मध्य प्रदेश के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम विरोली में एक कथित झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद 22 वर्षीय विवाहिता मांगी बाई गुर्जर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के कुछ ही मिनटों बाद महिला की हालत बिगड़ गई और समय पर उचित इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी कथित बंगाली डॉक्टर विमल सरकार क्लीनिक छोड़कर फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, ग्राम विरोली निवासी मांगी बाई गुर्जर, पत्नी चंदन सिंह गुर्जर, को सोमवार शाम दांत में तेज दर्द हुआ था। परिजन उसे इलाज के लिए पास के ग्राम कुंवारी में प्रैक्टिस करने वाले कथित डॉक्टर विमल सरकार के पास लेकर पहुँचे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने महिला का परीक्षण करने के बाद एक इंजेक्शन मुंह में और दूसरा हाथ में लगाया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद महिला की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, उसे बेचैनी, दर्द और सांस लेने में परेशानी होने लगी। जब परिजनों ने डॉक्टर से बिगड़ती हालत के बारे में पूछा, तो उसने राजस्थान से वाहन बुलाने और बेहतर इलाज की बात कहकर वहां से निकल गया और वापस नहीं लौटा। इसी दौरान महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतका मांगी बाई अपने पीछे पति और दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना मिलने पर फतेहगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिना डिग्री और वैध पंजीकरण के इलाज करने वाले कथित झोलाछाप डॉक्टरों की गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी को इसका कारण बताते हुए सभी अवैध क्लीनिकों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, महिला की मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। यदि जांच में चिकित्सीय लापरवाही या अवैध चिकित्सा का मामला सामने आता है, तो संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम विरोली में एक कथित झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद 22 वर्षीय विवाहिता मांगी बाई गुर्जर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के कुछ ही मिनटों बाद महिला की हालत बिगड़ गई और समय पर उचित इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी कथित बंगाली डॉक्टर विमल सरकार क्लीनिक छोड़कर फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, ग्राम विरोली निवासी मांगी बाई गुर्जर, पत्नी चंदन सिंह गुर्जर, को सोमवार शाम दांत में तेज दर्द हुआ था। परिजन उसे इलाज के लिए पास के ग्राम कुंवारी में प्रैक्टिस करने वाले कथित डॉक्टर विमल सरकार के पास लेकर पहुँचे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने महिला का परीक्षण करने के बाद एक इंजेक्शन मुंह में और दूसरा हाथ में लगाया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद महिला की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, उसे बेचैनी, दर्द और सांस लेने में परेशानी होने लगी। जब परिजनों ने डॉक्टर से बिगड़ती हालत के बारे में पूछा, तो उसने राजस्थान से वाहन बुलाने और बेहतर इलाज की बात कहकर वहां से निकल गया और
वापस नहीं लौटा। इसी दौरान महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतका मांगी बाई अपने पीछे पति और दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना मिलने पर फतेहगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिना डिग्री और वैध पंजीकरण के इलाज करने वाले कथित झोलाछाप डॉक्टरों की गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी को इसका कारण बताते हुए सभी अवैध क्लीनिकों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, महिला की मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। यदि जांच में चिकित्सीय लापरवाही या अवैध चिकित्सा का मामला सामने आता है, तो संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- मध्य प्रदेश के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम विरोली में एक कथित झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद 22 वर्षीय विवाहिता मांगी बाई गुर्जर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के कुछ ही मिनटों बाद महिला की हालत बिगड़ गई और समय पर उचित इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी कथित बंगाली डॉक्टर विमल सरकार क्लीनिक छोड़कर फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, ग्राम विरोली निवासी मांगी बाई गुर्जर, पत्नी चंदन सिंह गुर्जर, को सोमवार शाम दांत में तेज दर्द हुआ था। परिजन उसे इलाज के लिए पास के ग्राम कुंवारी में प्रैक्टिस करने वाले कथित डॉक्टर विमल सरकार के पास लेकर पहुँचे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने महिला का परीक्षण करने के बाद एक इंजेक्शन मुंह में और दूसरा हाथ में लगाया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद महिला की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, उसे बेचैनी, दर्द और सांस लेने में परेशानी होने लगी। जब परिजनों ने डॉक्टर से बिगड़ती हालत के बारे में पूछा, तो उसने राजस्थान से वाहन बुलाने और बेहतर इलाज की बात कहकर वहां से निकल गया और वापस नहीं लौटा। इसी दौरान महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतका मांगी बाई अपने पीछे पति और दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना मिलने पर फतेहगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिना डिग्री और वैध पंजीकरण के इलाज करने वाले कथित झोलाछाप डॉक्टरों की गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी को इसका कारण बताते हुए सभी अवैध क्लीनिकों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, महिला की मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। यदि जांच में चिकित्सीय लापरवाही या अवैध चिकित्सा का मामला सामने आता है, तो संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2
- राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा ब्लॉक में यूथ कांग्रेस ने 7 जुलाई को उपखण्ड स्तर पर एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन छबड़ा ब्लॉक की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर किया गया, जिसके समापन पर उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री महोदय को एक ज्ञापन सौंपा गया। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक त्यागी के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने छबड़ा विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं पर प्रकाश डाला। प्रदर्शन के दौरान, नीट परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका गया, जिसके बाद उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। दीनदयाल उपाध्याय बस स्टैंड प्रांगण में आयोजित इस प्रदर्शन में राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह मीणा ने भी भाग लिया और बैठक को संबोधित किया। उनके साथ राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के राधाकिशन सुमन (जिला उपाध्यक्ष), श्री लाल (जिला सचिव), अमृत लाल बागड़ी, बनवारी लाल बैरवा (महासचिव), हरिराम मीणा (ब्लॉक अध्यक्ष, छबड़ा), पप्पू लाल बैरवा (छीपाबड़ौद ब्लॉक अध्यक्ष), राकेश वर्मा (महासचिव) और रा.गा.प.रा.स. के जिला प्रवक्ता एस. एल. नागर सहित कई अन्य नेताओं ने भी हिस्सा लिया और धरने को संबोधित किया। कार्यक्रम के समापन पर आयोजक यूथ कांग्रेस के दीपक त्यागी ने सभी का आभार व्यक्त किया, और उपस्थित लोगों से 'आत्मा के अंदर की आवाज सुनने', 'जागने और जगाने' तथा 'वतन की आत्मा खतरे में है' का आह्वान किया।1
- छिपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में भस्त्रिका प्राणायाम का आयोजन किया गया।1
- नगर मधुसूदनगढ़ में सड़क किनारे एक परिवार ने रस्सी पर अद्भुत संतुलन बनाकर करतब दिखाए, जिससे राहगीरों का ध्यान आकर्षित हुआ। सड़क से गुज़रने वाले लोग प्रदर्शन देखने के लिए रुके और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। परिवार ने जानकारी दी कि वे अपनी रोज़ी-रोटी कमाने के लिए इसी पारंपरिक कला का सहारा लेते हैं।1
- किशनगंज के कुंडला गांव की चरागाह भूमि और सड़क किनारे करीब डेढ़ दर्जन हरे पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है, जिनमें खेजड़ी के पेड़ भी शामिल हैं। इस घटना की जानकारी मंगलवार सुबह 11 बजे मिली, जिसके बाद ग्रामीणों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। किसान महापंचायत के प्रदेश संयोजक सत्यनारायण सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एसडीएम के नाम नायब तहसीलदार रघुराज सिंह हाड़ा को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि एक व्यक्ति ने बिना किसी अनुमति के मशीन का उपयोग करके इन पेड़ों को काटा और जब उसे रोकने का प्रयास किया गया तो विवाद भी किया। ग्रामीणों ने काटे गए पेड़ों को जब्त करने, दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।1
- Hiring Job Title : JCB Operator Company / Shop : Rajesh Motors Job Field : JCB Salary Offered : 20000 Locality : Tumda Job Type : Full Time Required Work Experience : 10+ Years Raju Verma JCB payelet1
- विदिशा जिले के करारिया सतपाड़ा निवासी परवेज खान और उनके परिवार के सदस्यों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। परिवार ने अपने खिलाफ करारिया थाने में दर्ज मारपीट की एक शिकायत को झूठा बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने एसपी को बताया कि उनके परिवार का गांव के ही फारूक और उनके परिजनों के साथ वर्ष 2024 से एक विवाद चल रहा है, जिसका मामला अभी भी अदालत में है। परवेज खान के अनुसार, हाल ही में फारूक खान खुद एक दिन पहले अपनी बाइक से गिरकर घायल हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद उनके परिवार के खिलाफ मारपीट की झूठी शिकायत दर्ज करवा दी गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस द्वारा उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है।4
- केरल के वायनाड जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कल्लाडी क्षेत्र में मीनाक्षी ब्रिज के पास हुए एक भीषण भूस्खलन में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए। इस दुखद हादसे के बाद मलबे में कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा मलप्पुरम-वायनाड सुरंग परियोजना के निर्माण स्थल पर तब हुआ जब भारी बारिश के कारण सुरंग से निकाली गई मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। इस घटना से मिट्टी और मलबे का विशाल ढेर आसपास मौजूद लोगों पर आ गिरा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया, जिसके बाद पुलिस, दमकल विभाग और अन्य बचाव दल भी मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहाँ अधिकारियों ने बताया कि उनमें से कुछ की हालत गंभीर है। प्रशासन के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश बचाव कार्यों में बाधा डाल रही है, फिर भी मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश के लिए मशीनों और बचाव दल की मदद से व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस बीच, मौसम विभाग ने केरल के कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, और प्रशासन ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है। इस घटना ने पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों और भारी बारिश के मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता को फिर से रेखांकित किया है। स्थानीय प्रशासन ने भूस्खलन की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए घटना की जांच भी शुरू कर दी है।1