क टूटने से लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। अब पुल बनने से न केवल यात्रा आसान हुई है, बल्कि लोगों में विकास के प्रति नया विश्वास भी जगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल क्षेत्र की प्रगति का प्रतीक है और आने वाले वर्षों में सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा। रिछारी खुर्द ग्राम की सरपंच संगीता राजेंद्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य के पूरा होने पर खुशी जताते हुए कहा कि "यह पुल केवल दो किनारों को नहीं जोड़ता, बल्कि गांवों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को भी आपस में जोड़ता है। पुल बनने से गांवों के बीच की दूरी ही नहीं, बल्कि विकास और सुविधाओं की दूरी भी कम हो गई है।" *ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती* क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यह पुल भविष्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ आसपास के गांवों के समग्र विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, कृषि क्षेत्र को नई गति मिलेगी और ग्रामीणों का जीवन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनेगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तैयार यह पुल भितरवार क्षेत्र के ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
- जज तक पहुंचने की कोशिश की गई; कोडीन कफ सिरप केस से खुद को अलग किया इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई से खुद को अलग (Recuse) कर लिया है। यह कदम उन्होंने तब उठाया जब कुछ वादियों और बिचौलियों द्वारा जमानत के लिए उन तक सीधे या निजी तौर पर 'पहुंच बनाने' (सिफारिश लगाने) की कोशिश की गई। जज ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए इसे न्यायपालिका के इतिहास का "काला दिन" करार दिया है।मामले के मुख्य बिंदु और कोर्ट की सख्त टिप्पणीन्यायपालिका पर आघात: न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने साफ कहा कि किसी भी लंबित मामले में न्यायाधीश से निजी तौर पर संपर्क साधने की कोशिश अदालती आचरण की नैतिकता के खिलाफ है। यह स्वतंत्र न्यायपालिका और कानून के शासन पर सीधा आघात है। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा1
- फेसबुक पर राजनीतिक टिप्पणी करना तालगांव के रोजगार सहायक को पड़ा भारी, आदर्श आचरण संहिता उल्लंघन में जिला पंचायत सीईओ ने किया निलंबित दतिया विधानसभा क्षेत्र-22 के उप निर्वाचन 2026 के दौरान सोशल मीडिया पर राजनीतिक टिप्पणी करना ग्राम रोजगार सहायक को महंगा पड़ गया। ग्राम पंचायत तालगांव के ग्राम रोजगार सहायक एवं प्रभारी सचिव विकास शर्मा द्वारा अपने व्यक्तिगत फेसबुक अकाउंट पर राजनीतिक टिप्पणी पोस्ट किए जाने का मामला सामने आया। जांच में प्रथम दृष्टया इसे आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन एवं अनुशासनहीनता माना गया। इसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दतिया अक्षय कुमार तेम्रवाल ने शुक्रवार शाम 05 बजे आदेश जारी कर विकास शर्मा को तत्काल प्रभाव से शासकीय कार्य से विरत (निलंबित) कर दिया। आदेश के अनुसार विरत अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार 50 प्रतिशत पारिश्रमिक देय होगा। प्रशासन ने निर्वाचन अवधि में सभी शासकीय कर्मचारियों को आचरण संहिता का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।1
- इंदरगढ़ में युवक के प्लाट पर दबंग कर रहे कब्जा युवक अपने लगए गंभीर आरोप सुने किया कहा खबर इंदरगढ़ में युवक के प्लाट पर दबंग कर रहे कब्जा युवक अपने लगए गंभीर आरोप सुने किया कहा खबर1
- तहसीलदार की गाड़ी के सामने बैठे सरपंच संघ ब्लॉक अध्यक्ष, जमानत नहीं देने पर किया प्रदर्शन शिवपुरी जिले के सिरसौद सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अतर सिंह लोधी ने तहसीलदार ललित शर्मा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि थाना अमोला में दर्ज धारा 151 की कार्रवाई में गिरफ्तार युवकों को जमानत देने से तहसीलदार ने प्रारंभ में इनकार कर दिया। अतर सिंह लोधी का आरोप है कि तहसीलदार ने थाना प्रभारी अमोला के दबाव में आकर जमानत नहीं दी। इसके विरोध में वे तहसीलदार की गाड़ी के सामने बैठ गए और प्रदर्शन किया। कुछ समय तक चले विरोध के बाद, मामला बढ़ता देख संबंधित युवकों को जमानत दे दी गई। हालांकि, तहसीलदार ललित शर्मा या पुलिस प्रशासन की ओर से इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में प्रशासन का पक्ष सामने आने पर समाचार को अद्यतन किया जा सकता है। तहसीलदार की गाड़ी के सामने बैठे सरपंच संघ ब्लॉक अध्यक्ष, जमानत नहीं देने पर किया प्रदर्शन शिवपुरी जिले के सिरसौद सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अतर सिंह लोधी ने तहसीलदार ललित शर्मा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि थाना अमोला में दर्ज धारा 151 की कार्रवाई में गिरफ्तार युवकों को जमानत देने से तहसीलदार ने प्रारंभ में इनकार कर दिया। अतर सिंह लोधी का आरोप है कि तहसीलदार ने थाना प्रभारी अमोला के दबाव में आकर जमानत नहीं दी। इसके विरोध में वे तहसीलदार की गाड़ी के सामने बैठ गए और प्रदर्शन किया। कुछ समय तक चले विरोध के बाद, मामला बढ़ता देख संबंधित युवकों को जमानत दे दी गई। हालांकि, तहसीलदार ललित शर्मा या पुलिस प्रशासन की ओर से इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में प्रशासन का पक्ष सामने आने पर समाचार को अद्यतन किया जा सकता है।1
- ग्वालियर: टेहलरी स्कूल के छात्र/छात्राओं का सी. एच. सी. केंद्र मोहना की स्वास्थय कार्यकर्ता द्वारा किया गया स्वास्थय परीक्षण। ग्वालियर : आज दिनांक 31 जुलाई 2026 को शासकीय माध्यमिक विद्यालय टेहलरी में सीएससी केंद्र मोहन द्वारा शासकीय माध्यमिक विद्यालय टेहलरी के छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें स्वास्थय के प्रति जागरूक करने हेतु मोहना CSC केंद्र की स्वास्थय कार्यकर्त्ता श्रीमती अनुराधा कुशवाहा एवं उनके सहयोगी द्वारा टेहलरी विद्यालय में पहुंचकर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उक्त प्रशिक्षण में शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक श्री राजीव शर्मा श्री श्रीनिवास शर्मा श्री मुकेश शर्मा, श्री जितेंद्र सिंह सिकरवार, श्रीमती किरन माहौर, आदि शिक्षक शिक्षिका भी उपस्थित थे। श्रीमती कुशवाहा द्वारा विद्यालय के दो छात्र-छात्राओं को उनके माता-पिता के साथ नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र हजीरा या जनकगंज में स्वास्थ्य परीक्षण हेतु ले जाने के लिए निर्देशित किया गया तथा विद्यालय में पदस्थ शिक्षक शिक्षिकाओं के स्वास्थ्य के स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली गई। विद्यालय के शिक्षक श्री मुकेश शर्मा जी को अपने पास की हजीरा डिस्पेंसरी में दांतो के परीक्षण हेतु जाने के लिए निर्देशित किया।4
- यूपी में तीन तलाक को जायज बताकर खुद हलाला कर रहे; देखिए स्टिंग गोरखपुर के दो मौलाना बेनकाब: इस स्टिंग में गोरखपुर के मौलाना रहमतुल्लाह और एक अन्य मौलाना को दैनिक भास्कर की टीम ने कैमरे पर कैद किया।खुद हलाला करने की पेशकश: मौलानाओं ने पीड़ित महिला का ब्रेनवॉश करने की कोशिश की और कहा कि पहले पति के पास वापस जाने के लिए उन्हें खुद मौलाना के साथ निकाह और शारीरिक संबंध (हलाला) बनाना होगा।खर्च और होटल की मांग: स्टिंग में सामने आया कि ये मौलाना हलाला के नाम पर दूसरे की तलाकशुदा पत्नी के साथ होटल में रुकने और रहने-खाने का पूरा खर्च भी दंपती से वसूलते हैं। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा1
- आज दोपहर धारा 151 की कार्रवाई के बाद सिरसौद सरपंच अतर सिंह लोधी जमानत लेने करैरा तहसील पहुंचे। जमानत नहीं मिलने पर उन्होंने तहसीलदार की गाड़ी के आगे लेटकर विरोध प्रदर्शन किया। कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में जमानत मिलने के बाद मामला शांत हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आज दोपहर धारा 151 की कार्रवाई के बाद सिरसौद सरपंच अतर सिंह लोधी जमानत लेने करैरा तहसील पहुंचे। जमानत नहीं मिलने पर उन्होंने तहसीलदार की गाड़ी के आगे लेटकर विरोध प्रदर्शन किया। कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में जमानत मिलने के बाद मामला शांत हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1