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किशनगंज के कुंडला गांव की चरागाह भूमि और सड़क किनारे करीब डेढ़ दर्जन हरे पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है, जिनमें खेजड़ी के पेड़ भी शामिल हैं। इस घटना की जानकारी मंगलवार सुबह 11 बजे मिली, जिसके बाद ग्रामीणों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। किसान महापंचायत के प्रदेश संयोजक सत्यनारायण सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एसडीएम के नाम नायब तहसीलदार रघुराज सिंह हाड़ा को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि एक व्यक्ति ने बिना किसी अनुमति के मशीन का उपयोग करके इन पेड़ों को काटा और जब उसे रोकने का प्रयास किया गया तो विवाद भी किया। ग्रामीणों ने काटे गए पेड़ों को जब्त करने, दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
हर्षित भार्गव
किशनगंज के कुंडला गांव की चरागाह भूमि और सड़क किनारे करीब डेढ़ दर्जन हरे पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है, जिनमें खेजड़ी के पेड़ भी शामिल हैं। इस घटना की जानकारी मंगलवार सुबह 11 बजे मिली, जिसके बाद ग्रामीणों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। किसान महापंचायत के प्रदेश संयोजक सत्यनारायण सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एसडीएम के नाम नायब तहसीलदार रघुराज सिंह हाड़ा को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि एक व्यक्ति ने बिना किसी अनुमति के मशीन का उपयोग करके इन पेड़ों को काटा और जब उसे रोकने का प्रयास किया गया तो विवाद भी किया। ग्रामीणों ने काटे गए पेड़ों को जब्त करने, दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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- श्योपुर कोतवाली के बाहर सर्वसमाज और विभिन्न संगठनों ने चोरी, नशाखोरी तथा जिले की कानून व्यवस्था को लेकर एक अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इन समस्याओं के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए घंटी और झालर बजाई।1
- पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के एक बयान पर तीखा पलटवार किया है। डॉ. मिश्रा ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए जीतू पटवारी को 'आईना दिखाया' और सवाल किया कि, "अगर हम 7500 वोट से हारें तो अहंकारी कहलाते हैं, और आप 35 हजार वोट से हारें तो संस्कारी?"1
- श्योपुर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के उद्देश्य से "सेफ क्लिक अभियान 2.0" चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत, 7 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल की उपस्थिति में जय स्तंभ से ट्रैफिक थाना तक एक साइबर जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। इस मैराथन में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान, बैनर और पंपलेट के माध्यम से आमजन को साइबर ठगी से बचाव के विभिन्न तरीके बताए गए। साथ ही, साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर सिटीजन पोर्टल पर शिकायतों को दर्ज कराने की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार भूरिया की निगरानी में, जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस गांव-गांव और कस्बों में पहुँचकर लोगों को साइबर अपराधों के प्रति लगातार जागरूक कर रही है, जिससे इस अभियान को और गति मिल रही है।2
- राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा ब्लॉक में यूथ कांग्रेस ने 7 जुलाई को उपखण्ड स्तर पर एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन छबड़ा ब्लॉक की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर किया गया, जिसके समापन पर उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री महोदय को एक ज्ञापन सौंपा गया। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक त्यागी के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने छबड़ा विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं पर प्रकाश डाला। प्रदर्शन के दौरान, नीट परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका गया, जिसके बाद उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। दीनदयाल उपाध्याय बस स्टैंड प्रांगण में आयोजित इस प्रदर्शन में राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह मीणा ने भी भाग लिया और बैठक को संबोधित किया। उनके साथ राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के राधाकिशन सुमन (जिला उपाध्यक्ष), श्री लाल (जिला सचिव), अमृत लाल बागड़ी, बनवारी लाल बैरवा (महासचिव), हरिराम मीणा (ब्लॉक अध्यक्ष, छबड़ा), पप्पू लाल बैरवा (छीपाबड़ौद ब्लॉक अध्यक्ष), राकेश वर्मा (महासचिव) और रा.गा.प.रा.स. के जिला प्रवक्ता एस. एल. नागर सहित कई अन्य नेताओं ने भी हिस्सा लिया और धरने को संबोधित किया। कार्यक्रम के समापन पर आयोजक यूथ कांग्रेस के दीपक त्यागी ने सभी का आभार व्यक्त किया, और उपस्थित लोगों से 'आत्मा के अंदर की आवाज सुनने', 'जागने और जगाने' तथा 'वतन की आत्मा खतरे में है' का आह्वान किया।1
- अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, करैरा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सद्दाम खान को 60 लीटर हाथ भट्टी की कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी अवैध रूप से कच्ची शराब बेच रहा है। इसी सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और आरोपी के कब्जे से 60 लीटर हाथ भट्टी की कच्ची शराब बरामद की। इसके बाद, पुलिस ने सद्दाम खान को मौके से गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया।1
- देवरी कस्बे की जाटव बस्ती में मंगलवार सुबह 11 बजे मिली जानकारी के अनुसार, एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया जिसके तहत पुलिया की सफाई की गई। इस अभियान का नेतृत्व सरपंच करण सहरिया ने किया, जहाँ स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर श्रमदान किया। उन्होंने पुलिया में जमा कचरा, मिट्टी और झाड़ियों को हटाया ताकि पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके। इस पहल के दौरान, उपस्थित लोगों को स्वच्छता बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फैलाने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया। ग्रामीणों ने इस कार्य की सराहना की और भविष्य में भी इसी तरह के जनहित कार्यों को नियमित रूप से जारी रखने का संकल्प लिया।1
- मध्य प्रदेश के गुना जिले की फतेहगढ़ ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले भगवानपुरा गांव के ग्रामीण पिछले कई सालों से सड़क और पुलिया की समस्या से जूझ रहे हैं। बारिश का मौसम आते ही गांव की कच्ची सड़क और जर्जर पुलिया उनके लिए किसी 'डेंजर जोन' से कम नहीं रहती, जिससे बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। यह पुलिया भगवानपुरा की आदिवासी बस्ती तक पहुंचने का एकमात्र मुख्य मार्ग है। ग्रामीणों के अनुसार, पुलिया की हालत इतनी खराब है कि हल्की बारिश में भी यह पानी से भर जाती है। तेज बहाव के दौरान यह रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से कट जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज इसी खतरनाक पुलिया से होकर गुजरना पड़ता है, जहां फिसलने और दुर्घटना होने की आशंका हमेशा बनी रहती है। महिलाओं को भी अपने दैनिक कार्यों के लिए इसी रास्ते का उपयोग करना पड़ता है, जिससे हर पल हादसे का डर रहता है। बारिश में स्थिति और गंभीर हो जाती है क्योंकि किसी गर्भवती महिला या गंभीर मरीज को अस्पताल ले जाने की स्थिति में एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुँच पाती। ऐसे में, ग्रामीणों को मरीजों को पैदल या चारपाई के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिससे समय पर इलाज न मिलने पर बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। कच्ची सड़क पर कीचड़ और पुलिया की जर्जर स्थिति के कारण बाइक, ट्रैक्टर और अन्य छोटे वाहन निकालने में भी काफी मशक्कत होती है, और कई बार वाहन फंस जाते हैं, जिससे लोगों को घंटों तक रास्ता साफ करना या धक्का लगाकर निकालना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार पंचायत, जनपद पंचायत और संबंधित विभाग के अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायतें दी हैं। जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है और सड़क तथा पुलिया के निर्माण के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। भगवानपुरा की आदिवासी बस्ती में वर्षों से पक्की सड़क और सुरक्षित पुलिया न बन पाने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है; उनका कहना है कि विकास के दावों के बावजूद वे आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द भगवानपुरा तक पक्की सड़क और मजबूत पुलिया बनवाने की मांग की है, ताकि बरसात में उन्हें जान जोखिम में डालकर यात्रा न करनी पड़े और गांव का संपर्क बना रहे।1
- श्योपुर में 07 जुलाई 2026 को आयोजित कलेक्टर की साप्ताहिक जनसुनवाई में पहुंचे आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इस दौरान कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जिससे आवेदकों को तुरंत राहत मिली। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। इस जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें प्रस्तुत की थीं।1
- केरल के वायनाड जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कल्लाडी क्षेत्र में मीनाक्षी ब्रिज के पास हुए एक भीषण भूस्खलन में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए। इस दुखद हादसे के बाद मलबे में कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा मलप्पुरम-वायनाड सुरंग परियोजना के निर्माण स्थल पर तब हुआ जब भारी बारिश के कारण सुरंग से निकाली गई मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। इस घटना से मिट्टी और मलबे का विशाल ढेर आसपास मौजूद लोगों पर आ गिरा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया, जिसके बाद पुलिस, दमकल विभाग और अन्य बचाव दल भी मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहाँ अधिकारियों ने बताया कि उनमें से कुछ की हालत गंभीर है। प्रशासन के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश बचाव कार्यों में बाधा डाल रही है, फिर भी मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश के लिए मशीनों और बचाव दल की मदद से व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस बीच, मौसम विभाग ने केरल के कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, और प्रशासन ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है। इस घटना ने पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों और भारी बारिश के मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता को फिर से रेखांकित किया है। स्थानीय प्रशासन ने भूस्खलन की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए घटना की जांच भी शुरू कर दी है।1