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प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर योग और प्राणायाम का अभ्यास करने की सलाह दी गई है।

1 hr ago
user_Jagdish Chandra Sharma
Jagdish Chandra Sharma
Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
1 hr ago

प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर योग और प्राणायाम का अभ्यास करने की सलाह दी गई है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर योग और प्राणायाम का अभ्यास करने की सलाह दी गई है।
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    प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर योग और प्राणायाम का अभ्यास करने की सलाह दी गई है।
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    1 hr ago
  • रविवार को खानपुर उपखंड क्षेत्र के गांवों के आसमान में एक अद्भुत नज़ारा देखा गया, जिसे विज्ञान की भाषा में ‘सन हेलो’ या 22-डिग्री हेलो कहते हैं। यह रोज़-रोज़ देखने को नहीं मिलता, इसलिए ग्रामीणों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं का इसे देखकर हैरान होना स्वाभाविक था। इस घटना के पीछे का असली वैज्ञानिक रहस्य यह है कि यह तब होता है जब आसमान में बहुत ऊंचाई पर पतले 'सिरस' बादल छा जाते हैं। इन बादलों में पानी की बूंदों के बजाय लाखों छोटे-छोटे बर्फ के षट्कोणीय क्रिस्टल होते हैं। जब सूर्य की किरणें इन बर्फ के क्रिस्टलों से होकर गुज़रती हैं, तो वे एक प्रिज्म की तरह काम करते हुए रोशनी को मोड़ देती हैं, जिससे सूर्य के चारों ओर एक सटीक गोलाकार चमकीला घेरा बन जाता है, जिसमें अक्सर इंद्रधनुष की तरह हल्के रंग भी दिखाई देते हैं। हालांकि स्थानीय पुरानी परंपराओं में ऐसी घटनाओं को अक्सर किसी दैवीय संकेत या मौसम के बड़े बदलाव से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह पूरी तरह से एक सामान्य प्रकाशिक भ्रम (ऑप्टिकल इल्यूजन) और प्राकृतिक घटना है। इस खूबसूरत नज़ारे का आनंद लेते समय एक बात का ध्यान रखना ज़रूरी है कि नग्न आंखों से सीधे सूर्य की तरफ लगातार देखने से आंखों की रोशनी को नुकसान पहुँच सकता है, इसलिए इसे चश्मा लगाकर या मोबाइल कैमरे के ज़रिए देखना सबसे सुरक्षित रहता है।
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    रविवार को खानपुर उपखंड क्षेत्र के गांवों के आसमान में एक अद्भुत नज़ारा देखा गया, जिसे विज्ञान की भाषा में ‘सन हेलो’ या 22-डिग्री हेलो कहते हैं। यह रोज़-रोज़ देखने को नहीं मिलता, इसलिए ग्रामीणों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं का इसे देखकर हैरान होना स्वाभाविक था।

इस घटना के पीछे का असली वैज्ञानिक रहस्य यह है कि यह तब होता है जब आसमान में बहुत ऊंचाई पर पतले 'सिरस' बादल छा जाते हैं। इन बादलों में पानी की बूंदों के बजाय लाखों छोटे-छोटे बर्फ के षट्कोणीय क्रिस्टल होते हैं। जब सूर्य की किरणें इन बर्फ के क्रिस्टलों से होकर गुज़रती हैं, तो वे एक प्रिज्म की तरह काम करते हुए रोशनी को मोड़ देती हैं, जिससे सूर्य के चारों ओर एक सटीक गोलाकार चमकीला घेरा बन जाता है, जिसमें अक्सर इंद्रधनुष की तरह हल्के रंग भी दिखाई देते हैं।

हालांकि स्थानीय पुरानी परंपराओं में ऐसी घटनाओं को अक्सर किसी दैवीय संकेत या मौसम के बड़े बदलाव से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह पूरी तरह से एक सामान्य प्रकाशिक भ्रम (ऑप्टिकल इल्यूजन) और प्राकृतिक घटना है। इस खूबसूरत नज़ारे का आनंद लेते समय एक बात का ध्यान रखना ज़रूरी है कि नग्न आंखों से सीधे सूर्य की तरफ लगातार देखने से आंखों की रोशनी को नुकसान पहुँच सकता है, इसलिए इसे चश्मा लगाकर या मोबाइल कैमरे के ज़रिए देखना सबसे सुरक्षित रहता है।
    user_Reporter Rakesh Nagar
    Reporter Rakesh Nagar
    Electrician खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • रविवार को पनवाड़-दहीखेड़ा क्षेत्र में प्रकृति का एक दुर्लभ और अकल्पनीय नज़ारा देखने को मिला, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। दोपहर के समय अचानक आसमान में सूर्य के चारों ओर एक विशाल और चमकीला गोलाकार घेरा दिखाई दिया। ग्रामीणों ने कौतूहलवश इस अद्भुत खगोलीय घटना को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया है, और अब इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं।
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    रविवार को पनवाड़-दहीखेड़ा क्षेत्र में प्रकृति का एक दुर्लभ और अकल्पनीय नज़ारा देखने को मिला, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। दोपहर के समय अचानक आसमान में सूर्य के चारों ओर एक विशाल और चमकीला गोलाकार घेरा दिखाई दिया। ग्रामीणों ने कौतूहलवश इस अद्भुत खगोलीय घटना को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया है, और अब इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं।
    user_Pradeep Nagar
    Pradeep Nagar
    Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • राजस्थान के शाहाबाद उपखण्ड क्षेत्र में रविवार सुबह आसमान में सूर्य के चारों ओर एक चमकीला गोलाकार घेरा दिखाई दिया, जो लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गया। जैसे ही लोगों की नज़र इस अद्भुत प्रभामंडल घेरे पर पड़ी, वे इसे देखने के लिए अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया। सूर्य के चारों ओर दिखने वाला यह अद्भुत वलय एक वायुमंडलीय प्रकाशीय घटना है जिसे सूर्य प्रभामंडल (सन हेलो) या तकनीकी रूप से, 22-डिग्री प्रभामंडल के नाम से जाना जाता है। इसके बनने का मुख्य कारण बर्फ के क्रिस्टल होते हैं। यह तब होता है जब सूर्य का प्रकाश उच्च ऊंचाई वाले सिरस या सिरोस्ट्रैटस बादलों में निलंबित लाखों छोटे, षट्कोणीय बर्फ के क्रिस्टलों से अपवर्तित (मुड़ता) है। अपनी विशिष्ट आकृति के कारण, ये क्रिस्टल प्रकाश को एक सटीक कोण पर मोड़ते हैं, जिससे सूर्य से लगभग 22 डिग्री की त्रिज्या वाला एक वृत्ताकार वलय बनता है। यह अक्सर सफेद दिखाई देता है, लेकिन इसमें हल्के इंद्रधनुषी रंग भी दिख सकते हैं, जिसमें भीतरी किनारे पर लाल और बाहरी किनारे पर नीला रंग होता है। ऐतिहासिक रूप से, सूर्य के चारों ओर बनने वाले प्रभामंडल को अक्सर बारिश या तूफान के आने का संकेत माना जाता रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रभामंडल बनाने वाले ऊंचे सिरस बादल अक्सर गर्म हवा के झोंके से पहले आते हैं। एक पुरानी कहावत, "सूरज/चांद के गिर्द घेरा, जल्द आए मेह बरसेरा" भी इसी धारणा पर आधारित है। इसके पीछे तर्क यह है कि हेलो बनाने वाले सिरस बादल अक्सर किसी तूफानी सिस्टम के आगे-आगे चलते हैं, जिससे हेलो दिखने के 24-48 घंटे में बारिश की संभावना बढ़ जाती है, हालांकि यह 100% गारंटी नहीं है।
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    राजस्थान के शाहाबाद उपखण्ड क्षेत्र में रविवार सुबह आसमान में सूर्य के चारों ओर एक चमकीला गोलाकार घेरा दिखाई दिया, जो लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गया। जैसे ही लोगों की नज़र इस अद्भुत प्रभामंडल घेरे पर पड़ी, वे इसे देखने के लिए अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया।

सूर्य के चारों ओर दिखने वाला यह अद्भुत वलय एक वायुमंडलीय प्रकाशीय घटना है जिसे सूर्य प्रभामंडल (सन हेलो) या तकनीकी रूप से, 22-डिग्री प्रभामंडल के नाम से जाना जाता है। इसके बनने का मुख्य कारण बर्फ के क्रिस्टल होते हैं। यह तब होता है जब सूर्य का प्रकाश उच्च ऊंचाई वाले सिरस या सिरोस्ट्रैटस बादलों में निलंबित लाखों छोटे, षट्कोणीय बर्फ के क्रिस्टलों से अपवर्तित (मुड़ता) है। अपनी विशिष्ट आकृति के कारण, ये क्रिस्टल प्रकाश को एक सटीक कोण पर मोड़ते हैं, जिससे सूर्य से लगभग 22 डिग्री की त्रिज्या वाला एक वृत्ताकार वलय बनता है। यह अक्सर सफेद दिखाई देता है, लेकिन इसमें हल्के इंद्रधनुषी रंग भी दिख सकते हैं, जिसमें भीतरी किनारे पर लाल और बाहरी किनारे पर नीला रंग होता है।

ऐतिहासिक रूप से, सूर्य के चारों ओर बनने वाले प्रभामंडल को अक्सर बारिश या तूफान के आने का संकेत माना जाता रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रभामंडल बनाने वाले ऊंचे सिरस बादल अक्सर गर्म हवा के झोंके से पहले आते हैं। एक पुरानी कहावत, "सूरज/चांद के गिर्द घेरा, जल्द आए मेह बरसेरा" भी इसी धारणा पर आधारित है। इसके पीछे तर्क यह है कि हेलो बनाने वाले सिरस बादल अक्सर किसी तूफानी सिस्टम के आगे-आगे चलते हैं, जिससे हेलो दिखने के 24-48 घंटे में बारिश की संभावना बढ़ जाती है, हालांकि यह 100% गारंटी नहीं है।
    user_भुवनेश भार्गव
    भुवनेश भार्गव
    पत्रकारिता एवं समाज सेवा Baran, Baran•
    3 hrs ago
  • अचानक सूरज पर एक ग्रहण जैसा गोलाकार आकार दिखाई दिया, जिसने सूरज की किरणों को बाहर निकलने से रोक दिया. इस अनोखी घटना को देखकर हर कोई हैरान रह गया और इलाके में हड़कंप मच गया. लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह कोई ग्रहण है, या किसी बड़ी आपदा, संकट अथवा प्रलय का संकेत है. गांव वालों का कहना है कि यह विनाश का सूचक है, जो आने वाले संकट या काल का संकेत दे रहा है.
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    अचानक सूरज पर एक ग्रहण जैसा गोलाकार आकार दिखाई दिया, जिसने सूरज की किरणों को बाहर निकलने से रोक दिया. इस अनोखी घटना को देखकर हर कोई हैरान रह गया और इलाके में हड़कंप मच गया. लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह कोई ग्रहण है, या किसी बड़ी आपदा, संकट अथवा प्रलय का संकेत है. गांव वालों का कहना है कि यह विनाश का सूचक है, जो आने वाले संकट या काल का संकेत दे रहा है.
    user_Sonu Yogi
    Sonu Yogi
    किशनगंज, बारां, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • गुना के विधायक का दर्द एक बार फिर सामने आया है। बातों ही बातों में उन्होंने प्रभारी मंत्री और सांसद जी से जुड़े पुराने मुद्दों का जिक्र किया।
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    गुना के विधायक का दर्द एक बार फिर सामने आया है। बातों ही बातों में उन्होंने प्रभारी मंत्री और सांसद जी से जुड़े पुराने मुद्दों का जिक्र किया।
    user_Shivkumar Jogi
    Shivkumar Jogi
    Customer Service Representative गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • तंबाकू का त्याग, स्वस्थ जीवन की शुरुआत: फ्रेंड्स महिला क्लब ने दिया तंबाकू-मुक्त जीवन का संदेश.... सपना गोयल तंबाकू का त्याग, स्वस्थ जीवन की शुरुआत: फ्रेंड्स महिला क्लब ने दिया तंबाकू-मुक्त जीवन का संदेश.... सपना गोयल बारां ...फ्रेंड्स महिला क्लब की संस्थापिका और अध्यक्षा सपना गोयल ने बताया कि इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में जागरूकता फैलाना और इसके उपयोग को कम करने के लिए प्रभावी नीतियों को प्रोत्साहित करना है। ​अध्यक्षा सपना गोयल ने तंबाकू के घातक परिणामों पर चिंता जताते हुए कहा: ​"तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग और श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियों का एक प्रमुख कारण है। यह दिन लोगों को धूम्रपान और तंबाकू जैसी जानलेवा आदतों को छोड़ने के लिए प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम है।" ​उन्होंने आगे अपील करते हुए कहा, "विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, आइए हम सब मिलकर एक स्वस्थ और तंबाकू-मुक्त जीवन जीने का संकल्प लें। खुद को और अपने परिवार को तंबाकू के घातक असर से बचाएं।" ​"तंबाकू छोड़ें, जीवन से नाता जोड़ें।" ​"तंबाकू का त्याग, स्वस्थ जीवन की शुरुआत।" ​"स्वास्थ्य है सबसे बड़ा धन, तंबाकू से दूर रखें अपना मन।" ​फ्रेंड्स महिला क्लब की अपील: तंबाकू को आज ही कहें 'अलविदा' और अपने परिवार को दें एक स्वस्थ और खुशहाल भविष्य का उपहार। कार्यक्रम में सपना गोयल ,रुचि जैन, अंजना अरोड़ा ,आशा बाटला आदि महिलाएं उपस्थित रही।
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    तंबाकू का त्याग, स्वस्थ जीवन की शुरुआत: फ्रेंड्स महिला क्लब ने दिया तंबाकू-मुक्त जीवन का संदेश.... सपना गोयल 

तंबाकू का त्याग, स्वस्थ जीवन की शुरुआत: फ्रेंड्स महिला क्लब ने दिया तंबाकू-मुक्त जीवन का संदेश.... सपना गोयल 
बारां ...फ्रेंड्स महिला क्लब की संस्थापिका और अध्यक्षा सपना गोयल ने बताया कि इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में जागरूकता फैलाना और इसके उपयोग को कम करने के लिए प्रभावी नीतियों को प्रोत्साहित करना है।
​अध्यक्षा सपना गोयल ने तंबाकू के घातक परिणामों पर चिंता जताते हुए कहा:
​"तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग और श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियों का एक प्रमुख कारण है। यह दिन लोगों को धूम्रपान और तंबाकू जैसी जानलेवा आदतों को छोड़ने के लिए प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम है।"
​उन्होंने आगे अपील करते हुए कहा, "विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, आइए हम सब मिलकर एक स्वस्थ और तंबाकू-मुक्त जीवन जीने का संकल्प लें। खुद को और अपने परिवार को तंबाकू के घातक असर से बचाएं।"
​"तंबाकू छोड़ें, जीवन से नाता जोड़ें।"
​"तंबाकू का त्याग, स्वस्थ जीवन की शुरुआत।"
​"स्वास्थ्य है सबसे बड़ा धन, तंबाकू से दूर रखें अपना मन।"
​फ्रेंड्स महिला क्लब की अपील: तंबाकू को आज ही कहें 'अलविदा' और अपने परिवार को दें एक स्वस्थ और खुशहाल भविष्य का उपहार।
कार्यक्रम में सपना गोयल ,रुचि जैन, अंजना अरोड़ा ,आशा बाटला आदि महिलाएं उपस्थित रही।
    user_User10561
    User10561
    छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • बारां में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए यातायात प्रभारी उप-निरीक्षक चंद्रप्रकाश को ₹7,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यातायात प्रभारी चंद्रप्रकाश पर आरोप है कि वह ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मासिक बंदी के रूप में यह रिश्वत राशि वसूल रहा था। इस कार्रवाई को एसीबी के एएसपी कालूराम वर्मा ने अंजाम दिया, और यह पूरी कार्रवाई एसीबी डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई।
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    बारां में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए यातायात प्रभारी उप-निरीक्षक चंद्रप्रकाश को ₹7,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यातायात प्रभारी चंद्रप्रकाश पर आरोप है कि वह ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मासिक बंदी के रूप में यह रिश्वत राशि वसूल रहा था। इस कार्रवाई को एसीबी के एएसपी कालूराम वर्मा ने अंजाम दिया, और यह पूरी कार्रवाई एसीबी डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई।
    user_User10561
    User10561
    छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    5 hrs ago
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