logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

10 पार्षद होने के बावजूद भाजपा का अध्यक्ष नहीं बना, उठे सवाल विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा था- मेड़ता सिटी विधानसभा में सभी जगह बनेगा भाजपा का बोर्ड, रियानबड़ी में ऐतिहासिक जीत का किया था दावा रियानबड़ी। रियानबड़ी नगर पालिका के पहली बार हुए अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा सबसे अधिक 10 पार्षद जीतने के बावजूद अपना अध्यक्ष नहीं बना सकी। अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी सुनील कुमार चौहान ने 13 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा प्रत्याशी जगदीश माली को 7 वोट मिले। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा की रणनीति और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव से कुछ समय पहले भाजपा के पार्षदों को बाड़ाबंदी से लाते समय विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा था कि मेड़ता सिटी विधानसभा क्षेत्र में सभी जगह भाजपा का बोर्ड बन रहा है। उन्होंने रियानबड़ी में भी भाजपा की ऐतिहासिक जीत का दावा किया था। हालांकि मतगणना और अध्यक्ष चुनाव के बाद तस्वीर अलग नजर आई। नगर पालिका के 20 वार्डों के चुनाव में भाजपा के 10, कांग्रेस के 4, RLP के 3 और 3 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे। अध्यक्ष बनने के लिए 11 वोटों की जरूरत थी। भाजपा के पास 10 पार्षद होने के कारण बहुमत के लिए एक अतिरिक्त समर्थन जरूरी था। इसके बावजूद अध्यक्ष चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को केवल 7 वोट मिले। चुनाव से पहले कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों के बीच समर्थन को लेकर बने राजनीतिक समीकरणों की चर्चा थी। इसके बावजूद भाजपा अध्यक्ष पद हासिल नहीं कर पाई। वहीं निर्दलीय सुनील कुमार चौहान को 13 वोट मिले। इससे स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि चुनाव के अंतिम चरण में राजनीतिक समीकरण किस तरह बदले। गुप्त मतदान होने के कारण किस पार्षद ने किस प्रत्याशी को वोट दिया, यह आधिकारिक तौर पर तय नहीं किया जा सकता। इसलिए क्रॉस वोटिंग या किसी पार्षद के मत बदलने की बात बिना प्रमाण के कहना उचित नहीं होगा। हालांकि 10 पार्षदों वाली भाजपा को 7 वोट मिलना और विपक्षी खेमे से 13 वोट का समर्थन मिलना पार्टी की चुनावी रणनीति पर चर्चा का विषय जरूर बन गया है। अब स्थानीय राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि रियानबड़ी में भाजपा के 10 पार्षद होने के बावजूद पार्टी अपना अध्यक्ष क्यों नहीं बना पाई? क्या अंतिम समय में राजनीतिक समीकरण बदले, संगठन स्तर पर रणनीति में कमी रही या पार्षदों के बीच अलग-अलग मत बने? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। 10 पार्षद होने के बावजूद भाजपा का अध्यक्ष नहीं बना, उठे सवाल विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा था- मेड़ता सिटी विधानसभा में सभी जगह बनेगा भाजपा का बोर्ड, रियानबड़ी में ऐतिहासिक जीत का किया था दावा रियानबड़ी। रियानबड़ी नगर पालिका के पहली बार हुए अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा सबसे अधिक 10 पार्षद जीतने के बावजूद अपना अध्यक्ष नहीं बना सकी। अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी सुनील कुमार चौहान ने 13 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा प्रत्याशी जगदीश माली को 7 वोट मिले। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा की रणनीति और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव से कुछ समय पहले भाजपा के पार्षदों को बाड़ाबंदी से लाते समय विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा था कि मेड़ता सिटी विधानसभा क्षेत्र में सभी जगह भाजपा का बोर्ड बन रहा है। उन्होंने रियानबड़ी में भी भाजपा की ऐतिहासिक जीत का दावा किया था। हालांकि मतगणना और अध्यक्ष चुनाव के बाद तस्वीर अलग नजर आई। नगर पालिका के 20 वार्डों के चुनाव में भाजपा के 10, कांग्रेस के 4, RLP के 3 और 3 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे। अध्यक्ष बनने के लिए 11 वोटों की जरूरत थी। भाजपा के पास 10 पार्षद होने के कारण बहुमत के लिए एक अतिरिक्त समर्थन जरूरी था। इसके बावजूद अध्यक्ष चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को केवल 7 वोट मिले। चुनाव से पहले कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों के बीच समर्थन को लेकर बने राजनीतिक समीकरणों की चर्चा थी। इसके बावजूद भाजपा अध्यक्ष पद हासिल नहीं कर पाई। वहीं निर्दलीय सुनील कुमार चौहान को 13 वोट मिले। इससे स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि चुनाव के अंतिम चरण में राजनीतिक समीकरण किस तरह बदले। गुप्त मतदान होने के कारण किस पार्षद ने किस प्रत्याशी को वोट दिया, यह आधिकारिक तौर पर तय नहीं किया जा सकता। इसलिए क्रॉस वोटिंग या किसी पार्षद के मत बदलने की बात बिना प्रमाण के कहना उचित नहीं होगा। हालांकि 10 पार्षदों वाली भाजपा को 7 वोट मिलना और विपक्षी खेमे से 13 वोट का समर्थन मिलना पार्टी की चुनावी रणनीति पर चर्चा का विषय जरूर बन गया है। अब स्थानीय राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि रियानबड़ी में भाजपा के 10 पार्षद होने के बावजूद पार्टी अपना अध्यक्ष क्यों नहीं बना पाई? क्या अंतिम समय में राजनीतिक समीकरण बदले, संगठन स्तर पर रणनीति में कमी रही या पार्षदों के बीच अलग-अलग मत बने? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

1 hr ago
user_Vishnaram saini
Vishnaram saini
Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
1 hr ago

10 पार्षद होने के बावजूद भाजपा का अध्यक्ष नहीं बना, उठे सवाल विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा था- मेड़ता सिटी विधानसभा में सभी जगह बनेगा भाजपा का बोर्ड, रियानबड़ी में ऐतिहासिक जीत का किया था दावा रियानबड़ी। रियानबड़ी नगर पालिका के पहली बार हुए अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा सबसे अधिक 10 पार्षद जीतने के बावजूद अपना अध्यक्ष नहीं बना सकी। अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी सुनील कुमार चौहान ने 13 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा प्रत्याशी जगदीश माली को 7 वोट मिले। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा की रणनीति और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव से कुछ समय पहले भाजपा के पार्षदों को बाड़ाबंदी से लाते समय विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा था कि मेड़ता सिटी विधानसभा क्षेत्र में सभी जगह भाजपा का बोर्ड बन रहा है। उन्होंने रियानबड़ी में भी भाजपा की ऐतिहासिक जीत का दावा किया था। हालांकि मतगणना और अध्यक्ष चुनाव के बाद तस्वीर अलग नजर आई। नगर पालिका के 20 वार्डों के चुनाव में भाजपा के 10, कांग्रेस के 4, RLP के 3 और 3 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे। अध्यक्ष बनने के लिए 11 वोटों की जरूरत थी। भाजपा के पास 10 पार्षद होने के कारण बहुमत के लिए एक अतिरिक्त समर्थन जरूरी था। इसके बावजूद अध्यक्ष चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को केवल 7 वोट मिले। चुनाव से पहले कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों के बीच समर्थन को लेकर बने राजनीतिक समीकरणों की चर्चा थी। इसके बावजूद भाजपा अध्यक्ष पद हासिल नहीं कर पाई। वहीं निर्दलीय सुनील कुमार चौहान को 13 वोट मिले। इससे स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि चुनाव के अंतिम चरण में राजनीतिक समीकरण किस तरह बदले। गुप्त मतदान होने के कारण किस पार्षद ने किस प्रत्याशी को वोट दिया, यह आधिकारिक तौर पर तय नहीं किया जा सकता। इसलिए क्रॉस वोटिंग या किसी पार्षद के मत बदलने की बात बिना प्रमाण के कहना उचित नहीं होगा। हालांकि 10 पार्षदों वाली भाजपा को 7 वोट मिलना और विपक्षी खेमे से 13 वोट का समर्थन मिलना पार्टी की चुनावी रणनीति पर चर्चा का विषय जरूर बन गया है। अब स्थानीय राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि रियानबड़ी में भाजपा के 10 पार्षद होने के बावजूद पार्टी अपना अध्यक्ष क्यों नहीं बना पाई? क्या अंतिम समय में राजनीतिक समीकरण बदले, संगठन स्तर पर रणनीति में कमी रही या पार्षदों के बीच अलग-अलग मत बने? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। 10 पार्षद होने के बावजूद भाजपा का अध्यक्ष नहीं बना, उठे सवाल विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा था- मेड़ता सिटी विधानसभा में सभी जगह बनेगा भाजपा का बोर्ड, रियानबड़ी में ऐतिहासिक जीत का किया था दावा रियानबड़ी। रियानबड़ी नगर पालिका के पहली बार हुए अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा सबसे अधिक 10 पार्षद जीतने के बावजूद अपना अध्यक्ष नहीं बना सकी। अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी सुनील कुमार चौहान ने 13 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा प्रत्याशी जगदीश माली को 7 वोट मिले। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा की रणनीति और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव से कुछ समय पहले भाजपा के पार्षदों को बाड़ाबंदी से लाते समय विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा था कि मेड़ता सिटी विधानसभा क्षेत्र में सभी जगह भाजपा का बोर्ड बन रहा है। उन्होंने रियानबड़ी में भी भाजपा की ऐतिहासिक जीत का दावा किया था। हालांकि मतगणना और अध्यक्ष चुनाव के बाद तस्वीर अलग नजर आई। नगर पालिका के 20 वार्डों के चुनाव में भाजपा के 10, कांग्रेस के 4, RLP के 3 और 3 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे। अध्यक्ष बनने के लिए 11 वोटों की जरूरत थी। भाजपा के पास 10 पार्षद होने के कारण बहुमत के लिए एक अतिरिक्त समर्थन जरूरी था। इसके बावजूद अध्यक्ष चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को केवल 7 वोट मिले। चुनाव से पहले कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों के बीच समर्थन को लेकर बने राजनीतिक समीकरणों की चर्चा थी। इसके बावजूद भाजपा अध्यक्ष पद हासिल नहीं कर पाई। वहीं निर्दलीय सुनील कुमार चौहान को 13 वोट मिले। इससे स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि चुनाव के अंतिम चरण में राजनीतिक समीकरण किस तरह बदले। गुप्त मतदान होने के कारण किस पार्षद ने किस प्रत्याशी को वोट दिया, यह आधिकारिक तौर पर तय नहीं किया जा सकता। इसलिए क्रॉस वोटिंग या किसी पार्षद के मत बदलने की बात बिना प्रमाण के कहना उचित नहीं होगा। हालांकि 10 पार्षदों वाली भाजपा को 7 वोट मिलना और विपक्षी खेमे से 13 वोट का समर्थन मिलना पार्टी की चुनावी रणनीति पर चर्चा का विषय जरूर बन गया है। अब स्थानीय राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि रियानबड़ी में भाजपा के 10 पार्षद होने के बावजूद पार्टी अपना अध्यक्ष क्यों नहीं बना पाई? क्या अंतिम समय में राजनीतिक समीकरण बदले, संगठन स्तर पर रणनीति में कमी रही या पार्षदों के बीच अलग-अलग मत बने? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • 10 पार्षद होने के बावजूद भाजपा का अध्यक्ष नहीं बना, उठे सवाल विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा था- मेड़ता सिटी विधानसभा में सभी जगह बनेगा भाजपा का बोर्ड, रियानबड़ी में ऐतिहासिक जीत का किया था दावा रियानबड़ी। रियानबड़ी नगर पालिका के पहली बार हुए अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा सबसे अधिक 10 पार्षद जीतने के बावजूद अपना अध्यक्ष नहीं बना सकी। अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी सुनील कुमार चौहान ने 13 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा प्रत्याशी जगदीश माली को 7 वोट मिले। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा की रणनीति और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव से कुछ समय पहले भाजपा के पार्षदों को बाड़ाबंदी से लाते समय विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा था कि मेड़ता सिटी विधानसभा क्षेत्र में सभी जगह भाजपा का बोर्ड बन रहा है। उन्होंने रियानबड़ी में भी भाजपा की ऐतिहासिक जीत का दावा किया था। हालांकि मतगणना और अध्यक्ष चुनाव के बाद तस्वीर अलग नजर आई। नगर पालिका के 20 वार्डों के चुनाव में भाजपा के 10, कांग्रेस के 4, RLP के 3 और 3 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे। अध्यक्ष बनने के लिए 11 वोटों की जरूरत थी। भाजपा के पास 10 पार्षद होने के कारण बहुमत के लिए एक अतिरिक्त समर्थन जरूरी था। इसके बावजूद अध्यक्ष चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को केवल 7 वोट मिले। चुनाव से पहले कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों के बीच समर्थन को लेकर बने राजनीतिक समीकरणों की चर्चा थी। इसके बावजूद भाजपा अध्यक्ष पद हासिल नहीं कर पाई। वहीं निर्दलीय सुनील कुमार चौहान को 13 वोट मिले। इससे स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि चुनाव के अंतिम चरण में राजनीतिक समीकरण किस तरह बदले। गुप्त मतदान होने के कारण किस पार्षद ने किस प्रत्याशी को वोट दिया, यह आधिकारिक तौर पर तय नहीं किया जा सकता। इसलिए क्रॉस वोटिंग या किसी पार्षद के मत बदलने की बात बिना प्रमाण के कहना उचित नहीं होगा। हालांकि 10 पार्षदों वाली भाजपा को 7 वोट मिलना और विपक्षी खेमे से 13 वोट का समर्थन मिलना पार्टी की चुनावी रणनीति पर चर्चा का विषय जरूर बन गया है। अब स्थानीय राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि रियानबड़ी में भाजपा के 10 पार्षद होने के बावजूद पार्टी अपना अध्यक्ष क्यों नहीं बना पाई? क्या अंतिम समय में राजनीतिक समीकरण बदले, संगठन स्तर पर रणनीति में कमी रही या पार्षदों के बीच अलग-अलग मत बने? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। 10 पार्षद होने के बावजूद भाजपा का अध्यक्ष नहीं बना, उठे सवाल विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा था- मेड़ता सिटी विधानसभा में सभी जगह बनेगा भाजपा का बोर्ड, रियानबड़ी में ऐतिहासिक जीत का किया था दावा रियानबड़ी। रियानबड़ी नगर पालिका के पहली बार हुए अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा सबसे अधिक 10 पार्षद जीतने के बावजूद अपना अध्यक्ष नहीं बना सकी। अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी सुनील कुमार चौहान ने 13 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा प्रत्याशी जगदीश माली को 7 वोट मिले। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा की रणनीति और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव से कुछ समय पहले भाजपा के पार्षदों को बाड़ाबंदी से लाते समय विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा था कि मेड़ता सिटी विधानसभा क्षेत्र में सभी जगह भाजपा का बोर्ड बन रहा है। उन्होंने रियानबड़ी में भी भाजपा की ऐतिहासिक जीत का दावा किया था। हालांकि मतगणना और अध्यक्ष चुनाव के बाद तस्वीर अलग नजर आई। नगर पालिका के 20 वार्डों के चुनाव में भाजपा के 10, कांग्रेस के 4, RLP के 3 और 3 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे। अध्यक्ष बनने के लिए 11 वोटों की जरूरत थी। भाजपा के पास 10 पार्षद होने के कारण बहुमत के लिए एक अतिरिक्त समर्थन जरूरी था। इसके बावजूद अध्यक्ष चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को केवल 7 वोट मिले। चुनाव से पहले कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों के बीच समर्थन को लेकर बने राजनीतिक समीकरणों की चर्चा थी। इसके बावजूद भाजपा अध्यक्ष पद हासिल नहीं कर पाई। वहीं निर्दलीय सुनील कुमार चौहान को 13 वोट मिले। इससे स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि चुनाव के अंतिम चरण में राजनीतिक समीकरण किस तरह बदले। गुप्त मतदान होने के कारण किस पार्षद ने किस प्रत्याशी को वोट दिया, यह आधिकारिक तौर पर तय नहीं किया जा सकता। इसलिए क्रॉस वोटिंग या किसी पार्षद के मत बदलने की बात बिना प्रमाण के कहना उचित नहीं होगा। हालांकि 10 पार्षदों वाली भाजपा को 7 वोट मिलना और विपक्षी खेमे से 13 वोट का समर्थन मिलना पार्टी की चुनावी रणनीति पर चर्चा का विषय जरूर बन गया है। अब स्थानीय राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि रियानबड़ी में भाजपा के 10 पार्षद होने के बावजूद पार्टी अपना अध्यक्ष क्यों नहीं बना पाई? क्या अंतिम समय में राजनीतिक समीकरण बदले, संगठन स्तर पर रणनीति में कमी रही या पार्षदों के बीच अलग-अलग मत बने? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।
    1
    10 पार्षद होने के बावजूद भाजपा का अध्यक्ष नहीं बना, उठे सवाल

विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा था- मेड़ता सिटी विधानसभा में सभी जगह बनेगा भाजपा का बोर्ड, रियानबड़ी में ऐतिहासिक जीत का किया था दावा

रियानबड़ी। रियानबड़ी नगर पालिका के पहली बार हुए अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा सबसे अधिक 10 पार्षद जीतने के बावजूद अपना अध्यक्ष नहीं बना सकी। अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी सुनील कुमार चौहान ने 13 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा प्रत्याशी जगदीश माली को 7 वोट मिले। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा की रणनीति और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

अध्यक्ष पद के चुनाव से कुछ समय पहले भाजपा के पार्षदों को बाड़ाबंदी से लाते समय विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा था कि मेड़ता सिटी विधानसभा क्षेत्र में सभी जगह भाजपा का बोर्ड बन रहा है। उन्होंने रियानबड़ी में भी भाजपा की ऐतिहासिक जीत का दावा किया था। हालांकि मतगणना और अध्यक्ष चुनाव के बाद तस्वीर अलग नजर आई।

नगर पालिका के 20 वार्डों के चुनाव में भाजपा के 10, कांग्रेस के 4, RLP के 3 और 3 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे। अध्यक्ष बनने के लिए 11 वोटों की जरूरत थी। भाजपा के पास 10 पार्षद होने के कारण बहुमत के लिए एक अतिरिक्त समर्थन जरूरी था। इसके बावजूद अध्यक्ष चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को केवल 7 वोट मिले।

चुनाव से पहले कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों के बीच समर्थन को लेकर बने राजनीतिक समीकरणों की चर्चा थी। इसके बावजूद भाजपा अध्यक्ष पद हासिल नहीं कर पाई। वहीं निर्दलीय सुनील कुमार चौहान को 13 वोट मिले। इससे स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि चुनाव के अंतिम चरण में राजनीतिक समीकरण किस तरह बदले।

गुप्त मतदान होने के कारण किस पार्षद ने किस प्रत्याशी को वोट दिया, यह आधिकारिक तौर पर तय नहीं किया जा सकता। इसलिए क्रॉस वोटिंग या किसी पार्षद के मत बदलने की बात बिना प्रमाण के कहना उचित नहीं होगा। हालांकि 10 पार्षदों वाली भाजपा को 7 वोट मिलना और विपक्षी खेमे से 13 वोट का समर्थन मिलना पार्टी की चुनावी रणनीति पर चर्चा का विषय जरूर बन गया है।

अब स्थानीय राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि रियानबड़ी में भाजपा के 10 पार्षद होने के बावजूद पार्टी अपना अध्यक्ष क्यों नहीं बना पाई? क्या अंतिम समय में राजनीतिक समीकरण बदले, संगठन स्तर पर रणनीति में कमी रही या पार्षदों के बीच अलग-अलग मत बने? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।


10 पार्षद होने के बावजूद भाजपा का अध्यक्ष नहीं बना, उठे सवाल
विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा था- मेड़ता सिटी विधानसभा में सभी जगह बनेगा भाजपा का बोर्ड, रियानबड़ी में ऐतिहासिक जीत का किया था दावा
रियानबड़ी। रियानबड़ी नगर पालिका के पहली बार हुए अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा सबसे अधिक 10 पार्षद जीतने के बावजूद अपना अध्यक्ष नहीं बना सकी। अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी सुनील कुमार चौहान ने 13 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा प्रत्याशी जगदीश माली को 7 वोट मिले। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा की रणनीति और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
अध्यक्ष पद के चुनाव से कुछ समय पहले भाजपा के पार्षदों को बाड़ाबंदी से लाते समय विधायक लक्ष्मणराम कलरू ने कहा था कि मेड़ता सिटी विधानसभा क्षेत्र में सभी जगह भाजपा का बोर्ड बन रहा है। उन्होंने रियानबड़ी में भी भाजपा की ऐतिहासिक जीत का दावा किया था। हालांकि मतगणना और अध्यक्ष चुनाव के बाद तस्वीर अलग नजर आई।
नगर पालिका के 20 वार्डों के चुनाव में भाजपा के 10, कांग्रेस के 4, RLP के 3 और 3 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे। अध्यक्ष बनने के लिए 11 वोटों की जरूरत थी। भाजपा के पास 10 पार्षद होने के कारण बहुमत के लिए एक अतिरिक्त समर्थन जरूरी था। इसके बावजूद अध्यक्ष चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को केवल 7 वोट मिले।
चुनाव से पहले कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों के बीच समर्थन को लेकर बने राजनीतिक समीकरणों की चर्चा थी। इसके बावजूद भाजपा अध्यक्ष पद हासिल नहीं कर पाई। वहीं निर्दलीय सुनील कुमार चौहान को 13 वोट मिले। इससे स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि चुनाव के अंतिम चरण में राजनीतिक समीकरण किस तरह बदले।
गुप्त मतदान होने के कारण किस पार्षद ने किस प्रत्याशी को वोट दिया, यह आधिकारिक तौर पर तय नहीं किया जा सकता। इसलिए क्रॉस वोटिंग या किसी पार्षद के मत बदलने की बात बिना प्रमाण के कहना उचित नहीं होगा। हालांकि 10 पार्षदों वाली भाजपा को 7 वोट मिलना और विपक्षी खेमे से 13 वोट का समर्थन मिलना पार्टी की चुनावी रणनीति पर चर्चा का विषय जरूर बन गया है।
अब स्थानीय राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि रियानबड़ी में भाजपा के 10 पार्षद होने के बावजूद पार्टी अपना अध्यक्ष क्यों नहीं बना पाई? क्या अंतिम समय में राजनीतिक समीकरण बदले, संगठन स्तर पर रणनीति में कमी रही या पार्षदों के बीच अलग-अलग मत बने? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • जाटावास में बाबा रामदेव जी महाराज के नाम विशाल भजन संध्या का हुआ भव्य आयोजन, देर रात तक भक्तिरस में डूबे श्रद्धालु जाटावास। रियांबड़ी के निकटवर्ती ग्राम जाटावास स्थित बाबा रामदेव जी मंदिर में आयोजित दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा और भक्ति के माहौल में सम्पन्न हुआ। पहले दिन रविवार रात्रि बाबा रामदेव जी महाराज के नाम भव्य विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। देर रात तक चली भजन संध्या में भक्त बाबा रामदेव जी के भजनों पर झूमते रहे और पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। भजन संध्या में किशोर नागौरी, राकेश जी राणा, आनंद नागौरी एवं गायिका गीता मेवाड़ा ने मधुर भजनों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। वहीं शिवानी भोपालगढ़ और संजय नागौरी ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव जी के जयकारे लगाए और भक्ति रस में सराबोर रहे।
    3
    जाटावास में बाबा रामदेव जी महाराज के नाम विशाल भजन संध्या का हुआ भव्य आयोजन, देर रात तक भक्तिरस में डूबे श्रद्धालु

जाटावास। रियांबड़ी के निकटवर्ती ग्राम जाटावास स्थित बाबा रामदेव जी मंदिर में आयोजित दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा और भक्ति के माहौल में सम्पन्न हुआ। पहले दिन रविवार रात्रि बाबा रामदेव जी महाराज के नाम भव्य विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। देर रात तक चली भजन संध्या में भक्त बाबा रामदेव जी के भजनों पर झूमते रहे और पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
भजन संध्या में किशोर नागौरी, राकेश जी राणा, आनंद नागौरी एवं गायिका गीता मेवाड़ा ने मधुर भजनों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। वहीं शिवानी भोपालगढ़ और संजय नागौरी ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव जी के जयकारे लगाए और भक्ति रस में सराबोर रहे।
    user_CITY PRESS  RIYAN BARI
    CITY PRESS RIYAN BARI
    Voice of people रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • Post by Rajendra
    1
    Post by Rajendra
    user_Rajendra
    Rajendra
    Advertising Photographer Riyan Badi, Nagaur•
    3 hrs ago
  • पीसांगन नगरपालिका उपाध्यक्ष चुनाव का नोटिस जारी,कल पीसांगन पंचायत समिति सभागार में जोगी बैठक पीसांगन - नगरपालिका उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया का बैठक नोटिस जारी हो गया है। रिटर्निंग अधिकारी मोहन चौधरी (SDM पीसांगन) ने जानकारी दी कि 22 सितम्बर 2026 मंगलवार को पंचायत समिति सभागार में उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। *कार्यक्रम -* नामांकन - सुबह 10 से 11 बजे तक जांच - 11:30 बजे नाम वापसी - दोपहर 2 बजे तक मतदान - दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक मतदान के तुरंत बाद मतगणना होगी ।
    3
    पीसांगन नगरपालिका उपाध्यक्ष चुनाव का नोटिस जारी,कल पीसांगन पंचायत समिति सभागार में जोगी बैठक 
पीसांगन - नगरपालिका उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया का बैठक नोटिस जारी हो गया है।
रिटर्निंग अधिकारी मोहन चौधरी (SDM पीसांगन) ने जानकारी दी कि 22 सितम्बर 2026 मंगलवार को पंचायत समिति सभागार में उपाध्यक्ष का चुनाव होगा।
*कार्यक्रम -*
नामांकन - सुबह 10 से 11 बजे तक
जांच - 11:30 बजे
नाम वापसी - दोपहर 2 बजे तक
मतदान - दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक
मतदान के तुरंत बाद मतगणना होगी
।
    user_PRADEEP CHOUDHARY
    PRADEEP CHOUDHARY
    पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • ✌🏼 ताउसर और नागौर की जनता का साथ ✌🏼 आप सभी के प्यार, विश्वास और आशीर्वाद के लिए दिल से धन्यवाद। ❤️🙏 आपका साथ और सहयोग मेरी सबसे बड़ी ताकत है। 🌸 जनता का साथ • जनता का विश्वास • जनसेवा का संकल्प 🇮🇳
    1
    ✌🏼 ताउसर और नागौर की जनता का साथ ✌🏼

आप सभी के प्यार, विश्वास और आशीर्वाद के लिए दिल से धन्यवाद। ❤️🙏
आपका साथ और सहयोग मेरी सबसे बड़ी ताकत है। 🌸

जनता का साथ • जनता का विश्वास • जनसेवा का संकल्प 🇮🇳
    user_Gulabi Bhati
    Gulabi Bhati
    मेड़ता, नागौर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • बांदनवाड़ा टोल पर फायरिंग कर भागे बदमाशों का पीसांगन में हाईवोल्टेज ड्रामा, एक गिरफ्तार, दो कैंपर जब्त बांदनवाड़ा टोल पर फायरिंग कर भागे बदमाशों का पीसांगन में हाईवोल्टेज ड्रामा, एक गिरफ्तार, दो कैंपर जब्त पीसांगन.भिनाय थाना क्षेत्र के बांदनवाड़ा टोल नाके पर फायरिंग कर फरार हुए हथियारबंद बदमाशों को पकड़ने के लिए रविवार को पीसांगन पुलिस ने फिल्मी अंदाज में घेराबंदी की। नाकाबंदी तोड़कर खेतों में घुसे दो कैंपरों को पुलिस ने जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि 8 से 10 बदमाश जंगल में फरार हो गए। जानकारी के अनुसार रविवार सुबह बांदनवाड़ा टोल पर कैंपर सवारों ने टोलकर्मियों से विवाद के बाद फायरिंग कर दी और 10 वाहनों के काफिले के साथ ब्यावर की ओर भाग निकले। कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही पीसांगन थानाधिकारी पारुल यादव ने थाने के बाहर नाकाबंदी लगा दी। ब्यावर सदर थाना पुलिस भी बदमाशों का पीछा कर रही थी। दोपहर करीब 12 बजे दो तेज रफ्तार कैंपर पीसांगन की ओर आते दिखे। पुलिस को देखकर चालकों ने वाहन खेतों की ओर मोड़ दिए। नागेलाव रोड स्थित नाड भैरूजी मंदिर के पास कच्चे रास्ते में दोनों वाहन कीचड़ में फंस गए। मौका पाकर उनमें सवार हथियारबंद बदमाश जंगल की ओर भाग गए। सूचना पर डिप्टी नीरज गुप्ता, मांगलियावास थानाधिकारी हरीश चौधरी सहित तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की। पुलिस ने एक आरोपी को दबोच लिया और दोनों कैंपरों को क्रेन व जेसीबी की मदद से निकालकर थाने लाया गया। हथियारबंद बदमाशों के आने की सूचना से पीसांगन में दहशत फैल गई। नाड भैरूजी मंदिर के पास सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने इलाके को सील कर जंगल में सर्च अभियान शुरू किया है। प्रारंभिक जांच में मामला अवैध बजरी परिवहन से जुड़ा होना माना जा रहा है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। मांगलियावास.. पीसांगन पुलिस द्वारा लगाई गई नाकाबंदी, वह कैंपर को जेसीबी की मदद से लाती पुलिस, मौके पर खड़ी भीड, आरोपी को पड़कर ले जाती पुलिस
    1
    बांदनवाड़ा टोल पर फायरिंग कर भागे बदमाशों का पीसांगन में हाईवोल्टेज ड्रामा, एक गिरफ्तार, दो कैंपर जब्त

बांदनवाड़ा टोल पर फायरिंग कर भागे बदमाशों का पीसांगन में हाईवोल्टेज ड्रामा, एक गिरफ्तार, दो कैंपर जब्त
पीसांगन.भिनाय थाना क्षेत्र के बांदनवाड़ा टोल नाके पर फायरिंग कर फरार हुए हथियारबंद बदमाशों को पकड़ने के लिए रविवार को पीसांगन पुलिस ने फिल्मी अंदाज में घेराबंदी की। नाकाबंदी तोड़कर खेतों में घुसे दो कैंपरों को पुलिस ने जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि 8 से 10 बदमाश जंगल में फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह बांदनवाड़ा टोल पर कैंपर सवारों ने टोलकर्मियों से विवाद के बाद फायरिंग कर दी और 10 वाहनों के काफिले के साथ ब्यावर की ओर भाग निकले। कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही पीसांगन थानाधिकारी पारुल यादव ने थाने के बाहर नाकाबंदी लगा दी। ब्यावर सदर थाना पुलिस भी बदमाशों का पीछा कर रही थी।
दोपहर करीब 12 बजे दो तेज रफ्तार कैंपर पीसांगन की ओर आते दिखे। पुलिस को देखकर चालकों ने वाहन खेतों की ओर मोड़ दिए। नागेलाव रोड स्थित नाड भैरूजी मंदिर के पास कच्चे रास्ते में दोनों वाहन कीचड़ में फंस गए। मौका पाकर उनमें सवार हथियारबंद बदमाश जंगल की ओर भाग गए।
सूचना पर डिप्टी नीरज गुप्ता, मांगलियावास थानाधिकारी हरीश चौधरी सहित तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की। पुलिस ने एक आरोपी को दबोच लिया और दोनों कैंपरों को क्रेन व जेसीबी की मदद से निकालकर थाने लाया गया।
हथियारबंद बदमाशों के आने की सूचना से पीसांगन में दहशत फैल गई। नाड भैरूजी मंदिर के पास सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने इलाके को सील कर जंगल में सर्च अभियान शुरू किया है। प्रारंभिक जांच में मामला अवैध बजरी परिवहन से जुड़ा होना माना जा रहा है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
मांगलियावास.. पीसांगन पुलिस द्वारा लगाई गई नाकाबंदी, वह कैंपर को जेसीबी की मदद से लाती पुलिस, मौके पर खड़ी भीड, आरोपी को पड़कर ले जाती पुलिस
    user_Yogesh kumar
    Yogesh kumar
    Librarian पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • Ajmer नगर निगम चुनाव में बीजेपी की अनामिका शर्मा बनी महापौर Dainik News AJMER Ajmer नगर निगम चुनाव में बीजेपी की अनामिका शर्मा बनी महापौर Dainik News AJMER
    1
    Ajmer नगर निगम चुनाव में बीजेपी की अनामिका शर्मा बनी महापौर Dainik News AJMER 
Ajmer नगर निगम चुनाव में बीजेपी की अनामिका शर्मा बनी महापौर Dainik News AJMER
    user_Dainik  news ajmer
    Dainik news ajmer
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • पहली बार हुए अध्यक्ष चुनाव में भाजपा के 10 पार्षदों के बावजूद निर्दलीय सुनील कुमार चौहान बने पालिकाध्यक्ष रियान बड़ी | नागौर रियान बड़ी नगर पालिका बनने के बाद पहली बार हुए पालिकाध्यक्ष के चुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। निर्दलीय प्रत्याशी सुनील कुमार चौहान नगर पालिका के पहले पालिकाध्यक्ष चुने गए। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी जगदीश माली को 7 वोटों के अंतर से हराया। सुनील कुमार चौहान को कुल 13 वोट मिले, जबकि जगदीश माली को 6 वोट मिले। चुनाव परिणाम सामने आते ही नगर पालिका क्षेत्र में समर्थकों में उत्साह का माहौल बन गया। खास बात यह रही कि नगर पालिका के 20 वार्डों में भाजपा के सबसे अधिक 10 पार्षद जीतकर आए थे, इसके बावजूद भाजपा अपना अध्यक्ष नहीं बना पाई। वहीं कांग्रेस के 4, आरएलपी के 3 और 3 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे। भाजपा से बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरे थे चौहान सुनील कुमार चौहान भाजपा से बागी होकर अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे थे। चुनाव के दौरान उनके मुकाबले भाजपा ने जगदीश माली को प्रत्याशी बनाया। मतदान के बाद परिणामों ने नगर पालिका की पहली अध्यक्षीय चुनाव प्रक्रिया को चर्चा में ला दिया। 20 पार्षदों ने किया मतदान पालिकाध्यक्ष चुनाव में नगर पालिका के सभी 20 निर्वाचित पार्षदों ने मतदान किया। परिणाम में सुनील कुमार चौहान को 13 और जगदीश माली को 6 वोट मिले, जबकि एक वोट के संबंध में निर्वाचन प्रक्रिया के अनुसार स्थिति दर्ज की गई। सुनील कुमार चौहान ने 7 वोट के अंतर से जीत दर्ज की। रियान बड़ी नगर पालिका के गठन के बाद यह पहला अध्यक्ष चुनाव था। ऐसे में पहले ही चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के पालिकाध्यक्ष बनने से स्थानीय राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा के पास बहुमत से अधिक पार्षद होने के बावजूद अध्यक्ष पद उसके खाते में नहीं आया। पहली बार हुए अध्यक्ष चुनाव में भाजपा के 10 पार्षदों के बावजूद निर्दलीय सुनील कुमार चौहान बने पालिकाध्यक्ष रियान बड़ी | नागौर रियान बड़ी नगर पालिका बनने के बाद पहली बार हुए पालिकाध्यक्ष के चुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। निर्दलीय प्रत्याशी सुनील कुमार चौहान नगर पालिका के पहले पालिकाध्यक्ष चुने गए। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी जगदीश माली को 7 वोटों के अंतर से हराया। सुनील कुमार चौहान को कुल 13 वोट मिले, जबकि जगदीश माली को 6 वोट मिले। चुनाव परिणाम सामने आते ही नगर पालिका क्षेत्र में समर्थकों में उत्साह का माहौल बन गया। खास बात यह रही कि नगर पालिका के 20 वार्डों में भाजपा के सबसे अधिक 10 पार्षद जीतकर आए थे, इसके बावजूद भाजपा अपना अध्यक्ष नहीं बना पाई। वहीं कांग्रेस के 4, आरएलपी के 3 और 3 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे। भाजपा से बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरे थे चौहान सुनील कुमार चौहान भाजपा से बागी होकर अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे थे। चुनाव के दौरान उनके मुकाबले भाजपा ने जगदीश माली को प्रत्याशी बनाया। मतदान के बाद परिणामों ने नगर पालिका की पहली अध्यक्षीय चुनाव प्रक्रिया को चर्चा में ला दिया। 20 पार्षदों ने किया मतदान पालिकाध्यक्ष चुनाव में नगर पालिका के सभी 20 निर्वाचित पार्षदों ने मतदान किया। परिणाम में सुनील कुमार चौहान को 13 और जगदीश माली को 6 वोट मिले, जबकि एक वोट के संबंध में निर्वाचन प्रक्रिया के अनुसार स्थिति दर्ज की गई। सुनील कुमार चौहान ने 7 वोट के अंतर से जीत दर्ज की। रियान बड़ी नगर पालिका के गठन के बाद यह पहला अध्यक्ष चुनाव था। ऐसे में पहले ही चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के पालिकाध्यक्ष बनने से स्थानीय राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा के पास बहुमत से अधिक पार्षद होने के बावजूद अध्यक्ष पद उसके खाते में नहीं आया।
    1
    पहली बार हुए अध्यक्ष चुनाव में भाजपा के 10 पार्षदों के बावजूद निर्दलीय सुनील कुमार चौहान बने पालिकाध्यक्ष

रियान बड़ी | नागौर

रियान बड़ी नगर पालिका बनने के बाद पहली बार हुए पालिकाध्यक्ष के चुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। निर्दलीय प्रत्याशी सुनील कुमार चौहान नगर पालिका के पहले पालिकाध्यक्ष चुने गए। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी जगदीश माली को 7 वोटों के अंतर से हराया। सुनील कुमार चौहान को कुल 13 वोट मिले, जबकि जगदीश माली को 6 वोट मिले।

चुनाव परिणाम सामने आते ही नगर पालिका क्षेत्र में समर्थकों में उत्साह का माहौल बन गया। खास बात यह रही कि नगर पालिका के 20 वार्डों में भाजपा के सबसे अधिक 10 पार्षद जीतकर आए थे, इसके बावजूद भाजपा अपना अध्यक्ष नहीं बना पाई। वहीं कांग्रेस के 4, आरएलपी के 3 और 3 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे।

भाजपा से बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरे थे चौहान

सुनील कुमार चौहान भाजपा से बागी होकर अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे थे। चुनाव के दौरान उनके मुकाबले भाजपा ने जगदीश माली को प्रत्याशी बनाया। मतदान के बाद परिणामों ने नगर पालिका की पहली अध्यक्षीय चुनाव प्रक्रिया को चर्चा में ला दिया।

20 पार्षदों ने किया मतदान

पालिकाध्यक्ष चुनाव में नगर पालिका के सभी 20 निर्वाचित पार्षदों ने मतदान किया। परिणाम में सुनील कुमार चौहान को 13 और जगदीश माली को 6 वोट मिले, जबकि एक वोट के संबंध में निर्वाचन प्रक्रिया के अनुसार स्थिति दर्ज की गई। सुनील कुमार चौहान ने 7 वोट के अंतर से जीत दर्ज की।

रियान बड़ी नगर पालिका के गठन के बाद यह पहला अध्यक्ष चुनाव था। ऐसे में पहले ही चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के पालिकाध्यक्ष बनने से स्थानीय राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा के पास बहुमत से अधिक पार्षद होने के बावजूद अध्यक्ष पद उसके खाते में नहीं आया।
पहली बार हुए अध्यक्ष चुनाव में भाजपा के 10 पार्षदों के बावजूद निर्दलीय सुनील कुमार चौहान बने पालिकाध्यक्ष
रियान बड़ी | नागौर
रियान बड़ी नगर पालिका बनने के बाद पहली बार हुए पालिकाध्यक्ष के चुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। निर्दलीय प्रत्याशी सुनील कुमार चौहान नगर पालिका के पहले पालिकाध्यक्ष चुने गए। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी जगदीश माली को 7 वोटों के अंतर से हराया। सुनील कुमार चौहान को कुल 13 वोट मिले, जबकि जगदीश माली को 6 वोट मिले।
चुनाव परिणाम सामने आते ही नगर पालिका क्षेत्र में समर्थकों में उत्साह का माहौल बन गया। खास बात यह रही कि नगर पालिका के 20 वार्डों में भाजपा के सबसे अधिक 10 पार्षद जीतकर आए थे, इसके बावजूद भाजपा अपना अध्यक्ष नहीं बना पाई। वहीं कांग्रेस के 4, आरएलपी के 3 और 3 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे।
भाजपा से बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरे थे चौहान
सुनील कुमार चौहान भाजपा से बागी होकर अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे थे। चुनाव के दौरान उनके मुकाबले भाजपा ने जगदीश माली को प्रत्याशी बनाया। मतदान के बाद परिणामों ने नगर पालिका की पहली अध्यक्षीय चुनाव प्रक्रिया को चर्चा में ला दिया।
20 पार्षदों ने किया मतदान
पालिकाध्यक्ष चुनाव में नगर पालिका के सभी 20 निर्वाचित पार्षदों ने मतदान किया। परिणाम में सुनील कुमार चौहान को 13 और जगदीश माली को 6 वोट मिले, जबकि एक वोट के संबंध में निर्वाचन प्रक्रिया के अनुसार स्थिति दर्ज की गई। सुनील कुमार चौहान ने 7 वोट के अंतर से जीत दर्ज की।
रियान बड़ी नगर पालिका के गठन के बाद यह पहला अध्यक्ष चुनाव था। ऐसे में पहले ही चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के पालिकाध्यक्ष बनने से स्थानीय राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा के पास बहुमत से अधिक पार्षद होने के बावजूद अध्यक्ष पद उसके खाते में नहीं आया।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.