एनएच की स्ट्रीट लाइटें हुईं ‘गायब’, अंधेरे में जनता-कांग्रेस का सवाल, 20 फीट ऊंचाई से लाइटें उतरीं तो जिम्मेदारों को भनक तक क्यों नहीं लगी? मनेंद्रगढ़/एमसीबी। विकास और सुशासन के दावों के बीच मनेंद्रगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की स्ट्रीट लाइटों के गायब होने का मामला अब सियासी तकरार का मुद्दा बन गया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाते हुए सिटी कोतवाली पहुंचकर शिकायत की और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने सवाल उठाया कि बैकुंठपुर से मनेंद्रगढ़ की ओर आने वाले एनएच पर डिवाइडर की शुरुआत से नगर पालिका सीमा तक बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें गायब हैं। रात के समय मार्ग का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। मिश्रा ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि 20 फीट से अधिक ऊंचाई पर लगी स्ट्रीट लाइटें आखिर जमीन पर आए बिना गायब कैसे हो गईं? यदि इन्हें हटाया गया या चोरी किया गया तो इसके लिए लिफ्टर अथवा बकेट वाहन की जरूरत पड़ी होगी। ऐसे में क्षेत्र में संचालित हाइड्रोलिक लिफ्टर वाहनों की जानकारी जुटाने और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने से सच्चाई सामने आ सकती है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में सरकारी संपत्ति गायब होने के बावजूद संबंधित विभाग को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगी। क्या सरकारी संपत्ति की निगरानी केवल कागजों तक सीमित है? यदि चोरी हुई है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई और यदि किसी स्तर से लाइटें हटाई गईं तो इसकी अनुमति किसने दी? कांग्रेस नेताओं ने यह आशंका भी जताई कि कहीं किसी नगरीय निकाय की व्यवस्था संबंधी कमी को छिपाने के लिए एनएच की स्ट्रीट लाइटों को हटाने का प्रयास तो नहीं किया गया। हालांकि कांग्रेस ने इस पहलू को जांच का विषय बताते हुए कहा कि किसी अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। कांग्रेस नेता व्यंकटेश सिंह ने कहा कि एनएच जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर रोशनी की व्यवस्था प्रभावित होना केवल सरकारी संपत्ति का मामला नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़ा विषय है। वहीं महामंत्री स्नेहिल शुक्ला ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लाइटों का गायब होना सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। मंडल अध्यक्ष दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि इतनी ऊंचाई पर लगी लाइटों को हटाने के लिए विशेष उपकरणों की आवश्यकता होती है। इसलिए क्षेत्र में संचालित लिफ्टर और बकेट वाहनों की जानकारी जुटाने के साथ सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जानी चाहिए। पार्षद इमरान खान और यश ताम्रकार ने तत्काल गायब लाइटों को बरामद कर पुनः स्थापित कराने की मांग की। कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, लिफ्टर वाहनों की पहचान की जाए, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं, लाइटें हटाने वालों की पहचान की जाए और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए। साथ ही गायब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल पुनः स्थापित कराया जाए। सौरव मिश्रा ने कहा कि जनता को अंधेरे में छोड़कर विकास और सुशासन के दावों का क्या अर्थ है? उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग की सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी और इतनी बड़ी संख्या में लाइटें गायब होने के बावजूद जिम्मेदार तंत्र अब तक मौन क्यों रहा। इस दौरान सौरव मिश्रा, व्यंकटेश सिंह, स्नेहिल शुक्ला, रंजन शर्मा, अजीत सिंह, शुभम सिंह, यश ताम्रकार, पार्षद इमरान खान, रामगोपाल यादव, संजय यादव, दीपक श्रीवास्तव, आकाश सहित कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
एनएच की स्ट्रीट लाइटें हुईं ‘गायब’, अंधेरे में जनता-कांग्रेस का सवाल, 20 फीट ऊंचाई से लाइटें उतरीं तो जिम्मेदारों को भनक तक क्यों नहीं लगी? मनेंद्रगढ़/एमसीबी। विकास और सुशासन के दावों के बीच मनेंद्रगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की स्ट्रीट लाइटों के गायब होने का मामला अब सियासी तकरार का मुद्दा बन गया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाते हुए सिटी कोतवाली पहुंचकर शिकायत की और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने सवाल उठाया कि बैकुंठपुर से मनेंद्रगढ़ की ओर आने वाले एनएच पर डिवाइडर की शुरुआत से नगर पालिका सीमा तक बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें गायब हैं। रात के समय मार्ग का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। मिश्रा ने
कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि 20 फीट से अधिक ऊंचाई पर लगी स्ट्रीट लाइटें आखिर जमीन पर आए बिना गायब कैसे हो गईं? यदि इन्हें हटाया गया या चोरी किया गया तो इसके लिए लिफ्टर अथवा बकेट वाहन की जरूरत पड़ी होगी। ऐसे में क्षेत्र में संचालित हाइड्रोलिक लिफ्टर वाहनों की जानकारी जुटाने और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने से सच्चाई सामने आ सकती है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में सरकारी संपत्ति गायब होने के बावजूद संबंधित विभाग को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगी। क्या सरकारी संपत्ति की निगरानी केवल कागजों तक सीमित है? यदि चोरी हुई है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई और यदि किसी स्तर से लाइटें हटाई गईं तो इसकी अनुमति किसने दी? कांग्रेस नेताओं ने यह आशंका भी जताई कि कहीं किसी नगरीय निकाय की व्यवस्था संबंधी कमी को छिपाने के लिए एनएच की स्ट्रीट
लाइटों को हटाने का प्रयास तो नहीं किया गया। हालांकि कांग्रेस ने इस पहलू को जांच का विषय बताते हुए कहा कि किसी अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। कांग्रेस नेता व्यंकटेश सिंह ने कहा कि एनएच जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर रोशनी की व्यवस्था प्रभावित होना केवल सरकारी संपत्ति का मामला नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़ा विषय है। वहीं महामंत्री स्नेहिल शुक्ला ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लाइटों का गायब होना सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। मंडल अध्यक्ष दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि इतनी ऊंचाई पर लगी लाइटों को हटाने के लिए विशेष उपकरणों की आवश्यकता होती है। इसलिए क्षेत्र में संचालित लिफ्टर और बकेट वाहनों की जानकारी जुटाने के साथ सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जानी चाहिए। पार्षद इमरान खान और यश ताम्रकार
ने तत्काल गायब लाइटों को बरामद कर पुनः स्थापित कराने की मांग की। कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, लिफ्टर वाहनों की पहचान की जाए, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं, लाइटें हटाने वालों की पहचान की जाए और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए। साथ ही गायब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल पुनः स्थापित कराया जाए। सौरव मिश्रा ने कहा कि जनता को अंधेरे में छोड़कर विकास और सुशासन के दावों का क्या अर्थ है? उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग की सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी और इतनी बड़ी संख्या में लाइटें गायब होने के बावजूद जिम्मेदार तंत्र अब तक मौन क्यों रहा। इस दौरान सौरव मिश्रा, व्यंकटेश सिंह, स्नेहिल शुक्ला, रंजन शर्मा, अजीत सिंह, शुभम सिंह, यश ताम्रकार, पार्षद इमरान खान, रामगोपाल यादव, संजय यादव, दीपक श्रीवास्तव, आकाश सहित कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
- नर्मदा उद्गम से निकली आस्था की कांवड़‘हर हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठी अनूपपूर - सारस डोली के 51 शिवभक्त कांवरियों ने नर्मदा उद्गम कुंड से पवित्र जल लेकर शुरू की सात दिवसीय पदयात्रा कांवड़ यात्र मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में श्रावण मास की पुण्य बेला में शनिवार, 8 अगस्त 2026 को आस्था, भक्ति और शिव आराधना का अद्भुत दृश्य साकार हुआ। डिंडोरी जिले के सारस डोली से आए 51 शिवभक्त कांवरियों ने मां नर्मदा के पावन उद्गम कुंड से विधिवत पूजा-अर्चना कर पवित्र नर्मदा जल अपनी कांवड़ में धारण किया और भगवान भोलेनाथ के जयघोष के साथ सात दिवसीय पदयात्रा कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया। प्रातः लगभग 10 बजे प्रारंभ हुई इस धार्मिक यात्रा में शिवभक्त कांवरियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कांवड़ में नर्मदा जल धारण किए श्रद्धालु ‘हर हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘जय मां नर्मदा’ के जयघोष करते हुए भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। पूरी यात्रा श्रद्धा, संकल्प और शिवभक्ति की त्रिवेणी का अनुपम संगम बनी हुई है। कांवरिया दल द्वारा भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा के साथ शिवलिंग, भगवान हनुमान जी महाराज, भगवान कार्तिकेय स्वामी तथा प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी की आकर्षक प्रतिमाओं को सुसज्जित वाहन में विराजमान किया गया है। वाहन पर विराजित देव प्रतिमाओं के दर्शन तथा डीजे पर गूंजते मधुर भजन-कीर्तन से यात्रा मार्ग आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा। नर्मदा उद्गम से जल धारण कर निकली यह कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि मां नर्मदा की पावन धाराओं को भगवान शिव के चरणों तक पहुंचाने वाली श्रद्धा और संकल्प की आध्यात्मिक यात्रा है। मान्यता है कि मां नर्मदा स्वयं भगवान शिव की आराध्या एवं शिव से अभिन्न रूप से जुड़ी पवित्र नदी हैं। इसी आस्था के साथ शिवभक्त नर्मदा जल को कांवड़ में धारण कर अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए आगे बढ़ रहे हैं। सात दिवसीय पदयात्रा पूर्ण करने के उपरांत सारस डोली पहुंचकर कांवरिया दल द्वारा भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा के समक्ष विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन, जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक किया जाएगा। इस अवसर पर नर्मदा उद्गम से लाए गए पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक कर सुख-शांति, समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की जाएगी। श्रावण मास में नर्मदा उद्गम की पावन धरती से प्रारंभ हुई यह यात्रा अमरकंटक की उस सनातन आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत स्वरूप है, जहां नर्मदा की कल-कल धारा और शिवभक्ति का जयघोष मिलकर भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित करते हैं। 51 शिवभक्तों का यह कांवड़ दल आस्था, अनुशासन और भक्ति के साथ अपने गंतव्य की ओर अग्रसर है।1
- प्रधानमंत्री मोदी ने PM-VBRY Incentive Disbursal Programme में लिया भाग 🇮🇳 PM-VBRY के तहत प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम में PM Modi की सहभागिता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM-VBRY के तहत आयोजित प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस पहल के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा देने, युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने और नए अवसरों का सृजन करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि वितरित करते हुए रोजगार सृजन और युवाओं के सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। #PMModi #PMVBRY #Employment #Rozgar #YouthEmpowerment #GovernmentOfIndia #India1
- कटाईनार में संस्कृति के रंग, नन्हे कदमों ने बढ़ाया आदिवासी गौरव विश्व आदिवासी दिवस पर बाल विद्या प्राथमिक विद्यालय में बच्चों ने गीत, नृत्य और पारंपरिक वेशभूषा से दिखाई समृद्ध विरासत कोरबा/बाकीमोगरा (सुघर गांव)। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर ग्राम कटाईनार स्थित बाल विद्या प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की प्रतिभा और आदिवासी संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में नन्हे विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर अपनी संस्कृति, परंपरा और लोक जीवन की आकर्षक झलक प्रस्तुत की। विद्यालय परिसर में बच्चों की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और उमंग से भर दिया। 1. पारंपरिक वेशभूषा बनी आकर्षण बच्चों ने पारंपरिक आदिवासी परिधानों में सजकर अपनी सांस्कृतिक पहचान को जीवंत किया। अलग-अलग वेशभूषाओं के माध्यम से उन्होंने अपनी जड़ों और परंपराओं के प्रति सम्मान का संदेश दिया। 2. गीत-नृत्य से संस्कृति का प्रदर्शन विद्यार्थियों ने गीत और नृत्य की प्रस्तुतियों के जरिए आदिवासी लोक संस्कृति की खूबसूरती को सामने रखा। उनकी प्रस्तुतियों में प्रकृति, सामुदायिक जीवन और परंपराओं की झलक दिखाई दी। 3. शिक्षिकाओं ने बढ़ाया उत्साह कार्यक्रम में विद्यालय की शिक्षिकाओं ने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को आदिवासी समाज के गौरव, योगदान और प्रकृति के साथ उसके गहरे संबंध की जानकारी दी। 4. नई पीढ़ी को विरासत से जोड़ने का संदेश कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना रहा। आयोजन ने यह संदेश दिया कि संस्कृति केवल विरासत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की पहचान भी है। विद्यालय परिवार ने सभी को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दीं।4
- पांच माह हो गए रेरा एमपी में मुख्य अध्यक्ष पद खाली हुए अभी तक कोई भी नया अध्यक्ष नहीं चुना गया ग्राहकों के लिए बनाए गए कानून जनता के काम नहीं आ रहा न्याय कैसे मिलेगा जनता को जब पद ही खाली होगा1
- एनएच की स्ट्रीट लाइटें हुईं ‘गायब’, अंधेरे में जनता-कांग्रेस का सवाल, 20 फीट ऊंचाई से लाइटें उतरीं तो जिम्मेदारों को भनक तक क्यों नहीं लगी? मनेंद्रगढ़/एमसीबी। विकास और सुशासन के दावों के बीच मनेंद्रगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की स्ट्रीट लाइटों के गायब होने का मामला अब सियासी तकरार का मुद्दा बन गया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाते हुए सिटी कोतवाली पहुंचकर शिकायत की और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने सवाल उठाया कि बैकुंठपुर से मनेंद्रगढ़ की ओर आने वाले एनएच पर डिवाइडर की शुरुआत से नगर पालिका सीमा तक बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें गायब हैं। रात के समय मार्ग का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। मिश्रा ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि 20 फीट से अधिक ऊंचाई पर लगी स्ट्रीट लाइटें आखिर जमीन पर आए बिना गायब कैसे हो गईं? यदि इन्हें हटाया गया या चोरी किया गया तो इसके लिए लिफ्टर अथवा बकेट वाहन की जरूरत पड़ी होगी। ऐसे में क्षेत्र में संचालित हाइड्रोलिक लिफ्टर वाहनों की जानकारी जुटाने और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने से सच्चाई सामने आ सकती है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में सरकारी संपत्ति गायब होने के बावजूद संबंधित विभाग को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगी। क्या सरकारी संपत्ति की निगरानी केवल कागजों तक सीमित है? यदि चोरी हुई है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई और यदि किसी स्तर से लाइटें हटाई गईं तो इसकी अनुमति किसने दी? कांग्रेस नेताओं ने यह आशंका भी जताई कि कहीं किसी नगरीय निकाय की व्यवस्था संबंधी कमी को छिपाने के लिए एनएच की स्ट्रीट लाइटों को हटाने का प्रयास तो नहीं किया गया। हालांकि कांग्रेस ने इस पहलू को जांच का विषय बताते हुए कहा कि किसी अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। कांग्रेस नेता व्यंकटेश सिंह ने कहा कि एनएच जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर रोशनी की व्यवस्था प्रभावित होना केवल सरकारी संपत्ति का मामला नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़ा विषय है। वहीं महामंत्री स्नेहिल शुक्ला ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लाइटों का गायब होना सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। मंडल अध्यक्ष दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि इतनी ऊंचाई पर लगी लाइटों को हटाने के लिए विशेष उपकरणों की आवश्यकता होती है। इसलिए क्षेत्र में संचालित लिफ्टर और बकेट वाहनों की जानकारी जुटाने के साथ सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जानी चाहिए। पार्षद इमरान खान और यश ताम्रकार ने तत्काल गायब लाइटों को बरामद कर पुनः स्थापित कराने की मांग की। कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, लिफ्टर वाहनों की पहचान की जाए, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं, लाइटें हटाने वालों की पहचान की जाए और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए। साथ ही गायब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल पुनः स्थापित कराया जाए। सौरव मिश्रा ने कहा कि जनता को अंधेरे में छोड़कर विकास और सुशासन के दावों का क्या अर्थ है? उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग की सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी और इतनी बड़ी संख्या में लाइटें गायब होने के बावजूद जिम्मेदार तंत्र अब तक मौन क्यों रहा। इस दौरान सौरव मिश्रा, व्यंकटेश सिंह, स्नेहिल शुक्ला, रंजन शर्मा, अजीत सिंह, शुभम सिंह, यश ताम्रकार, पार्षद इमरान खान, रामगोपाल यादव, संजय यादव, दीपक श्रीवास्तव, आकाश सहित कांग्रेसजन उपस्थित रहे।4
- अमरकंटक नगर परिषद ने अतिक्रमण के विरुद्ध चलाया सघन अभियान अनूपपुर - मुख्य मार्गों से अवैध कब्जे हटाए, व्यापारियों को निर्धारित सीमा में व्यवसाय करने की हिदायत प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल तथा पर्यटन नगरी अमरकंटक में नगर परिषद द्वारा अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सघन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास व्यापारियों द्वारा निर्धारित सीमा से बाहर किए गए अवैध कब्जों एवं निर्माण को हटाया गया तथा संबंधित व्यापारियों को भविष्य में निर्धारित सीमा के भीतर ही व्यवसाय करने की सख्त हिदायत दी गई। नगर परिषद के अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान दिगंबर जैन सर्वोदय तीर्थ क्षेत्र परिसर के मुख्य मार्ग पर व्यापारियों द्वारा दुकानों से आगे बढ़कर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। वहीं जैन मंदिर परिसर के पीछे किए गए पांच अवैध निर्माणों को भी बलपूर्वक हटाया गया। मुख्य मार्ग पर दुकानों के सामने निर्धारित स्थल से अतिरिक्त स्थान घेरकर रखी गई सामग्री एवं किए गए कब्जे को हटाते हुए व्यापारियों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित सीमा के भीतर ही अपनी दुकानें संचालित करें। इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 10 स्थित कोटि तीर्थ घाट एवं गांधी कुंड मुख्य मार्ग पर किए गए अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण का भी निरीक्षण किया गया। नगर परिषद द्वारा संबंधित व्यापारियों को 24 घंटे की मोहलत देते हुए निर्देशित किया गया कि वे मुख्य मार्ग से पांच फीट अंदर रहकर ही व्यापार करें तथा मार्ग को बाधित करने वाले अवैध निर्माण एवं कब्जे स्वयं हटा लें। नगर परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने पर जेसीबी मशीन के माध्यम से बलपूर्वक अवैध कब्जा हटाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित व्यापारी की होगी। इसी तरह नर्मदा मंदिर के आसपास के व्यापारियों को भी अवैध कब्जे एवं निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए। नगर परिषद अमरकंटक के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने व्यापारियों से कहा कि वे अपनी दुकान की सामग्री मुख्य मार्ग पर न रखें और न ही निर्धारित सीमा से बाहर किसी प्रकार का अवैध कब्जा करें। इससे श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने कहा कि मार्ग पर अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित होने अथवा जाम की स्थिति निर्मित होने पर संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी तथा अवैध कब्जों को सख्ती से बलपूर्वक हटाया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से नगर की व्यवस्था एवं सुगम यातायात बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान नगर परिषद अमरकंटक का अमला, अमरकंटक थाना पुलिस बल तथा उप तहसील अमरकंटक के नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। नगर परिषद की कार्रवाई से मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण कर व्यापार करने वाले लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।1
- PM Modi का PM-VBRY कार्यक्रम, रोजगार और युवाओं को बढ़ावा देने पर जोर 🇮🇳 PM-VBRY के तहत प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम में PM Modi की सहभागिता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM-VBRY के तहत आयोजित प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस पहल के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा देने, युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने और नए अवसरों का सृजन करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि वितरित करते हुए रोजगार सृजन और युवाओं के सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। #PMModi #PMVBRY #Employment #Rozgar #YouthEmpowerment #GovernmentOfIndia #India1
- कटघोरा में लूट का मामला,मारने के बाद 10,000 लेेकर भागे,नदी में फेंका दीपका के 52वर्ष सुरेश पटेल मजदूरी कर के घर जा रहा था इसी बीच शराब पिला कर घटना को अंजाम दिया कटघोरा में लूट का मामला,मारने के बाद 10,000 लेेकर भागे,नदी में फेंका1