कोटा में 29 मई को, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचाने के संदेश पर अमल करते हुए, जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया अधिकारियों के साथ 17 सीटर बस में बैठकर ग्राम पंचायत मवासा, पंचायत समिति लाड़पुरा में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत आयोजित जल चौपाल के लिए रवाना हुए। इस पहल में जिला कलक्टर के साथ सीईओ जिला परिषद श्री कमल कुमार मीणा और एसडीएम लाडपुरा श्री गजेन्द्र सिंह भी शामिल थे, जिन्होंने वंदे गंगा अभियान से जुड़े विभागों के अन्य अधिकारियों के साथ एक ही बस से कलेक्ट्रेट से प्रस्थान किया। जिला कलक्टर ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से अपील की कि वे एक ही स्थान पर आयोजित कार्यक्रमों में एक से अधिक अधिकारी एक ही गाड़ी का उपयोग कर ईंधन की बचत करें। उनकी इस कार्रवाई से जिले के सभी अधिकारियों में ईंधन की बचत का एक महत्वपूर्ण संदेश गया है। उल्लेखनीय है कि मवासा में आयोजित इस जल चौपाल में केवल स्थानीय अधिकारियों को बुलाया गया था, और आवश्यकता पड़ने पर जिला स्तरीय अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर निर्देश दिए जाने की व्यवस्था की गई। इस पहल के कारण आज करीब 15 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारियों की गाड़ियों के ईंधन की बचत संभव हो सकी।
कोटा में 29 मई को, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचाने के संदेश पर अमल करते हुए, जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया अधिकारियों के साथ 17 सीटर बस में बैठकर ग्राम पंचायत मवासा, पंचायत समिति लाड़पुरा में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत आयोजित जल चौपाल के लिए रवाना हुए। इस पहल में जिला कलक्टर के साथ सीईओ जिला परिषद श्री कमल कुमार मीणा और एसडीएम लाडपुरा श्री गजेन्द्र सिंह भी शामिल थे, जिन्होंने वंदे गंगा अभियान से जुड़े विभागों के अन्य अधिकारियों के साथ एक ही बस से कलेक्ट्रेट से प्रस्थान किया। जिला कलक्टर ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से अपील की कि वे एक ही स्थान पर आयोजित कार्यक्रमों में एक से अधिक अधिकारी एक ही गाड़ी का उपयोग कर ईंधन की बचत करें। उनकी इस कार्रवाई से जिले के सभी अधिकारियों में ईंधन की बचत का एक महत्वपूर्ण संदेश गया है। उल्लेखनीय है कि मवासा में आयोजित इस जल चौपाल में केवल स्थानीय अधिकारियों को बुलाया गया था, और आवश्यकता पड़ने पर जिला स्तरीय अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर निर्देश दिए जाने की व्यवस्था की गई। इस पहल के कारण आज करीब 15 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारियों की गाड़ियों के ईंधन की बचत संभव हो सकी।
- देश में भर्ती परीक्षाओं को लगातार मज़ाक बनाए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। पेपर लीक, सर्वर संबंधी समस्याओं और परीक्षा केंद्रों पर कुप्रबंधन जैसे मुद्दे बार-बार सामने आ रहे हैं, जिससे पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। हाल ही में, #ssc_gd परीक्षा में भी ऐसी ही अव्यवस्था देखने को मिली, जहाँ 500 छात्रों को परीक्षा के लिए बुलाया गया था, लेकिन उनके लिए केवल 250 छात्रों की ही व्यवस्था की गई थी।1
- कोटा के पाटनपोल स्थित श्री मथुराधीश मंदिर में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर कृष्ण लीलाओं के मनोहारी एवं भक्तिमय दर्शन श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में सुबह से देर शाम तक भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहाँ श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य झांकियों और अलौकिक श्रृंगार के दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इन विशेष दर्शनों का लाभ 15 जून तक नियमित रूप से उठाया जा सकेगा, जिससे भक्त प्रतिदिन विभिन्न झांकियों एवं आरती के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर में प्रतिदिन मंगला दर्शन, ग्वाल दर्शन, उत्थापन और संध्या आरती के दौरान विशेष झांकियों का आयोजन किया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, रास लीला, गोवर्धन धारण और अन्य धार्मिक प्रसंगों का सुंदर चित्रण भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में गूंजते भजन-कीर्तन और वैष्णव परंपरा के अनुरूप होने वाले धार्मिक आयोजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। हिंदू धर्म में पुरुषोत्तम मास को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है, जिसमें भगवान विष्णु एवं श्रीकृष्ण की आराधना का विशेष महत्व होता है, और इसी कारण श्री मथुराधीश मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था एवं भक्ति का प्रमुख केंद्र बन गया है। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, शहर के व्यापारी वर्ग और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा शीतल जल, ठंडाई तथा अन्य शीतल पेय पदार्थों का वितरण किया जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच किए जा रहे इन सेवा कार्यों की श्रद्धालु सराहना कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि श्री मथुराधीश मंदिर में हो रहे इन दिव्य दर्शनों से उन्हें आध्यात्मिक शांति एवं भक्ति का विशेष अनुभव प्राप्त हो रहा है, और पुरुषोत्तम मास के अवसर पर धार्मिक आयोजनों की यह श्रृंखला क्षेत्र के वातावरण को पूरी तरह धर्ममय बनाए हुए है।1
- कोटा में 29 मई को, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचाने के संदेश पर अमल करते हुए, जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया अधिकारियों के साथ 17 सीटर बस में बैठकर ग्राम पंचायत मवासा, पंचायत समिति लाड़पुरा में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत आयोजित जल चौपाल के लिए रवाना हुए। इस पहल में जिला कलक्टर के साथ सीईओ जिला परिषद श्री कमल कुमार मीणा और एसडीएम लाडपुरा श्री गजेन्द्र सिंह भी शामिल थे, जिन्होंने वंदे गंगा अभियान से जुड़े विभागों के अन्य अधिकारियों के साथ एक ही बस से कलेक्ट्रेट से प्रस्थान किया। जिला कलक्टर ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से अपील की कि वे एक ही स्थान पर आयोजित कार्यक्रमों में एक से अधिक अधिकारी एक ही गाड़ी का उपयोग कर ईंधन की बचत करें। उनकी इस कार्रवाई से जिले के सभी अधिकारियों में ईंधन की बचत का एक महत्वपूर्ण संदेश गया है। उल्लेखनीय है कि मवासा में आयोजित इस जल चौपाल में केवल स्थानीय अधिकारियों को बुलाया गया था, और आवश्यकता पड़ने पर जिला स्तरीय अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर निर्देश दिए जाने की व्यवस्था की गई। इस पहल के कारण आज करीब 15 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारियों की गाड़ियों के ईंधन की बचत संभव हो सकी।1
- Post by Mahendar.merotha2
- रावतभाटा क्षेत्र के बाड़ोलिया इलाके में बोरिंग की मोटर खराब हो जाने के कारण पेयजल आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हो गई थी, जिससे स्थानीय निवासियों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या की जानकारी मिलने पर, अधिशासी अधिकारी ने बिना किसी देरी के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत आवश्यक निर्देश प्रदान किए। पालिका प्रशासन ने इस पर त्वरित कार्रवाई की और बोरिंग में एक नई मोटर लगवाकर पेयजल व्यवस्था को शीघ्र ही सुचारु कर दिया। अधिकारियों की तत्परता और कर्मचारियों के सहयोग से क्षेत्र में पानी की समस्या का सफलतापूर्वक समाधान किया गया, जिससे आमजन को राहत मिली। नगरपालिका रावतभाटा ने यह भी बताया है कि वे नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए, किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए लगातार कार्यरत हैं।4
- कोटा-नागदा रेलखंड पर कवलपुरा-दरा स्टेशन के बीच अंडर ब्रिज विस्तार कार्य के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में दो रेल सुपरवाइजरों की मौत के विरोध में वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे मजदूर संघ ने शुक्रवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने इस घटना के लिए प्रशासनिक लापरवाही और कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया। संघ के मंडल सचिव अब्दुल खालिक ने बताया कि यह हादसा 28 मई की रात को हुआ था, जब एक निजी एजेंसी अंडर ब्रिज विस्तार कार्य करा रही थी। इसी दौरान अचानक मिट्टी धंसने से एसएसई पीवे संजय झा और जेई वर्क्स प्रभात सिंह मलबे में दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। संघ के महामंत्री अशोक शर्मा ने पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को भेजे एक पत्र में आरोप लगाया कि रेलवे में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कर्मचारियों और सुपरवाइजरों पर अत्यधिक कार्य दबाव बनाने तथा सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर काम कराने पर कड़ा विरोध जताया। मजदूर संघ ने अपनी बात रखते हुए कटनी-सिंगरौली, न्यू कोटा और सुमरेरी स्टेशन पर भी मिट्टी धंसने से हुई रेल कर्मचारियों की मौतों का हवाला दिया, यह रेखांकित करते हुए कि प्रशासन ने इन पिछली घटनाओं के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। संघ ने इस हादसे की हाई पावर कमेटी से निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसी पर सख्त कार्रवाई करने तथा कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रदर्शन के बाद, संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा को एक ज्ञापन सौंपा। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि रेल कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई और कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बंद नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। इस प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह खींची, कार्यकारी मंडल अध्यक्ष रामचरण मीना, रविंद्र शर्मा, अनिल सैनी, सुशील वर्मा, विपिन बिहारी शर्मा, भरतलाल मीना, भूपेंद्र धाकड़, राजेंद्र सिंह, मुकेश चौहान, चेतराम घोड़ेला सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।1
- राजस्थान के अजमेर जिले के बोराडा थाना इलाके में हुए पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी, उनकी माँ, दूसरी पत्नी और भांजी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि इन चारों की हत्या की साजिश पूर्व सरपंच राम सिंह की पहली पत्नी, उनकी बेटी और नाबालिग बेटे ने मिलकर रची थी। पुलिस के अनुसार, इन तीनों ने मिलकर चारों की गला रेतकर हत्या की थी। वारदात को एक हादसा दिखाने के लिए शवों को स्कॉर्पियो गाड़ी में रखा गया, फिर उस पर डीजल छिड़ककर आग लगा दी गई। पुलिस ने इस मामले में पूर्व सरपंच की पहली पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनकी बेटी और नाबालिग बेटे को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक प्रताड़ना और राम सिंह की दूसरी शादी के बाद पैदा हुए बड़े विवाद को इस हत्या की मुख्य वजह बताया जा रहा है।1