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कासगंज जिले के अतरौली स्थित एक निजी अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
देवेन्द्र प्रताप सिंह
कासगंज जिले के अतरौली स्थित एक निजी अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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- कासगंज जिले के अतरौली स्थित एक निजी अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1
- कासगंज जिले के सुन्नगढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगा नदी में 25 जून 2026 की सुबह नहाते समय तीन बच्चों के डूबने की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुँची। पुलिस ने तत्काल गोताखोरों की मदद से एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। तलाश अभियान के दौरान, पानी में डूबीं दो बच्चियों के शव भी बरामद कर लिए गए। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और इस संबंध में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। यह जानकारी सहावर के क्षेत्राधिकारी दुर्गेश कुमार मिश्र द्वारा दी गई।1
- कासगंज के सोरों जी स्थित भगवान वराह की नगरी शूकरक्षेत्र में 25 जून 2026 को निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी में पवित्र स्नान किया, भगवान वराह नारायण का पूजन-अर्चन किया और पंचकोशीय परिक्रमा में सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया, जिससे संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा। ब्राह्मण कल्याण सभा के संस्थापक अध्यक्ष और शूकरक्षेत्र समाज सेवा समिति के संयोजक श्री शरद कुमार पाण्डेय के संयोजन में प्रातः 6:30 बजे भगवान वराह मंदिर, हरि की पौड़ी से पंचकोशीय परिक्रमा का भव्य शुभारंभ हुआ। इस दौरान श्रद्धालु "ॐ जय गंगे", "ॐ जय वराह", "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" जैसे धार्मिक जयघोषों के साथ हरिनाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़े, जिससे संकीर्तन की गूंज से परिक्रमा क्षेत्र गूंज उठा। हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी को सभी 24 एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है, जिसे भीमसेनी या पांडव एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन श्रद्धालु बिना अन्न और जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की आराधना करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस एक दिन के व्रत से वर्षभर की समस्त एकादशियों के समान पुण्य प्राप्त होता है तथा पापों का नाश होकर मोक्ष की प्राप्ति होती है। परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने वराह गौशाला, चक्रतीर्थ, सूर्यकुण्ड, चन्द्रकुण्ड, जया देवी भद्रकाली मंदिर, बटुक भैरव मंदिर, प्राचीन गृद्धवट, ग्राम देवी मंदिर, सीताराम मंदिर, तुलसीदास जन्मस्थान मंदिर, चौरासी घंटे वाली मैया तथा बाछरू महाराज सहित अनेक पवित्र स्थलों के दर्शन किए। पंचकोशीय परिक्रमा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शरबत, फल, प्रसाद एवं विश्राम की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई। सीता रसोई, ममता देवी भवन (प्रेम जी की बगीची), सिग्नल वाले महाराज सहित अनेक स्थानों पर समाजसेवियों ने निःस्वार्थ भाव से श्रद्धालुओं की सेवा कर धर्मलाभ अर्जित किया। यह परिक्रमा सेडूनगला होते हुए बाछरू महाराज स्थल पहुँची, जहाँ श्रद्धालुओं ने विश्राम किया और देव दर्शन किए। इसके पश्चात श्रद्धालु सीता जी की रसोई पहुँचे, जहाँ महादेव मंदिर के दर्शन कर प्रसादी ग्रहण की। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय, प्रसाद एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्था थी। इसके बाद श्रद्धालु करुआ देव महाराज, भगीरथ गुफा, कपिल मुनि आश्रम, वनखंडेश्वर महादेव मंदिर तथा चैतन्य महाप्रभु की बैठक के दर्शन करते हुए पुनः भगवान वराह मंदिर पहुँचे और अपनी परिक्रमा पूर्ण की। इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि शूकरक्षेत्र धाम की पंचकोशीय परिक्रमा एवं हरि की पौड़ी में स्नान कर भगवान वराह नारायण का पूजन-अर्चन करने से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्यफल प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, निर्जला एकादशी का व्रत एवं शूकरक्षेत्र धाम की पंचकोशीय परिक्रमा करने से दस हजार वर्षों की तपस्या के समान पुण्य प्राप्त होता है तथा व्यक्ति के ज्ञात-अज्ञात पापों का नाश होकर विष्णुलोक की प्राप्ति होती है। यह विशाल धार्मिक आयोजन शूकरक्षेत्र धाम सोरों की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत एवं जनआस्था का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा, जिसमें श्रद्धालुओं के उत्साह, भक्ति और सेवा भाव ने सम्पूर्ण क्षेत्र को धर्ममय वातावरण से भर दिया। इस पावन अवसर पर शरद कुमार पाण्डेय, शिवानंद उपाध्याय, अशोक कुमार पाण्डेय, शशांक दीक्षित, हाकिम सिंह, विनोद दीक्षित, राजकुमार गौड़, प्रवीण कुमार द्विवेदी, योगेश उपाध्याय, श्याम किशोर वर्मा, सचिन गुप्ता, लाखन सिंह, ईश्वरी प्रसाद, खूब सिंह, अभय भारद्वाज, प्रदीप उपाध्याय, रामदयाल, जितेंद्र कुमार हल्दिया, राधाकृष्ण विजय, संजय मौनी, वीरेंद्र सिंह, राजपाल सिंह और गिरिजाशंकर पाठक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर भगवान वराह का आशीर्वाद प्राप्त किया।3
- बदायूं में मोहर्रम के त्योहार के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है। इसी क्रम में, एडीएम (ई) और एसपी सिटी ने शहर के संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का गहन जायजा लिया। इस दौरान, अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं।1
- बदायूं के सहसवान कोतवाली क्षेत्र के बाजपुर गांव में मामूली बात को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान दोनों तरफ से लाठी-डंडे चले, जिसमें कई लोग घायल हो गए। मारपीट की इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायल व्यक्तियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।1
- साहिल देसवाल ने हाल ही में अपने मन की बात साझा करते हुए बताया है कि वायरल होने का अनुभव उनके लिए एक साथ अच्छा और बुरा, दोनों रहा है। उन्होंने इस स्थिति पर अपनी दिल की मिली-जुली भावनाओं को व्यक्त किया है।1
- बदायूं के दातागंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम समरेर में खरीदारी के दौरान हुए विवाद के बाद एक युवक से मारपीट का आरोप सामने आया है। जानकारी के अनुसार, परमल खरीदने गए युवक को एक दुकानदार ने पीट दिया। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पीड़ित युवक ने इस मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है, जिसके बाद स्थानीय पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- बदायूं के थाना बिनावर क्षेत्र में बरेली-मथुरा हाईवे पर हुए एक सड़क हादसे के दौरान मौके पर पहुंची डायल 112 पुलिस की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें डायल 112 पर तैनात एक सिपाही सरेराह एक युवक को थप्पड़ मारता हुआ दिखाई दे रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी, और इसी दौरान किसी बात को लेकर सिपाही और युवक के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद सिपाही ने युवक पर हाथ उठा दिया। यह घटना वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन में कैद कर ली थी। वीडियो वायरल होने के बाद से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली पुलिस को सार्वजनिक स्थानों पर संयम और मर्यादा का परिचय देना चाहिए, क्योंकि इस तरह की कार्रवाई से पुलिस की छवि प्रभावित होती है। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हो सकी है, और इस मामले में पुलिस अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान भी सामने नहीं आया है। पुलिस विभाग ने संकेत दिया है कि यदि वीडियो की जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, यह वायरल वीडियो क्षेत्र में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है, और लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।1