हरिद्वार में जल प्रलय के बीच 'देवदूत' बनी पुलिस: गंगा के टापू पर फंसे 21 श्रद्धालुओं का रोंगटे खड़े कर देने वाला रेस्क्यू #Apkiawajdigital हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ने से 21 श्रद्धालु बीच धारा में एक टापू पर फंस गए। उफनती लहरों के बीच फंसे इन लोगों की जान हलक में अटकी थी, लेकिन पुलिस और जल पुलिस के जवानों ने समय रहते मोर्चा संभाला और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अचानक बढ़ा जलस्तर, टापू बना 'जेल' मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान से आए कुछ परिवार सप्तऋषि क्षेत्र स्थित कबीर कुटीर घाट के पास गंगा स्नान कर रहे थे। इसी दौरान ऊपर से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का बहाव अचानक तेज हो गया। श्रद्धालु जब तक कुछ समझ पाते, देखते ही देखते वे चारों ओर से पानी से घिर गए और बीच टापू पर ही फंस गए। सांस रोक देने वाला रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही सप्तऋषि चौकी पुलिस, पीएसी (PAC) और जल पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। जल पुलिस के गोताखोरों ने उफनती लहरों के बीच मोटर बोट उतारी। फंसे हुए लोगों में 10 पुरुष, 7 महिलाएं और 4 मासूम बच्चे शामिल थे, जो डर के मारे सहमे हुए थे। भारी मशक्कत और सूझबूझ के साथ पुलिस ने एक-एक कर सभी 21 लोगों को बोट के जरिए सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। प्रशासन की चेतावनी रेस्क्यू के बाद श्रद्धालुओं ने पुलिस का आभार व्यक्त किया। हरिद्वार पुलिस ने इस घटना के बाद घाटों पर निगरानी बढ़ा दी है और यात्रियों से अपील की है कि वे: गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखें। स्नान के दौरान चेन या रेलिंग का ही सहारा लें। गंगा के बीच स्थित टापुओं या गहरे पानी वाले क्षेत्रों में जाने का जोखिम न उठाएं। मुख्य आकर्षण: पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने महज कुछ ही घंटों में एक बड़े संभावित हादसे को टाल दिया, जिसकी अब चारों ओर सराहना हो रही है।
हरिद्वार में जल प्रलय के बीच 'देवदूत' बनी पुलिस: गंगा के टापू पर फंसे 21 श्रद्धालुओं का रोंगटे खड़े कर देने वाला रेस्क्यू #Apkiawajdigital हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ने से 21 श्रद्धालु बीच धारा में एक टापू पर फंस गए। उफनती लहरों के बीच फंसे इन लोगों की जान हलक में अटकी थी, लेकिन पुलिस और जल पुलिस के जवानों ने समय रहते मोर्चा संभाला और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अचानक बढ़ा जलस्तर, टापू बना 'जेल' मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान से आए कुछ परिवार सप्तऋषि क्षेत्र स्थित कबीर कुटीर घाट के पास गंगा स्नान कर रहे थे। इसी दौरान ऊपर से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का बहाव अचानक तेज हो गया। श्रद्धालु जब तक कुछ समझ पाते, देखते ही देखते वे चारों ओर से पानी से घिर गए और बीच टापू पर ही फंस गए। सांस रोक देने वाला रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही सप्तऋषि चौकी पुलिस, पीएसी (PAC) और जल पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। जल पुलिस के गोताखोरों ने उफनती लहरों के बीच मोटर बोट उतारी। फंसे हुए लोगों में 10 पुरुष, 7 महिलाएं और 4 मासूम बच्चे शामिल थे, जो डर के मारे सहमे हुए थे। भारी मशक्कत और सूझबूझ के साथ पुलिस ने एक-एक कर सभी 21 लोगों को बोट के जरिए सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। प्रशासन की चेतावनी रेस्क्यू के बाद श्रद्धालुओं ने पुलिस का आभार व्यक्त किया। हरिद्वार पुलिस ने इस घटना के बाद घाटों पर निगरानी बढ़ा दी है और यात्रियों से अपील की है कि वे: गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखें। स्नान के दौरान चेन या रेलिंग का ही सहारा लें। गंगा के बीच स्थित टापुओं या गहरे पानी वाले क्षेत्रों में जाने का जोखिम न उठाएं। मुख्य आकर्षण: पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने महज कुछ ही घंटों में एक बड़े संभावित हादसे को टाल दिया, जिसकी अब चारों ओर सराहना हो रही है।
- #Apkiawajdigital लखनऊ | मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 लखनऊ: संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय उबाल आ गया, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सत्ताधारी दल पर सीधा हमला बोला। लखनऊ में आयोजित श्रद्धाजंलि सभा के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में न केवल संविधान को कमजोर किया गया, बल्कि बाबा साहब की प्रतिमाओं के साथ भी सबसे अधिक अनादर हुआ है। "10 साल अपमान किया, अब दिखावे का बजट" अखिलेश यादव ने सरकार द्वारा मूर्तियों के सौंदर्यीकरण के लिए घोषित किए गए बजट पर तंज कसते हुए कहा, "पिछले 10 सालों में प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों में बाबा साहब की सबसे ज्यादा प्रतिमाएं तोड़ी या खंडित की गईं। अब जब चुनाव सामने हैं, तो सरकार बजट का लालच देकर दलित समाज के जख्मों पर मरहम लगाने का दिखावा कर रही है।" उन्होंने आगे कहा कि जनता यह भूली नहीं है कि कैसे अराजक तत्वों ने समय-समय पर दलितों के आराध्य का अपमान किया और प्रशासन मौन बना रहा। खबर के मुख्य बिंदु: संविधान बनाम तानाशाही: अखिलेश ने कहा कि बाबा साहब ने हमें जो 'वोट की ताकत' दी है, वही इस तानाशाही का अंत करेगी। PDA की एकजुटता: उन्होंने दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों से अपील की कि वे अपने महापुरुषों के सम्मान के लिए एकजुट हों। सामाजिक न्याय का संकल्प: उन्होंने जातीय जनगणना की मांग दोहराते हुए कहा कि असली सम्मान बजट से नहीं, बल्कि हक और अधिकार देने से मिलता है। [विशेष जागरूकता] अराजक तत्वों की साजिश से सावधान! अम्बेडकर जयंती जैसे संवेदनशील अवसरों पर समाज में वैमनस्य फैलाने के लिए कुछ अराजक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। पाठकों व दर्शकों को जागरूक करने के लिए निम्नलिखित तथ्यों पर ध्यान देना आवश्यक है: पुरानी खबरों का मायाजाल: सोशल मीडिया पर अक्सर 3-4 साल पुरानी 'मूर्ति खंडित' होने की घटनाओं के वीडियो को आज की ताजा घटना बताकर वायरल किया जाता है। इसका उद्देश्य शांति भंग करना होता है। सत्यता की जांच: अखिलेश यादव का बयान एक राजनीतिक आरोप है जो पिछले वर्षों की घटनाओं पर आधारित है। किसी भी वायरल वीडियो को देखकर उत्तेजित होने से पहले उसकी तारीख (Date) और स्थान (Location) की पुष्टि विश्वसनीय न्यूज चैनल्स से जरूर करें। भ्रामक दावों से बचें: सरकार द्वारा जारी बजट और विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच के तथ्यों को समझें। बिना पुष्टि के किसी भी 'फॉरवर्डेड' मैसेज को साझा न करें। "बाबा साहब की प्रतिमाओं का सम्मान हम सबके दिल में है। किसी भी पुरानी या भ्रामक खबर के आधार पर कानून-व्यवस्था को हाथ में न लें। जागरूक बनें और केवल प्रमाणित खबरों पर ही विश्वास करें।"1
- मामला मरका थाना क्षेत्र के चरका खदान का है। जहां फतेहपुर जनपद के राधा नगर थाना क्षेत्र के बलियापुर गांव के रहने वाले सुरेंद्र साहू पुत्र शिव कुमार साहू उम्र करीब 26 वर्ष यह बीती रात्रि अपने ट्रैक्टर मालिक के साथ मरका थाना क्षेत्र के चरका गांव के यमुना नदी खदान पर गया था। तभी लोगों के अनुसार ट्रैक्टर खड़ा करके सड़क के किनारे सो रहा था। तभी कोई अज्ञात ट्रैक्टर ने रौंदते हुए निकल गया, जैसे ही आज मंगलवार की सुबह लोगों ने देखा तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू सुबह करीब 7:00 बजे लेकर पहुंचे, जहां पर डॉक्टर द्वारा देखते ही परीक्षण करने के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी जैसे ही परिजनों को हुई तो परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू पहुंचे, और जहां देखा तो पूरे परिवार जनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। वही मौके पर मरका थाना पुलिस पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज बांदा भेज दिया है। वहीं पुलिस के द्वारा इस घटना की जांच पड़ताल में जुट गई है, जानकारी के अनुसार मृतक की एक पुत्र व एक पुत्री है। वही इस घटना को देखते हुए मृतक की पत्नी ज्योति देवी सहित पूरे परिवार जनों का रो रो कर बुरा हाल है।1
- मौदहा में बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर हजारों लोगों की मौजूदगी में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पूरे कस्बे में “जय भीम” के नारों से माहौल गूंज उठा। जगह-जगह तोरणद्वार सजाए गए और स्टाल लगाकर लंगर, शर्बत व पानी का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे, गांवों व स्कूलों में भी जयंती उत्साह के साथ मनाई गई।1
- मौदहा हमीरपुर। देश के पहले विधि मंत्री, कानून निर्माता और अछूतोद्धार के पुरोधा बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती कस्बे सहित क्षेत्र में धूमधाम से मनाई गई जिसको लेकर कस्बे में जगह जगह तोरणद्वार बनाए गए थे और बाबा साहब के अनुयायीयों नें स्टाल लगाकर लंगर, शीतल पेय सहित अन्य खाद्य सामग्री वितरित की।अम्बेडकर जयंती में निकाली गई विशाल शोभायात्रा को 2027के विधानसभा चुनावों के लिए शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। और मौदहा नगरपालिका अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी के विधानसभा प्रत्याशी के रूप में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती कस्बे सहित क्षेत्र में उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई जिसके चलते कस्बे के मीरातालाब स्थित अम्बेडकर पार्क से एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई जो फत्तेपुर, बंशनाला, तहसील रोड, मलीकुआ चौराहा, रहमानिया कालेज, नरहय्या, कांजी हाउस होकर स्टेशन रोड स्थित अम्बेडकर पार्क में माल्यार्पण कर वापसी देवी चौराहा, नेशनल चौराहा, कोतवाली गेट होकर मीरा तालाब स्थित अम्बेडकर पार्क में देरशाम सम्पन्न हुई।जिसके बाद अम्बेडकर पार्क में आयोजित किए गए कार्यक्रम में बाबा साहब के जीवनवृत और दलितों के लिए उनके द्वारा किए गए संघर्ष का विस्तार से वर्णन किया गया।बताते चलें कि, अम्बेडकर जयंती पर निकाली गई विशाल शोभायात्रा के द्वारा मौदहा नगरपालिका अध्यक्ष रजा मोहम्मद ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर शक्ति प्रदर्शन कर दलित और मुस्लिम गठजोड़ के चलते अपनी दावेदारी पेश कर दी है। शोभायात्रा में कांशीराम, अब्दुल कलाम, सावित्री बाई फूले, ज्योतिबा फूले, महात्मा बुद्ध सहित दर्जनों ऐतिहासिक महापुरुषों के चित्र भी रखे गए थे। शोभायात्रा को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा था और जयंती की पूर्व संध्या पर युवाओं ने एक बाइक रैली निकाल जागरूकता अभियान चलाया था। जबकि शोभायात्रा में बाबा साहब के अनुयायीयोँ द्वारा जगह जगह तोरण द्वार बनाकर स्टाल लगा कर लंगर, शीतल पेय, शर्बत और पानी का इंतजाम किया गया था। वहीं सुरक्षा को लेकर पुलिस सक्रिय नजर आई और उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह,क्षेत्राधिकारी राजकुमार पाण्डेय, कोतवाली प्रभारी संतोष सिंह सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। इसके अतिरिक्त कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिजवाही, भमौरा, पढोरी, रीवन, सहित अन्य गावों में भी बाबा साहब की जयंती मनाई गई।जबकि बडी आबादी के गांव गुसियारी में ग्राम प्रधान असरार अहमद ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया,वहीं अम्बेडकर जयंती को लेकर शिक्षा विभाग भी सक्रिय नजर आया। कम्पोजिट विद्यालय कांशीराम कालोनी छिमौली रोड, सावित्री बाई फूले प्राथमिक विद्यालय, किन्नर गार्डन पब्लिक स्कूल सहित सभी स्कूलों में अम्बेडकर जयंती मनाई गई और बाबा साहब के जीवन और कार्यों का विस्तार से वर्णन किया गया।5
- Post by Babli Varma1
- महोबा। थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में युवती की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। 14 अप्रैल 2026 को कंट्रोल रूम के जरिए सूचना मिली थी कि सुभाष नगर स्थित जेल के पीछे जंगल में एक युवती का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही थाना कोतवाली नगर में हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 15 अप्रैल को डहर्रा रोड पर चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश घायल हो गए और गिरफ्तार कर लिए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धर्मेन्द्र कुमार उर्फ बऊवा (निवासी डहर्रा) और सुमित सिंह (निवासी मवई खुर्द) के रूप में हुई है। दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। प्रेम संबंध बना हत्या की वजह पूछताछ में मुख्य आरोपी सुमित सिंह ने बताया कि उसका मृतका से प्रेम संबंध था। युवती की शादी कहीं और तय हो जाने और पारिवारिक विवाद के चलते उसने अपने साथी के साथ मिलकर गला दबाकर हत्या कर दी। ये सामान हुआ बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त गमछा, तीन मोबाइल फोन (जिसमें मृतका का फोन भी शामिल), हीरो HF डीलक्स मोटरसाइकिल, दो तमंचे (315 बोर व 12 बोर) कारतूस समेत और नगद धनराशि बरामद की है। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।2
- पैलानी तहसील क्षेत्र के गुरगवां से है,जहां बालू खदान में नियमों को दरकिनार कर अवैध खनन का लगा आरोप।1
- #Apkiawajdigital विशेष रिपोर्ट | मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 नई दिल्ली: इन दिनों सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक बयान तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह उद्योगपति गौतम अडानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला कर रहे हैं। इस खबर को लेकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति न बने, इसलिए इसके कानूनी और राजनीतिक पहलुओं को गहराई से समझना आवश्यक है। क्या है वायरल खबर का आधार ? वायरल हो रहे बयान में राहुल गांधी कह रहे हैं कि, "अडानी के पास पैसा तो बहुत है, लेकिन वह भारत से बाहर नहीं जा सकते क्योंकि बाहर जाते ही अमेरिका उन्हें पकड़ लेगा।" तथ्यों की जांच: यह बयान राहुल गांधी द्वारा अमेरिका की एक कोर्ट में अडानी समूह पर लगे आरोपों के संदर्भ में दिया गया है। नवंबर 2024 में अमेरिका में 'रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी' के आरोपों के बाद राहुल गांधी लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। लेकिन, इसे 'अंतिम सच' मानने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जागरूक पाठक इन 3 बिंदुओं पर ध्यान दें: राजनीतिक आरोप बनाम कानूनी आदेश: राहुल गांधी का यह कहना कि 'अडानी बाहर नहीं जा सकते', एक राजनीतिक दृष्टिकोण और आरोप है। वर्तमान में भारत सरकार या किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने उनके विदेश जाने पर कोई आधिकारिक कानूनी रोक (LOC) नहीं लगाई है। पुरानी खबरों का पुन: वायरल होना: अक्सर कुछ अराजक तत्व 2024 के अंत में दिए गए बयानों को काट-छाँट कर आज की 'ताजा खबर' बनाकर पेश कर रहे हैं। बिना तारीख और पूरे संदर्भ के ऐसी वीडियो क्लिप्स समाज में भ्रम पैदा करती हैं। प्रमाणिकता की कमी: राहुल गांधी द्वारा "मोदी के नाम का गुब्बारा फट जाएगा" जैसे जुमले पूरी तरह राजनीतिक भाषणबाजी का हिस्सा हैं। इन्हें किसी जांच एजेंसी की रिपोर्ट की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। अराजक तत्वों के 'भ्रमजाल' से कैसे बचें? आजकल सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे गिरोह सक्रिय हैं जो पुरानी हेडलाइन्स को नए फॉन्ट और आज की तारीख के साथ एडिट कर वायरल कर देते हैं। इससे बचने के लिए: तारीख की पुष्टि करें: वायरल हो रही खबर किस साल और किस महीने की है, इसकी जांच गूगल पर जरूर करें। आधिकारिक स्रोत देखें: क्या यह खबर किसी प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी (जैसे ANI, PTI) या प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई है? सनसनीखेज भाषा से बचें: यदि शीर्षक में बहुत अधिक 'भड़काऊ' या 'अतिश्योक्तिपूर्ण' शब्दों का प्रयोग है, तो सावधान हो जाएं। विशेषज्ञों की राय: "लोकतंत्र में नेताओं के बयान विमर्श का हिस्सा होते हैं, लेकिन जनता को उन बयानों के पीछे के कानूनी तथ्यों और राजनीतिक मंशा के बीच के अंतर को पहचानना चाहिए। किसी भी वीडियो को सच मानकर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी 'टाइमलाइन' चेक करना सबसे जरूरी है।" निष्कर्ष: सजग नागरिक वही है जो सूचनाओं को साझा करने से पहले उनकी सत्यता की कसौटी पर परखता है। भ्रामक खबरों को रोकना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।1
- बबेरू कस्बे के मर्का तिराहा में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पार्क पर आज मगलवार की सुबह बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही धूमधाम से मनाई गई, अन्य राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारी ने पहुंच कर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दिया है। जिसमें बांदा चित्रकूट सांसद कृष्णा देवी, पूर्व मंत्री शिव शंकर सिंह पटेल बबेरू विधायक विशंभर सिंह यादव, जिला पंचायत सदस्य इंद्रजीत यादव, जयकरण श्रीवास सपा विधानसभा अध्यक्ष लाखन निषाद, नगर अध्यक्ष दिलीप सोनी वरुण यादव, अखिलेश पाल शनि पटेल विधायक शुभम कश्यप सहित अन्य पदाधिकारी पहुंचकर माल्यार्पण कर हर्षोल्लास के साथ डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती धूमधाम से मनाई, उसके बाद विधायक विशंभर सिंह यादव के द्वारा आश्रम पद्धति विद्यालय पर पहुंचकर बच्चों को फल वितरण किया। उसके बाद मंगलवार की शाम करीब 5:00 बजे से जयकरण श्रीवास जी की अगुवाई में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष पर भव्य शोभायात्रा कस्बे में निकाली गई, जिसमें शोभा यात्रा में झांकी डॉक्टर भीमराव अंबेडकर, कांशीराम, छत्रपाल शाहू जी महाराज, सहित अन्य महापुरुषों की चित्र मौजूद रही, वही मुख्य चौराहे में शोभायात्रा का स्वागत करने के लिए बांदा चित्रकूट सांसद कृष्णा देवी, पूर्व मंत्री शिव शंकर पटेल जिला पंचायत सदस्य रजनी यादव के द्वारा शोभायात्रा का स्वागत कर जलपान की व्यवस्था कराई गई, वही शोभायात्रा में सुरक्षा को देखते हुए बबेरू कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह राजावत, कस्बा इंचार्ज मनीष कुमार शर्मा,उपनिरीक्षक निरीक्षक देवीदीन, विजय बहादुर सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। *संवाददाता-अखिलेश पासवान*1