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अम्बेडकरनगर- अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के सोनगांव बदलपुर में 2 बच्चों की मां सीमा देवी (28 वर्ष)पत्नी तुलसीराम निषाद का शव फंदे से लटकता हुआ मिला! इंस्पेक्टर श्रीनिवास पांडेय नें बताया कि पारिवारिक विवाद में महिला नें जान दे दिया।

18 hrs ago
user_Dushyant Kumar Journalist
Dushyant Kumar Journalist
City Star अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
18 hrs ago

अम्बेडकरनगर- अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के सोनगांव बदलपुर में 2 बच्चों की मां सीमा देवी (28 वर्ष)पत्नी तुलसीराम निषाद का शव फंदे से लटकता हुआ मिला! इंस्पेक्टर श्रीनिवास पांडेय नें बताया कि पारिवारिक विवाद में महिला नें जान दे दिया।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by Dushyant Kumar Journalist
    1
    Post by Dushyant Kumar Journalist
    user_Dushyant Kumar Journalist
    Dushyant Kumar Journalist
    City Star अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • mhan baba
    1
    mhan baba
    user_Siddique
    Siddique
    अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • जिलाधिकारीअनुपमशुक्लानेक्रॉपकटिंगकेजरिएपरखीगेहूं की उपज साथ में तहसीलदारसंतोष कुमार विभाग सहित
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    जिलाधिकारीअनुपमशुक्लानेक्रॉपकटिंगकेजरिएपरखीगेहूं की उपज साथ में तहसीलदारसंतोष कुमार विभाग सहित
    user_रिपोर्टर Goswami
    रिपोर्टर Goswami
    Advertising agency अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से आशीर्वाद लेने अंबेडकर नगर में आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान में पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री ने एबीएन न्यूज़ प्लस से बातचीत के दौरान कहा कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा सरकार को संवैधानिक जवाब देने के लिए एक जुट हो रही है।
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    शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से आशीर्वाद लेने अंबेडकर नगर में आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान में पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री ने एबीएन न्यूज़ प्लस से बातचीत के दौरान कहा कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा सरकार को संवैधानिक जवाब देने के लिए एक जुट हो रही है।
    user_ABN News Plus
    ABN News Plus
    पत्रकार Ambedkar Nagar, Uttar Pradesh•
    20 hrs ago
  • Post by अवधी बयार
    1
    Post by अवधी बयार
    user_अवधी बयार
    अवधी बयार
    Photographer कादीपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • जयसिंहपुर में ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’: डीएम-एसपी ने सुनीं जनसमस्याएं, जमीनी विवादों पर संयुक्त टीम को निर्देश सुलतानपुर। शासन की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं के त्वरित और न्यायपूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से शनिवार को तहसील जयसिंहपुर में ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी कुमार हर्ष और पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने स्वयं उपस्थित रहकर फरियादियों की शिकायतें सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जमीन से जुड़े विवादों पर सख्ती दिखाते हुए निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर जाकर जांच करे। उन्होंने कहा कि इससे फरियादियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और विवादों का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। कार्यक्रम के दौरान कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के लिए समय-सीमा तय करते हुए गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर विशेष जोर देते हुए पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। तहसील परिसर में बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को दर्ज कर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। उल्लेखनीय है कि ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय शनिवार को आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य आम जनता को एक ही स्थान पर त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है।
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    जयसिंहपुर में ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’: डीएम-एसपी ने सुनीं जनसमस्याएं, जमीनी विवादों पर संयुक्त टीम को निर्देश
सुलतानपुर। शासन की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं के त्वरित और न्यायपूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से शनिवार को तहसील जयसिंहपुर में ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी कुमार हर्ष और पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने स्वयं उपस्थित रहकर फरियादियों की शिकायतें सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जमीन से जुड़े विवादों पर सख्ती दिखाते हुए निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर जाकर जांच करे। उन्होंने कहा कि इससे फरियादियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और विवादों का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा।
कार्यक्रम के दौरान कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के लिए समय-सीमा तय करते हुए गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर विशेष जोर देते हुए पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
तहसील परिसर में बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को दर्ज कर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। उल्लेखनीय है कि ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय शनिवार को आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य आम जनता को एक ही स्थान पर त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है।
    user_SantoshPandit Yuva Anti Corrup
    SantoshPandit Yuva Anti Corrup
    लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश सील टूटी, कानून हारा! भव्या मैरिज लॉन का अवैध संचालन जिला प्रशासन के इकबाल को खुली चुनौती। तेजतर्रार डीएम की साख को बट्टा लगाता भव्या ग्रुप, बीडीए की फाइलों में दफन हुई अवैध निर्माण की शिकायतें। 'भव्य' अवैध निर्माण: नक्शा न रजिस्ट्रेशन, फिर भी अफसरों की नाक के नीचे चल रहा करोड़ों का खेल! बस्ती विकास प्राधिकरण की 'मेहरबानी' या भ्रष्टाचार का खेल? 'भव्या ग्रुप' के अवैध साम्राज्य पर कब गरजेगा बाबा का बुलडोजर! बस्ती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साफ निर्देश है—"अवैध निर्माण और भू-माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस।" लेकिन बस्ती जनपद में 'बस्ती विकास प्राधिकरण' (BDA) और जिला प्रशासन की नाक के नीचे इस आदेश की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या रसूख और खातिरदारी के आगे सरकारी नियम बौने हो चुके हैं? मामला 'भव्या ग्रुप' से जुड़ा है, जिसके अवैध प्रतिष्ठान जिले की व्यवस्था को खुली चुनौती दे रहे हैं। सीज खुला या कानून का मजाक उड़ा? कुछ समय पूर्व एसडीएम सदर गुलाब चंद्र ने बिना रजिस्ट्रेशन और बिना नक्शा पास कराए संचालित हो रहे भव्या मैरिज लॉन को सीज किया था। लेकिन, चर्चा आम है कि संचालक ने कानून को ठेंगे पर रखकर अवैध तरीके से सीज हटा दिया और संचालन फिर शुरू कर दिया। 🎯बड़ा सवाल: क्या प्रशासन इतना लाचार है कि उसकी लगाई गई सील कोई भी प्रभावशाली व्यक्ति अपनी मर्जी से तोड़ दे? 🎯प्रशासनिक मौन: सीज हटने के बाद भी आखिर एडीएम और एसडीएम सदर ने दोबारा कड़ा रुख क्यों नहीं अपनाया? क्या यह मौन किसी 'बड़ी सेटिंग' की तरफ इशारा कर रहा है? नक्शा न रजिस्ट्रेशन: फिर भी 'ग्रैंड' है भव्या पैलेस भव्या ग्रुप के होटल ग्रैंड भव्या पैलेस और भव्या मेडिकल सेंटर जैसे बड़े प्रतिष्ठान बिना किसी स्वीकृत मानचित्र (नक्शा) और बिना अनिवार्य रजिस्ट्रेशन के धड़ल्ले से चल रहे हैं। 🎯बीडीए की भूमिका: जो प्राधिकरण आम आदमी के एक कमरे के निर्माण पर नोटिस थमा देता है, उसे शहर के बीचों-बीच खड़ी ये बहुमंजिला अवैध इमारतें दिखाई क्यों नहीं दे रहीं? 🎯संरक्षण का आरोप: सूत्रों की मानें तो होटल प्रबंधन सत्ताधारी दल के नेताओं, रसूखदार पत्रकारों और प्रशासनिक अफसरों को मुफ्त 'भोजन और आवास' की शाही व्यवस्था उपलब्ध करा रहा है। क्या इसी खातिरदारी के बदले में बीडीए और जिला प्रशासन ने अपनी आंखें मूंद ली हैं? डीएम की छवि को धूमिल करता 'भव्या ग्रुप' का अहंकार जिले में तेजतर्रार छवि वाली डीएम कृतिका ज्योत्सना एक ओर जहां विकास और कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर तन कर खड़ी भव्या ग्रुप की ये अवैध बिल्डिंग्स सीधे तौर पर जिला प्रशासन को मुंह चिढ़ा रही हैं। कई सालों से अनाधिकृत रूप से हो रहे इस संचालन पर शिकायतों का अंबार है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल फाइलों को इधर-बधर घुमाया जा रहा है। जनता पूछ रही है तीखे सवाल: जब आम जनता के अवैध निर्माण पर 'बाबा का बुलडोजर' गरजता है, तो भव्या ग्रुप के लिए तेल की कमी क्यों हो जाती है? ✍️क्या बीडीए के अधिकारी केवल कागजी शेर बनकर रह गए हैं, जो रसूखदारों के सामने नतमस्तक हैं? ✍️बिना फायर एनओसी और बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे मेडिकल सेंटर में अगर कोई हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? बस्ती की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहती है। क्या शासन-प्रशासन इस 'भव्या साम्राज्य' पर कानूनी शिकंजा कसेगा या फिर भ्रष्टाचार की इस 'भव्य' दावत में जिम्मेदार अपनी हिस्सेदारी निभाते रहेंगे? देखना शेष है कि क्या 'बस्ती विकास प्राधिकरण' कुंभकर्णी नींद से जागता है या फिर रसूख की चादर ओढ़कर सोता रहता है।
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    अजीत मिश्रा (खोजी)
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश
सील टूटी, कानून हारा! भव्या मैरिज लॉन का अवैध संचालन जिला प्रशासन के इकबाल को खुली चुनौती।
तेजतर्रार डीएम की साख को बट्टा लगाता भव्या ग्रुप, बीडीए की फाइलों में दफन हुई अवैध निर्माण की शिकायतें।
'भव्य' अवैध निर्माण: नक्शा न रजिस्ट्रेशन, फिर भी अफसरों की नाक के नीचे चल रहा करोड़ों का खेल!
बस्ती विकास प्राधिकरण की 'मेहरबानी' या भ्रष्टाचार का खेल? 'भव्या ग्रुप' के अवैध साम्राज्य पर कब गरजेगा बाबा का बुलडोजर!
बस्ती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साफ निर्देश है—"अवैध निर्माण और भू-माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस।" लेकिन बस्ती जनपद में 'बस्ती विकास प्राधिकरण' (BDA) और जिला प्रशासन की नाक के नीचे इस आदेश की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या रसूख और खातिरदारी के आगे सरकारी नियम बौने हो चुके हैं? मामला 'भव्या ग्रुप' से जुड़ा है, जिसके अवैध प्रतिष्ठान जिले की व्यवस्था को खुली चुनौती दे रहे हैं।
सीज खुला या कानून का मजाक उड़ा?
कुछ समय पूर्व एसडीएम सदर गुलाब चंद्र ने बिना रजिस्ट्रेशन और बिना नक्शा पास कराए संचालित हो रहे भव्या मैरिज लॉन को सीज किया था। लेकिन, चर्चा आम है कि संचालक ने कानून को ठेंगे पर रखकर अवैध तरीके से सीज हटा दिया और संचालन फिर शुरू कर दिया।
🎯बड़ा सवाल: क्या प्रशासन इतना लाचार है कि उसकी लगाई गई सील कोई भी प्रभावशाली व्यक्ति अपनी मर्जी से तोड़ दे?
🎯प्रशासनिक मौन: सीज हटने के बाद भी आखिर एडीएम और एसडीएम सदर ने दोबारा कड़ा रुख क्यों नहीं अपनाया? क्या यह मौन किसी 'बड़ी सेटिंग' की तरफ इशारा कर रहा है?
नक्शा न रजिस्ट्रेशन: फिर भी 'ग्रैंड' है भव्या पैलेस
भव्या ग्रुप के होटल ग्रैंड भव्या पैलेस और भव्या मेडिकल सेंटर जैसे बड़े प्रतिष्ठान बिना किसी स्वीकृत मानचित्र (नक्शा) और बिना अनिवार्य रजिस्ट्रेशन के धड़ल्ले से चल रहे हैं।
🎯बीडीए की भूमिका: जो प्राधिकरण आम आदमी के एक कमरे के निर्माण पर नोटिस थमा देता है, उसे शहर के बीचों-बीच खड़ी ये बहुमंजिला अवैध इमारतें दिखाई क्यों नहीं दे रहीं?
🎯संरक्षण का आरोप: सूत्रों की मानें तो होटल प्रबंधन सत्ताधारी दल के नेताओं, रसूखदार पत्रकारों और प्रशासनिक अफसरों को मुफ्त 'भोजन और आवास' की शाही व्यवस्था उपलब्ध करा रहा है। क्या इसी खातिरदारी के बदले में बीडीए और जिला प्रशासन ने अपनी आंखें मूंद ली हैं?
डीएम की छवि को धूमिल करता 'भव्या ग्रुप' का अहंकार
जिले में तेजतर्रार छवि वाली डीएम कृतिका ज्योत्सना एक ओर जहां विकास और कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर तन कर खड़ी भव्या ग्रुप की ये अवैध बिल्डिंग्स सीधे तौर पर जिला प्रशासन को मुंह चिढ़ा रही हैं। कई सालों से अनाधिकृत रूप से हो रहे इस संचालन पर शिकायतों का अंबार है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल फाइलों को इधर-बधर घुमाया जा रहा है।
जनता पूछ रही है तीखे सवाल:
जब आम जनता के अवैध निर्माण पर 'बाबा का बुलडोजर' गरजता है, तो भव्या ग्रुप के लिए तेल की कमी क्यों हो जाती है?
✍️क्या बीडीए के अधिकारी केवल कागजी शेर बनकर रह गए हैं, जो रसूखदारों के सामने नतमस्तक हैं?
✍️बिना फायर एनओसी और बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे मेडिकल सेंटर में अगर कोई हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
बस्ती की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहती है। क्या शासन-प्रशासन इस 'भव्या साम्राज्य' पर कानूनी शिकंजा कसेगा या फिर भ्रष्टाचार की इस 'भव्य' दावत में जिम्मेदार अपनी हिस्सेदारी निभाते रहेंगे?
देखना शेष है कि क्या 'बस्ती विकास प्राधिकरण' कुंभकर्णी नींद से जागता है या फिर रसूख की चादर ओढ़कर सोता रहता है।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Dushyant Kumar Journalist
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    Post by Dushyant Kumar Journalist
    user_Dushyant Kumar Journalist
    Dushyant Kumar Journalist
    City Star अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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