लोकेशन सुल्तानगंज भागलपुर बिहार संवाददाता साहिल राज आगाज टाइम INTRO.... भागलपुर सुलतानगंज प्रखंड परिसर में एक दिवसीय आंगनबाड़ी यूनियन बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका सेविका के द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। लोकेशन सुल्तानगंज भागलपुर बिहार संवाददाता साहिल राज आगाज टाइम INTRO.... भागलपुर सुलतानगंज प्रखंड परिसर में एक दिवसीय आंगनबाड़ी यूनियन बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका सेविका के द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। अपने मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते हुए, बिहार सरकार और भारत सरकार द्वारा जमकर नारेबाजी की, सुलतानगंज आंगनबाड़ी प्रखंड अध्यक्ष रीना कुमारी ने कहा, बिहार सरकार और भारत सरकार आंगनबाड़ी कर्मियों को नो हजार दे रही थी वह भी समय पर नहीं दे रही। जिसमें सेविका, सहायिका की घर की आर्थिक स्थिति दैनिया हों गया हैं। सेविका का कहना है,आठ घंटे काम लेती हैं सरकार,ना तो मोबाइल फोन उपलब्ध कराया गया,ना मोबाइल रिचार्ज की राशि। छह माह से वेतन नहीं मिला है।कर्ज लेकर घर चलाना पर रहा है। बाइट... सुलतानगंज आंगनबाड़ी प्रखंड अध्यक्ष, रीना कुमारी बाइट, सेविका,उषा कुमारी
लोकेशन सुल्तानगंज भागलपुर बिहार संवाददाता साहिल राज आगाज टाइम INTRO.... भागलपुर सुलतानगंज प्रखंड परिसर में एक दिवसीय आंगनबाड़ी यूनियन बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका सेविका के द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। लोकेशन सुल्तानगंज भागलपुर बिहार संवाददाता साहिल राज आगाज
टाइम INTRO.... भागलपुर सुलतानगंज प्रखंड परिसर में एक दिवसीय आंगनबाड़ी यूनियन बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका सेविका के द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। अपने मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते हुए, बिहार सरकार और भारत सरकार द्वारा जमकर नारेबाजी
की, सुलतानगंज आंगनबाड़ी प्रखंड अध्यक्ष रीना कुमारी ने कहा, बिहार सरकार और भारत सरकार आंगनबाड़ी कर्मियों को नो हजार दे रही थी वह भी समय पर नहीं दे रही। जिसमें सेविका, सहायिका की घर की आर्थिक स्थिति दैनिया हों गया हैं। सेविका
का कहना है,आठ घंटे काम लेती हैं सरकार,ना तो मोबाइल फोन उपलब्ध कराया गया,ना मोबाइल रिचार्ज की राशि। छह माह से वेतन नहीं मिला है।कर्ज लेकर घर चलाना पर रहा है। बाइट... सुलतानगंज आंगनबाड़ी प्रखंड अध्यक्ष, रीना कुमारी बाइट, सेविका,उषा कुमारी
- बाढ़ प्रभावित इलाकों का CM सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण। पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय एवं खगड़िया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। CM ने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तत्परता बरतने और प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित इलाकों का CM सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण। पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय एवं खगड़िया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। CM ने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तत्परता बरतने और प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।1
- नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद बिहार अलर्ट, CM सम्राट चौधरी ने गंडक बैराज का लिया जायजा नेपाल में अचानक आई फ्लैश फ्लड के बाद बिहार में बाढ़ की आशंका को देखते हुए सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज और सीमावर्ती इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उनके साथ जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत भी मौजूद रहे।1
- गोगरी नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत लतरू पासवान टोला में जल जमाव से बढ़ी परेशानी, बदबू से लोग है बेहाल। गोगरी नगर परिषद क्षेत्र के लतरु पासवान टोला में इन दिनों जलजमाव की समस्या गंभीर बनी हुई है। सड़क और आसपास के इलाके में पानी जमा रहने के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण अब उसमें से दुर्गंध भी आने लगी है, जिससे लोगों को संक्रमण और बीमारी फैलने की चिंता सताने लगी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलजमाव के कारण सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना पैदल आने-जाने वाले लोगों को हो रही है। बच्चों को स्कूल जाने के दौरान जमा पानी से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं, लोगों को मस्जिद आने-जाने में भी काफी दिक्कत हो रही है। कई जगह पानी इतना जमा है कि लोगों को अपने कपड़े और जूते बचाकर आवागमन करना पड़ रहा है। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मनोज पासवान एवं स्थानीय लोगों ने बताया कि जलजमाव की समस्या को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों और संबंधित जनप्रतिनिधियों को फोन के माध्यम से कई बार जानकारी दी गई है। इसके बावजूद अब तक जलनिकासी के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि नगर परिषद की ओर से न तो जमा पानी की निकासी की व्यवस्था की जा रही है और न ही जलजमाव वाले स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर या अन्य कीटनाशक का छिड़काव कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि लगातार पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। दुर्गंध और गंदगी के कारण आसपास रहने वाले परिवारों को काफी परेशानी हो रही है। लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से जल्द से जल्द जलजमाव वाले स्थानों से पानी की निकासी कराने तथा ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों ने नगर परिषद के अधिकारियों से स्थल का निरीक्षण कर स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि बरसात के दौरान बार-बार होने वाली इस समस्या से निजात मिल सके।1
- खगड़िया/ परबत्ता बाढ़ के बीच जागरूकता की पहल, माधवपुर पंचायत में ग्रामीणों को किया गया सतर्क—बचाव और सुरक्षा के बताए जरूरी उपाय.. #khagaria_bihar_india1
- मुंगेर नगर निगम के सभागर में निगम बोर्ड की बैठक हुई आयोजित। मुंगेर: गुरुवार को नगर निगम के सभागार में मुंगेर नगर निगम बोर्ड की बैठक आयोजित की गई जिसमें उपस्थित सभी वार्ड पार्षदों ने विभिन्न एजेण्डा पर मोहर लगाए। बोर्ड की बैठक में मुंगेर नगर निगम के आयुक्त पार्थ गुप्ता मेयर कुमकुम देवी डिप्टी मेयर खालिद हुसैन वार्ड नंबर 11 के पार्षद राहुल कुमार सहित 45 वार्ड के पार्षद उपस्थित रहे।1
- नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद मानसी-चौथम प्रशासन अलर्ट, छोटी नावों के परिचालन पर रोक नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद मानसी-चौथम प्रशासन अलर्ट, छोटी नावों के परिचालन पर रोक खगड़िया | मानसी गौतम कुमार चौरसिया नेपाल में भूस्खलन के बाद आई फ्लैश फ्लड को देखते हुए खगड़िया जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी विक्रम विरकर के निर्देश पर मानसी-चौथम क्षेत्र में बाढ़ से निपटने के लिए एहतियाती कदम तेज कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में छोटी नावों के परिचालन पर पूर्ण रोक लगाने तथा केवल सुरक्षित और उपयुक्त नावों के संचालन की अनुमति देने को कहा। साथ ही तटबंधों पर नियमित गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। मानसी अंचलाधिकारी लीलावती कुमारी ने बताया कि राजस्व कर्मचारी अपने-अपने पंचायतों में आपदा मित्रों के साथ नियमित गश्त करेंगे। आपदा मित्रों के तैराकों को भी मानसी के मटिहानी घाट पर तैनात किया गया है। मानसी थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने सभी चौकीदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने मेडिकल टीम, सुरक्षित स्थानों के चयन, सामुदायिक रसोई और आवश्यक सामग्री की उपलब्धता को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी है।1
- मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर दूर मुंगेर : गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से जिले में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की 27 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 10 बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.83 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 39.33 मीटर है। इस तरह नदी का जलस्तर डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। वहीं, चेतावनी स्तर 38.33 मीटर है, जिसके मुकाबले गंगा का पानी 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। फिलहाल जलस्तर का ट्रेंड स्थिर बताया गया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर जिले के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में दिखने लगा है। कई जगहों पर बाढ़ का पानी खेतों और निचले भूभाग में फैल गया है। कुछ इलाकों में घरों और संपर्क मार्गों के आसपास भी पानी पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। दियारा क्षेत्र में पानी फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी जमा होने के कारण फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में दोबारा तेजी से वृद्धि हुई तो कई गांवों और संपर्क मार्गों पर बाढ़ का दबाव बढ़ सकता है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ आधा मीटर नीचे रहने के कारण प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। जलस्तर में मामूली वृद्धि होने पर नदी खतरे के निशान के और करीब पहुंच जाएगी। इधर, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। जिला पदाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने अधिकारियों को अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को भी सतर्क रखा गया है। मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर दूर मुंगेर : गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से जिले में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की 27 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 10 बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.83 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 39.33 मीटर है। इस तरह नदी का जलस्तर डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। वहीं, चेतावनी स्तर 38.33 मीटर है, जिसके मुकाबले गंगा का पानी 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। फिलहाल जलस्तर का ट्रेंड स्थिर बताया गया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर जिले के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में दिखने लगा है। कई जगहों पर बाढ़ का पानी खेतों और निचले भूभाग में फैल गया है। कुछ इलाकों में घरों और संपर्क मार्गों के आसपास भी पानी पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। दियारा क्षेत्र में पानी फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी जमा होने के कारण फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में दोबारा तेजी से वृद्धि हुई तो कई गांवों और संपर्क मार्गों पर बाढ़ का दबाव बढ़ सकता है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ आधा मीटर नीचे रहने के कारण प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। जलस्तर में मामूली वृद्धि होने पर नदी खतरे के निशान के और करीब पहुंच जाएगी। इधर, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। जिला पदाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने अधिकारियों को अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को भी सतर्क रखा गया है।1
- भागलपुर में बड़ा नाव हादसा:-22 मजदूरों से भरी नाव गंगा में पलटी, सभी मजदूर कटावरोधी काम में जुटे थे। रेत की बोरियां नदी में डालने के दौरान अचानक नाव का संतुलन बिगड़ा और नाव पलट गई। भागलपुर में बड़ा नाव हादसा:-22 मजदूरों से भरी नाव गंगा में पलटी, सभी मजदूर कटावरोधी काम में जुटे थे। रेत की बोरियां नदी में डालने के दौरान अचानक नाव का संतुलन बिगड़ा और नाव पलट गई।1