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सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र के बाड़ी में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक निजी क्रशर प्लांट के पीछे कौवा नाला की झाड़ियों में एक क्षत-विक्षत नर कंकाल मिला है। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। यह कंकाल उस समय दिखा जब पशु चरा रहे एक चरवाहे की नजर उस पर पड़ी, जिसके बाद उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कंकाल के अवशेषों को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने तुरंत मामले की शिनाख्त और आगे की जांच शुरू कर दी है। कंकाल की क्षत-विक्षत हालत के कारण उसकी पहचान करने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। इस घटना को लेकर ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र के बाड़ी में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक निजी क्रशर प्लांट के पीछे कौवा नाला की झाड़ियों में एक क्षत-विक्षत नर कंकाल मिला है। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। यह कंकाल उस समय दिखा जब पशु चरा रहे एक चरवाहे की नजर उस पर पड़ी, जिसके बाद उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कंकाल के अवशेषों को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने तुरंत मामले की शिनाख्त और आगे की जांच शुरू कर दी है। कंकाल की क्षत-विक्षत हालत के कारण उसकी पहचान करने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। इस घटना को लेकर ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
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- चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र के भैसोड़ा गांव में जिला पंचायत द्वारा कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और लापरवाही से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि साहेमु के घर से नेहालु के घर तक नाली निर्माण का कार्य लगभग एक वर्ष से अधूरा पड़ा हुआ है, जिसके चलते खुली पड़ी नाली में गिरकर आए दिन बच्चे और बुजुर्ग घायल हो रहे हैं। ठेकेदार द्वारा केवल लोहे की छड़ें लगाकर काम रोक दिया गया है, न तो दीवार पूरी बनी है और न ही नाली ढकी गई है, जिससे खुले गड्ढे आवागमन में भारी दिक्कतें पैदा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। इस अधूरे निर्माण के संबंध में ग्रामीणों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है। पिछले समाधान दिवस और हाल ही में आयोजित जिला स्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस में भी जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर कार्य पूरा कराने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बदरुद्दीन, अखलाक, शहंशाह, रहीमुद्दीन, रहमत, मकसूद, जाहिर सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल शेष कार्य पूरा कराने और सुरक्षा की दृष्टि से नाली को ढकने की मांग की है, ताकि गांव में दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाली निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्राम प्रधान पति लाल मोहम्मद ने भी इस बात की पुष्टि की है कि लगभग एक साल से यह कार्य अधूरा है और अधूरे निर्माण के कारण ग्रामवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि अधिकारियों का ध्यान कई बार इस ओर खींचा जा चुका है।3
- गढ़वा में आयोजित एक पीसीसी शिलान्यास कार्यक्रम से कहीं ज़्यादा, इस अवसर पर दिया गया एक बयान सुर्खियों में बना हुआ है। कार्यक्रम के दौरान, वर्तमान विधायक ने पूर्व विधायक की हंसी पर सीधा कटाक्ष किया। यह बयान अब शिलान्यास समारोह की तुलना में अधिक चर्चा का विषय बन गया है।1
- सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र के बाड़ी में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक निजी क्रशर प्लांट के पीछे कौवा नाला की झाड़ियों में एक क्षत-विक्षत नर कंकाल मिला है। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। यह कंकाल उस समय दिखा जब पशु चरा रहे एक चरवाहे की नजर उस पर पड़ी, जिसके बाद उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कंकाल के अवशेषों को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने तुरंत मामले की शिनाख्त और आगे की जांच शुरू कर दी है। कंकाल की क्षत-विक्षत हालत के कारण उसकी पहचान करने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। इस घटना को लेकर ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।1
- आज 23 जून 2026 को दुधवा टाइगर रिजर्व, लखीमपुर खीरी प्रभाग के उत्तर निघासन रेंज के लट्ठौआ बीट स्थित ग्राम मुर्तिहा से एक मादा गुलदार (तेंदुआ) को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के बाद इस मादा गुलदार को वन प्रभाग में लाया गया, जिसके उपरांत उसे चन्द्रप्रभा रेंज के राजदरी अनुभाग अंतर्गत बलियारी बीट की देव पहाड़ी पर सकुशल अवमुक्त कर दिया गया।1
- लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद वाराणसी के कोचिंग सेंटरों में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। यह देखा गया है कि प्रशासन आमतौर पर किसी घटना के बाद ही सक्रिय होता है। हालांकि, इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि वाराणसी में बड़े सुधार और महत्वपूर्ण कार्रवाई की जाएगी, जिससे भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना यहाँ न हो सके।1
- सोनभद्र के विंढमगंज-कोन मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य के बीच एक और सड़क दुर्घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, बीते 22 जून की शाम करीब 6 बजे ओझा पहाड़ी के पास एक टाटा टियागो कार (UP32NC4096) अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गड्ढे में पलट गई। क्षतिग्रस्त वाहन मंगलवार सुबह भी दुर्घटनास्थल पर पड़ा मिला। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क पर जगह-जगह गिट्टी बिखरी रहती है और धूल नियंत्रण के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं किया जाता है। इससे वाहनों के आवागमन के दौरान धूल का घना गुबार उठता है, जिसके कारण वाहन चालकों को सड़क स्पष्ट दिखाई नहीं देती और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों के मुताबिक, इस मार्ग पर पूर्व में भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, जो दर्शाता है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। इस घटना की सूचना विंढमगंज पुलिस को दे दी गई है। वहीं, ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराने, नियमित पानी का छिड़काव सुनिश्चित करने और सड़क पर फैली गिट्टी को जल्द हटाने की मांग की है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन समस्याओं पर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो इस मार्ग पर भविष्य में और भी गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।1