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विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र में सड़क की हालत बेहद खराब है। रास्ता पूरी तरह से कच्चा है, जिसके कारण कोई भी वाहन वहां से गुजर नहीं पाता है और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यह मुख्य रूप से खराब रास्ते से संबंधित एक महत्वपूर्ण समस्या है, जिस पर ध्यान देना आवश्यक है।

18 hrs ago
user_Udham singh nayak Nayak
Udham singh nayak Nayak
सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
18 hrs ago

विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र में सड़क की हालत बेहद खराब है। रास्ता पूरी तरह से कच्चा है, जिसके कारण कोई भी वाहन वहां से गुजर नहीं पाता है और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यह मुख्य रूप से खराब रास्ते से संबंधित एक महत्वपूर्ण समस्या है, जिस पर ध्यान देना आवश्यक है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • विदिशा जिले के करारिया सतपाड़ा निवासी परवेज खान और उनके परिवार के सदस्यों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। परिवार ने अपने खिलाफ करारिया थाने में दर्ज मारपीट की एक शिकायत को झूठा बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने एसपी को बताया कि उनके परिवार का गांव के ही फारूक और उनके परिजनों के साथ वर्ष 2024 से एक विवाद चल रहा है, जिसका मामला अभी भी अदालत में है। परवेज खान के अनुसार, हाल ही में फारूक खान खुद एक दिन पहले अपनी बाइक से गिरकर घायल हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद उनके परिवार के खिलाफ मारपीट की झूठी शिकायत दर्ज करवा दी गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस द्वारा उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है।
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    विदिशा जिले के करारिया सतपाड़ा निवासी परवेज खान और उनके परिवार के सदस्यों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। परिवार ने अपने खिलाफ करारिया थाने में दर्ज मारपीट की एक शिकायत को झूठा बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

उन्होंने एसपी को बताया कि उनके परिवार का गांव के ही फारूक और उनके परिजनों के साथ वर्ष 2024 से एक विवाद चल रहा है, जिसका मामला अभी भी अदालत में है। परवेज खान के अनुसार, हाल ही में फारूक खान खुद एक दिन पहले अपनी बाइक से गिरकर घायल हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद उनके परिवार के खिलाफ मारपीट की झूठी शिकायत दर्ज करवा दी गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस द्वारा उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    Photographer सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र में सड़क की हालत बेहद खराब है। रास्ता पूरी तरह से कच्चा है, जिसके कारण कोई भी वाहन वहां से गुजर नहीं पाता है और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यह मुख्य रूप से खराब रास्ते से संबंधित एक महत्वपूर्ण समस्या है, जिस पर ध्यान देना आवश्यक है।
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    विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र में सड़क की हालत बेहद खराब है। रास्ता पूरी तरह से कच्चा है, जिसके कारण कोई भी वाहन वहां से गुजर नहीं पाता है और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यह मुख्य रूप से खराब रास्ते से संबंधित एक महत्वपूर्ण समस्या है, जिस पर ध्यान देना आवश्यक है।
    user_Udham singh nayak Nayak
    Udham singh nayak Nayak
    सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • आज, 07 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, विदिशा में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 25 से अधिक आवेदकों की शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना। उन्होंने प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित थाना प्रभारियों, शाखा प्रभारियों और अन्य अधिकारियों को निष्पक्ष, प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में साइबर फ्रॉड, पारिवारिक विवाद, भूमि संबंधी प्रकरण, मारपीट और आपसी विवाद जैसे विभिन्न मामले सामने आए। साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल जांच और त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों और साइबर सेल को निर्देशित किया गया। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ताओं को साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सतर्कता और समय पर शिकायत दर्ज कराने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई। जिन प्रकरणों का निराकरण मौके पर संभव था, उन्हें तत्काल सुलझाया गया, जबकि विस्तृत जांच वाले मामलों में अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक विदिशा ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायतकर्ता के साथ संवेदनशील, सम्मानजनक और पारदर्शी व्यवहार किया जाए, क्योंकि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण समाधान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्री काशवानी ने इस बात पर जोर दिया कि जनसुनवाई आमजन और पुलिस के बीच विश्वास को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम है, और शिकायतों के त्वरित तथा निष्पक्ष समाधान से नागरिकों का भरोसा और अधिक सुदृढ़ होता है। विदिशा पुलिस आमजन की सुरक्षा, सेवा और विश्वास के संकल्प के साथ जनहितैषी, जवाबदेह एवं पारदर्शी पुलिसिंग के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
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    आज, 07 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, विदिशा में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 25 से अधिक आवेदकों की शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना। उन्होंने प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित थाना प्रभारियों, शाखा प्रभारियों और अन्य अधिकारियों को निष्पक्ष, प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में साइबर फ्रॉड, पारिवारिक विवाद, भूमि संबंधी प्रकरण, मारपीट और आपसी विवाद जैसे विभिन्न मामले सामने आए। साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल जांच और त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों और साइबर सेल को निर्देशित किया गया। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ताओं को साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सतर्कता और समय पर शिकायत दर्ज कराने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई। जिन प्रकरणों का निराकरण मौके पर संभव था, उन्हें तत्काल सुलझाया गया, जबकि विस्तृत जांच वाले मामलों में अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस अधीक्षक विदिशा ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायतकर्ता के साथ संवेदनशील, सम्मानजनक और पारदर्शी व्यवहार किया जाए, क्योंकि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण समाधान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्री काशवानी ने इस बात पर जोर दिया कि जनसुनवाई आमजन और पुलिस के बीच विश्वास को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम है, और शिकायतों के त्वरित तथा निष्पक्ष समाधान से नागरिकों का भरोसा और अधिक सुदृढ़ होता है। विदिशा पुलिस आमजन की सुरक्षा, सेवा और विश्वास के संकल्प के साथ जनहितैषी, जवाबदेह एवं पारदर्शी पुलिसिंग के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
    user_PRAYAS vishwakarma
    PRAYAS vishwakarma
    Loan agency शमशाबाद, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • नगर मधुसूदनगढ़ में सड़क किनारे एक परिवार ने रस्सी पर अद्भुत संतुलन बनाकर करतब दिखाए, जिससे राहगीरों का ध्यान आकर्षित हुआ। सड़क से गुज़रने वाले लोग प्रदर्शन देखने के लिए रुके और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। परिवार ने जानकारी दी कि वे अपनी रोज़ी-रोटी कमाने के लिए इसी पारंपरिक कला का सहारा लेते हैं।
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    नगर मधुसूदनगढ़ में सड़क किनारे एक परिवार ने रस्सी पर अद्भुत संतुलन बनाकर करतब दिखाए, जिससे राहगीरों का ध्यान आकर्षित हुआ। सड़क से गुज़रने वाले लोग प्रदर्शन देखने के लिए रुके और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। परिवार ने जानकारी दी कि वे अपनी रोज़ी-रोटी कमाने के लिए इसी पारंपरिक कला का सहारा लेते हैं।
    user_नवदुनिया संवाददाता उसमान खान पत्रकार
    नवदुनिया संवाददाता उसमान खान पत्रकार
    मकसूदनगढ़, गुना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • बीना-खिमलासा मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के बीच आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि भारी वाहन नियमों की अनदेखी कर नो-एंट्री वाले अस्थायी मार्ग से लगातार गुजर रहे हैं। इस मार्ग को विशेष रूप से छोटे वाहनों के लिए बनाया गया था, लेकिन डंपरों सहित अन्य भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यह क्षतिग्रस्त हो रहा है। दरअसल, ओवरब्रिज निर्माण के चलते रेलवे फाटक को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। न्यायालय, तहसील कार्यालय और कई स्कूल इसी मार्ग पर होने के कारण लोगों की सुविधा के लिए अंडरब्रिज के नीचे छोटे वाहनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया था, जिस पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था। प्रशासन ने भारी वाहनों को रोकने के लिए हार्ड गेट भी लगाया था, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ डंपर संचालकों ने कथित तौर पर अपने डंपरों के ऊपरी हिस्से में बदलाव कर लिया है, जिससे वे हार्ड गेट के नीचे से भी आसानी से निकल रहे हैं और प्रतिबंधित मार्ग पर आवाजाही जारी है। भारी वाहनों के निरंतर गुजरने से यह अस्थायी सड़क जगह-जगह से टूट रही है। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और गड्ढों के कारण स्कूली बच्चों, अधिवक्ताओं, न्यायालय और तहसील आने वाले लोगों सहित स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण कई बार जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है। विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ डंपर कथित तौर पर निर्माण सामग्री लेकर भी इसी प्रतिबंधित मार्ग से गुजरते देखे गए हैं।
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    बीना-खिमलासा मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के बीच आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि भारी वाहन नियमों की अनदेखी कर नो-एंट्री वाले अस्थायी मार्ग से लगातार गुजर रहे हैं। इस मार्ग को विशेष रूप से छोटे वाहनों के लिए बनाया गया था, लेकिन डंपरों सहित अन्य भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यह क्षतिग्रस्त हो रहा है।

दरअसल, ओवरब्रिज निर्माण के चलते रेलवे फाटक को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। न्यायालय, तहसील कार्यालय और कई स्कूल इसी मार्ग पर होने के कारण लोगों की सुविधा के लिए अंडरब्रिज के नीचे छोटे वाहनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया था, जिस पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था। प्रशासन ने भारी वाहनों को रोकने के लिए हार्ड गेट भी लगाया था, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ डंपर संचालकों ने कथित तौर पर अपने डंपरों के ऊपरी हिस्से में बदलाव कर लिया है, जिससे वे हार्ड गेट के नीचे से भी आसानी से निकल रहे हैं और प्रतिबंधित मार्ग पर आवाजाही जारी है।

भारी वाहनों के निरंतर गुजरने से यह अस्थायी सड़क जगह-जगह से टूट रही है। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और गड्ढों के कारण स्कूली बच्चों, अधिवक्ताओं, न्यायालय और तहसील आने वाले लोगों सहित स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण कई बार जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है।

स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है। विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ डंपर कथित तौर पर निर्माण सामग्री लेकर भी इसी प्रतिबंधित मार्ग से गुजरते देखे गए हैं।
    user_Laxman singh rajput
    Laxman singh rajput
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    57 min ago
  • बीना-खिमलासा मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के बीच नियमों की धज्जियां उड़ाकर भारी वाहन नो-एंट्री वाले अस्थायी मार्ग से लगातार गुजर रहे हैं, जिससे आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। रेलवे फाटक बंद होने के कारण न्यायालय, तहसील कार्यालय और कई स्कूलों तक पहुँचने के लिए छोटे वाहनों हेतु एक वैकल्पिक अंडरब्रिज मार्ग बनाया गया था, जिस पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। प्रशासन ने इस मार्ग पर हार्ड गेट भी लगाए थे, लेकिन कथित तौर पर कुछ डंपर संचालकों ने अपने वाहनों के ऊपरी हिस्से में बदलाव कर इन गेटों के नीचे से निकलने का रास्ता निकाल लिया, जिसके बाद प्रतिबंधित मार्ग पर भी भारी वाहनों की आवाजाही जारी है। विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ डंपर कथित रूप से निर्माण सामग्री लेकर भी इसी प्रतिबंधित मार्ग से गुजरते देखे गए हैं। भारी वाहनों के निरंतर गुजरने से यह अस्थायी सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रही है और बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ व गड्ढों से स्कूली बच्चों, अधिवक्ताओं और न्यायालय व तहसील आने वाले लोगों समेत स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते कई बार भीषण जाम की स्थिति भी बन जाती है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। स्थानीय नागरिकों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर सड़क की मरम्मत कराने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है।
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    बीना-खिमलासा मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के बीच नियमों की धज्जियां उड़ाकर भारी वाहन नो-एंट्री वाले अस्थायी मार्ग से लगातार गुजर रहे हैं, जिससे आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। रेलवे फाटक बंद होने के कारण न्यायालय, तहसील कार्यालय और कई स्कूलों तक पहुँचने के लिए छोटे वाहनों हेतु एक वैकल्पिक अंडरब्रिज मार्ग बनाया गया था, जिस पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। प्रशासन ने इस मार्ग पर हार्ड गेट भी लगाए थे, लेकिन कथित तौर पर कुछ डंपर संचालकों ने अपने वाहनों के ऊपरी हिस्से में बदलाव कर इन गेटों के नीचे से निकलने का रास्ता निकाल लिया, जिसके बाद प्रतिबंधित मार्ग पर भी भारी वाहनों की आवाजाही जारी है। विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ डंपर कथित रूप से निर्माण सामग्री लेकर भी इसी प्रतिबंधित मार्ग से गुजरते देखे गए हैं।

भारी वाहनों के निरंतर गुजरने से यह अस्थायी सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रही है और बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ व गड्ढों से स्कूली बच्चों, अधिवक्ताओं और न्यायालय व तहसील आने वाले लोगों समेत स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते कई बार भीषण जाम की स्थिति भी बन जाती है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। स्थानीय नागरिकों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर सड़क की मरम्मत कराने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • वैशाली के राजापाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक अस्पताल कर्मचारी पर एक्स-रे रूम में एक महिला के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया गया है। हालांकि, इस घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
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    वैशाली के राजापाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक अस्पताल कर्मचारी पर एक्स-रे रूम में एक महिला के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया गया है। हालांकि, इस घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
    user_Rahul Goswami journalist
    Rahul Goswami journalist
    Local News Reporter Berasia, Bhopal•
    2 hrs ago
  • विदिशा में जनसुनवाई के दौरान ग्राम मनोरा से स्व सहायता समूह की महिलाएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाते हुए बताया कि वे पिछले 20 सालों से स्कूल में रसोई का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। महिलाओं के अनुसार, बिना किसी पूर्व सूचना या कार्रवाई के अचानक उनके स्व सहायता समूह को इस कार्य से हटा दिया गया है और यह कार्य दूसरे समूह को सौंप दिया गया। इस आकस्मिक बदलाव के कारण उनके सामने रोजगार की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। महिलाओं ने मांग की है कि उनका कार्य यथावत रखा जाए।
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    विदिशा में जनसुनवाई के दौरान ग्राम मनोरा से स्व सहायता समूह की महिलाएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाते हुए बताया कि वे पिछले 20 सालों से स्कूल में रसोई का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं।

महिलाओं के अनुसार, बिना किसी पूर्व सूचना या कार्रवाई के अचानक उनके स्व सहायता समूह को इस कार्य से हटा दिया गया है और यह कार्य दूसरे समूह को सौंप दिया गया। इस आकस्मिक बदलाव के कारण उनके सामने रोजगार की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। महिलाओं ने मांग की है कि उनका कार्य यथावत रखा जाए।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    Photographer सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
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