प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) उत्तर प्रदेश की केंद्रीय कार्यकारिणी के चुनाव 22 जून को आयोजित किए जाएंगे। इस प्रक्रिया के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एन. यादव को जिला निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया है। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. यादव ने पीएमएस संघ लखनऊ इकाई के सभी चिकित्सा अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। उनके अनुसार, केंद्रीय कार्यकारिणी के लिए मतदान 22 जून (सोमवार) को प्रातः 9 बजे से सायं 6 बजे तक लखनऊ के इंदिरानगर स्थित स्टेट मेडिको लीगल सेल में होगा। उन्होंने महानिदेशकों, निदेशकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षकों तथा अन्य चिकित्सा अधिकारियों से स्वयं मतदान करने और अपने अधीन कार्यरत संघ के पात्र सदस्यों की भी मतदान में सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के केवल पात्र सदस्य ही निर्धारित मतदान केंद्र पर पहचान पत्र के साथ उपस्थित होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। सेवा निवृत्त, पुनर्नियोजित और संविदा सदस्यों को इस मतदान प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। निर्वाचन अधिकारी ने चिकित्सकों की सक्रिय भागीदारी को संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी के गठन के लिए महत्वपूर्ण बताया है और सभी पात्र सदस्यों से समय पर मतदान केंद्र पहुंचकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सफल बनाने का आग्रह किया है।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) उत्तर प्रदेश की केंद्रीय कार्यकारिणी के चुनाव 22 जून को आयोजित किए जाएंगे। इस प्रक्रिया के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एन. यादव को जिला निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया है। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. यादव ने पीएमएस संघ लखनऊ इकाई के सभी चिकित्सा अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। उनके अनुसार, केंद्रीय कार्यकारिणी के लिए मतदान 22 जून (सोमवार) को प्रातः 9 बजे से सायं 6 बजे तक लखनऊ के इंदिरानगर स्थित स्टेट मेडिको लीगल सेल में होगा। उन्होंने महानिदेशकों, निदेशकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षकों तथा अन्य चिकित्सा अधिकारियों से स्वयं मतदान करने और अपने अधीन कार्यरत संघ के पात्र सदस्यों की भी मतदान में सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के केवल पात्र सदस्य ही निर्धारित मतदान केंद्र पर पहचान पत्र के साथ उपस्थित होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। सेवा निवृत्त, पुनर्नियोजित और संविदा सदस्यों को इस मतदान प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। निर्वाचन अधिकारी ने चिकित्सकों की सक्रिय भागीदारी को संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी के गठन के लिए महत्वपूर्ण बताया है और सभी पात्र सदस्यों से समय पर मतदान केंद्र पहुंचकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सफल बनाने का आग्रह किया है।
- लखनऊ में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ अस्पताल से लौट रहे एक युवक को एक थार वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई।1
- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा की है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात को सराहा कि सीएम योगी ने अपने अयोध्या दौरे के दौरान चंपत राय को अपने से दूर रखा। शंकराचार्य जी महाराज ने इस कदम को 'बहुत अच्छा' बताते हुए इसकी सराहना की।1
- भारत में एक विवाहिता अपने तलाक के मुकदमे के दौरान अपने वकील के 'पेशेवर कदाचार' का शिकार हुई है। आरोपों के अनुसार, वकील ने महिला से सारी जानकारी हासिल कर उसे ‘ट्रैप में ले लिया’। पीड़िता ने इस गंभीर और चिंताजनक मामले को मीडिया के सामने रखा, जो पेशेवर और नैतिक सीमाओं के घोर उल्लंघन को दर्शाता है। तलाक के मामलों में अक्सर पीड़ितों को अत्यधिक भावनात्मक और कानूनी सहायता की आवश्यकता होती है, जिसका ऐसे मामलों में कुछ वकील फायदा उठाते हैं। ऐसी गंभीर स्थिति में महिलाओं को तुरंत कानूनी और सुरक्षात्मक कदम उठाने की सलाह दी गई है। उन्हें अपने सभी कानूनी दस्तावेज, केस की फाइलें और सबूत मौजूदा वकील से वापस लेने और अपना नया केस किसी भरोसेमंद या महिला वरिष्ठ वकील को सौंपने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, शादी का सपना दिखाने वाले मौजूदा वकील से सभी प्रकार के संपर्क तुरंत तोड़ना हितकर बताया गया है। पीड़िता भारतीय दंड संहिता (#IPC) या नए भारतीय न्याय संहिता (#BNS) के तहत वकील के खिलाफ एफआईआर (#FIR) दर्ज करा सकती हैं। इसमें विश्वासघात और धोखाधड़ी (यदि वकील ने कानूनी प्रक्रिया के नाम पर यौन शोषण किया है) और गर्भपात के लिए दबाव (अपनी मर्जी के खिलाफ गर्भपात कराने के लिए मजबूर करना) जैसे आरोप शामिल हो सकते हैं। इस हेतु स्थानीय पुलिस स्टेशन या महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 पर तुरंत कॉल करने की भी बात कही गई है। बिना डरे किसी सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच (#MedicalEvidence) करवाकर अपने मेडिकल रिकॉर्ड्स (#MedicalPregnancyReports) सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है। ये मेडिकल रिपोर्ट्स और पीड़िता के इंटरव्यू में लगाए गए आरोप अदालत में सबसे मजबूत सबूत बन सकते हैं। इसके अतिरिक्त, बार काउंसिल (#BarCouncil) में भी शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है। यह वकील का 'पेशेवर कदाचार' (#ProfessionalMisconduct) है। महिला अपने राज्य की स्टेट बार काउंसिल में 'मंदिर में शादी' और 'गर्भपात का दबाव' बनाने वाले वकील के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करा सकती है, जिससे उसका लाइसेंस तक रद्द हो सकता है। भारत के कानून (#MTPAct) के अनुसार, पीड़िता को अपनी गर्भावस्था को लेकर निर्णय लेने का पूरा कानूनी और शारीरिक अधिकार है। यदि गर्भपात उसकी मर्जी के खिलाफ है या उसे इसके लिए डराया-धमकाया जा रहा है, तो इसके खिलाफ कानूनी मदद लेने की सलाह दी गई है।1
- लखनऊ एयरपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर 'बढ़ती उम्र में स्वस्थ जीवन के लिए योग' विषय पर एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया। इस सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को योग को अपनाकर शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम ने विशेष रूप से बढ़ती उम्र में भी एक सक्रिय, स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने के महत्व को रेखांकित किया।1
- तमिलनाडु में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ चॉकलेट दिलाने का लालच देकर एक 3 साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न किया गया और उसे झाड़ियों में फेंक दिया गया। इस घटना ने पूरे तमिलनाडु को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में बिहार के रहने वाले एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, पीड़ित बच्ची ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।1
- लखनऊ से ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा द्वारा पेश किए गए मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ के अनुसार, एयरफोर्स ने NEET परीक्षा के पेपरों को पहुंचा दिया है और यह परीक्षा आज आयोजित की जाएगी। इसी क्रम में, होर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर बंद हो गया है। इसके अलावा, केशव ने यह भी कहा है कि मंत्री राजभर की बातों में कोई दम नहीं है।2
- योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की 25 करोड़ जनता उनके लिए परिवार के समान है।1
- लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल दावों के अनुसार, टैक्सी संचालन से संबंधित किसी विवाद को लेकर कुछ लोगों के बीच कहासुनी और कथित तौर पर मारपीट की स्थिति उत्पन्न हुई। एक दावा यह भी है कि विवाद टैक्सी चालक से पर्ची कटवाने को लेकर हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों और आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना की वास्तविक परिस्थितियां संबंधित पक्षों के बयान और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।1