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घर पर ही कपालभाति के साथ नाभि जटका प्रयोग का अभ्यास कर घुटनों के दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। लोगों को इसे सीखने और स्वयं करने का आह्वान किया गया है।
Jagdish Chandra Sharma
घर पर ही कपालभाति के साथ नाभि जटका प्रयोग का अभ्यास कर घुटनों के दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। लोगों को इसे सीखने और स्वयं करने का आह्वान किया गया है।
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- घर पर ही कपालभाति के साथ नाभि जटका प्रयोग का अभ्यास कर घुटनों के दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। लोगों को इसे सीखने और स्वयं करने का आह्वान किया गया है।1
- छीपाबड़ौद में वीर गुर्जर विकास समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधायक प्रताप सिंह सिंघवी को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें गुर्जर समाज के छात्रों के लिए छात्रावास भूमि आवंटित करने की मांग की गई है। विधायक ने इस मांग पर सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। समिति के पदाधिकारियों ने अपने ज्ञापन में बताया कि क्षेत्र के कई छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बाहर से आते हैं, लेकिन उचित छात्रावास व्यवस्था न होने के कारण उन्हें आवास सहित अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। समिति का मानना है कि गुर्जर समाज छात्रावास के लिए भूमि आवंटन होने से विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा मिल सकेगी और समाज को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा प्राप्त होगी। प्रतिनिधिमंडल ने विधायक से आग्रह किया कि वे इस मांग पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दें। विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने समिति की मांग को गंभीरता से सुना और उचित स्तर पर विचार कर आवश्यक प्रयास करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर वीर गुर्जर विकास समिति के पदाधिकारी और समाज के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने छात्रावास निर्माण को समाज के शैक्षणिक उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए भूमि आवंटन की मांग शीघ्र पूरी होने की अपेक्षा व्यक्त की।3
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छबड़ा में योग और ध्यान कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र, अमीरपुर खेड़ी और ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र, भुवाखेड़ी में उत्साहपूर्वक मनाया गया। केंद्र संचालक एस.एल. नागर ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि स्वामी ध्यान गगन ने इसकी अध्यक्षता और सानिध्य प्रदान किया। इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रोटोकॉल के तहत विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान अभ्यास करवाए गए, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर, स्वामी ध्यान गगन ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि वे अच्छे स्वास्थ्य, मानसिक शांति और सकारात्मक जीवन के लिए नियमित रूप से योग और ध्यान करें। केंद्र संचालक एस.एल. नागर ने भी योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं से बचा जा सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों को निरंतर योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में योगी सतीश शर्मा सहित अनेक योग साधक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में, सभी प्रतिभागियों ने योग को जन-जन तक पहुंचाने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।4
- आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाकर विश्व को स्वास्थ्य की आध्यात्मिक सुंदरता से परिचित कराया है, जो शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रूप से समृद्ध रखने का एक महान सनातन उपाय है। उनके इसी आह्वान पर 21 जून को विभिन्न स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इसी क्रम में, पनवाड़ मंडल में मंडल अध्यक्ष रमाकांत गौतम सहित पूरे भाजपा परिवार ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। वहीं, भाजपा मंडल खानपुर के तत्वावधान में आयोजित योग कार्यक्रम का संचालन रिटायर्ड शारीरिक शिक्षक कालूलाल सुमन ने किया। इस कार्यक्रम में पूर्व संसदीय सचिव और पूर्व विधायक नरेंद्र नागर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर मंडल के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। कुल मिलाकर, खानपुर और पनवाड़ के भाजपा मंडलों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को बड़े उत्साह के साथ मनाया गया।1
- खानपुर में विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को स्थानीय मुक्तिधाम परिसर में एक श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरे परिसर की गहन साफ-सफाई की। सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से श्रमदान करते हुए आमजन को अपने आस-पास के वातावरण को साफ रखने और स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उल्लेखनीय है कि मुक्तिधाम को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने का यह कार्य दो चरणों में पूरा किया गया है। पिछले सप्ताह शुरू हुए पहले चरण के अभियान के दौरान परिसर के एक बड़े हिस्से की सफाई कर दी गई थी, लेकिन कुछ हिस्सों में कार्य शेष रह गया था। इसी क्रम में शनिवार को दूसरे चरण के रूप में यह विशेष अभियान आयोजित किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने सुबह से ही तत्परता दिखाते हुए शेष बचे पूरे क्षेत्र की सफाई की और कचरा हटाकर परिसर को पूरी तरह व्यवस्थित बना दिया। आयोजकों ने इस सफल अभियान के लिए सभी नगरवासियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव में इसी तरह सहयोग देने की अपील की।1
- गुना जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत म्याना थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने राजस्थान से मध्य प्रदेश लाई जा रही डोडाचूरा की एक बड़ी खेप को पकड़ते हुए अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क को झटका दिया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार कर करीब 70 लाख रुपये मूल्य का मादक पदार्थ और तस्करी में प्रयुक्त वाहन जब्त किया गया है। जब्त किए गए डोडाचूरा की कुल मात्रा 106.460 किलोग्राम है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 55 लाख रुपये है, जबकि सफेद रंग की फोर्स ट्रैक्स गाड़ी की कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान देव सिंह पुत्र मोहनलाल बंजारा (32 वर्ष) निवासी मदनाखेड़ी, थाना बापचा, जिला बारां (राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि फतेहगढ़-बमोरी क्षेत्र से भारी मात्रा में डोडाचूरा एक सफेद फोर्स ट्रैक्स गाड़ी में भरकर पाटई हाईवे की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही म्याना थाना पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर ऊमरी-पाटई रोड पर नाकाबंदी की। कुछ समय बाद संदिग्ध वाहन दिखाई देने पर पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन को जंगल की ओर मोड़कर भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए घेराबंदी कर आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। मामले में म्याना थाने में अपराध क्रमांक 158/26 दर्ज कर आरोपी के खिलाफ धारा 8/15 और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। प्रारंभिक जांच में इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश और भूमिका की जांच अभी जारी है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में म्याना थाना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह भदौरिया और ऊमरी चौकी प्रभारी बुंदेल सिंह सुनेरिया सहित पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।2
- झालावाड़ पर्यटन विकास समिति ने आज जल दुर्ग गागरोन को विश्व सूची में शामिल हुए 13 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दुर्ग परिसर में एक गोष्ठी का आयोजन किया। इस अवसर पर समिति के संयोजक ओम पाठक ने बताया कि जल दुर्ग गागरोन का ऐतिहासिक और गौरवशाली इतिहास रहा है, और यह सदियों से पर्यटन का मुख्य केंद्र रहा है। उन्होंने दुर्ग की अद्भुत विशेषता पर प्रकाश डाला कि यह विशाल दुर्ग बिना नींव के चट्टानों पर अडिग खड़ा है, जिसके कारण 21 जून 2013 को इसे विश्व विरासत में शामिल किया गया था। पाठक ने विभागीय लापरवाही पर चिंता व्यक्त की, जिसके कारण समिति के प्रयासों से आवंटित बजट का योजनाबद्ध तरीके से सदुपयोग नहीं हो सका। समिति द्वारा प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के फलस्वरूप नदी पर दो पुलियों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिनके बनने के बाद पर्यटक पूरे 12 महीने सुगमता से दुर्ग आ सकेंगे। समिति ने दुर्ग को और आकर्षक बनाने के लिए ऊंट सवारी, दुर्ग के अंदर एक संग्रहालय गैलरी और पर्यटकों को लुभाने वाले कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। गोष्ठी में समिति के उपाध्यक्ष और इतिहासकार ललित शर्मा ने जल दुर्ग गागरोन के गौरवशाली इतिहास का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि इस दुर्ग का निर्माण 12वीं सदी में हुआ था, जहां दो जौहर और 14 युद्ध हुए हैं। इसकी प्राकृतिक संरचना के कारण यह विश्व प्रसिद्ध है, और यूनेस्को की टीम इसे देखकर मंत्रमुग्ध हो गई थी, जिसके परिणामस्वरूप इसे 21 जून 2013 को विश्व विरासत में शामिल किया गया। शर्मा ने सुझाव दिया कि जिला प्रशासन को दुर्ग में कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं विकसित करनी चाहिए, जिससे इसका सौंदर्य और पर्यटन अधिक विकसित हो सके। उन्होंने शासक प्रताप राव का भी उल्लेख किया, जिन्होंने राज-पाट छोड़कर भक्ति मार्ग अपनाया और संत पीपा जी के नाम से भक्ति की अलख जगाई। उन्हीं के वंशज अचल दास खींची गागरोन के ख्याति प्राप्त शासक हुए। उन्होंने यह भी बताया कि दुर्ग में आदमी की बोली बोलने वाले राय तोते विश्व प्रसिद्ध हैं। समिति के सदस्य डॉ. नंद सिंह राठौड़ ने गागरोन दुर्ग में स्थित सभी देवालयों में मूर्ति स्थापना और पूजा-अर्चना की मांग की, जिससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके। एक अन्य सदस्य भगवती प्रकाश मेहर ने झालावाड़ जल दुर्ग के प्रचार-प्रसार के लिए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित सभी सार्वजनिक स्थलों पर दुर्ग के इतिहास की जानकारी वाले पोस्ट लगाने का सुझाव दिया। गोष्ठी के बाद, समिति के सदस्यों ने दुर्ग गागरोन का अवलोकन किया और उपस्थित पर्यटकों को इससे संबंधित जानकारी प्रदान की।4
- स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग के विषय में जानकारी दी गई है।1