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रामगंजमंडी क्षेत्र के खैराबाद में बकरे की खाल की बोली लगाने को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे यह घटना तब हुई जब बकरे की खाल की बोली लगाई जा रही थी और एक पक्ष ने बोली में 10 रुपये अधिक बढ़ा दिए। मात्र 10 रुपये की इस बढ़ोतरी को लेकर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट और फिर जमकर पत्थरबाजी में बदल गई। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पथराव में कई लोगों को चोटें आईं। सूचना मिलने पर रामगंजमंडी और खैराबाद थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों पक्षों से करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
Aajam Choudhary
रामगंजमंडी क्षेत्र के खैराबाद में बकरे की खाल की बोली लगाने को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे यह घटना तब हुई जब बकरे की खाल की बोली लगाई जा रही थी और एक पक्ष ने बोली में 10 रुपये अधिक बढ़ा दिए। मात्र 10 रुपये की इस बढ़ोतरी को लेकर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट और फिर जमकर पत्थरबाजी में बदल गई। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पथराव में कई लोगों को चोटें आईं। सूचना मिलने पर रामगंजमंडी और खैराबाद थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों पक्षों से करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
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- देश में भर्ती परीक्षाओं को लगातार मज़ाक बनाए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। पेपर लीक, सर्वर संबंधी समस्याओं और परीक्षा केंद्रों पर कुप्रबंधन जैसे मुद्दे बार-बार सामने आ रहे हैं, जिससे पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। हाल ही में, #ssc_gd परीक्षा में भी ऐसी ही अव्यवस्था देखने को मिली, जहाँ 500 छात्रों को परीक्षा के लिए बुलाया गया था, लेकिन उनके लिए केवल 250 छात्रों की ही व्यवस्था की गई थी।1
- कोटा के पाटनपोल स्थित श्री मथुराधीश मंदिर में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर कृष्ण लीलाओं के मनोहारी एवं भक्तिमय दर्शन श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में सुबह से देर शाम तक भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहाँ श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य झांकियों और अलौकिक श्रृंगार के दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इन विशेष दर्शनों का लाभ 15 जून तक नियमित रूप से उठाया जा सकेगा, जिससे भक्त प्रतिदिन विभिन्न झांकियों एवं आरती के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर में प्रतिदिन मंगला दर्शन, ग्वाल दर्शन, उत्थापन और संध्या आरती के दौरान विशेष झांकियों का आयोजन किया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, रास लीला, गोवर्धन धारण और अन्य धार्मिक प्रसंगों का सुंदर चित्रण भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में गूंजते भजन-कीर्तन और वैष्णव परंपरा के अनुरूप होने वाले धार्मिक आयोजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। हिंदू धर्म में पुरुषोत्तम मास को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है, जिसमें भगवान विष्णु एवं श्रीकृष्ण की आराधना का विशेष महत्व होता है, और इसी कारण श्री मथुराधीश मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था एवं भक्ति का प्रमुख केंद्र बन गया है। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, शहर के व्यापारी वर्ग और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा शीतल जल, ठंडाई तथा अन्य शीतल पेय पदार्थों का वितरण किया जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच किए जा रहे इन सेवा कार्यों की श्रद्धालु सराहना कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि श्री मथुराधीश मंदिर में हो रहे इन दिव्य दर्शनों से उन्हें आध्यात्मिक शांति एवं भक्ति का विशेष अनुभव प्राप्त हो रहा है, और पुरुषोत्तम मास के अवसर पर धार्मिक आयोजनों की यह श्रृंखला क्षेत्र के वातावरण को पूरी तरह धर्ममय बनाए हुए है।1
- कोटा में 29 मई को, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचाने के संदेश पर अमल करते हुए, जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया अधिकारियों के साथ 17 सीटर बस में बैठकर ग्राम पंचायत मवासा, पंचायत समिति लाड़पुरा में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत आयोजित जल चौपाल के लिए रवाना हुए। इस पहल में जिला कलक्टर के साथ सीईओ जिला परिषद श्री कमल कुमार मीणा और एसडीएम लाडपुरा श्री गजेन्द्र सिंह भी शामिल थे, जिन्होंने वंदे गंगा अभियान से जुड़े विभागों के अन्य अधिकारियों के साथ एक ही बस से कलेक्ट्रेट से प्रस्थान किया। जिला कलक्टर ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से अपील की कि वे एक ही स्थान पर आयोजित कार्यक्रमों में एक से अधिक अधिकारी एक ही गाड़ी का उपयोग कर ईंधन की बचत करें। उनकी इस कार्रवाई से जिले के सभी अधिकारियों में ईंधन की बचत का एक महत्वपूर्ण संदेश गया है। उल्लेखनीय है कि मवासा में आयोजित इस जल चौपाल में केवल स्थानीय अधिकारियों को बुलाया गया था, और आवश्यकता पड़ने पर जिला स्तरीय अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर निर्देश दिए जाने की व्यवस्था की गई। इस पहल के कारण आज करीब 15 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारियों की गाड़ियों के ईंधन की बचत संभव हो सकी।1
- मंदसौर/जावरा के रिंगनोद में, शुक्रवार दोपहर 2 बजे के बाद, मुस्लिम समाज ने गोमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर रिंगनोद थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा। रिंगनोद के सरपंच यूसुफ खान और समस्त मुस्लिम ग्रामवासी इस दौरान मौजूद थे। यह पहल गोमाता के सम्मान में मुस्लिम समाज द्वारा की गई, जिसमें सभी उपस्थित ग्रामवासियों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई।1
- कोटा-नागदा रेलखंड पर कवलपुरा-दरा स्टेशन के बीच अंडर ब्रिज विस्तार कार्य के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में दो रेल सुपरवाइजरों की मौत के विरोध में वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे मजदूर संघ ने शुक्रवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने इस घटना के लिए प्रशासनिक लापरवाही और कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया। संघ के मंडल सचिव अब्दुल खालिक ने बताया कि यह हादसा 28 मई की रात को हुआ था, जब एक निजी एजेंसी अंडर ब्रिज विस्तार कार्य करा रही थी। इसी दौरान अचानक मिट्टी धंसने से एसएसई पीवे संजय झा और जेई वर्क्स प्रभात सिंह मलबे में दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। संघ के महामंत्री अशोक शर्मा ने पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को भेजे एक पत्र में आरोप लगाया कि रेलवे में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कर्मचारियों और सुपरवाइजरों पर अत्यधिक कार्य दबाव बनाने तथा सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर काम कराने पर कड़ा विरोध जताया। मजदूर संघ ने अपनी बात रखते हुए कटनी-सिंगरौली, न्यू कोटा और सुमरेरी स्टेशन पर भी मिट्टी धंसने से हुई रेल कर्मचारियों की मौतों का हवाला दिया, यह रेखांकित करते हुए कि प्रशासन ने इन पिछली घटनाओं के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। संघ ने इस हादसे की हाई पावर कमेटी से निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसी पर सख्त कार्रवाई करने तथा कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रदर्शन के बाद, संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा को एक ज्ञापन सौंपा। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि रेल कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई और कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बंद नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। इस प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह खींची, कार्यकारी मंडल अध्यक्ष रामचरण मीना, रविंद्र शर्मा, अनिल सैनी, सुशील वर्मा, विपिन बिहारी शर्मा, भरतलाल मीना, भूपेंद्र धाकड़, राजेंद्र सिंह, मुकेश चौहान, चेतराम घोड़ेला सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।1
- कोटा का बड़ा सराफा स्वर्ण रजत कल उत्थान समिति से जुड़ा हाड़ौती का सबसे बड़ा सराफा बाजार इन दिनों रखरखाव की अनदेखी के कारण जर्जर अवस्था में पहुंचता नजर आ रहा है। लगभग 400 दुकानों वाले इस विशाल संस्थान की बिल्डिंग को बने करीब 25 से 30 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन समय-समय पर आवश्यक रखरखाव नहीं होने से व्यापारियों में लगातार चिंता बढ़ रही है। व्यापारियों का आरोप है कि संस्था के चुनाव में निर्वाचित होकर आने वाले पदाधिकारी अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद जिम्मेदारी अगले पदाधिकारियों पर छोड़ देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप बिल्डिंग की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा। बाजार के कई हिस्सों में दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा है, छतों में दरारें दिखाई दे रही हैं, जिससे कई स्थानों पर सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संस्था द्वारा शीघ्र ही भवन की तकनीकी जांच कराकर व्यापक मेंटेनेंस कार्य शुरू करवाया जाए, ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके। बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि यह संस्थान हाड़ौती क्षेत्र की पहचान माना जाता है, ऐसे में इसकी सुरक्षा और रखरखाव को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक है। व्यापारियों ने प्रशासन एवं संस्था के पदाधिकारियों से मिलकर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।2
- मंदसौर जिले के साबाखेड़ा के निकट एक सड़क हादसे में बाइक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता साबाखेड़ा से मंदसौर की ओर बाइक पर आ रही थी। बाइक की किसी अज्ञात वस्तु या वाहन से टक्कर हो गई, जिसके परिणामस्वरूप चालक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस हादसे में बाइक पर सवार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को भी चोटें आई हैं।1