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हिमाचल प्रदेश के शिमला में आज ओलावृष्टि के साथ-साथ भारी बारिश हुई। इस मौसमी बदलाव के बाद शहर में कई घोड़ों को रेनकोट से ढका हुआ देखा गया, जिससे उन्हें खराब मौसम से बचाया जा सके।

2 hrs ago
user_Him News Update
Him News Update
रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
2 hrs ago

हिमाचल प्रदेश के शिमला में आज ओलावृष्टि के साथ-साथ भारी बारिश हुई। इस मौसमी बदलाव के बाद शहर में कई घोड़ों को रेनकोट से ढका हुआ देखा गया, जिससे उन्हें खराब मौसम से बचाया जा सके।

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  • हिमाचल प्रदेश के शिमला में आज ओलावृष्टि के साथ-साथ भारी बारिश हुई। इस मौसमी बदलाव के बाद शहर में कई घोड़ों को रेनकोट से ढका हुआ देखा गया, जिससे उन्हें खराब मौसम से बचाया जा सके।
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    हिमाचल प्रदेश के शिमला में आज ओलावृष्टि के साथ-साथ भारी बारिश हुई। इस मौसमी बदलाव के बाद शहर में कई घोड़ों को रेनकोट से ढका हुआ देखा गया, जिससे उन्हें खराब मौसम से बचाया जा सके।
    user_Him News Update
    Him News Update
    रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • हाल ही में संपन्न हुए चुनावों के बाद, टीम ग्राउंड ज़ीरो ने एक महत्वपूर्ण मंथन सत्र आयोजित किया। इस सत्र का मुख्य बिंदु यह रहा कि चुनाव के उपरांत सामने आए प्रतिनिधियों को अपनी पंचायत में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए किस प्रकार के कदम उठाने चाहिए।
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    हाल ही में संपन्न हुए चुनावों के बाद, टीम ग्राउंड ज़ीरो ने एक महत्वपूर्ण मंथन सत्र आयोजित किया। इस सत्र का मुख्य बिंदु यह रहा कि चुनाव के उपरांत सामने आए प्रतिनिधियों को अपनी पंचायत में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए किस प्रकार के कदम उठाने चाहिए।
    user_Dev Raj  Thakur
    Dev Raj Thakur
    Farmer निरमंड, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मौसम विभाग ने शिमला में अगले कई घंटों तक और बारिश होने की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते सभी शिमलावासियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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    मौसम विभाग ने शिमला में अगले कई घंटों तक और बारिश होने की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते सभी शिमलावासियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
    user_North India bulletin
    North India bulletin
    Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    5 hrs ago
  • शिमला में वकीलों द्वारा किए गए 'चक्का जाम' को लेकर मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि इस हड़ताल के कारण करीब तीन से चार घंटे तक ट्रैफिक जाम रहा, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नरेश चौहान ने स्पष्ट किया कि छोटा शिमला से शिल्ली चौक तक की सड़क एक 'सील्ड रोड' है और इसे पूरी तरह ट्रैफिक के लिए खोलना उचित नहीं होगा। उन्होंने जानकारी दी कि परमिट मांगने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही थी, जिसे देखते हुए विधानसभा में एक बिल पारित कर प्रति माह 1 हजार रुपये परमिट फीस तय की गई थी। साथ ही, इन रूट्स के दुरुपयोग की सूचनाएं भी सामने आ रही थीं। नरेश चौहान ने वकीलों के विरोध के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सकता था और उग्र होने की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने सुझाया कि चुनी हुई प्रतिनिधि बॉडी मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रख सकती थी। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि कानून की समझ रखने वाले लोगों से ऐसी उम्मीद नहीं थी और सवाल उठाया कि वकील किस अथॉरिटी से लोगों की गाड़ियों को रोककर चालान कटवा रहे थे। उन्होंने इसे कानून को हाथ में लेने का अनुचित तरीका बताया। चौहान ने बताया कि बातचीत के बाद यह सहमति बनी है कि एक कमेटी गठित की जाएगी, जो सूची तैयार करेगी और यह तय करेगी कि किन लोगों को रियायती पास दिए जा सकते हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेश चौहान ने इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी करार दिया और कहा कि वकीलों की आवाज कोई नहीं दबा सकता।
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    शिमला में वकीलों द्वारा किए गए 'चक्का जाम' को लेकर मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि इस हड़ताल के कारण करीब तीन से चार घंटे तक ट्रैफिक जाम रहा, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नरेश चौहान ने स्पष्ट किया कि छोटा शिमला से शिल्ली चौक तक की सड़क एक 'सील्ड रोड' है और इसे पूरी तरह ट्रैफिक के लिए खोलना उचित नहीं होगा। उन्होंने जानकारी दी कि परमिट मांगने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही थी, जिसे देखते हुए विधानसभा में एक बिल पारित कर प्रति माह 1 हजार रुपये परमिट फीस तय की गई थी। साथ ही, इन रूट्स के दुरुपयोग की सूचनाएं भी सामने आ रही थीं।

नरेश चौहान ने वकीलों के विरोध के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सकता था और उग्र होने की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने सुझाया कि चुनी हुई प्रतिनिधि बॉडी मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रख सकती थी। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि कानून की समझ रखने वाले लोगों से ऐसी उम्मीद नहीं थी और सवाल उठाया कि वकील किस अथॉरिटी से लोगों की गाड़ियों को रोककर चालान कटवा रहे थे। उन्होंने इसे कानून को हाथ में लेने का अनुचित तरीका बताया।

चौहान ने बताया कि बातचीत के बाद यह सहमति बनी है कि एक कमेटी गठित की जाएगी, जो सूची तैयार करेगी और यह तय करेगी कि किन लोगों को रियायती पास दिए जा सकते हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेश चौहान ने इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी करार दिया और कहा कि वकीलों की आवाज कोई नहीं दबा सकता।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    11 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश में एक बेटी, मनप्रीत कौर ने अपनी असाधारण उपलब्धि से प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने संस्कृत ज्ञान परीक्षा में पूरे राज्य भर में तीसरा स्थान हासिल किया है, जिसे 'बेटी का कमाल' बताते हुए सराहा गया है।
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    हिमाचल प्रदेश में एक बेटी, मनप्रीत कौर ने अपनी असाधारण उपलब्धि से प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने संस्कृत ज्ञान परीक्षा में पूरे राज्य भर में तीसरा स्थान हासिल किया है, जिसे 'बेटी का कमाल' बताते हुए सराहा गया है।
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Rewalsar, Mandi•
    50 min ago
  • कुल्लू के धाऊगी वार्ड से जिला परिषद के आजाद प्रत्याशी ओम प्रकाश ठाकुर ने वोटों की रिकाउंटिंग की मांग की है।
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    कुल्लू के धाऊगी वार्ड से जिला परिषद के आजाद प्रत्याशी ओम प्रकाश ठाकुर ने वोटों की रिकाउंटिंग की मांग की है।
    user_Himachal Update 24 News
    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    23 hrs ago
  • बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार ने 4 जून को क्यारी और जबल क्षेत्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने क्यारी से जबल सड़क पर भूस्खलन के कारण उत्पन्न कठिनाइयों का जायजा लिया। इस दौरान उपायुक्त ने मझेड़ और कुटैहला के ग्रामीणों की समस्याओं को भी सुना। ग्रामीणों ने उपायुक्त को अवगत कराया कि भूस्खलन के कारण सड़क क्षतिग्रस्त होने से क्यारियां गाँव के लोगों को श्मशान घाट तक पहुँचने के लिए लगभग 13 से 14 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। उपायुक्त ने क्यारियां क्षेत्र में चल रही कटिंग का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कटिंग से निकलने वाले पत्थरों की चोरी रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएँ। साथ ही, उन्होंने फोरलेन सड़क कटिंग निर्माण कार्य के कारण ग्रामीणों को बिजली, पेयजल आपूर्ति सहित आ रही अन्य समस्याओं पर भी ध्यान दिया। इन सभी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर एसडीएम धर्मपाल, डीएफओ राजीव कुमार, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता, एनएचएआई के अधिकारी और पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष होशियार सिंह सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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    बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार ने 4 जून को क्यारी और जबल क्षेत्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने क्यारी से जबल सड़क पर भूस्खलन के कारण उत्पन्न कठिनाइयों का जायजा लिया। इस दौरान उपायुक्त ने मझेड़ और कुटैहला के ग्रामीणों की समस्याओं को भी सुना।

ग्रामीणों ने उपायुक्त को अवगत कराया कि भूस्खलन के कारण सड़क क्षतिग्रस्त होने से क्यारियां गाँव के लोगों को श्मशान घाट तक पहुँचने के लिए लगभग 13 से 14 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। उपायुक्त ने क्यारियां क्षेत्र में चल रही कटिंग का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कटिंग से निकलने वाले पत्थरों की चोरी रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएँ। साथ ही, उन्होंने फोरलेन सड़क कटिंग निर्माण कार्य के कारण ग्रामीणों को बिजली, पेयजल आपूर्ति सहित आ रही अन्य समस्याओं पर भी ध्यान दिया।

इन सभी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर एसडीएम धर्मपाल, डीएफओ राजीव कुमार, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता, एनएचएआई के अधिकारी और पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष होशियार सिंह सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
    user_Inform News
    Inform News
    Press advisory बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    34 min ago
  • हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनावों के नतीजों के बाद, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने दावा किया है कि जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकार दिया है और अब मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा देकर विधानसभा चुनाव का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। रणधीर शर्मा के अनुसार, इन चुनावों में भाजपा की 'सुनामी' आई है, जिसमें कांग्रेस का प्रदेशभर में 'सुपड़ा साफ' हो गया है। उन्होंने कहा कि यह जनादेश स्पष्ट संकेत देता है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का समय निकट है। शर्मा ने चुनाव परिणामों का विस्तृत ब्यौरा देते हुए बताया कि चार नगर निगमों में से तीन प्रमुख नगर निगमों - मंडी, धर्मशाला और सोलन - में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। नगर परिषदों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 22 में से 12 और नगर पंचायतों में 25 में से 18 स्थानों पर जीत दर्ज कर कांग्रेस को करारा जवाब दिया है। जिला परिषद चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 250 में से 144 वार्डों में जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस केवल 60 सीटों तक सिमट गई। बिलासपुर में कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाई और मुख्यमंत्री के गृह जिले हमीरपुर में उसकी स्थिति बेहद कमजोर रही। पंचायत समिति (बीडीसी) चुनावों में भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1769 वार्डों में से 1109 पर जीत दर्ज की, वहीं कांग्रेस 477 पर सिमट गई। इसके अतिरिक्त, प्रधान और उपप्रधान पदों पर 65 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधि भाजपा विचारधारा से जुड़े हुए हैं। रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार शुरू से इन चुनावों से बचती रही, कभी पुनर्गठन, कभी रोस्टर, तो कभी डिलिमिटेशन जैसे बहानों का सहारा लेकर इन्हें टालने का प्रयास किया। उनका कहना था कि सरकार को पहले से ही जनता के बीच जाने पर करारी हार का आभास था, और अंततः न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद ही चुनाव करवाने पड़े। शर्मा ने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ चुनावी जीत नहीं, बल्कि जनता द्वारा कांग्रेस सरकार के खिलाफ सुनाया गया अविश्वास प्रस्ताव है, क्योंकि जनता झूठी गारंटियों, खोखले वादों और घोषणाओं की राजनीति से तंग आ चुकी है। उन्होंने विधानसभा चुनावों के समय महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह, युवाओं को रोजगार, किसानों को समर्थन मूल्य और मुफ्त बिजली जैसी कांग्रेस की गारंटियों का जिक्र करते हुए कहा कि तीन वर्ष बीतने के बाद भी अधिकांश वादे पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर जनादेश स्वीकार करने के बजाय बहानेबाजी करने और हार की समीक्षा करने के बजाय भाजपा नेतृत्व पर टिप्पणी करने का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने मुख्यमंत्री की राजनीतिक हताशा का प्रमाण बताया। शर्मा ने कांग्रेस की आंतरिक कलह और गुटबाजी पर भी निशाना साधा, जिसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी हार का कारण मान रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को प्रशासनिक दबाव, भय और तकनीकी अड़चनों का सामना करना पड़ा, लेकिन जनता ने इन प्रयासों को विफल कर दिया। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनावों के दौरान प्रशासनिक दबाव, प्रलोभन या शक्ति का दुरुपयोग कर जनता के जनादेश को बदलने का प्रयास करती है, तो भाजपा इसका लोकतांत्रिक और राजनीतिक स्तर पर पुरजोर विरोध करेगी। रणधीर शर्मा ने इन चुनावों को हिमाचल की सत्ता का 'सेमीफाइनल' बताते हुए कहा कि कांग्रेस यह 'सेमीफाइनल' बुरी तरह हार चुकी है और अब 'फाइनल' खेलने की स्थिति में भी नहीं बची है। उन्होंने अंत में मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा देने और विधानसभा चुनावों का मार्ग प्रशस्त करने की मांग की, ताकि प्रदेश को एक नई दिशा और मजबूत नेतृत्व मिल सके।
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    हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनावों के नतीजों के बाद, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने दावा किया है कि जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकार दिया है और अब मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा देकर विधानसभा चुनाव का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। रणधीर शर्मा के अनुसार, इन चुनावों में भाजपा की 'सुनामी' आई है, जिसमें कांग्रेस का प्रदेशभर में 'सुपड़ा साफ' हो गया है। उन्होंने कहा कि यह जनादेश स्पष्ट संकेत देता है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का समय निकट है।

शर्मा ने चुनाव परिणामों का विस्तृत ब्यौरा देते हुए बताया कि चार नगर निगमों में से तीन प्रमुख नगर निगमों - मंडी, धर्मशाला और सोलन - में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। नगर परिषदों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 22 में से 12 और नगर पंचायतों में 25 में से 18 स्थानों पर जीत दर्ज कर कांग्रेस को करारा जवाब दिया है। जिला परिषद चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 250 में से 144 वार्डों में जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस केवल 60 सीटों तक सिमट गई। बिलासपुर में कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाई और मुख्यमंत्री के गृह जिले हमीरपुर में उसकी स्थिति बेहद कमजोर रही। पंचायत समिति (बीडीसी) चुनावों में भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1769 वार्डों में से 1109 पर जीत दर्ज की, वहीं कांग्रेस 477 पर सिमट गई। इसके अतिरिक्त, प्रधान और उपप्रधान पदों पर 65 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधि भाजपा विचारधारा से जुड़े हुए हैं।

रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार शुरू से इन चुनावों से बचती रही, कभी पुनर्गठन, कभी रोस्टर, तो कभी डिलिमिटेशन जैसे बहानों का सहारा लेकर इन्हें टालने का प्रयास किया। उनका कहना था कि सरकार को पहले से ही जनता के बीच जाने पर करारी हार का आभास था, और अंततः न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद ही चुनाव करवाने पड़े। शर्मा ने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ चुनावी जीत नहीं, बल्कि जनता द्वारा कांग्रेस सरकार के खिलाफ सुनाया गया अविश्वास प्रस्ताव है, क्योंकि जनता झूठी गारंटियों, खोखले वादों और घोषणाओं की राजनीति से तंग आ चुकी है। उन्होंने विधानसभा चुनावों के समय महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह, युवाओं को रोजगार, किसानों को समर्थन मूल्य और मुफ्त बिजली जैसी कांग्रेस की गारंटियों का जिक्र करते हुए कहा कि तीन वर्ष बीतने के बाद भी अधिकांश वादे पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर जनादेश स्वीकार करने के बजाय बहानेबाजी करने और हार की समीक्षा करने के बजाय भाजपा नेतृत्व पर टिप्पणी करने का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने मुख्यमंत्री की राजनीतिक हताशा का प्रमाण बताया। शर्मा ने कांग्रेस की आंतरिक कलह और गुटबाजी पर भी निशाना साधा, जिसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी हार का कारण मान रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को प्रशासनिक दबाव, भय और तकनीकी अड़चनों का सामना करना पड़ा, लेकिन जनता ने इन प्रयासों को विफल कर दिया।

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनावों के दौरान प्रशासनिक दबाव, प्रलोभन या शक्ति का दुरुपयोग कर जनता के जनादेश को बदलने का प्रयास करती है, तो भाजपा इसका लोकतांत्रिक और राजनीतिक स्तर पर पुरजोर विरोध करेगी। रणधीर शर्मा ने इन चुनावों को हिमाचल की सत्ता का 'सेमीफाइनल' बताते हुए कहा कि कांग्रेस यह 'सेमीफाइनल' बुरी तरह हार चुकी है और अब 'फाइनल' खेलने की स्थिति में भी नहीं बची है। उन्होंने अंत में मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा देने और विधानसभा चुनावों का मार्ग प्रशस्त करने की मांग की, ताकि प्रदेश को एक नई दिशा और मजबूत नेतृत्व मिल सके।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    11 hrs ago
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