केकड़ी उपखंड के बोगला गांव में धुंधरी रोड पर पिछले करीब दो साल से सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है, जिससे ग्रामीण और पास स्थित रामदेव जी मंदिर जाने वाले श्रद्धालु गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन इस समस्या पर मूक दर्शक बना बैठा है और कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। सड़क पर गंदा पानी जमा होने और क्षतिग्रस्त स्थिति के कारण, वहां से गुजरने वाले भारी वाहनों से गंदा पानी और गंदगी मंदिर तक पहुंच रही है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो सालों में उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग और ग्राम पंचायत में कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा कोई सुनवाई नहीं की गई। अधिकारियों की लापरवाही के कारण, बोगला से धुंधरी रोड पर बाईपास होने के बावजूद, अवैध बजरी के ट्रैक्टर और अन्य भारी वाहन गांव के भीतर से गुजरते हैं, जिससे हर पांच मिनट में गांव में जाम लग जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बाईपास को पक्की सड़क में बदलने की मांग की है, क्योंकि वर्तमान में यह सिर्फ ग्रेवल सड़क है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अधिकारियों से गांव के दोनों तरफ गांव में प्रवेश निषेध के बोर्ड लगाने का निवेदन किया था, जिस पर भी पिछले दो सालों से कोई कार्रवाई नहीं हुई। 181 पोर्टल पर भी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन वे 'लॉलीपॉप' साबित हुईं और कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों ने पूर्व में एसडीएम केकड़ी को लिखित में कार्रवाई के लिए दिया था, जिस पर एसडीएम साहब ने आश्वासन तो दिया था, लेकिन आज तक कोई कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन कुंभकरणी निद्रा में लीन होकर किसी बड़े हादसे की प्रतीक्षा में तमाशबीन बना हुआ है।
केकड़ी उपखंड के बोगला गांव में धुंधरी रोड पर पिछले करीब दो साल से सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है, जिससे ग्रामीण और पास स्थित रामदेव जी मंदिर जाने वाले श्रद्धालु गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन इस समस्या पर मूक दर्शक बना बैठा है और कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। सड़क पर गंदा पानी जमा होने और क्षतिग्रस्त स्थिति के कारण, वहां से गुजरने वाले भारी वाहनों से गंदा पानी और गंदगी मंदिर तक पहुंच रही है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि
पिछले दो सालों में उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग और ग्राम पंचायत में कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा कोई सुनवाई नहीं की गई। अधिकारियों की लापरवाही के कारण, बोगला से धुंधरी रोड पर बाईपास होने के बावजूद, अवैध बजरी के ट्रैक्टर और अन्य भारी वाहन गांव के भीतर से गुजरते हैं, जिससे हर पांच मिनट में गांव में जाम लग जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बाईपास को पक्की सड़क में बदलने की मांग की है, क्योंकि वर्तमान में यह सिर्फ ग्रेवल सड़क है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अधिकारियों से गांव
के दोनों तरफ गांव में प्रवेश निषेध के बोर्ड लगाने का निवेदन किया था, जिस पर भी पिछले दो सालों से कोई कार्रवाई नहीं हुई। 181 पोर्टल पर भी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन वे 'लॉलीपॉप' साबित हुईं और कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों ने पूर्व में एसडीएम केकड़ी को लिखित में कार्रवाई के लिए दिया था, जिस पर एसडीएम साहब ने आश्वासन तो दिया था, लेकिन आज तक कोई कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन कुंभकरणी निद्रा में लीन होकर किसी बड़े हादसे की प्रतीक्षा में तमाशबीन बना हुआ है।
- टोंक जिले के देवली उपखंड स्थित गांवड़ी पंचायत के रघुनाथपुर गांव में विद्युत हादसे का शिकार हुए धनराज बैरवा से प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सचिव माया सुवालका ने एस एम एस अस्पताल में मुलाकात कर उन्हें ढाढस बंधाया। धनराज बैरवा करंट की चपेट में आने से अपने दोनों हाथ गंवा चुके हैं और उनके एक पैर पर भी गहरे घाव हैं, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। माया सुवालका ने इस घटना के पीछे बिजली विभाग की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया, जिसके कारण धनराज बैरवा को जीवन भर का दर्द मिला और एक हंसता-खेलता परिवार प्रभावित हुआ। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पीड़ित धनराज बैरवा को ₹50 लाख का मुआवजा दिया जाए और उनके भरण-पोषण के लिए उनकी पत्नी आशा देवी को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए। सुवालका ने अस्पताल में चिकित्सकों से भी बातचीत कर धनराज के उपचार की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।1
- नसीराबाद में शिव प्रकाश गुर्जर ने अपने जन्मदिन के अवसर पर शक्ति प्रदर्शन करते हुए विभिन्न सेवा कार्य आयोजित किए। इस दौरान एक रक्तदान शिविर में भारी संख्या में लोगों (जनसैलाब) का जमावड़ा देखा गया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गौसेवा और वृक्षारोपण जैसे कार्य भी किए, जिसके माध्यम से समाज में सामाजिक सरोकारों का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।1
- अजमेर के रामसर गांव में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। यहां के निवासी अमन मिन्हाज द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जलापूर्ति रिकॉर्ड ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के दावों और जमीनी हकीकत के बीच एक बड़ा अंतर उजागर कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, जब भी राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) पर पेयजल समस्या की शिकायत दर्ज की जाती है, तो विभागीय अधिकारी अक्सर यह जवाब देकर शिकायत का निस्तारण कर देते हैं कि गांव में 96 से 120 घंटे के अंतराल पर नियमित जलापूर्ति की जा रही है। हालांकि, RTI से प्राप्त दस्तावेजों से पता चला है कि गांव के कई जलापूर्ति स्रोतों पर पूरे महीने में मात्र 3 से 4 बार ही पानी की सप्लाई दर्ज की गई है, जिससे विभाग के दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में हालात इतने बदतर हैं कि लोगों को पीने के पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय शिकायतों को केवल कागजी जवाब देकर बंद किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। गौरतलब है कि रामसर में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीण पूर्व में भी सड़क जाम कर आंदोलन कर चुके हैं, जिसके बाद प्रशासन और विभाग ने स्थिति सुधारने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिला है। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी और रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नियमित एवं पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई और विभागीय दावों तथा वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो गांववासी पुनः लोकतांत्रिक तरीके से एक बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर पूर्व की भांति सड़क जाम सहित अन्य कानूनी एवं जनआंदोलनात्मक कदम उठाने की भी बात कही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने, राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दिए गए जवाबों एवं वास्तविक जलापूर्ति रिकॉर्ड का मिलान करने तथा रामसर के प्रत्येक नागरिक को नियमित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- राजस्थान के धौलपुर में अवैध खनन के खिलाफ एक बड़ा एक्शन लिया गया है। इस कार्रवाई के दौरान 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक जेसीबी को जब्त किया गया है। यह एक्शन अवैध खनन गतिविधियों पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से उठाया गया है।1
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- नसीराबाद जीनगर समाज ने डिम्पल खत्री हत्याकांड में शामिल दोषी को फाँसी की सज़ा देने की ज़ोरदार माँग उठाई है।1
- केकड़ी उपखंड के बोगला गांव में धुंधरी रोड पर पिछले करीब दो साल से सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है, जिससे ग्रामीण और पास स्थित रामदेव जी मंदिर जाने वाले श्रद्धालु गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन इस समस्या पर मूक दर्शक बना बैठा है और कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। सड़क पर गंदा पानी जमा होने और क्षतिग्रस्त स्थिति के कारण, वहां से गुजरने वाले भारी वाहनों से गंदा पानी और गंदगी मंदिर तक पहुंच रही है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो सालों में उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग और ग्राम पंचायत में कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा कोई सुनवाई नहीं की गई। अधिकारियों की लापरवाही के कारण, बोगला से धुंधरी रोड पर बाईपास होने के बावजूद, अवैध बजरी के ट्रैक्टर और अन्य भारी वाहन गांव के भीतर से गुजरते हैं, जिससे हर पांच मिनट में गांव में जाम लग जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बाईपास को पक्की सड़क में बदलने की मांग की है, क्योंकि वर्तमान में यह सिर्फ ग्रेवल सड़क है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अधिकारियों से गांव के दोनों तरफ गांव में प्रवेश निषेध के बोर्ड लगाने का निवेदन किया था, जिस पर भी पिछले दो सालों से कोई कार्रवाई नहीं हुई। 181 पोर्टल पर भी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन वे 'लॉलीपॉप' साबित हुईं और कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों ने पूर्व में एसडीएम केकड़ी को लिखित में कार्रवाई के लिए दिया था, जिस पर एसडीएम साहब ने आश्वासन तो दिया था, लेकिन आज तक कोई कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन कुंभकरणी निद्रा में लीन होकर किसी बड़े हादसे की प्रतीक्षा में तमाशबीन बना हुआ है।3