नैरोगेज भाप का इंजन बांदीकुई जंक्शन पहुंचा,2600 किमी दूर तिरुचिरापल्ली से आया, गेट पर प्रदर्शनी के रूप में रखा जाएगा बांदीकुई।। जंक्शन पर मंगलवार को नैरोगेज लाइन का एक भाप का इंजन पहुंचा। इसे रेलवे द्वारा जंक्शन के प्रथम प्रवेशद्वार के बाहर प्रदर्शनी के रूप में रखा जाएगा। यह इंजन तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से 2600 किलोमीटर का सफर तय कर एक ट्रक से लाया गया है।इस इंजन का वजन 11 टन है। रेलवे ने इसे तैयार करवाने में 55 लाख रुपये खर्च किए हैं। यह इंजन अंग्रेजों के जमाने में देश में सबसे पहले ट्रेनों को खींचने वाले इंजनों में से एक था।विधायक ने रेलमंत्री से प्रदर्शनी की मांग की थी।बांदीकुई का रेलवे से 150 साल पुराना संबंध है, जहां वर्षों तक यात्री ट्रेनों का संचालन भाप के इंजनों से होता रहा है। इस इतिहास को फिर से प्रदर्शित करने के उद्देश्य से विधायक भागचंद टांकड़ा ने हाल ही में रेलमंत्री से बांदीकुई जंक्शन पर भाप का इंजन प्रदर्शनी के लिए रखने की मांग की थी।रेलवे ने एक माह पहले यहां भाप का इंजन रखने की अनुमति जारी की थी। इसके बाद नैरोगेज का यह भाप का इंजन तिरुचिरापल्ली स्थित गोल्डन रॉक वर्कशॉप में विशेष रूप से तैयार करवाया गया।प्लेटफार्म तैयार किया गया।एक सप्ताह पहले इस भाप के इंजन को ट्रक में रखकर बांदीकुई के लिए रवाना किया गया था। मंगलवार को इसके पहुंचने पर इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। स्टेशन अधीक्षक मनोज बैरवा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर हरिमन मीणा और सीएमआई शिव कुमार सहित अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। क्रेन की सहायता से इंजन को ट्रक से उतारकर प्रथम प्रवेशद्वार के बाहर बने प्लेटफार्म पर स्थापित किया गया।रेलवे ने भाप के इंजन को संग्रहालय के तौर पर रखने के लिए प्लेटफार्म तैयार कर लिया है। इसे सुरक्षित करने के लिए बेल्ट से बांधा जाएगा और चारों ओर लॉन तैयार कर सजावट के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।
नैरोगेज भाप का इंजन बांदीकुई जंक्शन पहुंचा,2600 किमी दूर तिरुचिरापल्ली से आया, गेट पर प्रदर्शनी के रूप में रखा जाएगा बांदीकुई।। जंक्शन पर मंगलवार को नैरोगेज लाइन का एक भाप का इंजन पहुंचा। इसे रेलवे द्वारा जंक्शन के प्रथम प्रवेशद्वार के बाहर प्रदर्शनी के रूप में रखा जाएगा। यह इंजन तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से 2600 किलोमीटर का सफर तय कर एक ट्रक से लाया गया है।इस इंजन का वजन 11 टन है। रेलवे ने इसे तैयार करवाने में 55 लाख रुपये खर्च किए हैं। यह इंजन अंग्रेजों के जमाने में देश में सबसे पहले ट्रेनों को खींचने वाले इंजनों में से एक था।विधायक ने रेलमंत्री से प्रदर्शनी की मांग की थी।बांदीकुई का रेलवे से 150 साल पुराना संबंध है, जहां वर्षों तक यात्री ट्रेनों का संचालन भाप के इंजनों से होता रहा है। इस इतिहास को फिर से प्रदर्शित करने के उद्देश्य से विधायक भागचंद टांकड़ा ने हाल ही में रेलमंत्री से बांदीकुई जंक्शन पर भाप का इंजन प्रदर्शनी के लिए रखने की मांग की थी।रेलवे ने एक माह पहले यहां भाप का इंजन रखने की अनुमति जारी की थी। इसके बाद नैरोगेज का यह भाप का इंजन तिरुचिरापल्ली स्थित गोल्डन रॉक वर्कशॉप में विशेष रूप से तैयार करवाया गया।प्लेटफार्म तैयार किया गया।एक सप्ताह पहले इस भाप के इंजन को ट्रक में रखकर बांदीकुई के लिए रवाना किया गया था। मंगलवार को इसके पहुंचने पर इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। स्टेशन अधीक्षक मनोज बैरवा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर हरिमन मीणा और सीएमआई शिव कुमार सहित अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। क्रेन की सहायता से इंजन को ट्रक से उतारकर प्रथम प्रवेशद्वार के बाहर बने प्लेटफार्म पर स्थापित किया गया।रेलवे ने भाप के इंजन को संग्रहालय के तौर पर रखने के लिए प्लेटफार्म तैयार कर लिया है। इसे सुरक्षित करने के लिए बेल्ट से बांधा जाएगा और चारों ओर लॉन तैयार कर सजावट के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।
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- बांदीकुई : राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय धपावन कला, ब्लॉक– बसवा, में पढ़ने वाले समस्त छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग वितरित किया गया इस मौके पर बसवा ब्लॉक CBEO , ऐंचेडी प्रिंसिपल राम भरोसी मीना , स्थानीय विद्यालय की प्रधानाध्यापिका हेमलता , राधामोहन शर्मा अध्यापक , सुरेश गुरुजी सहित अन्य लोगों की रही उपस्थिति1
- बांदीकुई।। जंक्शन पर मंगलवार को नैरोगेज लाइन का एक भाप का इंजन पहुंचा। इसे रेलवे द्वारा जंक्शन के प्रथम प्रवेशद्वार के बाहर प्रदर्शनी के रूप में रखा जाएगा। यह इंजन तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से 2600 किलोमीटर का सफर तय कर एक ट्रक से लाया गया है।इस इंजन का वजन 11 टन है। रेलवे ने इसे तैयार करवाने में 55 लाख रुपये खर्च किए हैं। यह इंजन अंग्रेजों के जमाने में देश में सबसे पहले ट्रेनों को खींचने वाले इंजनों में से एक था।विधायक ने रेलमंत्री से प्रदर्शनी की मांग की थी।बांदीकुई का रेलवे से 150 साल पुराना संबंध है, जहां वर्षों तक यात्री ट्रेनों का संचालन भाप के इंजनों से होता रहा है। इस इतिहास को फिर से प्रदर्शित करने के उद्देश्य से विधायक भागचंद टांकड़ा ने हाल ही में रेलमंत्री से बांदीकुई जंक्शन पर भाप का इंजन प्रदर्शनी के लिए रखने की मांग की थी।रेलवे ने एक माह पहले यहां भाप का इंजन रखने की अनुमति जारी की थी। इसके बाद नैरोगेज का यह भाप का इंजन तिरुचिरापल्ली स्थित गोल्डन रॉक वर्कशॉप में विशेष रूप से तैयार करवाया गया।प्लेटफार्म तैयार किया गया।एक सप्ताह पहले इस भाप के इंजन को ट्रक में रखकर बांदीकुई के लिए रवाना किया गया था। मंगलवार को इसके पहुंचने पर इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। स्टेशन अधीक्षक मनोज बैरवा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर हरिमन मीणा और सीएमआई शिव कुमार सहित अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। क्रेन की सहायता से इंजन को ट्रक से उतारकर प्रथम प्रवेशद्वार के बाहर बने प्लेटफार्म पर स्थापित किया गया।रेलवे ने भाप के इंजन को संग्रहालय के तौर पर रखने के लिए प्लेटफार्म तैयार कर लिया है। इसे सुरक्षित करने के लिए बेल्ट से बांधा जाएगा और चारों ओर लॉन तैयार कर सजावट के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।1
- सैनी समाज आरक्षण आंदोलन विधानसभा घेराव को लेकर लोटवाड़ा बाजार आज 25 तारीख सभी दुकान बंद रही2
- शिक्षा मंदिर पर लटका रहा ताला, 10:10 बजे तक गेट पर खड़े रहे मासूम जिम्मेदार शिक्षकों की गैरहाजिरी से खुली लापरवाही की पोल, विभाग की कार्यशैली कटघरे में कुंडल। मुख्यालय स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्राथमिक विंग में मंगलवार को जो दृश्य सामने आया, उसने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की गंभीर सच्चाई उजागर कर दी। विद्यालय समय पर खुलना तो दूर, सुबह 10 बजकर 10 मिनट तक मुख्य गेट पर ताला लटका रहा और नौनिहाल बच्चे बैग टांगे गेट के बाहर खड़े इंतजार करते रहे। जिस समय कक्षाओं में पढ़ाई शुरू हो जानी चाहिए थी, उस समय मासूम बच्चे सड़क किनारे खड़े होकर जिम्मेदार शिक्षकों की राह ताकते नजर आए। न कोई अध्यापक मौजूद, न कोई वैकल्पिक व्यवस्था — यह स्थिति साफ बताती है कि विद्यालय प्रशासन को बच्चों के भविष्य से कोई सरोकार नहीं रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सीधी-सीधी लापरवाही नहीं बल्कि कर्तव्यहीनता है। सरकारी वेतन समय पर लेने वाले कर्मचारी यदि समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते तो यह जनता के टैक्स और बच्चों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है। अभिभावकों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि निजी विद्यालयों में ऐसी लापरवाही होती तो तुरंत कार्रवाई हो जाती, लेकिन सरकारी स्कूलों में ढिलाई आम बात बनती जा रही है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि संबंधित प्रधानाध्यापक और ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों के खिलाफ तत्काल विभागीय जांच बैठाकर निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही विद्यालय में समयपालन सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट जवाबदेही तय की जाए। यह घटना केवल एक दिन की देरी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर करारा तमाचा है जो बच्चों को अनुशासन सिखाने का दावा करती है। अब देखना यह है कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी कागजों में दबा दिया3
- शिक्षक पर हमला घटना श्रीडूंगरगढ़ (बीकानेर) जाति प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर से इनकार करने पर स्कूल प्रिंसिपल पर हमला1
- फाल्गुन माह के उपलक्ष में महिला मित्र मंडल द्वारा होली पर्व पर रंगारंग भजनों का कार्यक्रम बस्सी योगेश कुमार गुप्ता बांसखोह कस्बा स्थित जांगिड़ मोहल्ले में फाल्गुन माह के उपलक्ष में महिला मित्र मंडल द्वारा होली पर्व पर रंगारंग भजनों का कार्यक्रम किया गया इस मौके पर महिलाओं द्वारा रंगारंग भजन होली आई रे फागुन रे मस्ती छाई बाई री होली खेलगा नंदलाल कई तरह के रंगारंग भजनों का कार्यक्रम किया गया इस मौके पर महिलाएं रंगारंग भजनों का आनंद लेते हुए नाचते गाते हुए नजर आए इस दौरान महिलाओं में काफी उत्साह दिखाई दिया4
- बांदीकुई : मैं दलित विधायक न होता तो निलंबन तय था, विधानसभा में दौसा विधायक ने DC बैरवा का सरकार पर आरोप !1