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टीकमगढ़ जिले के कपासी गांव में एक जमीनी विवाद को लेकर सगे भाई ने अपने दूसरे भाई और उसके परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। इस मारपीट में लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया। घटना के बाद पीड़ितों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा में प्राथमिक उपचार दिया गया। संबंधित थाने की पुलिस मामले की जांच पड़ताल करने में जुट गई है, और डॉ. मोहन यादव टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक हैं।

2 hrs ago
user_Manish Yadav
Manish Yadav
पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

टीकमगढ़ जिले के कपासी गांव में एक जमीनी विवाद को लेकर सगे भाई ने अपने दूसरे भाई और उसके परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। इस मारपीट में लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया। घटना के बाद पीड़ितों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा में प्राथमिक उपचार दिया गया। संबंधित थाने की पुलिस मामले की जांच पड़ताल करने में जुट गई है, और डॉ. मोहन यादव टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक हैं।

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  • पलेरा क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। थाना क्षेत्र के ग्राम कछौरा में खेत पर काम कर रहे 45 वर्षीय किशन अहिरवार की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। बताया गया कि किशन अहिरवार खेत पर मौजूद थे, तभी अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गए। परिजन और ग्रामीण तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई जा रही है। लगातार हो रही बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं के मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने तथा सतर्क रहने की अपील की है।
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    पलेरा क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। थाना क्षेत्र के ग्राम कछौरा में खेत पर काम कर रहे 45 वर्षीय किशन अहिरवार की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। बताया गया कि किशन अहिरवार खेत पर मौजूद थे, तभी अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गए। परिजन और ग्रामीण तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई जा रही है। लगातार हो रही बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं के मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने तथा सतर्क रहने की अपील की है।
    user_MUHAMMAD KHWAJA JOURNALIST
    MUHAMMAD KHWAJA JOURNALIST
    Media company पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बमोरी कला गाँव में मानसून की शुरुआत के साथ ही सड़कों और गलियों की बदहाली एक बार फिर उजागर हो गई है। गाँव के अधिकांश रास्तों पर भारी कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इस स्थिति से ग्रामीणों को अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए, विशेषकर स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को, सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश में भी पूरे गाँव की गलियाँ कीचड़ से भर जाती हैं। कई स्थानों पर पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं और राहगीरों के गिरने का खतरा बना रहता है। इस वार्षिक समस्या से राहत पाने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गाँव में सड़क और नाली निर्माण का स्थायी समाधान करने की मांग की है। फिलहाल, बमोरी कला के निवासी कीचड़ भरे रास्तों से होकर निकलने को मजबूर हैं।
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    बमोरी कला गाँव में मानसून की शुरुआत के साथ ही सड़कों और गलियों की बदहाली एक बार फिर उजागर हो गई है। गाँव के अधिकांश रास्तों पर भारी कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इस स्थिति से ग्रामीणों को अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए, विशेषकर स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को, सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश में भी पूरे गाँव की गलियाँ कीचड़ से भर जाती हैं। कई स्थानों पर पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं और राहगीरों के गिरने का खतरा बना रहता है।

इस वार्षिक समस्या से राहत पाने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गाँव में सड़क और नाली निर्माण का स्थायी समाधान करने की मांग की है। फिलहाल, बमोरी कला के निवासी कीचड़ भरे रास्तों से होकर निकलने को मजबूर हैं।
    user_Mahendra Kumar Dubey
    Mahendra Kumar Dubey
    Voice of people जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    17 min ago
  • बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले में रोज़गार का गंभीर संकट बना हुआ है, जिसके कारण प्रतिदिन हज़ारों की संख्या में लोग अपने गांव और परिवार छोड़कर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। इस व्यापक पलायन की दर्दनाक तस्वीरें खरगापुर रेलवे स्टेशन पर देखने को मिल रही हैं, जहां ट्रेनों में चढ़ने के लिए यात्रियों के बीच भारी अफरा-तफरी और जद्दोजहद मची रहती है। खरगापुर रेलवे स्टेशन पर रोज़ाना मजदूर, किसान और युवा अपने सिर पर गठरी और हाथों में सामान लेकर ट्रेन का इंतज़ार करते हैं। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही, सामान्य डिब्बों में जगह बनाने के लिए लोगों में होड़ मच जाती है। हालात इतने विकट हैं कि यात्रियों को डिब्बों में घुसने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। कई लोग दरवाजों पर लटककर यात्रा करने को मजबूर होते हैं, जबकि डिब्बों के अंदर यात्री एक-दूसरे से सटकर बैठे और खड़े दिखाई देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिले के अधिकांश गांवों में रोज़गार के साधनों का घोर अभाव है। खेती भी अब मौसम की अनिश्चितता और बढ़ती लागत के कारण घाटे का सौदा बनती जा रही है। गांवों में न तो कोई बड़ा उद्योग स्थापित है और न ही ऐसा कोई स्थायी रोज़गार उपलब्ध है, जिससे परिवार का भरण-पोषण हो सके। इसी मजबूरी के चलते लोग अपने घर, परिवार और छोटे बच्चों को छोड़कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने निकल पड़ते हैं। हर साल की तरह इस वर्ष भी पलायन का यह सिलसिला तेज़ हो गया है, जिससे सबसे ज़्यादा गरीब और मजदूर परिवार प्रभावित हो रहे हैं, जिनके पास रोज़गार का कोई स्थानीय विकल्प नहीं है। लोगों की मांग है कि यदि जिले में उद्योग स्थापित किए जाएं, रोज़गारपरक योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन हो और युवाओं को स्थानीय स्तर पर काम मिले, तो उन्हें अपना घर छोड़कर सैकड़ों किलोमीटर दूर जाने की विवशता से मुक्ति मिल सकती है। खरगापुर रेलवे स्टेशन की ये तस्वीरें टीकमगढ़ जिले की उस भयावह हकीकत को दर्शाती हैं, जहां रोज़गार की तलाश में हज़ारों लोग हर दिन अपना गांव छोड़ने को मजबूर हैं, सिर पर गठरी और आँखों में बेहतर भविष्य की उम्मीद लिए, लेकिन दिल में परिवार से बिछड़ने का दर्द।
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    बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले में रोज़गार का गंभीर संकट बना हुआ है, जिसके कारण प्रतिदिन हज़ारों की संख्या में लोग अपने गांव और परिवार छोड़कर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। इस व्यापक पलायन की दर्दनाक तस्वीरें खरगापुर रेलवे स्टेशन पर देखने को मिल रही हैं, जहां ट्रेनों में चढ़ने के लिए यात्रियों के बीच भारी अफरा-तफरी और जद्दोजहद मची रहती है।

खरगापुर रेलवे स्टेशन पर रोज़ाना मजदूर, किसान और युवा अपने सिर पर गठरी और हाथों में सामान लेकर ट्रेन का इंतज़ार करते हैं। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही, सामान्य डिब्बों में जगह बनाने के लिए लोगों में होड़ मच जाती है। हालात इतने विकट हैं कि यात्रियों को डिब्बों में घुसने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। कई लोग दरवाजों पर लटककर यात्रा करने को मजबूर होते हैं, जबकि डिब्बों के अंदर यात्री एक-दूसरे से सटकर बैठे और खड़े दिखाई देते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जिले के अधिकांश गांवों में रोज़गार के साधनों का घोर अभाव है। खेती भी अब मौसम की अनिश्चितता और बढ़ती लागत के कारण घाटे का सौदा बनती जा रही है। गांवों में न तो कोई बड़ा उद्योग स्थापित है और न ही ऐसा कोई स्थायी रोज़गार उपलब्ध है, जिससे परिवार का भरण-पोषण हो सके। इसी मजबूरी के चलते लोग अपने घर, परिवार और छोटे बच्चों को छोड़कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने निकल पड़ते हैं।

हर साल की तरह इस वर्ष भी पलायन का यह सिलसिला तेज़ हो गया है, जिससे सबसे ज़्यादा गरीब और मजदूर परिवार प्रभावित हो रहे हैं, जिनके पास रोज़गार का कोई स्थानीय विकल्प नहीं है। लोगों की मांग है कि यदि जिले में उद्योग स्थापित किए जाएं, रोज़गारपरक योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन हो और युवाओं को स्थानीय स्तर पर काम मिले, तो उन्हें अपना घर छोड़कर सैकड़ों किलोमीटर दूर जाने की विवशता से मुक्ति मिल सकती है। खरगापुर रेलवे स्टेशन की ये तस्वीरें टीकमगढ़ जिले की उस भयावह हकीकत को दर्शाती हैं, जहां रोज़गार की तलाश में हज़ारों लोग हर दिन अपना गांव छोड़ने को मजबूर हैं, सिर पर गठरी और आँखों में बेहतर भविष्य की उम्मीद लिए, लेकिन दिल में परिवार से बिछड़ने का दर्द।
    user_Journalist surendra singh
    Journalist surendra singh
    में एक पत्रकार हूं खरगापुर, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • टीकमगढ़ जिले के कपासी गांव में एक जमीनी विवाद को लेकर सगे भाई ने अपने दूसरे भाई और उसके परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। इस मारपीट में लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया। घटना के बाद पीड़ितों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा में प्राथमिक उपचार दिया गया। संबंधित थाने की पुलिस मामले की जांच पड़ताल करने में जुट गई है, और डॉ. मोहन यादव टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक हैं।
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    टीकमगढ़ जिले के कपासी गांव में एक जमीनी विवाद को लेकर सगे भाई ने अपने दूसरे भाई और उसके परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। इस मारपीट में लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया।

घटना के बाद पीड़ितों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा में प्राथमिक उपचार दिया गया। संबंधित थाने की पुलिस मामले की जांच पड़ताल करने में जुट गई है, और डॉ. मोहन यादव टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक हैं।
    user_Manish Yadav
    Manish Yadav
    पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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