विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, औरंगाबाद के व्यवहार न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में एक वृहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और प्राधिकार के अध्यक्ष श्री राजीव रंजन कुमार सहित प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरुण कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विष्वविभूति गुप्ता, श्रीमती आनंदिता सिंह, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो श्री लक्ष्मीकांत और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों के साथ मिलकर पौधे लगाए। वृक्षारोपण के समय, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एक दिव्यांग कर्मी अंकिता के साथ पौधे रोपे और समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग व्यक्ति किसी भी स्थिति में एक आम मनुष्य से अलग नहीं हैं, बल्कि वे और भी ज्यादा सशक्त और मानसिक रूप से मजबूत होते हैं। कार्यक्रम के समापन के बाद, जिला जज ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व होना चाहिए, क्योंकि पर्यावरण और जीवन का अटूट संबंध है। उन्होंने पर्यावरण दिवस मनाकर इसके संरक्षण, संवर्धन और विकास का संकल्प लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। जिला जज ने बताया कि हमारे पूर्वजों द्वारा लगाए गए वृक्षों के कारण ही हमें आज हरियाली और छाया मिलती है, और इस कर्तव्य को निभाना अब प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हर कोई पर्यावरण संरक्षण का दायित्व सही ढंग से निभाए, तो हमें कई बीमारियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, साथ ही साल-दर-साल कम होती बारिश, गिरते भूजल स्तर और बढ़ती गर्मी जैसी समस्याएं सीधे तौर पर पर्यावरण से जुड़ी हैं। प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने इस अवसर पर बताया कि वृक्षारोपण से पर्यावरण को स्वच्छ करके आम आदमी को अनेकों बीमारियों से बचाया जा सकता है। उन्होंने कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका एकमात्र स्थायी उपाय अत्यधिक मात्रा में वृक्षारोपण करना ही है। श्रीमती पटेल ने वृक्षों के मनुष्य जीवन के लिए उपयोगी होने पर प्रकाश डाला और ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभावों से बचाव के लिए पर्यावरण के संरक्षण तथा वृहत वृक्षारोपण को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक पेड़ लगाने और उसके बड़ा होने तक देखभाल करने की अपील की, ताकि जब उनका लगाया हुआ पेड़ बड़ा हो तो उनके दिल को सुकून मिले और हर जगह हरियाली ही हरियाली हो।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, औरंगाबाद के व्यवहार न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में एक वृहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और प्राधिकार के अध्यक्ष श्री राजीव रंजन कुमार सहित प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरुण कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विष्वविभूति गुप्ता, श्रीमती आनंदिता सिंह, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो श्री लक्ष्मीकांत और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों के साथ मिलकर पौधे लगाए। वृक्षारोपण के समय, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एक दिव्यांग कर्मी अंकिता के साथ पौधे रोपे और समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग व्यक्ति किसी भी स्थिति में एक आम मनुष्य से अलग नहीं हैं, बल्कि वे और भी ज्यादा सशक्त और मानसिक रूप से मजबूत होते हैं। कार्यक्रम के समापन के बाद, जिला जज ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व होना चाहिए, क्योंकि पर्यावरण और जीवन का अटूट संबंध है। उन्होंने पर्यावरण दिवस मनाकर इसके संरक्षण, संवर्धन और विकास का संकल्प लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। जिला जज ने बताया कि हमारे पूर्वजों द्वारा लगाए गए वृक्षों के कारण ही हमें आज हरियाली और छाया मिलती है, और इस कर्तव्य को निभाना अब प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हर कोई पर्यावरण संरक्षण का दायित्व सही ढंग से निभाए, तो हमें कई बीमारियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, साथ ही साल-दर-साल कम होती बारिश, गिरते भूजल स्तर और बढ़ती गर्मी जैसी समस्याएं सीधे तौर पर पर्यावरण से जुड़ी हैं। प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने इस अवसर पर बताया कि वृक्षारोपण से पर्यावरण को स्वच्छ करके आम आदमी को अनेकों बीमारियों से बचाया जा सकता है। उन्होंने कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका एकमात्र स्थायी उपाय अत्यधिक मात्रा में वृक्षारोपण करना ही है। श्रीमती पटेल ने वृक्षों के मनुष्य जीवन के लिए उपयोगी होने पर प्रकाश डाला और ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभावों से बचाव के लिए पर्यावरण के संरक्षण तथा वृहत वृक्षारोपण को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक पेड़ लगाने और उसके बड़ा होने तक देखभाल करने की अपील की, ताकि जब उनका लगाया हुआ पेड़ बड़ा हो तो उनके दिल को सुकून मिले और हर जगह हरियाली ही हरियाली हो।
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, औरंगाबाद के व्यवहार न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में एक वृहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और प्राधिकार के अध्यक्ष श्री राजीव रंजन कुमार सहित प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरुण कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विष्वविभूति गुप्ता, श्रीमती आनंदिता सिंह, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो श्री लक्ष्मीकांत और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों के साथ मिलकर पौधे लगाए। वृक्षारोपण के समय, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एक दिव्यांग कर्मी अंकिता के साथ पौधे रोपे और समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग व्यक्ति किसी भी स्थिति में एक आम मनुष्य से अलग नहीं हैं, बल्कि वे और भी ज्यादा सशक्त और मानसिक रूप से मजबूत होते हैं। कार्यक्रम के समापन के बाद, जिला जज ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व होना चाहिए, क्योंकि पर्यावरण और जीवन का अटूट संबंध है। उन्होंने पर्यावरण दिवस मनाकर इसके संरक्षण, संवर्धन और विकास का संकल्प लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। जिला जज ने बताया कि हमारे पूर्वजों द्वारा लगाए गए वृक्षों के कारण ही हमें आज हरियाली और छाया मिलती है, और इस कर्तव्य को निभाना अब प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हर कोई पर्यावरण संरक्षण का दायित्व सही ढंग से निभाए, तो हमें कई बीमारियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, साथ ही साल-दर-साल कम होती बारिश, गिरते भूजल स्तर और बढ़ती गर्मी जैसी समस्याएं सीधे तौर पर पर्यावरण से जुड़ी हैं। प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने इस अवसर पर बताया कि वृक्षारोपण से पर्यावरण को स्वच्छ करके आम आदमी को अनेकों बीमारियों से बचाया जा सकता है। उन्होंने कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका एकमात्र स्थायी उपाय अत्यधिक मात्रा में वृक्षारोपण करना ही है। श्रीमती पटेल ने वृक्षों के मनुष्य जीवन के लिए उपयोगी होने पर प्रकाश डाला और ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभावों से बचाव के लिए पर्यावरण के संरक्षण तथा वृहत वृक्षारोपण को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक पेड़ लगाने और उसके बड़ा होने तक देखभाल करने की अपील की, ताकि जब उनका लगाया हुआ पेड़ बड़ा हो तो उनके दिल को सुकून मिले और हर जगह हरियाली ही हरियाली हो।1
- गया जिले के गुरारू बाजार स्थित मंगलम पैलेस में शुक्रवार को संज्ञा समिति गया धाम की गुरारू प्रखंड इकाई का गठन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि संज्ञा समिति के केंद्रीय अध्यक्ष देवेंद्र पाठक और जिला अध्यक्ष गोपाल मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर 11 सदस्यीय प्रखंड कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें धनंजय कुमार मिश्रा को गुरारू प्रखंड अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यक्रम का सफल संयोजन अरुणाभ क्षितिज और मंगलानंद मिश्रा ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, केंद्रीय अध्यक्ष देवेंद्र पाठक ने समाज को एकजुट करने और जरूरतमंद परिवारों की सहायता करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी बताया कि संज्ञा समिति गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में हरसंभव सहयोग करेगी और समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। पाठक ने सकलद्वीपीय ब्राह्मण समाज की एकता पर जोर देते हुए सभी से संगठन को मजबूत बनाने और समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया। जिला अध्यक्ष गोपाल मिश्रा ने भी संगठन की गतिविधियों और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए समाज के लोगों को एक मंच पर आने की अपील की। इस अवसर पर संज्ञा समिति के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मंटू मिश्रा, कृष्ण कुमार मिश्रा, केंद्रीय सचिव ब्रजनंदन मिश्र, प्रेम कुमार मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में संगठन को मजबूत बनाने और समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।2
- रफीगंज के पौथू थाना क्षेत्र के भेटनीयां गांव में एक घरेलू विवाद के चलते देवर द्वारा अपनी भाभी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। यह घटना गुरुवार की दोपहर करीब 3:00 बजे की बताई जा रही है, जिसमें यदुनंदन महतो की 60 वर्षीय पत्नी मालती देवी घायल हो गईं। घायल मालती देवी ने बताया कि उनके देवर रघुनंदन महतो और उनकी पत्नी दुर्गावती देवी गाली-गलौज कर रहे थे। जब मालती देवी ने इसका विरोध किया, तो दोनों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं। घटना के बाद परिजनों ने घायल महिला का इलाज कराया। इस संबंध में पौथू थाना में एक आवेदन दिया गया है। पौथू थाना अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि उन्हें आवेदन प्राप्त हो गया है और मामले में प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।1
- ई-मीडिया बिहार (eMediaBihar) की ओर से अभिषेक कुमार ने बिहार में पलायन और रोजगार के अवसरों की कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि राज्य से लोगों का पलायन आखिर कब रुकेगा और बिहार के युवाओं को उनके अपने प्रदेश में रोजगार के अवसर कब उपलब्ध होंगे।1
- कोंच प्रखंड मुख्यालय के सभागार में बुधवार को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) विपुल भारद्वाज ने की, जिसका संचालन प्रखंड समन्वयक अमित कुमार ने किया। बैठक में "स्वच्छ गांव-सुरक्षित जलवायु अभियान" के सफल संचालन पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें सभी पंचायतों के मुखिया, स्वच्छता पर्यवेक्षक, पंचायत सचिव और जिला संसाधन सेवी उपस्थित रहे। बैठक में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से "एक पेड़ मां के नाम" अभियान को बड़े पैमाने पर चलाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बीडीओ विपुल भारद्वाज ने जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत में पौधारोपण, कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण तथा स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को प्राथमिकता देकर अभियान को सफल बनाया जाए, साथ ही सभी जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों से सक्रिय भागीदारी निभाने और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का आह्वान किया। इस दौरान ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, घर-घर कचरा संग्रहण, सूखा एवं गीला कचरा पृथक्करण, सामुदायिक सोख्ता निर्माण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई। पंचायत स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक के अंत में, बीडीओ ने कहा कि प्रत्येक पंचायत को कचरा मुक्त और जल संरक्षित बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, कर्मियों और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं, और विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम तथा आमसभाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इस बैठक में मुखिया संघ अध्यक्ष शिवकुमार चौहान सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि और कर्मी भी मौजूद थे।1
- झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा छात्र द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें प्रकाश कुमार सिंह उपस्थित रहे। इस बैठक के दौरान और कोई विशेष विवरण या चर्चा का उल्लेख नहीं किया गया है।1
- ईमीडिया के अभिषेक कुमार ने बिहार में रोजगार और लोगों के पलायन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा है कि आखिर बिहार से लोगों का पलायन कब थमेगा और राज्य के युवाओं को रोजगार कब मिल पाएगा।1
- पलामू-धनबाद रेलखंड पर स्थित राजहरा रेलवे स्टेशन के पास एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ एक मालगाड़ी की लगभग 10 से 15 बोगियां पटरी से उतर गई हैं। यह घटना पलामू-धनबाद रेलखंड पर घटी है और इसे लेकर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद, रेल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की एक टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हो गई है। फिलहाल, दुर्घटना के कारणों और किसी भी प्रकार की जनहानि के संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस हादसे के कारण रेल परिचालन पर गंभीर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। मौके पर राहत एवं जांच कार्य जारी है, और मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।1