Shuru
Apke Nagar Ki App…
अभिषेक कुमार eMedia द्वारा साझा की गई इस जानकारी का मुख्य विषय प्रसिद्ध खान सर के वास्तविक सफर और उसके पीछे छिपी वजहों को जानना है। यह पोस्ट पाठकों को खान सर के जीवन के इस महत्वपूर्ण पहलू को गहराई से समझने के लिए प्रेरित करती है।
Abhishek Kumar eMedia
अभिषेक कुमार eMedia द्वारा साझा की गई इस जानकारी का मुख्य विषय प्रसिद्ध खान सर के वास्तविक सफर और उसके पीछे छिपी वजहों को जानना है। यह पोस्ट पाठकों को खान सर के जीवन के इस महत्वपूर्ण पहलू को गहराई से समझने के लिए प्रेरित करती है।
More news from बिहार and nearby areas
- lk raja1
- यह वीडियो उन लोगों के लिए है जो अपने शरीर में अंदरूनी कमजोरी महसूस कर रहे हैं।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, औरंगाबाद के व्यवहार न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में एक वृहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और प्राधिकार के अध्यक्ष श्री राजीव रंजन कुमार सहित प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरुण कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विष्वविभूति गुप्ता, श्रीमती आनंदिता सिंह, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो श्री लक्ष्मीकांत और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों के साथ मिलकर पौधे लगाए। वृक्षारोपण के समय, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एक दिव्यांग कर्मी अंकिता के साथ पौधे रोपे और समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग व्यक्ति किसी भी स्थिति में एक आम मनुष्य से अलग नहीं हैं, बल्कि वे और भी ज्यादा सशक्त और मानसिक रूप से मजबूत होते हैं। कार्यक्रम के समापन के बाद, जिला जज ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व होना चाहिए, क्योंकि पर्यावरण और जीवन का अटूट संबंध है। उन्होंने पर्यावरण दिवस मनाकर इसके संरक्षण, संवर्धन और विकास का संकल्प लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। जिला जज ने बताया कि हमारे पूर्वजों द्वारा लगाए गए वृक्षों के कारण ही हमें आज हरियाली और छाया मिलती है, और इस कर्तव्य को निभाना अब प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हर कोई पर्यावरण संरक्षण का दायित्व सही ढंग से निभाए, तो हमें कई बीमारियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, साथ ही साल-दर-साल कम होती बारिश, गिरते भूजल स्तर और बढ़ती गर्मी जैसी समस्याएं सीधे तौर पर पर्यावरण से जुड़ी हैं। प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने इस अवसर पर बताया कि वृक्षारोपण से पर्यावरण को स्वच्छ करके आम आदमी को अनेकों बीमारियों से बचाया जा सकता है। उन्होंने कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका एकमात्र स्थायी उपाय अत्यधिक मात्रा में वृक्षारोपण करना ही है। श्रीमती पटेल ने वृक्षों के मनुष्य जीवन के लिए उपयोगी होने पर प्रकाश डाला और ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभावों से बचाव के लिए पर्यावरण के संरक्षण तथा वृहत वृक्षारोपण को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक पेड़ लगाने और उसके बड़ा होने तक देखभाल करने की अपील की, ताकि जब उनका लगाया हुआ पेड़ बड़ा हो तो उनके दिल को सुकून मिले और हर जगह हरियाली ही हरियाली हो।1
- Post by CHANDAN KUMAR1
- भोजपुर जिले में पैक्स चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। यह चुनाव प्रशासन की चुस्त और कड़ी निगरानी के कारण बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक पूरा हो सका।1
- मखदुमपुर प्रखंड के नेर गांव में शुक्रवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस अभियान के तहत, एक महत्वपूर्ण जल स्रोत 'पइन' पर अवैध रूप से बनाए गए आठ मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई अंचलाधिकारी रंजीत उपाध्याय के नेतृत्व में जेसीबी मशीन का उपयोग करके की गई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी रही। अंचलाधिकारी ने जानकारी दी कि कुछ लोगों ने गांव के इस महत्वपूर्ण जल स्रोत को भरकर मकान बना लिए थे, जिसके कारण जल निकासी बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। सरकारी अभिलेखों और जांच के आधार पर, बउआ नन्द दास, बोधू दास, विजय दास सहित कुल आठ व्यक्तियों के मकानों को अतिक्रमण मानते हुए हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य सरकार और जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक भूमि, जल स्रोतों और सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, प्रशासन ने आम जनता से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न करने की अपील भी की है।1
- ई-मीडिया बिहार (eMediaBihar) की ओर से अभिषेक कुमार ने बिहार में पलायन और रोजगार के अवसरों की कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि राज्य से लोगों का पलायन आखिर कब रुकेगा और बिहार के युवाओं को उनके अपने प्रदेश में रोजगार के अवसर कब उपलब्ध होंगे।1
- यह वीडियो उन सभी लोगों के लिए है जो अपने शरीर में अंदरूनी कमजोरी महसूस कर रहे हैं।1
- जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने 4 जून 2026 को गोपालगंज में मुजफ्फरपुर अस्पताल अगलगी मामले को अत्यंत दुखद बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा, खासकर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। प्रशांत किशोर ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों का चाल, चरित्र और चेहरा जनता के सामने स्पष्ट है, अगर उन्हें स्वास्थ्य मंत्री, शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री बनाया जाएगा तो उनसे बेहतर परिणामों की उम्मीद नहीं की जा सकती है। मुख्यमंत्री के फिजिक्स की यूनिवर्सिटी खोलने संबंधी बयान पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि दुनिया में कहीं भी सिर्फ फिजिक्स की यूनिवर्सिटी नहीं होती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस PFC कोर्स को पास करने की बात की जाती है, वह भी पूरा नहीं किया गया है। प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर से सियासी बयानबाजी तेज होने की संभावना है।1