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बहरोड़ कस्बे के मुख्य रास्ते पर जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है, जिसके कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह जलभराव विशेष रूप से कस्बे के मुख्य रास्ते पर फ्लाईओवर के पास देखा जा रहा है। हालांकि, एक ओर जहाँ इस समस्या से आमजन को परेशानी हो रही है, वहीं दूसरी ओर उमस भरी गर्मी के बीच हुई इस बारिश ने आमजन और किसानों दोनों के लिए राहत प्रदान की है।
NARESH Kumar Khanna
बहरोड़ कस्बे के मुख्य रास्ते पर जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है, जिसके कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह जलभराव विशेष रूप से कस्बे के मुख्य रास्ते पर फ्लाईओवर के पास देखा जा रहा है। हालांकि, एक ओर जहाँ इस समस्या से आमजन को परेशानी हो रही है, वहीं दूसरी ओर उमस भरी गर्मी के बीच हुई इस बारिश ने आमजन और किसानों दोनों के लिए राहत प्रदान की है।
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- महिला शिक्षा के व्यापक विकास तथा समाज और राष्ट्र के नवनिर्माण के उद्देश्य से अलवर जिले में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक कान्हा डिग्री कॉलेज एवं शिक्षण संस्थान, कोटकासिम के निदेशक एवं शिक्षाविद शशि यादव, किशनगढ़ गर्ल्स कॉलेज, बम्बोरा (किशनगढ़ बास) के डायरेक्टर एवं शिक्षाविद डॉ. विक्रम भडाना, तथा इंद्रप्रस्थ महिला महाविद्यालय, मुंडावर के निदेशक, शिक्षाविद एवं गांधीवादी विचारक डॉ. डी. आर. शर्मा के संयुक्त तत्वावधान में हुई। बैठक में तीनों संस्थानों ने महिला शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लक्ष्य के साथ आपसी सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के तहत, संस्थानों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही, वे शैक्षणिक गतिविधियों, कौशल विकास, व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक जागरूकता से संबंधित कार्यक्रमों का संयुक्त रूप से संचालन करेंगे। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र की नींव महिला शिक्षा पर ही टिकी है। सभी प्रतिभागियों ने आपसी सहयोग, समर्पण और साझा प्रयासों के माध्यम से क्षेत्र में महिला शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।1
- उत्तर क्षेत्र पंजाब में वर्ष 2026 के लिए प्रथम विशालखेल स्वयं कार्यकर्ता विकास वर्ग का आयोजन किया जाएगा।1
- कोटपूतली-बहरोड़ जिले के विधायक कुलदीप धनखड़ जी ने गणेश मंदिर में पहुँचकर पूजा अर्चना की।1
- अ.क. अग्रवाल, जो वार्ड नंबर 13 में मोती मंदिर के पास निवास करते हैं, ने शिकायत की है कि 30 जून 2026 की रात 12 बजे विभाग द्वारा जेसीबी से खुदाई करवाई गई, जिसके कारण यहाँ रहने वाले 5 घरों के जल कनेक्शन टूट गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि नए कनेक्शन लेने पर जो खर्च आएगा, उसका भुगतान वे क्यों करें, जबकि यह नुकसान जल विभाग के कर्मचारियों, अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही से हुआ है। अग्रवाल ने माँग की है कि इस लापरवाही के लिए विभाग स्वयं हर्जाना भरे और नुकसान की भरपाई करे। अतः, उन्होंने विनम्र निवेदन किया है कि इस समस्या का जल्द से जल्द निवारण करवाया जाए और अधिकारियों, ठेकेदारों तथा विभाग द्वारा कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए पाबंद किया जाए कि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो, जिससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।1
- नारनौल शहर में मानसून की पहली बारिश ने जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों के दावों की पोल खोल दी है। आज सुबह से हो रही इस पहली बरसात के कारण नारनौल के अधिकांश मोहल्ले, गलियां और सड़कें झील में तब्दील हो गई हैं, जिससे लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। शहर की 'जीवन रेखा' माने जाने वाला छलक नाला, जिस पर अब तक लगभग ₹35 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं, अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है। इसकी पूर्णता के बारे में केवल भगवान ही जानता है। यदि ऐसी दो-तीन और बारिशें हुईं, तो नारनौल शहर को डूबने से कोई नहीं बचा पाएगा। नगर परिषद अधिकारियों ने हाल ही में नालों की सफाई के लिए लाखों रुपए के टेंडर दिए थे, लेकिन जब यह छलक नाला ही पीछे से अधूरा है, तो इसमें से पानी का निकास कैसे होगा, यह बात अधिकारियों को कब समझ आएगी? नारनौल टुडे न्यूज़ जनहित में जिला उपायुक्त से आग्रह करता है कि वे स्वयं इस गंभीर समस्या का कड़ा संज्ञान लें, क्योंकि यह तो मानसून की शुरुआत भर है और सावन का महीना अभी बाकी है। यदि उस दौरान दो-चार और ऐसी बरसात हुईं, तो शहर का क्या हाल होगा? इसलिए, नारनौल की जनता के शांतिपूर्ण जीवन के लिए समय रहते आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए।1
- आज दिनांक 1 जुलाई 2026 को महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल स्थित महर्षि स्वामी दयानन्द चौक पर एक यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ संपन्न होने के उपरांत, महाशय सत्यवीर सिंह आर्य दत़ाल ने इस अवसर पर भजन सुने।1
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