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खगड़िया/ परबत्ता बाढ़ के बीच जागरूकता की पहल, माधवपुर पंचायत में ग्रामीणों को किया गया सतर्क—बचाव और सुरक्षा के बताए जरूरी उपाय.. #khagaria_bihar_india

1 hr ago
user_Abhay Kumar Press
Abhay Kumar Press
गोगरी, खगड़िया, बिहार•
1 hr ago

खगड़िया/ परबत्ता बाढ़ के बीच जागरूकता की पहल, माधवपुर पंचायत में ग्रामीणों को किया गया सतर्क—बचाव और सुरक्षा के बताए जरूरी उपाय.. #khagaria_bihar_india

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  • खगड़िया/ परबत्ता बाढ़ के बीच जागरूकता की पहल, माधवपुर पंचायत में ग्रामीणों को किया गया सतर्क—बचाव और सुरक्षा के बताए जरूरी उपाय.. #khagaria_bihar_india
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    खगड़िया/ परबत्ता 
बाढ़ के बीच जागरूकता की पहल, माधवपुर पंचायत में ग्रामीणों को किया गया सतर्क—बचाव और सुरक्षा के बताए जरूरी उपाय.. 
#khagaria_bihar_india
    user_Abhay Kumar Press
    Abhay Kumar Press
    गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    1 hr ago
  • गोगरी प्रखंड अंतर्गत बोरना के उत्क्रमित उच्च विद्यालय व मध्य विद्यालय परिसर में घुसा बाढ़ का पानी। गोगरी (खगड़िया)। गंगा और बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बाद गोगरी प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने के बाद अब इसका असर शिक्षण संस्थानों पर भी पड़ने लगा है। गोगरी प्रखंड के बोरना गांव स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय एवं मध्य विद्यालय के परिसर में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। स्कूल परिसर में पानी जमा होने के कारण फिलहाल पठन-पाठन पूरी तरह ठप हो गया है। गुरुवार को दोपहर करीब 12 बजे तक विद्यालय परिसर में बाढ़ का पानी जमा था। विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित अन्य शिक्षक स्कूल भवन के समीप अपेक्षाकृत ऊंचे स्थान पर बैठे नजर आए। वहीं, बाढ़ की स्थिति को देखते हुए विद्यालय में आने वाले छात्र-छात्राओं को छुट्टी दे दी गई है। पानी बढ़ने के कारण बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं की जा रही हैं। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका गुंजन कुमारी ने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए फिलहाल विद्यालय में पठन-पाठन बंद है। विद्यालय परिसर में बाढ़ का पानी जमा हो जाने के कारण बच्चों को विद्यालय बुलाना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग से प्राप्त होने वाले अगले आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जाता है कि गंगा और बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद गोगरी प्रखंड के विभिन्न निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल रहा है। खेतों, बहियारों और निचले भू-भागों में पानी पहुंचने के बाद अब आबादी वाले क्षेत्रों में भी बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है। बोरना विद्यालय परिसर में पानी प्रवेश करना भी इसी बाढ़ की स्थिति का परिणाम बताया जा रहा है। विद्यालय परिसर में पानी जमा होने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर और बढ़ता है तो आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी पानी फैलने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन और शिक्षा विभाग को बाढ़ प्रभावित विद्यालयों की स्थिति पर नजर रखने तथा बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत है। फिलहाल बोरना के दोनों विद्यालयों में पठन-पाठन बंद है और शिक्षक विभागीय निर्देश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ग्रामीणों की नजर भी गंगा और बूढ़ी गंडक के जलस्तर पर बनी हुई है।
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    गोगरी प्रखंड अंतर्गत बोरना के उत्क्रमित उच्च विद्यालय व मध्य विद्यालय परिसर में घुसा बाढ़ का पानी।
गोगरी (खगड़िया)। गंगा और बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बाद गोगरी प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने के बाद अब इसका असर शिक्षण संस्थानों पर भी पड़ने लगा है। गोगरी प्रखंड के बोरना गांव स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय एवं मध्य विद्यालय के परिसर में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। स्कूल परिसर में पानी जमा होने के कारण फिलहाल पठन-पाठन पूरी तरह ठप हो गया है।
गुरुवार को दोपहर करीब 12 बजे तक विद्यालय परिसर में बाढ़ का पानी जमा था। विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित अन्य शिक्षक स्कूल भवन के समीप अपेक्षाकृत ऊंचे स्थान पर बैठे नजर आए। वहीं, बाढ़ की स्थिति को देखते हुए विद्यालय में आने वाले छात्र-छात्राओं को छुट्टी दे दी गई है। पानी बढ़ने के कारण बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं की जा रही हैं।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका गुंजन कुमारी ने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए फिलहाल विद्यालय में पठन-पाठन बंद है। विद्यालय परिसर में बाढ़ का पानी जमा हो जाने के कारण बच्चों को विद्यालय बुलाना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग से प्राप्त होने वाले अगले आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बताया जाता है कि गंगा और बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद गोगरी प्रखंड के विभिन्न निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल रहा है। खेतों, बहियारों और निचले भू-भागों में पानी पहुंचने के बाद अब आबादी वाले क्षेत्रों में भी बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है। बोरना विद्यालय परिसर में पानी प्रवेश करना भी इसी बाढ़ की स्थिति का परिणाम बताया जा रहा है।
विद्यालय परिसर में पानी जमा होने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर और बढ़ता है तो आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी पानी फैलने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन और शिक्षा विभाग को बाढ़ प्रभावित विद्यालयों की स्थिति पर नजर रखने तथा बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत है।
फिलहाल बोरना के दोनों विद्यालयों में पठन-पाठन बंद है और शिक्षक विभागीय निर्देश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ग्रामीणों की नजर भी गंगा और बूढ़ी गंडक के जलस्तर पर बनी हुई है।
    user_Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    5 hrs ago
  • क्षतिग्रस्त मुख्य सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर मेयर को ज्ञापन सौंपा। मुंगेर: मुंगेर जिला युवा कांग्रेस कमिटी के पूर्व उपाध्यक्ष सह युवा नेता एडवोकेट प्रणव कुमार ने शीतला मंदिर से लेकर गोयनका मातृ सदन तक क्षतिग्रस्त मुख्य सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर मुंगेर नगर निगम की मेयर श्रीमती कुमकुम देवी को ज्ञापन सौपा। मेयर को सौंपे अपने ज्ञापन में उन्होंने कहा कि कई दिनों से शीतला मंदिर से लेकर गोयनका मातृ सदन तक मुख्य सड़क क्षतिग्रस्त है जिस कारण से प्रत्येक दिन उस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों को ई रिक्शा चालकों मोटरसाइकिल एवं चार पहिया वाहन चलाने वालों को काफी दिक्कत होती है उन्होंने मेयर से जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त मुख्य सड़क की मरम्मत करवाने। का आग्रह किया है। ताकि भविष्य में राजगीरों को उस रास्ते से गुजरने में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो।
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    क्षतिग्रस्त मुख्य सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर मेयर को ज्ञापन सौंपा। 
मुंगेर: मुंगेर जिला युवा कांग्रेस कमिटी के पूर्व उपाध्यक्ष सह युवा नेता एडवोकेट प्रणव कुमार ने शीतला मंदिर से लेकर गोयनका मातृ सदन तक क्षतिग्रस्त मुख्य सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर मुंगेर नगर निगम की मेयर श्रीमती कुमकुम देवी को ज्ञापन सौपा। मेयर को सौंपे अपने ज्ञापन में उन्होंने कहा कि कई दिनों से शीतला मंदिर से लेकर गोयनका मातृ सदन तक मुख्य सड़क क्षतिग्रस्त है जिस कारण से प्रत्येक दिन उस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों को ई रिक्शा चालकों मोटरसाइकिल एवं चार पहिया वाहन चलाने वालों को काफी दिक्कत होती है उन्होंने मेयर से जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त मुख्य सड़क की मरम्मत करवाने। का आग्रह किया है। ताकि भविष्य में राजगीरों को उस रास्ते से गुजरने में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो।
    user_Adv Pranav Kumar
    Adv Pranav Kumar
    Local News Reporter मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    2 hrs ago
  • मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर दूर मुंगेर : गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से जिले में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की 27 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 10 बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.83 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 39.33 मीटर है। इस तरह नदी का जलस्तर डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। वहीं, चेतावनी स्तर 38.33 मीटर है, जिसके मुकाबले गंगा का पानी 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। फिलहाल जलस्तर का ट्रेंड स्थिर बताया गया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर जिले के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में दिखने लगा है। कई जगहों पर बाढ़ का पानी खेतों और निचले भूभाग में फैल गया है। कुछ इलाकों में घरों और संपर्क मार्गों के आसपास भी पानी पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। दियारा क्षेत्र में पानी फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी जमा होने के कारण फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में दोबारा तेजी से वृद्धि हुई तो कई गांवों और संपर्क मार्गों पर बाढ़ का दबाव बढ़ सकता है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ आधा मीटर नीचे रहने के कारण प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। जलस्तर में मामूली वृद्धि होने पर नदी खतरे के निशान के और करीब पहुंच जाएगी। इधर, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। जिला पदाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने अधिकारियों को अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को भी सतर्क रखा गया है। मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर दूर मुंगेर : गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से जिले में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की 27 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 10 बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.83 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 39.33 मीटर है। इस तरह नदी का जलस्तर डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। वहीं, चेतावनी स्तर 38.33 मीटर है, जिसके मुकाबले गंगा का पानी 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। फिलहाल जलस्तर का ट्रेंड स्थिर बताया गया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर जिले के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में दिखने लगा है। कई जगहों पर बाढ़ का पानी खेतों और निचले भूभाग में फैल गया है। कुछ इलाकों में घरों और संपर्क मार्गों के आसपास भी पानी पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। दियारा क्षेत्र में पानी फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी जमा होने के कारण फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में दोबारा तेजी से वृद्धि हुई तो कई गांवों और संपर्क मार्गों पर बाढ़ का दबाव बढ़ सकता है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ आधा मीटर नीचे रहने के कारण प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। जलस्तर में मामूली वृद्धि होने पर नदी खतरे के निशान के और करीब पहुंच जाएगी। इधर, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। जिला पदाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने अधिकारियों को अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को भी सतर्क रखा गया है।
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    मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर दूर
मुंगेर : गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से जिले में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की 27 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 10 बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.83 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 39.33 मीटर है। इस तरह नदी का जलस्तर डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। वहीं, चेतावनी स्तर 38.33 मीटर है, जिसके मुकाबले गंगा का पानी 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। फिलहाल जलस्तर का ट्रेंड स्थिर बताया गया है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर जिले के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में दिखने लगा है। कई जगहों पर बाढ़ का पानी खेतों और निचले भूभाग में फैल गया है। कुछ इलाकों में घरों और संपर्क मार्गों के आसपास भी पानी पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
दियारा क्षेत्र में पानी फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी जमा होने के कारण फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में दोबारा तेजी से वृद्धि हुई तो कई गांवों और संपर्क मार्गों पर बाढ़ का दबाव बढ़ सकता है।
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ आधा मीटर नीचे रहने के कारण प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। जलस्तर में मामूली वृद्धि होने पर नदी खतरे के निशान के और करीब पहुंच जाएगी।
इधर, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। जिला पदाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने अधिकारियों को अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को भी सतर्क रखा गया है।
मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर दूर
मुंगेर : गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से जिले में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की 27 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 10 बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.83 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 39.33 मीटर है। इस तरह नदी का जलस्तर डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। वहीं, चेतावनी स्तर 38.33 मीटर है, जिसके मुकाबले गंगा का पानी 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। फिलहाल जलस्तर का ट्रेंड स्थिर बताया गया है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर जिले के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में दिखने लगा है। कई जगहों पर बाढ़ का पानी खेतों और निचले भूभाग में फैल गया है। कुछ इलाकों में घरों और संपर्क मार्गों के आसपास भी पानी पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
दियारा क्षेत्र में पानी फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी जमा होने के कारण फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में दोबारा तेजी से वृद्धि हुई तो कई गांवों और संपर्क मार्गों पर बाढ़ का दबाव बढ़ सकता है।
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ आधा मीटर नीचे रहने के कारण प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। जलस्तर में मामूली वृद्धि होने पर नदी खतरे के निशान के और करीब पहुंच जाएगी।
इधर, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। जिला पदाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने अधिकारियों को अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को भी सतर्क रखा गया है।
    user_Kumar Mithun
    Kumar Mithun
    मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    5 hrs ago
  • मुंबई में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश मुंबई में अभी-अभी तेज हवाओं के साथ जोरदार मुंबई में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश मुंबई में अभी-अभी तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई है। मुंबई में मानसून की बारिश जून महीने से शुरू होकर सितंबर में गणेश पूजा तक अपना असर दिखाती रहती है। यहां बारिश का कोई निश्चित समय नहीं होता। कभी सुबह अचानक बारिश शुरू हो जाती है, तो कभी शाम में और कई बार दिन के बीच में ही बिना किसी पूर्व सूचना के झमाझम बारिश होने लगती है। मुंबई की बारिश की सबसे खास बात यह है कि कई बार आसमान में ज्यादा बादल दिखाई नहीं देते और न ही बिजली कड़कने की आवाज सुनाई देती है। अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश दनादन बरसने लगती है। कुछ ही मिनटों में सड़कें पानी से भीग जाती हैं और लोगों को बारिश से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों का सहारा लेना पड़ता है। फिलहाल मुंबई में तेज बारिश और हवाओं का दौर जारी है।
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    मुंबई में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश
मुंबई में अभी-अभी तेज हवाओं के साथ जोरदार
मुंबई में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश
मुंबई में अभी-अभी तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई है। मुंबई में मानसून की बारिश जून महीने से शुरू होकर सितंबर में गणेश पूजा तक अपना असर दिखाती रहती है। यहां बारिश का कोई निश्चित समय नहीं होता। कभी सुबह अचानक बारिश शुरू हो जाती है, तो कभी शाम में और कई बार दिन के बीच में ही बिना किसी पूर्व सूचना के झमाझम बारिश होने लगती है।
मुंबई की बारिश की सबसे खास बात यह है कि कई बार आसमान में ज्यादा बादल दिखाई नहीं देते और न ही बिजली कड़कने की आवाज सुनाई देती है। अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश दनादन बरसने लगती है। कुछ ही मिनटों में सड़कें पानी से भीग जाती हैं और लोगों को बारिश से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों का सहारा लेना पड़ता है। फिलहाल मुंबई में तेज बारिश और हवाओं का दौर जारी है।
    user_गौतम  चौरसिया दैनिक भास्कर
    गौतम चौरसिया दैनिक भास्कर
    चौथाम, खगड़िया, बिहार•
    6 hrs ago
  • बाढ़ प्रभावित इलाकों का CM सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण। पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय एवं खगड़िया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। CM ने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तत्परता बरतने और प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित इलाकों का CM सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण। पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय एवं खगड़िया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। CM ने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तत्परता बरतने और प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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    बाढ़ प्रभावित इलाकों का CM सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण। 
पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय एवं खगड़िया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। CM ने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तत्परता बरतने और प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बाढ़ प्रभावित इलाकों का CM सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण। 
पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय एवं खगड़िया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। CM ने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तत्परता बरतने और प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
    user_GAUTAM KUMAR
    GAUTAM KUMAR
    Parbatta, Khagaria•
    20 hrs ago
  • शिक्षक अभ्यर्थी की योग्यता पर सवाल उठाने वाले CM व शिक्षा मंत्री के योग्यता को जन सुराज ने दी चुनौती शिक्षक अभ्यर्थियों की योग्यता पर सवाल उठाने वाले मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री के योग्यता पर जन सुराज ने दी चुनौती जन सुराज संघर्ष वाहिनी ने आंदोलनरत छात्रों को दिया नैतिक समर्थन वित्तरहित शिक्षकों के मुद्दों के साथ खड़ा है जन सुराज शिक्षा और रोजगार की मिसाल पेश करेगा बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र
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    शिक्षक अभ्यर्थी की योग्यता पर सवाल उठाने वाले CM व शिक्षा मंत्री के योग्यता को जन सुराज ने दी चुनौती
शिक्षक अभ्यर्थियों की योग्यता पर सवाल उठाने वाले मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री के योग्यता पर जन सुराज ने दी चुनौती
जन सुराज संघर्ष वाहिनी ने आंदोलनरत छात्रों को दिया नैतिक समर्थन
वित्तरहित शिक्षकों के मुद्दों के साथ खड़ा है जन सुराज
शिक्षा और रोजगार की मिसाल पेश करेगा बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र
    user_Pawan Kumar Choudhary
    Pawan Kumar Choudhary
    Journalist मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    20 hrs ago
  • गोगरी जमालपुर में जावेद हबीब हेयर एंड ब्यूटी शोरूम का उद्घाटन के मौके पर ममता कुमारी ने क्या कुछ कहा सुनिए
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    गोगरी जमालपुर में जावेद हबीब हेयर एंड ब्यूटी शोरूम का उद्घाटन के मौके पर ममता कुमारी ने क्या कुछ कहा सुनिए
    user_Abhay Kumar Press
    Abhay Kumar Press
    गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    10 hrs ago
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