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बबेरू चौराहा सुंदरीकरण को लेकर सभी दुकानदारों ने अवैध कब्जा को जल्द से जल्द सभी लोग झूठ का अपने अपने मकान को तोड़ने में लगे हैं जिससे अधिकतम लगने वाले एग्जाम मुक्त होगा
कमल कुमार
बबेरू चौराहा सुंदरीकरण को लेकर सभी दुकानदारों ने अवैध कब्जा को जल्द से जल्द सभी लोग झूठ का अपने अपने मकान को तोड़ने में लगे हैं जिससे अधिकतम लगने वाले एग्जाम मुक्त होगा
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- बांदा लापता किशोर का मिला शव, खेत में मिलने से मचा हड़कंप बांदा जनपद के बबेरू कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मुरवल गांव में उस समय सनसनी फैल गई जब लापता किशोर का शव खेत में पड़ा मिला। मृतक की पहचान सत्यवीर के रूप में हुई है, जो कुछ समय पहले घर से लापता हो गया था। परिजनों द्वारा तलाश किए जाने के बाद भी उसका पता नहीं चल सका था। आज ग्रामीणों ने खेत में शव पड़ा देखा तो इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बबेरू कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है तथा घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- #Apkiawajdigital लखनऊ विश्वविद्यालय का कैंपस एक बार फिर विवादों में घिर गया। छात्र सभा के आयोजन के दौरान NSUI (कांग्रेस छात्र विंग) और ABVP के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों गुटों के बीच शुरू हुई तीखी नोकझोंक जल्द ही जोरदार विवाद और धक्का-मुक्की में बदल गई, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। "NSUI और समाजवादी छात्र सभा" से जुड़े छात्रों ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने छात्र पर हाथ उठाया और मारपीट की। इस आरोप ने विवाद को और तूल दे दिया। दूसरी ओर, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों को बीच-बचाव करना पड़ा। यह घटना लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति की तनावपूर्ण स्थिति को एक बार फिर उजागर करती है, जहां छोटी-छोटी बातें भी बड़े संघर्ष में बदल जाती हैं। क्या यह विवाद और बढ़ेगा या शांत हो जाएगा? स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- *BREKING NEWS BANDA-* *बांदा* : लापता किशोर का मिला शव खेत में शव मिलने से हड़कंप घर से लापता हुआ था सत्यवीर पड़ोसी पर ही बेटे की हत्या का शक पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है बबेरू कोतवाली क्षेत्र के मुरवल की घटना1
- बांदा में भीम आर्मी UGC के समर्थन में DM कार्यालय में प्रदर्शन कर UGC लागू करने के लिए शौपा ज्ञापन।1
- बांदा छाबी तालाब स्थित नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर सुबह तय समय पर भी बंद मिले आज दिनांक 7 फरवरी 2026 की सुबह 9:38 पर दवाओं के बजाय ताला और सूना परिसर मिला स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही आम जन के विश्वास और जरूर दोनों पर चोट करती है1
- रामनगर कौहन पुल बना माफिया का ‘सेफ कॉरिडोर’ बांदा–फतेहपुर सीमा क्षेत्र में इन दिनों अवैध खनन अपने चरम पर है। रामनगर कौहन पुल अब खनन माफिया के लिए एक सुरक्षित रास्ता बन चुका है, जहाँ से दिन-रात ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर खनिज संपदा ढो रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर मोरम, बालू और मिट्टी का अवैध परिवहन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब कुछ खुलेआम हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की आंखों पर जैसे पट्टी बंधी हुई है। यह पुल अब सिर्फ आवागमन का जरिया नहीं रहा, बल्कि खनन माफिया का “सेफ कॉरिडोर” बन गया है। यहाँ से गुजरने वाले वाहनों पर न तो वजन की जांच होती है और न ही खनिज परमिट का सही तरीके से सत्यापन। नतीजा यह है कि क्षेत्र में अवैध खनन बेलगाम होता जा रहा है। 🚛 *कृषि परमिट की आड़ में राजस्व की लूट* ओवरलोडिंग से सड़कें और कानून दोनों घायल सूत्रों के अनुसार, खनन माफिया कृषि कार्य के नाम पर जारी परमिट का दुरुपयोग कर रहा है। इन परमिटों का इस्तेमाल कर खनिज ढोया जा रहा है, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। ओवरलोड वाहनों की वजह से सड़कें टूट रही हैं, पुलों पर दबाव बढ़ रहा है और हर समय दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दिन-दहाड़े नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खनिज नियमों के अनुसार जितना भार तय है, उससे कहीं ज्यादा वजन लादकर वाहन चलाए जा रहे हैं, जिससे न सिर्फ कानून का उल्लंघन हो रहा है बल्कि आम जनता की जान भी जोखिम में डाली जा रही है। ❓ *साक्ष्य मौजूद, फिर भी प्रशासन मौन क्यों?* क्या “ऊपर” तक पहुँच रहा है हिस्से का खेल सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अवैध खनन के साक्ष्य मौजूद हैं—फोटो, वीडियो, वाहन नंबर और चश्मदीद बयान—तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? स्थानीय लोगों का आरोप है कि कहीं न कहीं इस पूरे खेल में प्रशासनिक संरक्षण मिल रहा है। तभी तो खनन माफिया इतने बेखौफ होकर काम कर रहा है। जनता पूछ रही है कि क्या इस अवैध कमाई का हिस्सा “ऊपर” तक पहुँच रहा है? अगर नहीं, तो अब तक दोषियों पर बड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? बांदा–फतेहपुर क्षेत्र के लोग चाहते हैं कि शासन-प्रशासन इस मामले में तुरंत सख्त कदम उठाए, दोषियों को जेल भेजे और अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाए।2
- #Apkiawajdigital लखनऊ, 7 फरवरी: गोमती नगर के भरवारा इलाके में एक बार फिर विवादों में घिरे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक बेदी राम ने नगर निगम की टीम को जमकर खरी-खोटी सुनाई। आरोप है कि विधायक ने अपने मैरिज हॉल के बाहर 6 फीट चौड़े नाले की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। जब नगर निगम की टीम बुलडोजर सहित कार्रवाई के लिए पहुंची, तो विधायक ने फोन पर लेखपाल को तीखी गालियां दीं और धमकाया कि "नौकरी मुश्किल कर दूंगा"। इतना ही नहीं, महिला पार्षद को भी अपशब्द कहे गए, जिसका ऑडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद नगर निगम की टीम बिना कोई कार्रवाई किए मौके से लौट आई, जिससे इलाके में आक्रोश और सवाल खड़े हो गए हैं। विधायक बेदी राम ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए दावा किया कि वायरल ऑडियो में उनकी आवाज नहीं है और कार्रवाई का कोई आधार नहीं बनता। वहीं, प्रभावित पार्षद और कर्मचारी अब मेयर से शिकायत करने की तैयारी में जुट गए हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब विधायक बेदी राम पहले से ही नीट पेपर लीक मामले में चर्चा में हैं और उनके खिलाफ विभिन्न स्तर पर जांच चल रही है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या सत्ता का दुरुपयोग कर सरकारी जमीन पर कब्जा जमाना और अधिकारी-कर्मचारियों को धमकाना अब आम बात हो गई है? नगर निगम प्रशासन की चुप्पी और टीम का पीछे हटना इस पूरे प्रकरण को और गंभीर बना रहा है। प्रशासन से अब सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है, ताकि कानून सबके लिए बराबर लागू हो और अवैध कब्जाधारियों को संरक्षण न मिले।1
- बांदा में GIC ग्राउंड पर यूजीसी के कानून का विरोध प्रदर्शन । UGC बिल वापस लो।1
- बांदा (बबेरु) से बड़ी खबर बबेरु कस्बे में 27 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पुलिस जांच में जुटी बांदा जनपद के थाना बबेरु क्षेत्र अंतर्गत एक 27 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु का मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही थाना पुलिस व फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य संकलन की कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान महिला का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उसकी डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। परिजनों व स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है, तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई होगी। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच पूरी होने का इंतजार किया जाए।1