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- सिंगोरई गांव में नाराज ग्रामीणों ने किया फॉलोअप शिविर का बहिष्कार स्कूल गेट पर जलभराव और मुख्य रास्तों में दलदल से परेशान है ग्रामीण, साल से कर रहे मांग तहसीलदार के पहुंचने पर मामला हुआ शांत, फिर से शुरू हुआ शिविर2
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- न्यायिक अधिकारियों ने किया स्लीपर बसों का निरीक्षण ,पाई गई कमियों को दुरुस्त करने के दिए निर्देश धौलपुर में न्यायिक अधिकारियों एवं संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा मंगलवार संयुक्त रूप से सागरपाड़ा चौकी, धौलपुर पर लग्जरी/स्लीपर बसों का निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान स्लीपर/लग्जरी बसों की यांत्रिक स्थिति एवं सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई, जिसमें वाहन का आकार एवं ऊंचाई का सत्यापन, पंजीयन प्रमाण-पत्र, परमिट एवं वाहन पर अंकित विवरणों का मिलान, चेसिस नंबर एवं मॉडल विवरण की जांच वाहन के पिछले हिस्से में अनधिकृत बढ़ोतरी अथवा संरचनात्मक परिवर्तन की जांच, चेसिस में काट-छांट, चौड़ाई, वेल्डिंग अथवा अन्य परिवर्तन का परीक्षण,, बोल्ट एवं मजबूती संबंधी सुरक्षा मानकों का परीक्षण, टायरों में अत्यधिक घिसाव एवं लगेज स्पेस की स्थिति की जांच, बसों में आपातकालीन निकासों की संख्या, सीट क्षमता, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता एवं AIS-119 मानकों के अनुरूपता का परीक्षण, आदि बिंदुओं पर निरीक्षण किए गए। निरीक्षण के दौरान अनेक बसों में यात्री सुरक्षा से संबंधित गंभीर कमियां पाई गईं। कई बसों में निर्धारित मानक के अनुरूप अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं थे अथवा वे अनुपयोगी अवस्था में पाए गए। अधिकांश बसों के इमरजेंसी गेट आकार में छोटे पाए गए, जिससे दुर्घटना अथवा आग लगने जैसी आपात स्थिति में यात्रियों की शीघ्र निकासी में बाधा उत्पन्न होने की संभावना है। कई बसों में आपातकालीन द्वारों पर स्पष्ट, बड़े अक्षरों में एवं प्रकाशमान संकेतक अंकित नहीं थे,जिससे आपातकालीन निकास की पहचान करना कठिन पाया गया। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि कुछ बसों में यात्रियों के चढ़ने एवं उतरने हेतु अनुचित एवं असुरक्षित सीढ़ियों का उपयोग किया जा रहा था, जो वृद्धजनों, महिलाओं, बच्चों एवं दिव्यांग यात्रियों के लिए जोखिमपूर्ण है।कई बसों के मुख्य प्रवेश द्वार अत्यधिक संकरे पाए गए,जिससे अधिक भीड़ की स्थिति में यात्रियों के सुरक्षित आवागमन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।इसके अतिरिक्त अनेक बसों के परिवहन संबंधी अभिलेख एवं वैध कागजात अपूर्ण अथवा अनुपलब्ध पाए गए, जिनमें पंजीयन प्रमाणपत्र, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा दस्तावेज एवं अन्य आवश्यक अभिलेख शामिल हैं। कई बसों में प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध नहीं थी,जबकि दुर्घटना अथवा आकस्मिक चिकित्सा स्थिति में इसकी उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि अनेक वाहनों में रिफ्लेक्टर, परावर्तक टेप एवं अन्य दृश्य सुरक्षा चिन्ह स्थापित नहीं थे,जिससे विशेष रूप से रात्रिकालीन संचालन में दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। उपरोक्त कमियों को यात्री सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए समस्त वाहन स्वामियों एवं बस संचालकों को निर्देशित किया कि वे तत्काल सभी सुरक्षा उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप स्थापित करें,अग्निशमन यंत्रों की वैधता एवं कार्यशीलता सुनिश्चित करें, आपातकालीन निकास द्वारों को मानक आकार में व्यवस्थित करें तथा उन पर स्पष्ट एवं दृष्टिगोचर संकेतक अंकित कराएं। साथ ही सुरक्षित सीढ़ियों की व्यवस्था करें, प्रवेश द्वारों को मानकानुसार सुगम बनाएं, प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध रखें तथा सभी वैध अभिलेख अद्यतन एवं पूर्ण अवस्था में वाहन में रखें। साथ ही सचिव रेखा यादव ने जिला परिवहन अधिकारी, धौलपुर को निरीक्षण दौरान जिन बसो में गंभीर अनियमितताएं अथवा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाए उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम, के तहत चालान करवाए एवं निर्देशित किया कि भविष्य में बसों के नियमित निरीक्षण, सुरक्षा मानकों की सतत निगरानी तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु विशेष अभियान संचालित किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण सचिव रेखा यादव, शैला फौजदार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, धौलपुर, गौरव यादव जिला परिवहन अधिकारी, दीपक शर्मा परिवहन निरीक्षक, महेश चंद एसआई (यातायात), मुकेश सिकरवार एसआई, राहुल डंडौतिया, संदीप एवं पुलिस थाना कोतवाली की टीम उपस्थित रहे।2
- धौलपुर में ईडब्ल्यूएस आरक्षण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौपा ज्ञापन धौलपुर विप्र महासभा के जिला अध्यक्ष प्रशांत तिवारी के नेतृत्व में बुधवार को धौलपुर जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया ज्ञापन में पंचायत एवं निकाय चुनावों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करने की मांग की गई ज्ञापन में कहा गया कि पंचायत राज एवं नगरीय निकाय चुनावों में ईडब्ल्यूएस वर्ग को संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप आरक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को भी स्थानीय स्वशासन में उचित प्रतिनिधित्व मिल सके इस अवसर पर बड़ी संख्या में विप्र समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे ज्ञापन देने वालों में पत्रकार रनीश तिवारी, (बार एसोसिएसन अध्यक्ष) हरिओम शर्मा, गिरीश शर्मा,ऋषिकेश भारद्वाज, नीतेश मुद्गल, राजू शर्मा, मोंटी तिवारी, विनोद शर्मा, रोहित परमार, विनय ब्राह्मण, हरेंद्र शर्मा, मोनू शर्मा, सोनू शर्मा सहित अन्य समाजजन मौजूद रहे विप्र महासभा जिला अध्यक्ष प्रशांत तिवारी ने कहा कि ईडब्ल्यूएस वर्ग को पंचायत एवं निकाय चुनावों में आरक्षण दिए जाने से सामाजिक न्याय को मजबूती मिलेगी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की भागीदारी स्थानीय शासन में बढ़ेगी4
- सिंगोरई गांव में ग्रामीण सेवा शिविर का हुआ बहिष्कार,, रास्ते में अतिक्रमण और जलभराव को लेकर आक्रोशित है ग्रामीण, @Bharat सिंगोरई गांव में ग्रामीण सेवा शिविर का हुआ बहिष्कार,, रास्ते में अतिक्रमण और जलभराव को लेकर आक्रोशित है ग्रामीण,1
- सागरपाड़ा चौकी पर लग्जरी-स्लीपर बसों की जांच, सुरक्षा मानकों में मिलीं कई खामियां धौलपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में बुधवार को सचिव रेखा यादव के नेतृत्व में संयुक्त निरीक्षण दल ने सागरपाड़ा चौकी पर लग्जरी एवं स्लीपर बसों का विशेष निरीक्षण किया। अभियान के दौरान बसों की यांत्रिक स्थिति, सुरक्षा मानकों, दस्तावेजों एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई। निरीक्षण में कई बसों में अग्निशमन यंत्र अनुपयोगी या अनुपलब्ध मिले। आपातकालीन निकास द्वार मानक के अनुरूप नहीं पाए गए तथा कई बसों में स्पष्ट संकेतक भी नहीं थे। इसके अलावा संकरे प्रवेश द्वार, असुरक्षित सीढ़ियां, प्राथमिक उपचार किट का अभाव, रिफ्लेक्टर एवं परावर्तक टेप की कमी तथा पंजीयन, फिटनेस, परमिट और बीमा सहित आवश्यक दस्तावेज भी कई वाहनों में अधूरे मिले। सचिव रेखा यादव ने बस संचालकों को सभी कमियां तत्काल दूर कर सुरक्षा उपकरण मानकों के अनुरूप लगाने, अग्निशमन यंत्रों को कार्यशील रखने, आपातकालीन निकास व्यवस्थित करने, प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध कराने तथा सभी वैध दस्तावेज अद्यतन रखने के निर्देश दिए। साथ ही जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव को गंभीर अनियमितता एवं सुरक्षा मानकों के उल्लंघन वाले वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई करने तथा नियमित निरीक्षण अभियान जारी रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान शैला फौजदार (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट), गौरव यादव (जिला परिवहन अधिकारी), दीपक शर्मा (परिवहन निरीक्षक), महेश चंद (एसआई यातायात), मुकेश सिकरवार (एसआई), राहुल डंडौतिया (स्टेनो), संदीप (कनिष्ठ सहायक) तथा कोतवाली थाना पुलिस टीम मौजूद रही।3
- बाड़ी कोतवाली थाना पुलिस की कार्यवाही, अवैध पत्थर खंडों से भरी ट्रैक्टर ट्राली को किया जप्त, आरोपी चालक को किया गिरफ्तार, बाड़ी कोतवाली थाना पुलिस की कार्यवाही, अवैध पत्थर खंडों से भरी ट्रैक्टर ट्राली को किया जप्त, आरोपी चालक को किया गिरफ्तार, मुखबिर की सूचना पर शहर के तुलसीवन रोड पर कार्यवाही, आरोपी ट्रैक्टर चालक शातिर बदमाश, शहर के तीन कोर्टो से आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, सदर थाने पर चोरी और अवैध हथियार का मामला दर्ज, कोतवाली एसएचओ महेंद्र शर्मा और टीम कर रही पूछताछ।1
- रूपवास: उप जिला अस्पताल को चैंकोरा ग्राम पंचायत में शिफ्ट का विरोध,,,, रूपवास कस्बे के दर्जनों लोगों ने बुधवार को उप जिला अस्पताल को कस्बे से 5 किलोमीटर दूर बनवाए जाने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया और उपखंड अधिकारी विष्णु बंसल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। धीरज शुक्ला के नेतृत्व में लोग उपखंड कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नगर पालिका रूपवास में पिछले पचासों वर्षों से अस्पताल रेलवे स्टेशन से मात्र 150 मीटर की दूरी पर संचालित है। यह जगह कस्बा और आसपास के पचासों गांवों के बीमार, बुजुर्ग, महिला एवं बच्चों के लिए सुविधाजनक है। लेकिन अब इसे यहां से लगभग 5 किलोमीटर दूर और नेशनल हाइवे 123 से 3 किलोमीटर दूर चैंकोरा के नगला देवीया में खसरा नंबर 1008 व 1010 पर बनाने का प्रस्ताव है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह स्थान सिरसोंदा से 7 KM और देहात के गांवों से 10-15 KM दूर है। यहां आवागमन का कोई साधन नहीं है। लोगों ने आरोप लगाया कि यह जमीन चंद राजनीतिक भूमाफियाओं ने निजी स्वार्थ में आवंटित कराई है। ज्ञापन में मांग की गई कि अस्पताल को वर्तमान स्थान पर ही रखा जाए।2