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मध्य प्रदेश के गुना जिले की फतेहगढ़ ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले भगवानपुरा गांव के ग्रामीण पिछले कई सालों से सड़क और पुलिया की समस्या से जूझ रहे हैं। बारिश का मौसम आते ही गांव की कच्ची सड़क और जर्जर पुलिया उनके लिए किसी 'डेंजर जोन' से कम नहीं रहती, जिससे बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। यह पुलिया भगवानपुरा की आदिवासी बस्ती तक पहुंचने का एकमात्र मुख्य मार्ग है। ग्रामीणों के अनुसार, पुलिया की हालत इतनी खराब है कि हल्की बारिश में भी यह पानी से भर जाती है। तेज बहाव के दौरान यह रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से कट जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज इसी खतरनाक पुलिया से होकर गुजरना पड़ता है, जहां फिसलने और दुर्घटना होने की आशंका हमेशा बनी रहती है। महिलाओं को भी अपने दैनिक कार्यों के लिए इसी रास्ते का उपयोग करना पड़ता है, जिससे हर पल हादसे का डर रहता है। बारिश में स्थिति और गंभीर हो जाती है क्योंकि किसी गर्भवती महिला या गंभीर मरीज को अस्पताल ले जाने की स्थिति में एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुँच पाती। ऐसे में, ग्रामीणों को मरीजों को पैदल या चारपाई के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिससे समय पर इलाज न मिलने पर बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। कच्ची सड़क पर कीचड़ और पुलिया की जर्जर स्थिति के कारण बाइक, ट्रैक्टर और अन्य छोटे वाहन निकालने में भी काफी मशक्कत होती है, और कई बार वाहन फंस जाते हैं, जिससे लोगों को घंटों तक रास्ता साफ करना या धक्का लगाकर निकालना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार पंचायत, जनपद पंचायत और संबंधित विभाग के अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायतें दी हैं। जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है और सड़क तथा पुलिया के निर्माण के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। भगवानपुरा की आदिवासी बस्ती में वर्षों से पक्की सड़क और सुरक्षित पुलिया न बन पाने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है; उनका कहना है कि विकास के दावों के बावजूद वे आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द भगवानपुरा तक पक्की सड़क और मजबूत पुलिया बनवाने की मांग की है, ताकि बरसात में उन्हें जान जोखिम में डालकर यात्रा न करनी पड़े और गांव का संपर्क बना रहे।

15 hrs ago
user_Deepak ojha
Deepak ojha
Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
15 hrs ago

मध्य प्रदेश के गुना जिले की फतेहगढ़ ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले भगवानपुरा गांव के ग्रामीण पिछले कई सालों से सड़क और पुलिया की समस्या से जूझ रहे हैं। बारिश का मौसम आते ही गांव की कच्ची सड़क और जर्जर पुलिया उनके लिए किसी 'डेंजर जोन' से कम नहीं रहती, जिससे बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। यह पुलिया भगवानपुरा की आदिवासी बस्ती तक पहुंचने का एकमात्र मुख्य मार्ग है। ग्रामीणों के अनुसार, पुलिया की हालत इतनी खराब है कि हल्की बारिश में भी यह पानी से भर जाती है। तेज बहाव के दौरान यह रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से कट जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज इसी खतरनाक पुलिया से होकर गुजरना पड़ता है, जहां फिसलने और दुर्घटना होने की आशंका हमेशा बनी रहती है। महिलाओं को भी अपने दैनिक कार्यों के लिए इसी रास्ते का उपयोग करना पड़ता है, जिससे हर पल हादसे का डर रहता है। बारिश में स्थिति और गंभीर हो जाती है क्योंकि किसी गर्भवती महिला या गंभीर मरीज को अस्पताल ले जाने की स्थिति में एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुँच पाती। ऐसे में, ग्रामीणों को मरीजों को पैदल या चारपाई के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिससे समय पर इलाज न मिलने पर बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। कच्ची सड़क पर कीचड़ और पुलिया की जर्जर स्थिति के कारण बाइक, ट्रैक्टर और अन्य छोटे वाहन निकालने में भी काफी मशक्कत होती है, और कई बार वाहन फंस जाते हैं, जिससे लोगों को घंटों तक रास्ता साफ करना या धक्का लगाकर निकालना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार पंचायत, जनपद पंचायत और संबंधित विभाग के अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायतें दी हैं। जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है और सड़क तथा पुलिया के निर्माण के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। भगवानपुरा की आदिवासी बस्ती में वर्षों से पक्की सड़क और सुरक्षित पुलिया न बन पाने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है; उनका कहना है कि विकास के दावों के बावजूद वे आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द भगवानपुरा तक पक्की सड़क और मजबूत पुलिया बनवाने की मांग की है, ताकि बरसात में उन्हें जान जोखिम में डालकर यात्रा न करनी पड़े और गांव का संपर्क बना रहे।

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  • राजस्थान के बारां जिले में स्थित छीपाबड़ौद के पीएम श्री उच्च माध्यमिक विद्यालय में भस्त्रिका प्राणायाम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विद्यालय परिसर में संपन्न हुआ।
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    राजस्थान के बारां जिले में स्थित छीपाबड़ौद के पीएम श्री उच्च माध्यमिक विद्यालय में भस्त्रिका प्राणायाम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विद्यालय परिसर में संपन्न हुआ।
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • बारां जिले की ग्राम पंचायत हाटरी में मंगलवार सुबह 11 बजे आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में एक ग्रामीण अमरसिंह पुत्र मिठिया को 11 साल से चली आ रही राजस्व रिकॉर्ड में नाम की गलती से राहत मिली। उनके रिकॉर्ड में नाम 'अनार सिंह' दर्ज था, जिसे शिविर के दौरान ही मौके पर सही कर 'अमरसिंह' कर दिया गया। इस शिविर में नाम शुद्धीकरण के साथ-साथ बंटवारा, सीमाज्ञान, नामांतरण और फार्मर आईडी से जुड़े कई अन्य कार्य भी सम्पन्न हुए। पशुपालन, सामाजिक न्याय और कृषि विभाग जैसे कई विभागों ने विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदन स्वीकार किए और पेंशन सत्यापन सहित अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान कीं। इस दौरान कई विभागों के अधिकारी भी शिविर में मौजूद रहे।
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    बारां जिले की ग्राम पंचायत हाटरी में मंगलवार सुबह 11 बजे आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में एक ग्रामीण अमरसिंह पुत्र मिठिया को 11 साल से चली आ रही राजस्व रिकॉर्ड में नाम की गलती से राहत मिली। उनके रिकॉर्ड में नाम 'अनार सिंह' दर्ज था, जिसे शिविर के दौरान ही मौके पर सही कर 'अमरसिंह' कर दिया गया।

इस शिविर में नाम शुद्धीकरण के साथ-साथ बंटवारा, सीमाज्ञान, नामांतरण और फार्मर आईडी से जुड़े कई अन्य कार्य भी सम्पन्न हुए। पशुपालन, सामाजिक न्याय और कृषि विभाग जैसे कई विभागों ने विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदन स्वीकार किए और पेंशन सत्यापन सहित अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान कीं। इस दौरान कई विभागों के अधिकारी भी शिविर में मौजूद रहे।
    user_हर्षित भार्गव
    हर्षित भार्गव
    पत्रकार शाहबाद, बारां, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • विदिशा में जनसुनवाई के दौरान ग्राम मनोरा से स्व सहायता समूह की महिलाएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाते हुए बताया कि वे पिछले 20 सालों से स्कूल में रसोई का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। महिलाओं के अनुसार, बिना किसी पूर्व सूचना या कार्रवाई के अचानक उनके स्व सहायता समूह को इस कार्य से हटा दिया गया है और यह कार्य दूसरे समूह को सौंप दिया गया। इस आकस्मिक बदलाव के कारण उनके सामने रोजगार की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। महिलाओं ने मांग की है कि उनका कार्य यथावत रखा जाए।
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    विदिशा में जनसुनवाई के दौरान ग्राम मनोरा से स्व सहायता समूह की महिलाएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाते हुए बताया कि वे पिछले 20 सालों से स्कूल में रसोई का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं।

महिलाओं के अनुसार, बिना किसी पूर्व सूचना या कार्रवाई के अचानक उनके स्व सहायता समूह को इस कार्य से हटा दिया गया है और यह कार्य दूसरे समूह को सौंप दिया गया। इस आकस्मिक बदलाव के कारण उनके सामने रोजगार की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। महिलाओं ने मांग की है कि उनका कार्य यथावत रखा जाए।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    Photographer सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र में सड़क की हालत बेहद खराब है। रास्ता पूरी तरह से कच्चा है, जिसके कारण कोई भी वाहन वहां से गुजर नहीं पाता है और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यह मुख्य रूप से खराब रास्ते से संबंधित एक महत्वपूर्ण समस्या है, जिस पर ध्यान देना आवश्यक है।
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    विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र में सड़क की हालत बेहद खराब है। रास्ता पूरी तरह से कच्चा है, जिसके कारण कोई भी वाहन वहां से गुजर नहीं पाता है और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यह मुख्य रूप से खराब रास्ते से संबंधित एक महत्वपूर्ण समस्या है, जिस पर ध्यान देना आवश्यक है।
    user_Udham singh nayak Nayak
    Udham singh nayak Nayak
    सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • आज मुंगावली में मल्हारगढ़ चौकी अंतर्गत मानस भवन में साईबर 2.0 अभियान का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश ने उपस्थित लोगों को साईबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट और ओटीपी साझा न करने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय के साथ एसडीओपी सनम बी खान, थाना प्रभारी अरविंद सिंह कछुवाह, साईबर सेल प्रभारी मसी खान और उनकी टीम, अन्य पुलिस स्टाफ, गणमान्य नागरिक और छात्र सहित लगभग 150 से 200 लोग मौजूद रहे।
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    आज मुंगावली में मल्हारगढ़ चौकी अंतर्गत मानस भवन में साईबर 2.0 अभियान का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश ने उपस्थित लोगों को साईबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट और ओटीपी साझा न करने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय के साथ एसडीओपी सनम बी खान, थाना प्रभारी अरविंद सिंह कछुवाह, साईबर सेल प्रभारी मसी खान और उनकी टीम, अन्य पुलिस स्टाफ, गणमान्य नागरिक और छात्र सहित लगभग 150 से 200 लोग मौजूद रहे।
    user_ADJ,Alim Dyer Journalist
    ADJ,Alim Dyer Journalist
    Reporter Mungaoli•
    9 hrs ago
  • बियावरा नगर पालिका अध्यक्ष पवन कुशवाहा ने मंदिर परिसर में अपने पिता फूल सिंह कुशवाहा की प्रतिमा स्थापित की है, जिससे स्थानीय ग्रामीण वासियों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि इस प्रतिमा को मंदिर परिसर से तत्काल बाहर निकाला जाए।
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    बियावरा नगर पालिका अध्यक्ष पवन कुशवाहा ने मंदिर परिसर में अपने पिता फूल सिंह कुशवाहा की प्रतिमा स्थापित की है, जिससे स्थानीय ग्रामीण वासियों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि इस प्रतिमा को मंदिर परिसर से तत्काल बाहर निकाला जाए।
    user_Sumit Sumit sondhiya
    Sumit Sumit sondhiya
    ब्यावरा, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के गुना जिले की फतेहगढ़ ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले भगवानपुरा गांव के ग्रामीण पिछले कई सालों से सड़क और पुलिया की समस्या से जूझ रहे हैं। बारिश का मौसम आते ही गांव की कच्ची सड़क और जर्जर पुलिया उनके लिए किसी 'डेंजर जोन' से कम नहीं रहती, जिससे बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। यह पुलिया भगवानपुरा की आदिवासी बस्ती तक पहुंचने का एकमात्र मुख्य मार्ग है। ग्रामीणों के अनुसार, पुलिया की हालत इतनी खराब है कि हल्की बारिश में भी यह पानी से भर जाती है। तेज बहाव के दौरान यह रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से कट जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज इसी खतरनाक पुलिया से होकर गुजरना पड़ता है, जहां फिसलने और दुर्घटना होने की आशंका हमेशा बनी रहती है। महिलाओं को भी अपने दैनिक कार्यों के लिए इसी रास्ते का उपयोग करना पड़ता है, जिससे हर पल हादसे का डर रहता है। बारिश में स्थिति और गंभीर हो जाती है क्योंकि किसी गर्भवती महिला या गंभीर मरीज को अस्पताल ले जाने की स्थिति में एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुँच पाती। ऐसे में, ग्रामीणों को मरीजों को पैदल या चारपाई के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिससे समय पर इलाज न मिलने पर बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। कच्ची सड़क पर कीचड़ और पुलिया की जर्जर स्थिति के कारण बाइक, ट्रैक्टर और अन्य छोटे वाहन निकालने में भी काफी मशक्कत होती है, और कई बार वाहन फंस जाते हैं, जिससे लोगों को घंटों तक रास्ता साफ करना या धक्का लगाकर निकालना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार पंचायत, जनपद पंचायत और संबंधित विभाग के अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायतें दी हैं। जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है और सड़क तथा पुलिया के निर्माण के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। भगवानपुरा की आदिवासी बस्ती में वर्षों से पक्की सड़क और सुरक्षित पुलिया न बन पाने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है; उनका कहना है कि विकास के दावों के बावजूद वे आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द भगवानपुरा तक पक्की सड़क और मजबूत पुलिया बनवाने की मांग की है, ताकि बरसात में उन्हें जान जोखिम में डालकर यात्रा न करनी पड़े और गांव का संपर्क बना रहे।
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    मध्य प्रदेश के गुना जिले की फतेहगढ़ ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले भगवानपुरा गांव के ग्रामीण पिछले कई सालों से सड़क और पुलिया की समस्या से जूझ रहे हैं। बारिश का मौसम आते ही गांव की कच्ची सड़क और जर्जर पुलिया उनके लिए किसी 'डेंजर जोन' से कम नहीं रहती, जिससे बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। यह पुलिया भगवानपुरा की आदिवासी बस्ती तक पहुंचने का एकमात्र मुख्य मार्ग है।

ग्रामीणों के अनुसार, पुलिया की हालत इतनी खराब है कि हल्की बारिश में भी यह पानी से भर जाती है। तेज बहाव के दौरान यह रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से कट जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज इसी खतरनाक पुलिया से होकर गुजरना पड़ता है, जहां फिसलने और दुर्घटना होने की आशंका हमेशा बनी रहती है। महिलाओं को भी अपने दैनिक कार्यों के लिए इसी रास्ते का उपयोग करना पड़ता है, जिससे हर पल हादसे का डर रहता है।

बारिश में स्थिति और गंभीर हो जाती है क्योंकि किसी गर्भवती महिला या गंभीर मरीज को अस्पताल ले जाने की स्थिति में एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुँच पाती। ऐसे में, ग्रामीणों को मरीजों को पैदल या चारपाई के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिससे समय पर इलाज न मिलने पर बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। कच्ची सड़क पर कीचड़ और पुलिया की जर्जर स्थिति के कारण बाइक, ट्रैक्टर और अन्य छोटे वाहन निकालने में भी काफी मशक्कत होती है, और कई बार वाहन फंस जाते हैं, जिससे लोगों को घंटों तक रास्ता साफ करना या धक्का लगाकर निकालना पड़ता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार पंचायत, जनपद पंचायत और संबंधित विभाग के अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायतें दी हैं। जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है और सड़क तथा पुलिया के निर्माण के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। भगवानपुरा की आदिवासी बस्ती में वर्षों से पक्की सड़क और सुरक्षित पुलिया न बन पाने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है; उनका कहना है कि विकास के दावों के बावजूद वे आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द भगवानपुरा तक पक्की सड़क और मजबूत पुलिया बनवाने की मांग की है, ताकि बरसात में उन्हें जान जोखिम में डालकर यात्रा न करनी पड़े और गांव का संपर्क बना रहे।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • देवरी कस्बे की जाटव बस्ती में मंगलवार सुबह 11 बजे मिली जानकारी के अनुसार, एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया जिसके तहत पुलिया की सफाई की गई। इस अभियान का नेतृत्व सरपंच करण सहरिया ने किया, जहाँ स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर श्रमदान किया। उन्होंने पुलिया में जमा कचरा, मिट्टी और झाड़ियों को हटाया ताकि पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके। इस पहल के दौरान, उपस्थित लोगों को स्वच्छता बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फैलाने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया। ग्रामीणों ने इस कार्य की सराहना की और भविष्य में भी इसी तरह के जनहित कार्यों को नियमित रूप से जारी रखने का संकल्प लिया।
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    देवरी कस्बे की जाटव बस्ती में मंगलवार सुबह 11 बजे मिली जानकारी के अनुसार, एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया जिसके तहत पुलिया की सफाई की गई। इस अभियान का नेतृत्व सरपंच करण सहरिया ने किया, जहाँ स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर श्रमदान किया। उन्होंने पुलिया में जमा कचरा, मिट्टी और झाड़ियों को हटाया ताकि पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके। इस पहल के दौरान, उपस्थित लोगों को स्वच्छता बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फैलाने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया। ग्रामीणों ने इस कार्य की सराहना की और भविष्य में भी इसी तरह के जनहित कार्यों को नियमित रूप से जारी रखने का संकल्प लिया।
    user_हर्षित भार्गव
    हर्षित भार्गव
    पत्रकार शाहबाद, बारां, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • विदिशा जिले के ग्यारसपुर के दहलवाड़ा में स्थित उद्यानकी विभाग में कार्यरत भगवान सिंह लोधी ने आज जनसुनवाई में अपने परिवार के साथ कलेक्टर से गुहार लगाई। उन्होंने शिकायत की कि वर्ष 2009 से नर्सरी में काम करने के बावजूद उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है। भगवान सिंह लोधी ने बताया कि उनके पिता वर्ष 1981 से इसी विभाग की नर्सरी में काम करते थे, लेकिन वर्ष 2017 में कुछ लोगों द्वारा की गई झूठी शिकायत के बाद उन्हें हटा दिया गया था। भगवान सिंह ने खुद वर्ष 2009 से नर्सरी में काम करना शुरू किया और शुरुआत में उन्हें कुछ महीनों तक वेतन मिला, लेकिन उसके बाद से उन्हें कोई वेतन नहीं दिया गया है। वेतन न मिलने के कारण अब उनके सामने परिवार का पालन-पोषण करने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए वे पहले भी कई बार कलेक्टर से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकला। अपनी परेशानी दोहराते हुए, उन्होंने कलेक्टर से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी समस्या का समाधान करने की मांग की है।
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    विदिशा जिले के ग्यारसपुर के दहलवाड़ा में स्थित उद्यानकी विभाग में कार्यरत भगवान सिंह लोधी ने आज जनसुनवाई में अपने परिवार के साथ कलेक्टर से गुहार लगाई। उन्होंने शिकायत की कि वर्ष 2009 से नर्सरी में काम करने के बावजूद उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है।

भगवान सिंह लोधी ने बताया कि उनके पिता वर्ष 1981 से इसी विभाग की नर्सरी में काम करते थे, लेकिन वर्ष 2017 में कुछ लोगों द्वारा की गई झूठी शिकायत के बाद उन्हें हटा दिया गया था। भगवान सिंह ने खुद वर्ष 2009 से नर्सरी में काम करना शुरू किया और शुरुआत में उन्हें कुछ महीनों तक वेतन मिला, लेकिन उसके बाद से उन्हें कोई वेतन नहीं दिया गया है।

वेतन न मिलने के कारण अब उनके सामने परिवार का पालन-पोषण करने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए वे पहले भी कई बार कलेक्टर से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकला। अपनी परेशानी दोहराते हुए, उन्होंने कलेक्टर से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी समस्या का समाधान करने की मांग की है।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    Photographer सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
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