उकलाना के अग्रोहा धाम में माता महालक्ष्मी जी का महायज्ञ पूजन अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में भक्तों द्वारा 1008 पाठ करने के बाद महायज्ञ में आहुति डाली गई, जिसमें भारी संख्या में वैश्य समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बजरंग गर्ग ने अपने संबोधन में बताया कि माता लक्ष्मी जी का हवन करने से व्यक्ति को धन, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। उन्होंने इसे एक अत्यंत शक्तिशाली और पवित्र अनुष्ठान बताया, जो जीवन के आर्थिक संकटों को दूर करता है, व्यापार व उद्योग में सफलता दिलाता है और घर में सुख-शांति बनाए रखता है। गर्ग ने माता लक्ष्मी जी के आगमन से पहले मिलने वाले कुछ विशेष शुभ संकेतों पर भी प्रकाश डाला, जिनमें आर्थिक लाभ, सुख, समृद्धि और भाग्य के उदय का प्रतीक होना शामिल है। उनके अनुसार, घर में अचानक चिड़ियों का आना या उत्तर दिशा में कबूतर का घोंसला बनाना बहुत शुभ माना जाता है। इसके अलावा, सुबह-सुबह गाय माता का घर के दरवाजे पर आकर शांत खड़ा होना और शाम के समय घर के आस-पास या विशेष रूप से उल्लू का दिखाई देना अचानक धन प्राप्ति का संकेत होता है। बजरंग गर्ग ने आगे कहा कि माता लक्ष्मी जी सभी कार्यों में सफलता प्रदान करने की शक्ति रखती हैं। वे अपने भक्तों को धन, दृढ़ता, ज्ञान और आत्मज्ञान प्रदान करती हैं। उन्होंने अष्ट लक्ष्मी देवी के 8 दिव्य रूपों का भी उल्लेख किया, जिनमें आदि, धन, धान्य, गज, संतान, वीर, विद्या और विजयलक्ष्मी शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक धन, ज्ञान, साहस और उदारता जैसे विभिन्न आशीर्वादों का प्रतिनिधित्व करता है। हवन के उपरांत विशाल भंडारा का आयोजन किया गया और बजरंग गर्ग ने उपस्थित अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अनिल सिंघल, घनश्याम दास तायल, नरेंद्र गोयल, प्रदीप बंसल, कृष्ण गोपाल, मोहनलाल, मनोज गोयल, शिवकुमार मित्तल, जगमोहन गर्ग, यशपाल पवार, मुकेश गर्ग (उत्तर प्रदेश), संजय सिंगला (फतेहपुर सिकरी), रितिक जैन (रोहतक), राजेंद्र सिंगल (पंजाब), विवेक अग्रवाल (निजामाबाद), श्याम सुंदर अग्रवाल (चुरू), कुलभूषण अग्रवाल (जोधपुर), किशोर अग्रवाल, नितेश अग्रवाल (दिल्ली), चूड़िया राम गोयल (टोहाना), अनंत अग्रवाल (बरवाला), पवन गर्ग, ऋषि राज गर्ग, आनंद गोयल (हिसार), ईश्वर गोयल और रवि सिंगला (अग्रोहा) सहित भारी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
उकलाना के अग्रोहा धाम में माता महालक्ष्मी जी का महायज्ञ पूजन अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में भक्तों द्वारा 1008 पाठ करने के बाद महायज्ञ में आहुति डाली गई, जिसमें भारी संख्या में वैश्य समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बजरंग गर्ग ने अपने संबोधन में बताया कि माता लक्ष्मी जी का हवन करने से व्यक्ति को धन, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। उन्होंने इसे एक अत्यंत शक्तिशाली और पवित्र अनुष्ठान बताया, जो जीवन के आर्थिक संकटों को दूर करता है, व्यापार व उद्योग में सफलता दिलाता है और घर में सुख-शांति बनाए रखता है। गर्ग ने माता लक्ष्मी जी के आगमन से पहले मिलने वाले कुछ विशेष शुभ संकेतों
पर भी प्रकाश डाला, जिनमें आर्थिक लाभ, सुख, समृद्धि और भाग्य के उदय का प्रतीक होना शामिल है। उनके अनुसार, घर में अचानक चिड़ियों का आना या उत्तर दिशा में कबूतर का घोंसला बनाना बहुत शुभ माना जाता है। इसके अलावा, सुबह-सुबह गाय माता का घर के दरवाजे पर आकर शांत खड़ा होना और शाम के समय घर के आस-पास या विशेष रूप से उल्लू का दिखाई देना अचानक धन प्राप्ति का संकेत होता है। बजरंग गर्ग ने आगे कहा कि माता लक्ष्मी जी सभी कार्यों में सफलता प्रदान करने की शक्ति रखती हैं। वे अपने भक्तों को धन, दृढ़ता, ज्ञान और आत्मज्ञान प्रदान करती हैं। उन्होंने अष्ट लक्ष्मी देवी के 8 दिव्य रूपों का भी उल्लेख किया, जिनमें आदि, धन, धान्य, गज, संतान,
वीर, विद्या और विजयलक्ष्मी शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक धन, ज्ञान, साहस और उदारता जैसे विभिन्न आशीर्वादों का प्रतिनिधित्व करता है। हवन के उपरांत विशाल भंडारा का आयोजन किया गया और बजरंग गर्ग ने उपस्थित अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अनिल सिंघल, घनश्याम दास तायल, नरेंद्र गोयल, प्रदीप बंसल, कृष्ण गोपाल, मोहनलाल, मनोज गोयल, शिवकुमार मित्तल, जगमोहन गर्ग, यशपाल पवार, मुकेश गर्ग (उत्तर प्रदेश), संजय सिंगला (फतेहपुर सिकरी), रितिक जैन (रोहतक), राजेंद्र सिंगल (पंजाब), विवेक अग्रवाल (निजामाबाद), श्याम सुंदर अग्रवाल (चुरू), कुलभूषण अग्रवाल (जोधपुर), किशोर अग्रवाल, नितेश अग्रवाल (दिल्ली), चूड़िया राम गोयल (टोहाना), अनंत अग्रवाल (बरवाला), पवन गर्ग, ऋषि राज गर्ग, आनंद गोयल (हिसार), ईश्वर गोयल और रवि सिंगला (अग्रोहा) सहित भारी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
- पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत का महत्वपूर्ण संदेश देने के उद्देश्य से, जींद की डीसी डॉ. वैशाली शर्मा की पहल के बाद, गुरुवार को उचाना के एसडीएम रमित यादव भी ई-रिक्शा से अपने कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह, जो उनका अस्थायी आवास है, से लगभग तीन किलोमीटर का सफर अपने स्टाफ के साथ ई-रिक्शा में तय किया। एसडीएम को इस तरह कार्यालय पहुँचते देख वहाँ मौजूद कर्मचारी और आमजन आश्चर्यचकित रह गए। इस पहल के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय-समय पर दिए गए पर्यावरण संरक्षण और पेट्रोल-डीजल की बचत के संदेश से मिली प्रेरणा है। एसडीएम रमित यादव ने इस दौरान सभी कर्मचारियों और आमजन से अपील की कि वे अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों तथा सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। उन्होंने जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। रमित यादव ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी होने के नाते सिर्फ नीतियां बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन पर स्वयं अमल करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ई-रिक्शा और सार्वजनिक परिवहन अपनाने से न केवल ईंधन की बचत होती है और प्रदूषण कम होता है, बल्कि इससे आमजन को होने वाली परेशानियों और सड़क की वास्तविक स्थिति को समझने का भी अवसर मिलता है। उन्होंने जींद की डीसी डॉ. वैशाली शर्मा के ई-रिक्शा उपयोग और उचाना के विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री के लगातार बस में सफर करने जैसे उदाहरण भी साझा किए, जो सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दे रहे हैं। एसडीएम ने अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण करें, सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाकर हरित भविष्य के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।1
- धौलपुर जिले के राजाखेड़ा में वन विभाग ने एक नीलगाय का सफल रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया, जिससे आमजन को नीलगाय के आतंक से राहत मिली है। यह नीलगाय एक निजी स्कूल के आसपास घूमकर लोगों पर हमला करती थी, जिससे आम जनता में चिंता का माहौल था। राजाखेड़ा वन विभाग के कर्मचारी अमर तिवारी ने बताया कि एक निजी स्कूल स्टाफ ने उन्हें सूचित किया था कि नीलगाय स्कूल परिसर के पास घूमती है और लोगों को देखकर हमला करने के लिए दौड़ती है। स्कूल स्टाफ ने वन विभाग से नीलगाय को दूरदराज के जंगलों में छोड़ने का आग्रह किया था, ताकि स्कूल के बच्चों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। बुधवार को इसी नीलगाय के हमले में राजाखेड़ा में एक अधेड़ महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसे इलाज के लिए राजाखेड़ा के शहीद राघवेंद्र सिंह समुदाय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। क्षेत्रीय वन अधिकारी राजाखेड़ा के निर्देशन में वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों की मदद से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नीलगाय को सफलतापूर्वक काबू में किया गया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने नीलगाय को वाहन से धौलपुर स्थित केशर बाग सेंचुरी पहुंचाया और वहां सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया। वन विभाग के इस त्वरित और संवेदनशील प्रयास से क्षेत्र के निवासियों ने राहत की सांस ली है।1
- हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन ने हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के संबंध में भिवानी में एक पत्रकार वार्ता की।1
- किसान सभा हरियाणा ने एक बड़ा ऐलान किया है, जिसके तहत उन्होंने सिंचाई मंत्री के कार्यालय का घेराव किया। इस कार्रवाई के बाद यह जानने का आह्वान किया गया है कि किसान सभा की प्रमुख मांगें क्या हैं।1
- DICCI हरियाणा के अध्यक्ष महाबीर सिंह ने किसी भी वर्ग की महिलाओं और अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) के युवाओं के लिए एक सुनहरे अवसर की घोषणा की है। उनके अनुसार, अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्ति और कोई भी महिला बिना किसी गारंटी के एक करोड़ रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकती है। इस योजना में 25% तक की सब्सिडी का प्रावधान भी है। महाबीर सिंह ने युवाओं को नौकरी खोजने के बजाय व्यवसायी बनने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि वे इस मौके का लाभ उठा सकें।1
- भिवानी से एक घटना सामने आई है जहाँ श्री श्याम क्लॉथ स्टोर पर दो महिलाओं को सामान चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। पोस्ट में इन महिलाओं को चोर बताया गया है और दावा किया गया है कि चोरी की वारदात का एक वीडियो भी उपलब्ध है। सभी से अपील की गई है कि इन महिला चोरों को पकड़वाने में सहयोग करें और इस वीडियो को अधिक से अधिक साझा करें।1
- फतेहाबाद के एमएम कॉलेज गेट पर कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 24वें दिन भी प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान, उन्होंने अर्धनग्न प्रदर्शन करते हुए अपनी बात रखी। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर चले जाएंगे।1
- वेनेजुएला में आए भूकंप के कारण व्यापक विनाश हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस त्रासदी में 1 लाख लोगों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी तक इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है, ताकि पीड़ितों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके।1