हमीरपुर :कस्बे सहित क्षेत्र में अम्बेडकर जयंती की रही धूम, जगह जगह निकाली गई शोभायात्रा, जय भीम के नारों से गूंजा आकाश मौदहा हमीरपुर। देश के पहले विधि मंत्री, कानून निर्माता और अछूतोद्धार के पुरोधा बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती कस्बे सहित क्षेत्र में धूमधाम से मनाई गई जिसको लेकर कस्बे में जगह जगह तोरणद्वार बनाए गए थे और बाबा साहब के अनुयायीयों नें स्टाल लगाकर लंगर, शीतल पेय सहित अन्य खाद्य सामग्री वितरित की।अम्बेडकर जयंती में निकाली गई विशाल शोभायात्रा को 2027के विधानसभा चुनावों के लिए शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। और मौदहा नगरपालिका अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी के विधानसभा प्रत्याशी के रूप में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती कस्बे सहित क्षेत्र में उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई जिसके चलते कस्बे के मीरातालाब स्थित अम्बेडकर पार्क से एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई जो फत्तेपुर, बंशनाला, तहसील रोड, मलीकुआ चौराहा, रहमानिया कालेज, नरहय्या, कांजी हाउस होकर स्टेशन रोड स्थित अम्बेडकर पार्क में माल्यार्पण कर वापसी देवी चौराहा, नेशनल चौराहा, कोतवाली गेट होकर मीरा तालाब स्थित अम्बेडकर पार्क में देरशाम सम्पन्न हुई।जिसके बाद अम्बेडकर पार्क में आयोजित किए गए कार्यक्रम में बाबा साहब के जीवनवृत और दलितों के लिए उनके द्वारा किए गए संघर्ष का विस्तार से वर्णन किया गया।बताते चलें कि, अम्बेडकर जयंती पर निकाली गई विशाल शोभायात्रा के द्वारा मौदहा नगरपालिका अध्यक्ष रजा मोहम्मद ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर शक्ति प्रदर्शन कर दलित और मुस्लिम गठजोड़ के चलते अपनी दावेदारी पेश कर दी है। शोभायात्रा में कांशीराम, अब्दुल कलाम, सावित्री बाई फूले, ज्योतिबा फूले, महात्मा बुद्ध सहित दर्जनों ऐतिहासिक महापुरुषों के चित्र भी रखे गए थे। शोभायात्रा को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा था और जयंती की पूर्व संध्या पर युवाओं ने एक बाइक रैली निकाल जागरूकता अभियान चलाया था। जबकि शोभायात्रा में बाबा साहब के अनुयायीयोँ द्वारा जगह जगह तोरण द्वार बनाकर स्टाल लगा कर लंगर, शीतल पेय, शर्बत और पानी का इंतजाम किया गया था। वहीं सुरक्षा को लेकर पुलिस सक्रिय नजर आई और उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह,क्षेत्राधिकारी राजकुमार पाण्डेय, कोतवाली प्रभारी संतोष सिंह सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। इसके अतिरिक्त कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिजवाही, भमौरा, पढोरी, रीवन, सहित अन्य गावों में भी बाबा साहब की जयंती मनाई गई।जबकि बडी आबादी के गांव गुसियारी में ग्राम प्रधान असरार अहमद ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया,वहीं अम्बेडकर जयंती को लेकर शिक्षा विभाग भी सक्रिय नजर आया। कम्पोजिट विद्यालय कांशीराम कालोनी छिमौली रोड, सावित्री बाई फूले प्राथमिक विद्यालय, किन्नर गार्डन पब्लिक स्कूल सहित सभी स्कूलों में अम्बेडकर जयंती मनाई गई और बाबा साहब के जीवन और कार्यों का विस्तार से वर्णन किया गया।
हमीरपुर :कस्बे सहित क्षेत्र में अम्बेडकर जयंती की रही धूम, जगह जगह निकाली गई शोभायात्रा, जय भीम के नारों से गूंजा आकाश मौदहा हमीरपुर। देश के पहले विधि मंत्री, कानून निर्माता और अछूतोद्धार के पुरोधा बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती कस्बे सहित क्षेत्र में धूमधाम से मनाई गई जिसको लेकर कस्बे में जगह जगह तोरणद्वार बनाए गए थे और बाबा साहब के अनुयायीयों नें स्टाल लगाकर लंगर, शीतल पेय सहित अन्य खाद्य सामग्री वितरित की।अम्बेडकर जयंती में निकाली गई विशाल शोभायात्रा को 2027के विधानसभा चुनावों के लिए
शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। और मौदहा नगरपालिका अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी के विधानसभा प्रत्याशी के रूप में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती कस्बे सहित क्षेत्र में उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई जिसके चलते कस्बे के मीरातालाब स्थित अम्बेडकर पार्क से एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई जो फत्तेपुर, बंशनाला, तहसील रोड, मलीकुआ चौराहा, रहमानिया कालेज, नरहय्या, कांजी हाउस होकर स्टेशन रोड स्थित अम्बेडकर पार्क में माल्यार्पण कर वापसी देवी चौराहा, नेशनल चौराहा, कोतवाली
गेट होकर मीरा तालाब स्थित अम्बेडकर पार्क में देरशाम सम्पन्न हुई।जिसके बाद अम्बेडकर पार्क में आयोजित किए गए कार्यक्रम में बाबा साहब के जीवनवृत और दलितों के लिए उनके द्वारा किए गए संघर्ष का विस्तार से वर्णन किया गया।बताते चलें कि, अम्बेडकर जयंती पर निकाली गई विशाल शोभायात्रा के द्वारा मौदहा नगरपालिका अध्यक्ष रजा मोहम्मद ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर शक्ति प्रदर्शन कर दलित और मुस्लिम गठजोड़ के चलते अपनी दावेदारी पेश कर दी है। शोभायात्रा में कांशीराम, अब्दुल कलाम, सावित्री बाई फूले, ज्योतिबा फूले, महात्मा बुद्ध
सहित दर्जनों ऐतिहासिक महापुरुषों के चित्र भी रखे गए थे। शोभायात्रा को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा था और जयंती की पूर्व संध्या पर युवाओं ने एक बाइक रैली निकाल जागरूकता अभियान चलाया था। जबकि शोभायात्रा में बाबा साहब के अनुयायीयोँ द्वारा जगह जगह तोरण द्वार बनाकर स्टाल लगा कर लंगर, शीतल पेय, शर्बत और पानी का इंतजाम किया गया था। वहीं सुरक्षा को लेकर पुलिस सक्रिय नजर आई और उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह,क्षेत्राधिकारी राजकुमार पाण्डेय, कोतवाली प्रभारी संतोष सिंह सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।
इसके अतिरिक्त कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिजवाही, भमौरा, पढोरी, रीवन, सहित अन्य गावों में भी बाबा साहब की जयंती मनाई गई।जबकि बडी आबादी के गांव गुसियारी में ग्राम प्रधान असरार अहमद ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया,वहीं अम्बेडकर जयंती को लेकर शिक्षा विभाग भी सक्रिय नजर आया। कम्पोजिट विद्यालय कांशीराम कालोनी छिमौली रोड, सावित्री बाई फूले प्राथमिक विद्यालय, किन्नर गार्डन पब्लिक स्कूल सहित सभी स्कूलों में अम्बेडकर जयंती मनाई गई और बाबा साहब के जीवन और कार्यों का विस्तार से वर्णन किया गया।
- जिला उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सत्य प्रकाश सर्राफ ने एक प्रेसवार्ता के दौरान विधान परिषद में व्यापारियों के प्रतिनिधित्व की मांग उठाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस प्रकार शिक्षक और स्नातक कोटे से विधान परिषद सदस्य (MLC) चुने जाते हैं, उसी तर्ज पर व्यापारियों को भी विधान परिषद में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में गुरुवार देर रात तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया, जहां बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया। इस दुखद घटना में मलबे में दबने से 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन मजदूर घायल हुए हैं। यह दुर्घटना थाना ललपुरा क्षेत्र के मोराकांदर परसनी और थाना कुरारा क्षेत्र के नैठी गांव को जोड़ने वाले पुल पर रात करीब 3 बजे हुई। बताया गया है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान पुल का स्लैब ढह गया, जब कई मजदूर उसके नीचे और आसपास काम कर रहे थे। स्लैब गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान लोकेंद्र निषाद (22), कुलदीप निषाद (19), सावंत यादव (28), सभाजीत (30), पुष्पेंद्र सिंह चौहान (34) और राजेश पाल (42) के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। रेस्क्यू टीम ने जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों ने भी मदद की। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि राहत कार्य तेजी से चलाया गया और सभी मजदूरों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुखद और हृदय विदारक बताया। उन्होंने जिला प्रशासन को SDRF के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दिवंगत मजदूरों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।4
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहाँ कुरारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेतवा नदी पर बन रहे कंडौर-मोराकांदर पुल पर रात के समय एक भीषण हादसा हो गया। मौसम विभाग द्वारा आंधी-पानी का अलर्ट जारी होने के बावजूद पुल का निर्माण कार्य रात में भी लगातार जारी था। इसी दौरान अचानक आए तेज आंधी-तूफान के कारण निर्माणाधीन पुल की सटरिंग पूरी तरह ढह गई। सटरिंग गिरने के साथ ही पुल की भारी-भरकम स्लैब और कोठी भी नीचे आ गिरी, जिससे वहाँ काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। इस दर्दनाक हादसे में 6 लोगों की मौके पर ही मौत होने की पुष्टि हुई है, जबकि मलबे के नीचे अभी भी कई अन्य मजदूरों के दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम, सीओ व कई थानों की पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर पहुँच गई। राहत और बचाव कार्य को तेज करने के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी काम पर लगाया गया है, और मलबे को हटाने के लिए कई जेसीबी मशीनें लगातार कार्यरत हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे के पूरी तरह साफ होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हमीरपुर के जिलाधिकारी (DM) अभिषेक गोयल और एडीजी ज्योति नारायण ने घटनास्थल पर राहत कार्य का जायजा लेते हुए बताया कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुँचाना है, जिसके लिए रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। वहीं, भाजपा की जिला अध्यक्ष शकुंतला निषाद ने भी मौके पर पहुँचकर पीड़ित परिवारों को ढाँढस बंधाया और सरकार की तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमीरपुर में हुए इस हादसे का तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए बड़ी आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को ₹5-5 लाख रुपये और घायलों के इलाज के लिए ₹50-50 हजार रुपये की त्वरित आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी करने और घायलों को तत्काल मुफ्त व उच्च स्तरीय इलाज मुहैया कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन अब इस बात की भी जाँच कर सकता है कि आंधी-तूफान के आधिकारिक अलर्ट के बावजूद रात के समय निर्माण कार्य क्यों जारी रखा गया था।3
- बांदा शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित राज्य सेतु निगम कार्यालय में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक छोटे कमरे में पूर्व कर्मचारी का शव फंदे से लटका मिला। इस घटना से न केवल विभागीय कर्मचारी, बल्कि पूरा इलाका स्तब्ध रह गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और तत्काल जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान 61 वर्षीय शिवनारायण यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अतर्रा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। वे राज्य सेतु निगम कार्यालय में चपरासी के पद पर कार्यरत थे और लगभग एक वर्ष पहले सेवानिवृत्त हो चुके थे। हालांकि, सेवानिवृत्ति के बाद भी वे अनुबंध के आधार पर उसी कार्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया गया है कि शुक्रवार सुबह उनकी पत्नी रोज़ की तरह कार्यालय पहुंची थीं। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्हें आशंका हुई। इसके बाद कार्यालय कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़ा और भीतर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए, जहाँ शिवनारायण यादव का शव कमरे के भीतर फंदे से लटका हुआ था। यह घटना केवल एक व्यक्ति की मृत्यु ही नहीं, बल्कि उन मानसिक और सामाजिक दबावों की ओर भी इशारा करती है, जिनसे लोग गुज़रते हैं और जिनकी पीड़ा अक्सर अनकही रह जाती है। सेवानिवृत्ति के बाद भी काम करते रहना कई बार आर्थिक आवश्यकताओं और जिम्मेदारियों की मजबूरी को दर्शाता है। ऐसे में यह अचानक हुई घटना कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सिविल लाइंस चौकी पुलिस ने मौके पर पहुँचकर फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है, और पुलिस हर पहलू से इस मामले की जांच कर रही है।1
- कानपुर देहात के माती कोर्ट में माननीय न्यायालय एडीजे 15 ने एक युवती को बहला-फुसलाकर भगाने में सहयोग करने के मामले में दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त सुशील उर्फ लालू, पुत्र स्व. शिवपूजन, और वीरेंद्र उर्फ मोनू, पुत्र दयाराम, जो ग्राम अंबियापुर, थाना रुरा, जनपद कानपुर देहात के निवासी हैं, उन्हें 4-4 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, अदालत ने दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।1
- महोबा जिले में पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) की तानाशाही नीतियों के विरोध में अन्नदाताओं का लगातार धरना पाँच दिनों से जारी है। विभाग के मनमाने रवैये से भड़के किसानों ने अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया है, और यह अनवरत आंदोलन अभी भी जारी है।1
- चरखारी में जगद्गुरु शंकराचार्य का आगमन हुआ, जहाँ उन्होंने धर्म, संस्कृति और गौ रक्षा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह आगमन इन विषयों पर प्रकाश डालने और इनके प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से हुआ।1
- कानपुर के घाटमपुर-साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में सांड के हमले से एक किसान की मौत हो गई है। मृतक की पहचान 62 वर्षीय राम रतन पाल, पुत्र स्वर्गीय भागीरथ के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि राम रतन पाल अपने खेत में जानवर चरा रहे थे, तभी एक सांड ने उन पर हमला कर दिया। हमले के बाद वे खेतों में लगे ब्लेड वाले तारों पर गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में राम रतन पाल को घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने के बावजूद, खबर लिखे जाने तक पुलिस मौके पर नहीं पहुँची थी। मृतक का शव अभी भी घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखा हुआ है और परिजन कई घंटों से पुलिस के आने तथा आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। इस संबंध में जब साढ़ थाना प्रभारी अवनीश कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस घटना के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। सांड के इस हमले से किसान की हुई मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- रुरा थाना क्षेत्र के सरवा गांव के सामने सड़क किनारे खड़े एक सूखे पेड़ में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि वे ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों को छूने लगीं। इस घटना से वहां से गुजर रहे राहगीरों में हड़कंप मच गया और अफरातफरी का माहौल बन गया। बिजली विभाग के जेई नीतिल उपाध्याय ने जानकारी दी कि पेड़ में लगी इस आग को समय रहते बुझा दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।1