कोटा-नागदा रेलखंड पर कवलपुरा-दरा स्टेशन के बीच अंडर ब्रिज विस्तार कार्य के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में दो रेल सुपरवाइजरों की मौत के विरोध में वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे मजदूर संघ ने शुक्रवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने इस घटना के लिए प्रशासनिक लापरवाही और कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया। संघ के मंडल सचिव अब्दुल खालिक ने बताया कि यह हादसा 28 मई की रात को हुआ था, जब एक निजी एजेंसी अंडर ब्रिज विस्तार कार्य करा रही थी। इसी दौरान अचानक मिट्टी धंसने से एसएसई पीवे संजय झा और जेई वर्क्स प्रभात सिंह मलबे में दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। संघ के महामंत्री अशोक शर्मा ने पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को भेजे एक पत्र में आरोप लगाया कि रेलवे में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कर्मचारियों और सुपरवाइजरों पर अत्यधिक कार्य दबाव बनाने तथा सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर काम कराने पर कड़ा विरोध जताया। मजदूर संघ ने अपनी बात रखते हुए कटनी-सिंगरौली, न्यू कोटा और सुमरेरी स्टेशन पर भी मिट्टी धंसने से हुई रेल कर्मचारियों की मौतों का हवाला दिया, यह रेखांकित करते हुए कि प्रशासन ने इन पिछली घटनाओं के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। संघ ने इस हादसे की हाई पावर कमेटी से निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसी पर सख्त कार्रवाई करने तथा कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रदर्शन के बाद, संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा को एक ज्ञापन सौंपा। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि रेल कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई और कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बंद नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। इस प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह खींची, कार्यकारी मंडल अध्यक्ष रामचरण मीना, रविंद्र शर्मा, अनिल सैनी, सुशील वर्मा, विपिन बिहारी शर्मा, भरतलाल मीना, भूपेंद्र धाकड़, राजेंद्र सिंह, मुकेश चौहान, चेतराम घोड़ेला सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
कोटा-नागदा रेलखंड पर कवलपुरा-दरा स्टेशन के बीच अंडर ब्रिज विस्तार कार्य के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में दो रेल सुपरवाइजरों की मौत के विरोध में वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे मजदूर संघ ने शुक्रवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने इस घटना के लिए प्रशासनिक लापरवाही और कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया। संघ के मंडल सचिव अब्दुल खालिक ने बताया कि यह हादसा 28 मई की रात को हुआ था, जब एक निजी एजेंसी अंडर ब्रिज विस्तार कार्य करा रही थी। इसी दौरान अचानक मिट्टी धंसने से एसएसई पीवे संजय झा और जेई वर्क्स प्रभात सिंह मलबे में दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। संघ के महामंत्री अशोक शर्मा ने पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को भेजे एक पत्र में आरोप लगाया कि रेलवे में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कर्मचारियों और सुपरवाइजरों पर अत्यधिक कार्य दबाव बनाने तथा सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर काम कराने पर कड़ा विरोध जताया। मजदूर संघ ने अपनी बात रखते हुए कटनी-सिंगरौली, न्यू कोटा और सुमरेरी स्टेशन पर भी मिट्टी धंसने से हुई रेल कर्मचारियों की मौतों का हवाला दिया, यह रेखांकित करते हुए कि प्रशासन ने इन पिछली घटनाओं के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। संघ ने इस हादसे की हाई पावर कमेटी से निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसी पर सख्त कार्रवाई करने तथा कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रदर्शन के बाद, संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा को एक ज्ञापन सौंपा। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि रेल कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई और कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बंद नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। इस प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह खींची, कार्यकारी मंडल अध्यक्ष रामचरण मीना, रविंद्र शर्मा, अनिल सैनी, सुशील वर्मा, विपिन बिहारी शर्मा, भरतलाल मीना, भूपेंद्र धाकड़, राजेंद्र सिंह, मुकेश चौहान, चेतराम घोड़ेला सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
- कोटा का बड़ा सराफा स्वर्ण रजत कल उत्थान समिति से जुड़ा हाड़ौती का सबसे बड़ा सराफा बाजार इन दिनों रखरखाव की अनदेखी के कारण जर्जर अवस्था में पहुंचता नजर आ रहा है। लगभग 400 दुकानों वाले इस विशाल संस्थान की बिल्डिंग को बने करीब 25 से 30 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन समय-समय पर आवश्यक रखरखाव नहीं होने से व्यापारियों में लगातार चिंता बढ़ रही है। व्यापारियों का आरोप है कि संस्था के चुनाव में निर्वाचित होकर आने वाले पदाधिकारी अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद जिम्मेदारी अगले पदाधिकारियों पर छोड़ देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप बिल्डिंग की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा। बाजार के कई हिस्सों में दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा है, छतों में दरारें दिखाई दे रही हैं, जिससे कई स्थानों पर सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संस्था द्वारा शीघ्र ही भवन की तकनीकी जांच कराकर व्यापक मेंटेनेंस कार्य शुरू करवाया जाए, ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके। बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि यह संस्थान हाड़ौती क्षेत्र की पहचान माना जाता है, ऐसे में इसकी सुरक्षा और रखरखाव को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक है। व्यापारियों ने प्रशासन एवं संस्था के पदाधिकारियों से मिलकर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।2
- अखिल भारतीय किसान सभा ने कोटा के इटावा स्थित उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने प्रमुख रूप से गेहूं की सरकारी खरीद की समय अवधि 30 जून तक बढ़ाने की मांग की है। किसान सभा ने बताया कि अभी भी कई किसानों के टोकन कटे हुए हैं, जिसके कारण वे गेहूं बेचने से वंचित होकर आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। यह प्रदर्शन तहसील अध्यक्ष सूरजमल मीणा और सचिव बाबूलाल बलवानी के नेतृत्व में किया गया। संगठन की अन्य मुख्य मांगों में पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र में कृषि बिजली कनेक्शनों पर तत्काल ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराना शामिल है, ताकि किसानों को सिंचाई में सुविधा मिल सके। तहसील सचिव बाबूलाल बलवानी ने पेट्रोल, डीजल, गैस और सीएनजी के बढ़े दामों से त्रस्त आम जनता की बात रखते हुए केंद्र और राज्य सरकार से इन कीमतों को तुरंत वापस लेने की मांग की। जोन संयोजक भवानी शंकर कुशवाह ने मनरेगा योजना के तहत पीपल्दा क्षेत्र में मजदूरों को पर्याप्त रोजगार न मिलने पर चिंता जताई, जिससे मजदूर बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सभी पात्र मजदूरों को मनरेगा के अंतर्गत काम उपलब्ध कराने की मांग की। कुशवाह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसानों और मजदूरों की इन मांगों को समय रहते पूरा नहीं किया गया, तो अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में तहसील अध्यक्ष सूरजमल मीणा, तहसील सचिव बाबूलाल बलवानी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के तहसील सचिव मुकुट बिहारी जंगम, किसान नेता रामचरण मीणा, प्रेम पेंटर, अमोलक महावर, गोबरीलाल मीणा, चेतन प्रकाश मीणा, पूर्व अध्यक्ष धनराज बैरवा (संग्रामपुरा) सहित बड़ी संख्या में किसान और मजदूर उपस्थित थे।4
- कोटा-बूंदी सरस डेयरी द्वारा किसानों को बिजली से चलने वाली कुट्टी मशीनों का निःशुल्क वितरण किया गया है, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। सरस डेयरी अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने दोपहर 2:30 बजे इन मशीनों का वितरण किया। किसानों ने बताया कि इन आधुनिक बिजली चालित कुट्टी मशीनों से पशुओं के लिए चारा काटना अब काफी आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इन मशीनों से बारीक और अच्छी कुट्टी तैयार कर गायों को खिलाई जा सकेगी, जिससे पशुओं का स्वास्थ्य सुधरेगा और दूध उत्पादन में भी वृद्धि होगी। किसानों के अनुसार, इन मशीनों से उनका समय और मेहनत दोनों बचेंगे, साथ ही पशुपालन कार्य को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में भी मदद मिलेगी। कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने सरस डेयरी प्रशासन का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार की योजनाएं ग्रामीण पशुपालकों के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होंगी। इन मशीनों के साथ किसानों को पूरा किट उपलब्ध कराया गया है, जिसकी कीमत 11,700 रुपये बताई गई है।1
- ‘मेरी किताब -21’ श्रृंखला के तहत एक नया उपन्यास सामने आया है। यह उपन्यास ‘जय जोगणिया माता’ शीर्षक पर आधारित है, जो इसकी विषयवस्तु को दर्शाता है।1
- कोटा का बड़ा सराफा स्वर्ण रजत कल उत्थान समिति से जुड़ा हाड़ौती का सबसे बड़ा सराफा बाजार रखरखाव की अनदेखी के कारण जर्जर अवस्था में पहुँच गया है। लगभग 25 से 30 वर्ष पुरानी इस विशाल बिल्डिंग में करीब 400 दुकानें हैं, जिसके समय-समय पर आवश्यक रखरखाव न होने से व्यापारियों में लगातार चिंता बढ़ रही है। बाजार के कई हिस्सों में दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा है और छतों में दरारें दिखाई दे रही हैं, जिससे कई स्थानों पर सुरक्षा का खतरा बना हुआ है। व्यापारियों का आरोप है कि संस्था के चुनाव में निर्वाचित होकर आने वाले पदाधिकारी अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद जिम्मेदारी अगले पदाधिकारियों पर छोड़ देते हैं। इसी के परिणामस्वरूप बिल्डिंग की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा। इस स्थिति को देखते हुए, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संस्था द्वारा शीघ्र ही भवन की तकनीकी जांच कराकर व्यापक मेंटेनेंस कार्य शुरू करवाया जाए, ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके। बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि यह संस्थान हाड़ौती क्षेत्र की पहचान माना जाता है, ऐसे में इसकी सुरक्षा और रखरखाव को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक है। व्यापारियों ने प्रशासन और संस्था के पदाधिकारियों से मिलकर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।1
- पूरे प्रदेश में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी के मद्देनज़र आम जनता को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 9 दिन के तापमान को लेकर एडवाइजरी जारी की है। “मैं भी टाइम्स” के विशेष रिपोर्टर शामसुंदर शर्मा ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए बताया कि आने वाले 9 दिनों तक तेज गर्मी और लू का प्रकोप बने रहने की संभावना है, इसलिए सभी लोग सतर्क और सावधान रहें। शामसुंदर शर्मा के अनुसार, गर्मी से बचाव के लिए लोगों को अधिक से अधिक पानी, छाछ, नींबू पानी, नारियल पानी और अन्य लिक्विड पदार्थों का सेवन करना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय सिर पर गमछा, टोपी या कोई कपड़ा ज़रूर रखें और पूरे शरीर को ढककर ही बाहर निकलें ताकि लू और तेज़ धूप से बचाव हो सके। उन्होंने यह भी सलाह दी कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। तेज़ गर्मी में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बचने के लिए नियमित रूप से पानी पीते रहें और शरीर को हाइड्रेटेड रखें। विशेष रिपोर्टर शामसुंदर शर्मा ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा, “सतर्क रहें, सावधान रहें, स्वस्थ रहें, मस्त रहें।” यह जनजागरूकता संदेश लगातार लोगों तक पहुंचाया जा रहा है ताकि आमजन सुरक्षित और स्वस्थ रह सकें।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा कल रात आई तेज़ आंधी के कारण अचानक ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में पुल के नीचे सो रहे छह मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। पोस्ट में सरकार की ओर से मुआवजे को लेकर गहरा संदेह व्यक्त किया गया है, जिसमें कहा गया है कि यह ज्ञात नहीं है कि सरकार इन पीड़ित परिवारों को मुआवजा भी देगी या नहीं। मृतकों के परिजनों के पास अब सिर्फ आँसू बचे हैं और उन्हें हमीरपुर में पुल गिरने के बाद विलाप करते देखा जा रहा है।1
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र के अपने दौरे के दौरान कोटा शहर में चल रहे विकास कार्यों का अधिकारियों के साथ बस से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शहर के विभिन्न इलाकों में चल रहे निर्माण कार्यों, सड़क व्यवस्थाओं और नालों की स्थिति का जायजा लिया। आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए, लोकसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को शहर के सभी प्रमुख नालों की समय पर सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने शहर में बढ़ते अतिक्रमण पर भी चिंता व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। बिरला ने विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और उन्हें समय पर पूरा करने पर जोर दिया। इस अवसर पर नगर निगम, केडीए प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।2
- रामगंजमंडी क्षेत्र के खैराबाद में बकरे की खाल की बोली लगाने को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे यह घटना तब हुई जब बकरे की खाल की बोली लगाई जा रही थी और एक पक्ष ने बोली में 10 रुपये अधिक बढ़ा दिए। मात्र 10 रुपये की इस बढ़ोतरी को लेकर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट और फिर जमकर पत्थरबाजी में बदल गई। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पथराव में कई लोगों को चोटें आईं। सूचना मिलने पर रामगंजमंडी और खैराबाद थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों पक्षों से करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1