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PM Modi का PM-VBRY कार्यक्रम, रोजगार और युवाओं को बढ़ावा देने पर जोर 🇮🇳 PM-VBRY के तहत प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम में PM Modi की सहभागिता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM-VBRY के तहत आयोजित प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस पहल के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा देने, युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने और नए अवसरों का सृजन करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि वितरित करते हुए रोजगार सृजन और युवाओं के सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। #PMModi #PMVBRY #Employment #Rozgar #YouthEmpowerment #GovernmentOfIndia #India

7 hrs ago
user_Pradesh Khabar News Network
Pradesh Khabar News Network
Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
7 hrs ago

PM Modi का PM-VBRY कार्यक्रम, रोजगार और युवाओं को बढ़ावा देने पर जोर 🇮🇳 PM-VBRY के तहत प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम में PM Modi की सहभागिता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM-VBRY के तहत आयोजित प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस पहल के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा देने, युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने और नए अवसरों का सृजन करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि वितरित करते हुए रोजगार सृजन और युवाओं के सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। #PMModi #PMVBRY #Employment #Rozgar #YouthEmpowerment #GovernmentOfIndia #India

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  • सावन की भक्ति में लीन हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, बाबा बैद्यनाथ और बासुकिनाथ के दरबार में टेका माथा मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। सावन के पावन माह में आस्था, श्रद्धा और जनकल्याण की भावना के साथ स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने झारखंड के प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर और बाबा बासुकिनाथ धाम में विधिवत पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। उन्होंने सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा की धार्मिक परंपरा का निर्वहन करते हुए भगवान शिव को अर्पित किया। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने सपरिवार बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर पूरे भक्तिभाव से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने बासुकिनाथ धाम पहुंचकर बाबा बासुकिनाथ के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों धामों में भक्ति और आस्था का अद्भुत वातावरण नजर आया। सावन के अवसर पर शिवभक्तों की उमड़ी भीड़ के बीच मंत्री श्री जायसवाल भी पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना में लीन दिखाई दिए। पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने बाबा भोलेनाथ के चरणों में छत्तीसगढ़ की समस्त जनता के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की है। उन्होंने कहा कि सावन का पावन महीना हमें आस्था के साथ सेवा और जनकल्याण के संकल्प को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बाबा भोलेनाथ की कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा तथा प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का विस्तार होगा।
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    सावन की भक्ति में लीन हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, बाबा बैद्यनाथ और बासुकिनाथ के दरबार में टेका माथा

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी।
सावन के पावन माह में आस्था, श्रद्धा और जनकल्याण की भावना के साथ स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने झारखंड के प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर और बाबा बासुकिनाथ धाम में विधिवत पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। उन्होंने सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा की धार्मिक परंपरा का निर्वहन करते हुए भगवान शिव को अर्पित किया।
स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने सपरिवार बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर पूरे भक्तिभाव से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने बासुकिनाथ धाम पहुंचकर बाबा बासुकिनाथ के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान दोनों धामों में भक्ति और आस्था का अद्भुत वातावरण नजर आया। सावन के अवसर पर शिवभक्तों की उमड़ी भीड़ के बीच मंत्री श्री जायसवाल भी पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना में लीन दिखाई दिए।
पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने बाबा भोलेनाथ के चरणों में छत्तीसगढ़ की समस्त जनता के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की है। उन्होंने कहा कि सावन का पावन महीना हमें आस्था के साथ सेवा और जनकल्याण के संकल्प को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बाबा भोलेनाथ की कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा तथा प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का विस्तार होगा।
    user_M.D. KASIM
    M.D. KASIM
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • करोड़ों का बजट, हकीकत में बोरा-चटाई: महुआडांड़ के स्कूलों में फर्श पर बैठकर 'भविष्य' गढ़ रहे मासूम* रामप्रवेश गुप्ता एक तरफ देश अंतरिक्ष में नए आयाम छू रहा है और "डिजिटल इंडिया" का सपना देखा जा रहा है, वहीं लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड की तस्वीरें सिस्टम की पोल खोलती नजर आ रही हैं। यहाँ प्राथमिक शिक्षा प्राप्त कर रहे मासूम बच्चे आज भी धूल और नमी से भरे फर्श पर बोरा व चटाई बिछाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ​सरकारी दावों और करोड़ों के शिक्षा बजट के बीच राजकीय प्राथमिक उत्क्रमित विद्यालय, टुकूडीह और उत्क्रमित मध्य विद्यालय, अंबाकोना की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। इन स्कूलों की दीवारों पर टंगे 'स्मार्ट क्लास' के पोस्टर व्यवस्था के इस खोखलेपन पर मानो तंज कस रहे हों। *​न टेबल, न बेंच... मौसम की मार के बीच पढ़ाई की परीक्षा* ​दोनों विद्यालयों में न तो टेबल हैं और न ही बेंच। क्लासरूम में सिर्फ फटे-पुराने बोरे या चटाई बिछी हैं। बच्चे ठिठुरती ठंड, तपती गर्मी और बरसात की सीलन भरी जमीन पर सिमटकर गणित के सवाल हल करते हैं और कविताएं याद करते हैं। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बच्चों को पढ़ाई से ज्यादा मौसम की मार और असुविधाओं से लड़ना पड़ रहा है। *​"सर! इस बार तो बेंच आएगा ना?" — बेबस शिक्षकों के छलके आंसू* ​शिक्षकों के अनुसार, वे लगातार प्रशासनिक स्तर पर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। ​"मैं पिछले कई वर्षों से यहाँ पढ़ा रहा हूँ। विभाग को दर्जनों बार पत्र लिखे, लेकिन हर बार एक ही जवाब मिलता है कि 'फाइल प्रक्रिया में है'। मासूम बच्चे रोज पूछते हैं - 'सर, इस बार बेंच आएगा ना?' मेरे पास उनके इस सवाल का कोई जवाब नहीं होता।" — सरयू राम दिवाकर, प्रधानाचार्य (प्रा. उ. वि. टुकूडीह) "स्कूल में 70 से ज्यादा बच्चे नामांकित हैं।अभिभावक सीधे सवाल करते हैं कि जब बैठने की जगह ही नहीं है तो बच्चों को स्कूल क्यों भेजें? सरकार से हाथ जोड़कर विनती है कि इन मासूमों को कम से कम बुनियादी सम्मान तो मिले।" — झगर नगेसिया, प्रधानाचार्य (उ. म. वि. अंबाकोना) *​ग्रामीणों का आरोप: फाइलों में पास फर्नीचर, धरातल पर शून्य* ​स्थानीय ग्रामीणों में इस प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि फर्नीचर और इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर कागजों पर टेंडर पास हो जाते हैं और फंड जारी होता है, लेकिन कमीशनखोरी और लालफीताशाही के कारण सामान कभी स्कूल के गेट तक नहीं पहुँचता। *​15 दिनों का अल्टीमेटम* ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि 15 दिनों के भीतर महुआडांड़ प्रखंड के इन स्कूलों में टेबल और बेंच की व्यवस्था की जाए, अन्यथा वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। क्या 'डिजिटल इंडिया' के दौर में महुआडांड प्रखण्ड के इन मासूमों को बैठने के लिए एक बेंच मिलना भी इतना मुश्किल है? जिला प्रशासन को इस पर अविलंब संज्ञान लेने की आवश्यकता है।
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    करोड़ों का बजट, हकीकत में बोरा-चटाई: महुआडांड़ के स्कूलों में फर्श पर बैठकर 'भविष्य' गढ़ रहे मासूम*

रामप्रवेश गुप्ता 
एक तरफ देश अंतरिक्ष में नए आयाम छू रहा है और "डिजिटल इंडिया" का सपना देखा जा रहा है, वहीं लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड की तस्वीरें सिस्टम की पोल खोलती नजर आ रही हैं। यहाँ प्राथमिक शिक्षा प्राप्त कर रहे मासूम बच्चे आज भी धूल और नमी से भरे फर्श पर बोरा व चटाई बिछाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
​सरकारी दावों और करोड़ों के शिक्षा बजट के बीच राजकीय प्राथमिक उत्क्रमित विद्यालय, टुकूडीह और उत्क्रमित मध्य विद्यालय, अंबाकोना की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। इन स्कूलों की दीवारों पर टंगे 'स्मार्ट क्लास' के पोस्टर व्यवस्था के इस खोखलेपन पर मानो तंज कस रहे हों।
*​न टेबल, न बेंच... मौसम की मार के बीच पढ़ाई की परीक्षा*
​दोनों विद्यालयों में न तो टेबल हैं और न ही बेंच। क्लासरूम में सिर्फ फटे-पुराने बोरे या चटाई बिछी हैं। बच्चे ठिठुरती ठंड, तपती गर्मी और बरसात की सीलन भरी जमीन पर सिमटकर गणित के सवाल हल करते हैं और कविताएं याद करते हैं। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बच्चों को पढ़ाई से ज्यादा मौसम की मार और असुविधाओं से लड़ना पड़ रहा है।
*​"सर! इस बार तो बेंच आएगा ना?" — बेबस शिक्षकों के छलके आंसू*
​शिक्षकों के अनुसार, वे लगातार प्रशासनिक स्तर पर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। ​"मैं पिछले कई वर्षों से यहाँ पढ़ा रहा हूँ। विभाग को दर्जनों बार पत्र लिखे, लेकिन हर बार एक ही जवाब मिलता है कि 'फाइल प्रक्रिया में है'। मासूम बच्चे रोज पूछते हैं - 'सर, इस बार बेंच आएगा ना?' मेरे पास उनके इस सवाल का कोई जवाब नहीं होता।"
— सरयू राम दिवाकर, प्रधानाचार्य (प्रा. उ. वि. टुकूडीह)
"स्कूल में 70 से ज्यादा बच्चे नामांकित हैं।अभिभावक सीधे सवाल करते हैं कि जब बैठने की जगह ही नहीं है तो बच्चों को स्कूल क्यों भेजें? सरकार से हाथ जोड़कर विनती है कि इन मासूमों को कम से कम बुनियादी सम्मान तो मिले।"
— झगर नगेसिया, प्रधानाचार्य (उ. म. वि. अंबाकोना)
*​ग्रामीणों का आरोप: फाइलों में पास फर्नीचर, धरातल पर शून्य*
​स्थानीय ग्रामीणों में इस प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि फर्नीचर और इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर कागजों पर टेंडर पास हो जाते हैं और फंड जारी होता है, लेकिन कमीशनखोरी और लालफीताशाही के कारण सामान कभी स्कूल के गेट तक नहीं पहुँचता।
*​15 दिनों का अल्टीमेटम*
ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि 15 दिनों के भीतर महुआडांड़ प्रखंड के इन स्कूलों में टेबल और बेंच की व्यवस्था की जाए, अन्यथा वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। क्या 'डिजिटल इंडिया' के दौर में महुआडांड प्रखण्ड के इन मासूमों को बैठने के लिए एक बेंच मिलना भी इतना मुश्किल है? जिला प्रशासन को इस पर अविलंब संज्ञान लेने की आवश्यकता है।
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    आदर्श मोबाइल एण्ड रेलवे टिकट
    Mobile Store महुआडांड़, लातेहार, झारखंड•
    19 hrs ago
  • PM Modi का PM-VBRY कार्यक्रम, रोजगार और युवाओं को बढ़ावा देने पर जोर 🇮🇳 PM-VBRY के तहत प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम में PM Modi की सहभागिता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM-VBRY के तहत आयोजित प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस पहल के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा देने, युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने और नए अवसरों का सृजन करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि वितरित करते हुए रोजगार सृजन और युवाओं के सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। #PMModi #PMVBRY #Employment #Rozgar #YouthEmpowerment #GovernmentOfIndia #India
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    PM Modi का PM-VBRY कार्यक्रम, रोजगार और युवाओं को बढ़ावा देने पर जोर
🇮🇳 PM-VBRY के तहत प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम में PM Modi की सहभागिता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM-VBRY के तहत आयोजित प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस पहल के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा देने, युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने और नए अवसरों का सृजन करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि वितरित करते हुए रोजगार सृजन और युवाओं के सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
#PMModi #PMVBRY #Employment #Rozgar #YouthEmpowerment #GovernmentOfIndia #India
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    Pradesh Khabar News Network
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • एनएच की स्ट्रीट लाइटें हुईं ‘गायब’, अंधेरे में जनता-कांग्रेस का सवाल, 20 फीट ऊंचाई से लाइटें उतरीं तो जिम्मेदारों को भनक तक क्यों नहीं लगी? मनेंद्रगढ़/एमसीबी। विकास और सुशासन के दावों के बीच मनेंद्रगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की स्ट्रीट लाइटों के गायब होने का मामला अब सियासी तकरार का मुद्दा बन गया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाते हुए सिटी कोतवाली पहुंचकर शिकायत की और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने सवाल उठाया कि बैकुंठपुर से मनेंद्रगढ़ की ओर आने वाले एनएच पर डिवाइडर की शुरुआत से नगर पालिका सीमा तक बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें गायब हैं। रात के समय मार्ग का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। मिश्रा ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि 20 फीट से अधिक ऊंचाई पर लगी स्ट्रीट लाइटें आखिर जमीन पर आए बिना गायब कैसे हो गईं? यदि इन्हें हटाया गया या चोरी किया गया तो इसके लिए लिफ्टर अथवा बकेट वाहन की जरूरत पड़ी होगी। ऐसे में क्षेत्र में संचालित हाइड्रोलिक लिफ्टर वाहनों की जानकारी जुटाने और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने से सच्चाई सामने आ सकती है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में सरकारी संपत्ति गायब होने के बावजूद संबंधित विभाग को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगी। क्या सरकारी संपत्ति की निगरानी केवल कागजों तक सीमित है? यदि चोरी हुई है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई और यदि किसी स्तर से लाइटें हटाई गईं तो इसकी अनुमति किसने दी? कांग्रेस नेताओं ने यह आशंका भी जताई कि कहीं किसी नगरीय निकाय की व्यवस्था संबंधी कमी को छिपाने के लिए एनएच की स्ट्रीट लाइटों को हटाने का प्रयास तो नहीं किया गया। हालांकि कांग्रेस ने इस पहलू को जांच का विषय बताते हुए कहा कि किसी अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। कांग्रेस नेता व्यंकटेश सिंह ने कहा कि एनएच जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर रोशनी की व्यवस्था प्रभावित होना केवल सरकारी संपत्ति का मामला नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़ा विषय है। वहीं महामंत्री स्नेहिल शुक्ला ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लाइटों का गायब होना सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। मंडल अध्यक्ष दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि इतनी ऊंचाई पर लगी लाइटों को हटाने के लिए विशेष उपकरणों की आवश्यकता होती है। इसलिए क्षेत्र में संचालित लिफ्टर और बकेट वाहनों की जानकारी जुटाने के साथ सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जानी चाहिए। पार्षद इमरान खान और यश ताम्रकार ने तत्काल गायब लाइटों को बरामद कर पुनः स्थापित कराने की मांग की। कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, लिफ्टर वाहनों की पहचान की जाए, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं, लाइटें हटाने वालों की पहचान की जाए और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए। साथ ही गायब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल पुनः स्थापित कराया जाए। सौरव मिश्रा ने कहा कि जनता को अंधेरे में छोड़कर विकास और सुशासन के दावों का क्या अर्थ है? उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग की सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी और इतनी बड़ी संख्या में लाइटें गायब होने के बावजूद जिम्मेदार तंत्र अब तक मौन क्यों रहा। इस दौरान सौरव मिश्रा, व्यंकटेश सिंह, स्नेहिल शुक्ला, रंजन शर्मा, अजीत सिंह, शुभम सिंह, यश ताम्रकार, पार्षद इमरान खान, रामगोपाल यादव, संजय यादव, दीपक श्रीवास्तव, आकाश सहित कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
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    एनएच की स्ट्रीट लाइटें हुईं ‘गायब’, अंधेरे में जनता-कांग्रेस का सवाल, 20 फीट ऊंचाई से लाइटें उतरीं तो जिम्मेदारों को भनक तक क्यों नहीं लगी?

मनेंद्रगढ़/एमसीबी।
विकास और सुशासन के दावों के बीच मनेंद्रगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की स्ट्रीट लाइटों के गायब होने का मामला अब सियासी तकरार का मुद्दा बन गया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाते हुए सिटी कोतवाली पहुंचकर शिकायत की और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने सवाल उठाया कि बैकुंठपुर से मनेंद्रगढ़ की ओर आने वाले एनएच पर डिवाइडर की शुरुआत से नगर पालिका सीमा तक बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें गायब हैं। रात के समय मार्ग का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
मिश्रा ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि 20 फीट से अधिक ऊंचाई पर लगी स्ट्रीट लाइटें आखिर जमीन पर आए बिना गायब कैसे हो गईं? यदि इन्हें हटाया गया या चोरी किया गया तो इसके लिए लिफ्टर अथवा बकेट वाहन की जरूरत पड़ी होगी। ऐसे में क्षेत्र में संचालित हाइड्रोलिक लिफ्टर वाहनों की जानकारी जुटाने और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने से सच्चाई सामने आ सकती है।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में सरकारी संपत्ति गायब होने के बावजूद संबंधित विभाग को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगी। क्या सरकारी संपत्ति की निगरानी केवल कागजों तक सीमित है? यदि चोरी हुई है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई और यदि किसी स्तर से लाइटें हटाई गईं तो इसकी अनुमति किसने दी?
कांग्रेस नेताओं ने यह आशंका भी जताई कि कहीं किसी नगरीय निकाय की व्यवस्था संबंधी कमी को छिपाने के लिए एनएच की स्ट्रीट लाइटों को हटाने का प्रयास तो नहीं किया गया। हालांकि कांग्रेस ने इस पहलू को जांच का विषय बताते हुए कहा कि किसी अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता व्यंकटेश सिंह ने कहा कि एनएच जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर रोशनी की व्यवस्था प्रभावित होना केवल सरकारी संपत्ति का मामला नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़ा विषय है। वहीं महामंत्री स्नेहिल शुक्ला ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लाइटों का गायब होना सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
मंडल अध्यक्ष दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि इतनी ऊंचाई पर लगी लाइटों को हटाने के लिए विशेष उपकरणों की आवश्यकता होती है। इसलिए क्षेत्र में संचालित लिफ्टर और बकेट वाहनों की जानकारी जुटाने के साथ सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जानी चाहिए। पार्षद इमरान खान और यश ताम्रकार ने तत्काल गायब लाइटों को बरामद कर पुनः स्थापित कराने की मांग की।
कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, लिफ्टर वाहनों की पहचान की जाए, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं, लाइटें हटाने वालों की पहचान की जाए और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए। साथ ही गायब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल पुनः स्थापित कराया जाए।
सौरव मिश्रा ने कहा कि जनता को अंधेरे में छोड़कर विकास और सुशासन के दावों का क्या अर्थ है? उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग की सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी और इतनी बड़ी संख्या में लाइटें गायब होने के बावजूद जिम्मेदार तंत्र अब तक मौन क्यों रहा।
इस दौरान सौरव मिश्रा, व्यंकटेश सिंह, स्नेहिल शुक्ला, रंजन शर्मा, अजीत सिंह, शुभम सिंह, यश ताम्रकार, पार्षद इमरान खान, रामगोपाल यादव, संजय यादव, दीपक श्रीवास्तव, आकाश सहित कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
    user_M.D. KASIM
    M.D. KASIM
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • *जांजगीर के खरौद के बाद अब कोरबा जिले के तरदा गांव में भी दिखा मगरमच्छ,ग्रामीणों में हड़कंप आखिर कहां से आ रहे इतने मगरमच्छ,क्या कोटमी सोनार के क्रोकोडाइल पार्क में बरती गई लापरवाही?*
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    *जांजगीर के खरौद के बाद अब कोरबा जिले के तरदा गांव में भी दिखा मगरमच्छ,ग्रामीणों में हड़कंप आखिर कहां से आ रहे इतने मगरमच्छ,क्या कोटमी सोनार के क्रोकोडाइल पार्क में बरती गई लापरवाही?*
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
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