कोटा का बड़ा सराफा स्वर्ण रजत कल उत्थान समिति से जुड़ा हाड़ौती का सबसे बड़ा सराफा बाजार रखरखाव की अनदेखी के कारण जर्जर अवस्था में पहुँच गया है। लगभग 25 से 30 वर्ष पुरानी इस विशाल बिल्डिंग में करीब 400 दुकानें हैं, जिसके समय-समय पर आवश्यक रखरखाव न होने से व्यापारियों में लगातार चिंता बढ़ रही है। बाजार के कई हिस्सों में दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा है और छतों में दरारें दिखाई दे रही हैं, जिससे कई स्थानों पर सुरक्षा का खतरा बना हुआ है। व्यापारियों का आरोप है कि संस्था के चुनाव में निर्वाचित होकर आने वाले पदाधिकारी अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद जिम्मेदारी अगले पदाधिकारियों पर छोड़ देते हैं। इसी के परिणामस्वरूप बिल्डिंग की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा। इस स्थिति को देखते हुए, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संस्था द्वारा शीघ्र ही भवन की तकनीकी जांच कराकर व्यापक मेंटेनेंस कार्य शुरू करवाया जाए, ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके। बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि यह संस्थान हाड़ौती क्षेत्र की पहचान माना जाता है, ऐसे में इसकी सुरक्षा और रखरखाव को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक है। व्यापारियों ने प्रशासन और संस्था के पदाधिकारियों से मिलकर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।
कोटा का बड़ा सराफा स्वर्ण रजत कल उत्थान समिति से जुड़ा हाड़ौती का सबसे बड़ा सराफा बाजार रखरखाव की अनदेखी के कारण जर्जर अवस्था में पहुँच गया है। लगभग 25 से 30 वर्ष पुरानी इस विशाल बिल्डिंग में करीब 400 दुकानें हैं, जिसके समय-समय पर आवश्यक रखरखाव न होने से व्यापारियों में लगातार चिंता बढ़ रही है। बाजार के कई हिस्सों में दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा है और छतों में दरारें दिखाई दे रही हैं, जिससे कई स्थानों पर सुरक्षा का खतरा बना हुआ है। व्यापारियों का आरोप है कि संस्था के चुनाव में निर्वाचित होकर आने वाले पदाधिकारी अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद जिम्मेदारी अगले पदाधिकारियों पर छोड़ देते हैं। इसी के परिणामस्वरूप बिल्डिंग की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा। इस स्थिति को देखते हुए, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संस्था द्वारा शीघ्र ही भवन की तकनीकी जांच कराकर व्यापक मेंटेनेंस कार्य शुरू करवाया जाए, ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके। बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि यह संस्थान हाड़ौती क्षेत्र की पहचान माना जाता है, ऐसे में इसकी सुरक्षा और रखरखाव को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक है। व्यापारियों ने प्रशासन और संस्था के पदाधिकारियों से मिलकर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।
- कोटा का बड़ा सराफा स्वर्ण रजत कल उत्थान समिति से जुड़ा हाड़ौती का सबसे बड़ा सराफा बाजार रखरखाव की अनदेखी के कारण जर्जर अवस्था में पहुँच गया है। लगभग 25 से 30 वर्ष पुरानी इस विशाल बिल्डिंग में करीब 400 दुकानें हैं, जिसके समय-समय पर आवश्यक रखरखाव न होने से व्यापारियों में लगातार चिंता बढ़ रही है। बाजार के कई हिस्सों में दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा है और छतों में दरारें दिखाई दे रही हैं, जिससे कई स्थानों पर सुरक्षा का खतरा बना हुआ है। व्यापारियों का आरोप है कि संस्था के चुनाव में निर्वाचित होकर आने वाले पदाधिकारी अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद जिम्मेदारी अगले पदाधिकारियों पर छोड़ देते हैं। इसी के परिणामस्वरूप बिल्डिंग की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा। इस स्थिति को देखते हुए, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संस्था द्वारा शीघ्र ही भवन की तकनीकी जांच कराकर व्यापक मेंटेनेंस कार्य शुरू करवाया जाए, ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके। बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि यह संस्थान हाड़ौती क्षेत्र की पहचान माना जाता है, ऐसे में इसकी सुरक्षा और रखरखाव को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक है। व्यापारियों ने प्रशासन और संस्था के पदाधिकारियों से मिलकर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।1
- रावतभाटा क्षेत्र के बाड़ोलिया इलाके में बोरिंग की मोटर खराब हो जाने के कारण पेयजल आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हो गई थी, जिससे स्थानीय निवासियों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या की जानकारी मिलने पर, अधिशासी अधिकारी ने बिना किसी देरी के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत आवश्यक निर्देश प्रदान किए। पालिका प्रशासन ने इस पर त्वरित कार्रवाई की और बोरिंग में एक नई मोटर लगवाकर पेयजल व्यवस्था को शीघ्र ही सुचारु कर दिया। अधिकारियों की तत्परता और कर्मचारियों के सहयोग से क्षेत्र में पानी की समस्या का सफलतापूर्वक समाधान किया गया, जिससे आमजन को राहत मिली। नगरपालिका रावतभाटा ने यह भी बताया है कि वे नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए, किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए लगातार कार्यरत हैं।4
- झालावाड़ जिले के खानपुर उपखंड क्षेत्र के डोबड़ा गांव में शुक्रवार तड़के अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग ने खलिहानों में बने तीन कच्चे घरों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में लगभग ₹1.80 लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया, हालांकि एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह हवा की गति कम होने के कारण आग आबादी क्षेत्र की ओर नहीं फैली, जिससे पूरा गांव चपेट में आने से बच गया। आग तड़के करीब तीन बजे लगी और सुबह तीन-चार बजे के आसपास इसका पता चला। पीड़ित ग्रामीण महेंद्र सुमन ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि संभलने का मौका ही नहीं मिला, जिससे मदनलाल, छोटू लाल और रामकिशन के घरों में रखी लकड़ियाँ, कंडे और पशुओं का चारा सब कुछ जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने तुरंत डोबड़ा पटवारी मीनाक्षी नागर को घटना की सूचना दी, जिन्होंने तहसीलदार को और फिर तहसीलदार ने उपखंड अधिकारी रजत कुमार विजयवर्गीय को मामले से अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने तत्काल झालावाड़ अग्निशमन विभाग को सूचित किया। झालावाड़ की दूरी अधिक होने के कारण, एसडीएम ने बिना समय गंवाए सांगोद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) मनोज कुमार से संपर्क साधा, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए दमकल कर्मियों को मौके पर रवाना किया। मौके पर पहुंचे डीसीपीयू नरेश सुमन, फायरमैन रवि सुमन और अंकुश गोचर ने ग्रामीणों के सहयोग से मोर्चा संभाला और करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग 6 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। पटवारी मीनाक्षी नागर ने बताया कि दमकल को सुबह पाँच बजे बुलाया गया था और छह बजे तक आग पूरी तरह नियंत्रित हो गई थी। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि कोई जनहानि नहीं हुई और पूरा मामला बेहतर निगरानी से संभाला गया। डीसीपीयू पवन सुमन ने भी पुष्टि की कि आग बेहद भयानक थी और इससे काफी बड़ा नुकसान हो सकता था, लेकिन समय रहते उस पर नियंत्रण पा लिया गया।3
- पनवाड़ थाना क्षेत्र के जोलपा गांव के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में जीप की टक्कर से एक बाइक सवार व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पनवाड़ थानाधिकारी जाकिर हुसैन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, खानपुर निवासी सत्यनारायण (57) पुत्र भेरूलाल कुम्हार, ज्योति बाई और बालसिंह तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर सांगोद की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान, सांगोद की तरफ से आ रही एक जीप ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तत्काल बाद, स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को 108 एम्बुलेंस से खानपुर अस्पताल पहुंचाया गया। वहाँ उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें झालावाड़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया। झालावाड़ जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने सत्यनारायण को मृत घोषित कर दिया, जबकि ज्योति बाई और बालसिंह का इलाज जारी है। घटना की सूचना पर पनवाड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची, मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया, और संबंधित प्रकरण दर्ज कर मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।1
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर तोलाखेड़ी चंदवासा ने एक मजेदार और दिल को छू लेने वाला संदेश साझा किया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा है कि भले ही रिश्तों में बोलचाल बंद हो जाए, लेकिन प्यार कभी कम नहीं होना चाहिए। इस विचार को उन्होंने हास्यपूर्ण अंदाज में बार-बार दोहराया है, जिसका आशय है कि छोटी-मोटी दूरियों के बावजूद प्रेम का रिश्ता हमेशा बना रहना चाहिए।1
- मध्य प्रदेश ने कृषि कल्याण वर्ष के दौरान गेहूं खरीदी में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य ने कुल एक करोड़ चार लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी कर एक रिकॉर्ड दर्ज किया है, जिसके परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश गेहूं खरीदी में देश का पहला राज्य बन गया है। इस उपलब्धि में मुख्यमंत्री मोहन यादव का योगदान रहा है।1
- राजस्थान के रामगंजमंडी शहर की आनंद विहार कॉलोनी में लाखों रुपये की लागत से चल रहे नाला निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। क्षेत्रवासियों ने निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही और गुणवत्ता में अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका मुख्य आरोप है कि ठेकेदार ने पहले से बिछाई गई पानी की पाइपलाइन को हटाए बिना ही उसके ऊपर नाले का निर्माण कर दिया है। शुक्रवार शाम करीब 5 बजे, स्थानीय नागरिकों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि भविष्य में यदि पाइपलाइन में कोई लीकेज या खराबी आती है, तो उसकी मरम्मत के लिए पूरे नाले को तोड़ना पड़ेगा, जिससे सरकारी धन की भारी बर्बादी होगी। इसके अतिरिक्त, लोगों ने आशंका जताई है कि पाइपलाइन में रिसाव होने पर नाले का गंदा पानी घरों तक पहुंच सकता है, जिससे एक गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो सकता है। क्षेत्रवासियों ने निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, नाले के किनारों को सीमेंट और कंक्रीट से मजबूत बनाया जाना चाहिए था, लेकिन यहां ठेकेदार ने अनुपयोगी पत्थरों का उपयोग कर केवल ऊपर से सीमेंट का प्लास्टर किया है। यह आरोप लगाया गया है कि ऊपरी तौर पर यह निर्माण मजबूत दिखाई देता है, जबकि अंदर से इसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन और भ्रष्टाचार का स्पष्ट संकेत है।2
- रामगंजमंडी क्षेत्र के खैराबाद में बकरे की खाल की बोली लगाने को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे यह घटना तब हुई जब बकरे की खाल की बोली लगाई जा रही थी और एक पक्ष ने बोली में 10 रुपये अधिक बढ़ा दिए। मात्र 10 रुपये की इस बढ़ोतरी को लेकर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट और फिर जमकर पत्थरबाजी में बदल गई। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पथराव में कई लोगों को चोटें आईं। सूचना मिलने पर रामगंजमंडी और खैराबाद थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों पक्षों से करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1