राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा ब्लॉक में यूथ कांग्रेस ने 7 जुलाई को उपखण्ड स्तर पर एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन छबड़ा ब्लॉक की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर किया गया, जिसके समापन पर उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री महोदय को एक ज्ञापन सौंपा गया। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक त्यागी के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने छबड़ा विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं पर प्रकाश डाला। प्रदर्शन के दौरान, नीट परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका गया, जिसके बाद उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। दीनदयाल उपाध्याय बस स्टैंड प्रांगण में आयोजित इस प्रदर्शन में राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह मीणा ने भी भाग लिया और बैठक को संबोधित किया। उनके साथ राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के राधाकिशन सुमन (जिला उपाध्यक्ष), श्री लाल (जिला सचिव), अमृत लाल बागड़ी, बनवारी लाल बैरवा (महासचिव), हरिराम मीणा (ब्लॉक अध्यक्ष, छबड़ा), पप्पू लाल बैरवा (छीपाबड़ौद ब्लॉक अध्यक्ष), राकेश वर्मा (महासचिव) और रा.गा.प.रा.स. के जिला प्रवक्ता एस. एल. नागर सहित कई अन्य नेताओं ने भी हिस्सा लिया और धरने को संबोधित किया। कार्यक्रम के समापन पर आयोजक यूथ कांग्रेस के दीपक त्यागी ने सभी का आभार व्यक्त किया, और उपस्थित लोगों से 'आत्मा के अंदर की आवाज सुनने', 'जागने और जगाने' तथा 'वतन की आत्मा खतरे में है' का आह्वान किया।
राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा ब्लॉक में यूथ कांग्रेस ने 7 जुलाई को उपखण्ड स्तर पर एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन छबड़ा ब्लॉक की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर किया गया, जिसके समापन पर उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री महोदय को एक ज्ञापन सौंपा गया। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक त्यागी के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने छबड़ा विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं पर प्रकाश डाला। प्रदर्शन के दौरान, नीट परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका गया, जिसके बाद उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। दीनदयाल उपाध्याय बस स्टैंड प्रांगण में आयोजित इस प्रदर्शन में राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह मीणा ने भी भाग लिया और बैठक को संबोधित किया। उनके साथ राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के राधाकिशन सुमन (जिला उपाध्यक्ष), श्री लाल (जिला सचिव), अमृत लाल बागड़ी, बनवारी लाल बैरवा (महासचिव), हरिराम मीणा (ब्लॉक अध्यक्ष, छबड़ा), पप्पू लाल बैरवा (छीपाबड़ौद ब्लॉक अध्यक्ष), राकेश वर्मा (महासचिव) और रा.गा.प.रा.स. के जिला प्रवक्ता एस. एल. नागर सहित कई अन्य नेताओं ने भी हिस्सा लिया और धरने को संबोधित किया। कार्यक्रम के समापन पर आयोजक यूथ कांग्रेस के दीपक त्यागी ने सभी का आभार व्यक्त किया, और उपस्थित लोगों से 'आत्मा के अंदर की आवाज सुनने', 'जागने और जगाने' तथा 'वतन की आत्मा खतरे में है' का आह्वान किया।
- राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा ब्लॉक में यूथ कांग्रेस ने 7 जुलाई को उपखण्ड स्तर पर एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन छबड़ा ब्लॉक की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर किया गया, जिसके समापन पर उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री महोदय को एक ज्ञापन सौंपा गया। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक त्यागी के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने छबड़ा विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं पर प्रकाश डाला। प्रदर्शन के दौरान, नीट परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका गया, जिसके बाद उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। दीनदयाल उपाध्याय बस स्टैंड प्रांगण में आयोजित इस प्रदर्शन में राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह मीणा ने भी भाग लिया और बैठक को संबोधित किया। उनके साथ राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के राधाकिशन सुमन (जिला उपाध्यक्ष), श्री लाल (जिला सचिव), अमृत लाल बागड़ी, बनवारी लाल बैरवा (महासचिव), हरिराम मीणा (ब्लॉक अध्यक्ष, छबड़ा), पप्पू लाल बैरवा (छीपाबड़ौद ब्लॉक अध्यक्ष), राकेश वर्मा (महासचिव) और रा.गा.प.रा.स. के जिला प्रवक्ता एस. एल. नागर सहित कई अन्य नेताओं ने भी हिस्सा लिया और धरने को संबोधित किया। कार्यक्रम के समापन पर आयोजक यूथ कांग्रेस के दीपक त्यागी ने सभी का आभार व्यक्त किया, और उपस्थित लोगों से 'आत्मा के अंदर की आवाज सुनने', 'जागने और जगाने' तथा 'वतन की आत्मा खतरे में है' का आह्वान किया।1
- राजस्थान के छीपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में 'समुद्र मंथन प्राणायाम' का आयोजन किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम विरोली में एक कथित झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद 22 वर्षीय विवाहिता मांगी बाई गुर्जर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के कुछ ही मिनटों बाद महिला की हालत बिगड़ गई और समय पर उचित इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी कथित बंगाली डॉक्टर विमल सरकार क्लीनिक छोड़कर फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, ग्राम विरोली निवासी मांगी बाई गुर्जर, पत्नी चंदन सिंह गुर्जर, को सोमवार शाम दांत में तेज दर्द हुआ था। परिजन उसे इलाज के लिए पास के ग्राम कुंवारी में प्रैक्टिस करने वाले कथित डॉक्टर विमल सरकार के पास लेकर पहुँचे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने महिला का परीक्षण करने के बाद एक इंजेक्शन मुंह में और दूसरा हाथ में लगाया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद महिला की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, उसे बेचैनी, दर्द और सांस लेने में परेशानी होने लगी। जब परिजनों ने डॉक्टर से बिगड़ती हालत के बारे में पूछा, तो उसने राजस्थान से वाहन बुलाने और बेहतर इलाज की बात कहकर वहां से निकल गया और वापस नहीं लौटा। इसी दौरान महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतका मांगी बाई अपने पीछे पति और दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना मिलने पर फतेहगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिना डिग्री और वैध पंजीकरण के इलाज करने वाले कथित झोलाछाप डॉक्टरों की गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी को इसका कारण बताते हुए सभी अवैध क्लीनिकों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, महिला की मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। यदि जांच में चिकित्सीय लापरवाही या अवैध चिकित्सा का मामला सामने आता है, तो संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2
- सोमवार दोपहर खानपुर पनवाड़ क्षेत्र के बागोद गांव में जामुन के पेड़ पर चढ़ने के दौरान हुए एक हादसे में एक महिला और एक बालक गंभीर रूप से घायल हो गए। 14 वर्षीय बालक रामजानी सुमन, जो बागोद निवासी तेजपाल का पुत्र है, जामुन तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ा था। इसी दौरान, पेड़ की एक डाली टूट गई। यह टूटी हुई डाली नीचे खड़ी बालक की बुआ सरस्वती बाई सुमन (45) पर जा गिरी, जिससे खजूरी, जिला कोटा निवासी शम्भू दयाल की पत्नी सरस्वती बाई गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस घटना में बालक रामजानी सुमन को भी चोटें आईं। दोनों को सिर में गंभीर चोटें लगी हैं। घायलों को तत्काल एम्बुलेंस की सहायता से पनवाड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए, दोनों को आगे के उपचार के लिए झालावाड़ अस्पताल रेफर कर दिया गया।1
- झालावाड़ की सदर थाना पुलिस ने नेशनल हाईवे पर ट्रकों की रस्सियां काटकर माल चुराने और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक सक्रिय गिरोह के सदस्य, इनामी बदमाश राजेंद्र कंजर को गिरफ्तार किया है। रलायती कंजर डेरे का निवासी यह आरोपी उस समय पकड़ा गया जब उस पर पुलिस द्वारा ₹20,000 का इनाम घोषित था। झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बीते दिनों नेशनल हाईवे 52 के फोरलेन बाईपास पर ट्रकों व अन्य वाहन चालकों से लूट की कई शिकायतें मिली थीं। एक ट्रक चालक ने सदर थाना पुलिस को बताया था कि बदमाशों ने फोरलेन पर मिट्टी के कट्टे रखकर ट्रकों को डाइवर्ट किया। जब चालक वाहन से नीचे उतरा, तो बदमाश ट्रक पर चढ़ गए और रस्सी काटकर माल चुराने लगे। चालक ने केबिन से बाहर निकलने का प्रयास किया तो उसे हथियार दिखाकर धमकाया गया और बदमाश माल लूटकर फरार हो गए। शिकायत के बाद सदर थाना पुलिस ने रात्रि गश्त शुरू की, जिसके दौरान लुटेरी गैंग के सदस्य मिट्टी के कट्टे ले जाते हुए दिखे। पुलिस टीम ने पीछा कर दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी राजेंद्र कंजर फरार हो गया था। इसके बाद, सदर थाना पुलिस ने एक टीम गठित की और फरार इनामी बदमाश राजेंद्र कंजर को रलायती के जंगल से धर दबोचा। इस कार्रवाई में सदर थाना प्रभारी मो. इब्राहिम की भी भूमिका रही। एसपी अमित बुडानिया ने यह भी बताया कि राजेंद्र कंजर सदर थाने के टॉप टेन हार्डकोर अपराधियों में शामिल है। नेशनल हाईवे पर लूट के अलावा, आरोपी पर कोतवाली थाना क्षेत्र में दो बाइक चोरी और फोरलेन पर एक बाइक चालक को चाकू मारकर लूटने का भी आरोप है। पुलिस ने इस हार्डकोर अपराधी राजेंद्र कंजर पर ₹2,000 का इनाम भी घोषित किया था। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है।1
- अरावली विरासत जन अभियान के तत्वावधान में झालावाड़ में देशभर के पर्यावरणविदों, आदिवासी नेताओं और प्रकृति प्रेमियों ने अरावली पर्वतमाला की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ व्यक्त कीं। सोमवार को शहर के मोटर गैराज स्थित एक निजी निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पर्यावरण मंत्रालय के दस्तावेजों में राजस्थान के झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी और सवाईमाधोपुर सहित कई जिलों को अरावली क्षेत्र की सूची से बाहर रखा गया है, जबकि वन सर्वेक्षण विभाग (एफएसआई) की 2025 की रिपोर्ट इन्हें अरावली क्षेत्र का हिस्सा मानती है। अभियान की टीम सदस्यों का इस अवसर पर अधिवक्ता और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने स्वागत किया, जिसमें वरदान सिंह, एडवोकेट राजेंद्र सिंह झाला, ओंकारेश्वर शर्मा और शशांक श्रोत्रिय जैसे लोग मौजूद थे। दिल्ली से आईं अभियान की सह-संस्थापक नीलम अहलूवालिया ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि एफएसआई की 22 सितंबर 2025 की रिपोर्ट में पाँच राज्यों के 63 जिलों को अरावली क्षेत्र में शामिल किया गया था, लेकिन पर्यावरण मंत्रालय के हलफनामे में केवल 37 जिलों का ही उल्लेख है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि 100 मीटर ऊँचाई के आधार पर अरावली की परिभाषा लागू की गई, तो पर्वतमाला का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा कानूनी संरक्षण से बाहर हो जाएगा, जिससे बड़े पैमाने पर खनन को बढ़ावा मिलेगा। आमजन को जागरूक करने के लिए बारां और झालावाड़ में कई सामाजिक कार्यकर्ता और कानूनविदों से मुलाकातें भी की गईं। बांसवाड़ा से झालावाड़ आईं आदिवासी समन्वय मंच भारत की युवा नेत्री कुसुम रावत ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश से गठित उच्च-शक्ति प्राप्त समिति की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने माँग की कि समिति का नेतृत्व पर्यावरण मंत्रालय से स्वतंत्र किसी विशेषज्ञ को सौंपा जाए और इसमें स्वास्थ्य, जल, वन्यजीव तथा आजीविका से जुड़े विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने आगाह किया कि अरावली को लेकर नियम विरुद्ध बदलाव से भूगोल भी बदल जाएगा और आमजन को भारी नुकसान होगा, जो कि एक राष्ट्रव्यापी बड़ा मुद्दा है। उदयपुर से आईं आदिवासी नेत्री साधना मीणा ने अपने जिले में घरों और खेतों के समीप हो रहे खनन से लोगों के स्वास्थ्य, जल स्रोतों और पर्यावरण पर पड़ रहे गंभीर असर का उल्लेख किया। उन्होंने इन जिलों को अरावली सूची से बाहर करने को "सुनियोजित मिटावट" करार दिया, जिससे सुप्रीम कोर्ट द्वारा मिले संरक्षण का लाभ प्रभावित क्षेत्रों को नहीं मिल पाएगा। साधना मीणा ने नई समिति से खनन प्रभावित गाँवों का दौरा कर जनसुनवाई आयोजित करने और समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय-सीमा बढ़ाने की माँग की। सीकर के प्रकृति प्रेमी राम अवतार ने बांधों के जलग्रहण क्षेत्रों, ओरण और नदियों के आसपास भी जारी खनन से भूजल स्तर गिरने और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचने की बात कही। उन्होंने इन संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल खनन रोकने और व्यापक पर्यावरणीय व सामाजिक प्रभाव अध्ययन कराने की माँग की। बारां जिले की शाहबाद घाटी बचाओ संघर्ष समिति के संरक्षक कोटा के बृजेश विजयवर्गीय ने एफएसआई रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बारां, झालावाड़ और कोटा की कई तहसीलें अरावली पर्वतमाला का हिस्सा हैं। उन्होंने माँग की कि नई समिति सभी अरावली क्षेत्रों को शामिल करते हुए पिछले 50 वर्षों में हुए पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों का व्यापक अध्ययन कराए। वक्ताओं ने सामूहिक रूप से कहा कि अरावली केवल पहाड़ों की श्रृंखला नहीं, बल्कि जल, जंगल, जैव विविधता और लाखों लोगों की आजीविका का आधार है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार से अरावली के संरक्षण के लिए प्रभावी और पारदर्शी कदम उठाने की अपील की, जिसके साथ ही पूर्वी राजस्थान के जिलों को भी संरक्षण देने की माँग तेज़ हुई।2
- केरल के वायनाड जिले में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। इस घटना की जानकारी मिली है।1
- छिपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में भस्त्रिका प्राणायाम का आयोजन किया गया।1