चंबा शहर का सबसे बड़ा वार्ड सुल्तानपुर इन दिनों सार्वजनिक शौचालयों की भारी कमी से जूझ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े और घनी आबादी वाले वार्ड में वर्तमान में केवल एक ही सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध है, जो यहां की जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह से नाकाफी साबित हो रहा है। सार्वजनिक शौचालयों की कमी के कारण स्थानीय निवासियों के साथ-साथ महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और बाहर से आने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। स्वच्छता सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र में गंदगी बढ़ रही है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। यह स्थिति स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों पर भी सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर वे कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का मानना है कि इतने बड़े वार्ड में पर्याप्त सार्वजनिक शौचालयों का न होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। वार्डवासियों ने प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि सुल्तानपुर वार्ड में विभिन्न स्थानों पर शीघ्र पर्याप्त संख्या में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जाए, ताकि आम जनता को इस समस्या से राहत मिल सके और स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। बाइट स्थानीय निवासी।
चंबा शहर का सबसे बड़ा वार्ड सुल्तानपुर इन दिनों सार्वजनिक शौचालयों की भारी कमी से जूझ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े और घनी आबादी वाले वार्ड में वर्तमान में केवल एक ही सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध है, जो यहां की जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह से नाकाफी साबित हो रहा है। सार्वजनिक शौचालयों की कमी के कारण स्थानीय निवासियों के साथ-साथ महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और बाहर से आने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। स्वच्छता सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र में गंदगी बढ़ रही है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी
लगातार बढ़ता जा रहा है। यह स्थिति स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों पर भी सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर वे कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का मानना है कि इतने बड़े वार्ड में पर्याप्त सार्वजनिक शौचालयों का न होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। वार्डवासियों ने प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि सुल्तानपुर वार्ड में विभिन्न स्थानों पर शीघ्र पर्याप्त संख्या में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जाए, ताकि आम जनता को इस समस्या से राहत मिल सके और स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। बाइट स्थानीय निवासी।
- चंबा शहर का सबसे बड़ा वार्ड सुल्तानपुर इन दिनों सार्वजनिक शौचालयों की भारी कमी से जूझ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े और घनी आबादी वाले वार्ड में वर्तमान में केवल एक ही सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध है, जो यहां की जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह से नाकाफी साबित हो रहा है। सार्वजनिक शौचालयों की कमी के कारण स्थानीय निवासियों के साथ-साथ महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और बाहर से आने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। स्वच्छता सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र में गंदगी बढ़ रही है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। यह स्थिति स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों पर भी सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर वे कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का मानना है कि इतने बड़े वार्ड में पर्याप्त सार्वजनिक शौचालयों का न होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। वार्डवासियों ने प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि सुल्तानपुर वार्ड में विभिन्न स्थानों पर शीघ्र पर्याप्त संख्या में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जाए, ताकि आम जनता को इस समस्या से राहत मिल सके और स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। बाइट स्थानीय निवासी।2
- चम्बा जिला के बरोर पंचायत के गांव छमैरी, सैल व ऊपरली छमैरी के लोग आज उपायुक्त चम्बा से मिले और गांव तक सड़क सुविधा न होने को लेकर ज्ञापन सौंपा1
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- जोगिंदर नगर के सारली गांव में चोरी की वारदात, चोरों ने बच्चों के स्कूल बैग तक खंगाले।1
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- सड़क किनारे का यह अनोखा नज़ारा सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ कुत्ते एक कुत्ते के सामने बैठकर ऐसे दिखाई दे रहे हैं जैसे आशीर्वाद ले रहे हों। लोग इसे मज़ाक में “बाबा डॉगेश्वर जी” कह रहे हैं। मासूमियत और भावनाओं से भरा यह दृश्य लोगों को खूब पसंद आ रहा है और इंटरनेट पर हंसी के साथ पॉजिटिव वाइब्स फैला रहा है। #ViralVideo #DogLovers #InternetSensation #FunnyReels #CuteAnimals #WholesomeContent1
- हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालकों की सुविधा के लिए पशुपालन विभाग की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब पशुओं के बीमार या घायल होने की स्थिति में 1962 टोल फ्री नंबर पर कॉल करने से पशु एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करवाई जाएगी। पशुपालन विभाग में कार्यरत डॉ. अनमोल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सेवा का उद्देश्य पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध करवाना और पशुपालकों को बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना है। एंबुलेंस के माध्यम से प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा प्राथमिक उपचार के साथ-साथ आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाएं मौके पर ही दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि यह सेवा विशेष रूप से दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी, जहां पशु अस्पताल तक पहुंचने में कठिनाई होती है। सरकार की इस पहल से पशुओं की मृत्यु दर में कमी आएगी और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से भी बचाया जा सकेगा। डॉ. अनमोल ने पशुपालकों से अपील की है कि पशुओं से संबंधित किसी भी आपात स्थिति में 1962 नंबर पर तुरंत संपर्क करें और इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ बाइट डॉ अनमोल।1