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बांदा शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित राज्य सेतु निगम कार्यालय में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक छोटे कमरे में पूर्व कर्मचारी का शव फंदे से लटका मिला। इस घटना से न केवल विभागीय कर्मचारी, बल्कि पूरा इलाका स्तब्ध रह गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और तत्काल जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान 61 वर्षीय शिवनारायण यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अतर्रा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। वे राज्य सेतु निगम कार्यालय में चपरासी के पद पर कार्यरत थे और लगभग एक वर्ष पहले सेवानिवृत्त हो चुके थे। हालांकि, सेवानिवृत्ति के बाद भी वे अनुबंध के आधार पर उसी कार्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया गया है कि शुक्रवार सुबह उनकी पत्नी रोज़ की तरह कार्यालय पहुंची थीं। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्हें आशंका हुई। इसके बाद कार्यालय कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़ा और भीतर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए, जहाँ शिवनारायण यादव का शव कमरे के भीतर फंदे से लटका हुआ था। यह घटना केवल एक व्यक्ति की मृत्यु ही नहीं, बल्कि उन मानसिक और सामाजिक दबावों की ओर भी इशारा करती है, जिनसे लोग गुज़रते हैं और जिनकी पीड़ा अक्सर अनकही रह जाती है। सेवानिवृत्ति के बाद भी काम करते रहना कई बार आर्थिक आवश्यकताओं और जिम्मेदारियों की मजबूरी को दर्शाता है। ऐसे में यह अचानक हुई घटना कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सिविल लाइंस चौकी पुलिस ने मौके पर पहुँचकर फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है, और पुलिस हर पहलू से इस मामले की जांच कर रही है।

23 hrs ago
user_Amod Kumar
Amod Kumar
रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
23 hrs ago

बांदा शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित राज्य सेतु निगम कार्यालय में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक छोटे कमरे में पूर्व कर्मचारी का शव फंदे से लटका मिला। इस घटना से न केवल विभागीय कर्मचारी, बल्कि पूरा इलाका स्तब्ध रह गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और तत्काल जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान 61 वर्षीय शिवनारायण यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अतर्रा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। वे राज्य सेतु निगम कार्यालय में चपरासी के पद पर कार्यरत थे और लगभग एक वर्ष पहले सेवानिवृत्त हो चुके थे। हालांकि, सेवानिवृत्ति के बाद भी वे अनुबंध के आधार पर उसी कार्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया गया है कि शुक्रवार सुबह उनकी पत्नी रोज़ की तरह कार्यालय पहुंची थीं। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्हें आशंका हुई। इसके बाद कार्यालय कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़ा और भीतर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए, जहाँ शिवनारायण यादव का शव कमरे के भीतर फंदे से लटका हुआ था। यह घटना केवल एक व्यक्ति की मृत्यु ही नहीं, बल्कि उन मानसिक और सामाजिक दबावों की ओर भी इशारा करती है, जिनसे लोग गुज़रते हैं और जिनकी पीड़ा अक्सर अनकही रह जाती है। सेवानिवृत्ति के बाद भी काम करते रहना कई बार आर्थिक आवश्यकताओं और जिम्मेदारियों की मजबूरी को दर्शाता है। ऐसे में यह अचानक हुई घटना कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सिविल लाइंस चौकी पुलिस ने मौके पर पहुँचकर फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है, और पुलिस हर पहलू से इस मामले की जांच कर रही है।

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  • बांदा शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित राज्य सेतु निगम कार्यालय में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक छोटे कमरे में पूर्व कर्मचारी का शव फंदे से लटका मिला। इस घटना से न केवल विभागीय कर्मचारी, बल्कि पूरा इलाका स्तब्ध रह गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और तत्काल जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान 61 वर्षीय शिवनारायण यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अतर्रा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। वे राज्य सेतु निगम कार्यालय में चपरासी के पद पर कार्यरत थे और लगभग एक वर्ष पहले सेवानिवृत्त हो चुके थे। हालांकि, सेवानिवृत्ति के बाद भी वे अनुबंध के आधार पर उसी कार्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया गया है कि शुक्रवार सुबह उनकी पत्नी रोज़ की तरह कार्यालय पहुंची थीं। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्हें आशंका हुई। इसके बाद कार्यालय कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़ा और भीतर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए, जहाँ शिवनारायण यादव का शव कमरे के भीतर फंदे से लटका हुआ था। यह घटना केवल एक व्यक्ति की मृत्यु ही नहीं, बल्कि उन मानसिक और सामाजिक दबावों की ओर भी इशारा करती है, जिनसे लोग गुज़रते हैं और जिनकी पीड़ा अक्सर अनकही रह जाती है। सेवानिवृत्ति के बाद भी काम करते रहना कई बार आर्थिक आवश्यकताओं और जिम्मेदारियों की मजबूरी को दर्शाता है। ऐसे में यह अचानक हुई घटना कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सिविल लाइंस चौकी पुलिस ने मौके पर पहुँचकर फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है, और पुलिस हर पहलू से इस मामले की जांच कर रही है।
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    बांदा शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित राज्य सेतु निगम कार्यालय में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक छोटे कमरे में पूर्व कर्मचारी का शव फंदे से लटका मिला। इस घटना से न केवल विभागीय कर्मचारी, बल्कि पूरा इलाका स्तब्ध रह गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और तत्काल जांच शुरू कर दी।

मृतक की पहचान 61 वर्षीय शिवनारायण यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अतर्रा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। वे राज्य सेतु निगम कार्यालय में चपरासी के पद पर कार्यरत थे और लगभग एक वर्ष पहले सेवानिवृत्त हो चुके थे। हालांकि, सेवानिवृत्ति के बाद भी वे अनुबंध के आधार पर उसी कार्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया गया है कि शुक्रवार सुबह उनकी पत्नी रोज़ की तरह कार्यालय पहुंची थीं। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्हें आशंका हुई। इसके बाद कार्यालय कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़ा और भीतर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए, जहाँ शिवनारायण यादव का शव कमरे के भीतर फंदे से लटका हुआ था।

यह घटना केवल एक व्यक्ति की मृत्यु ही नहीं, बल्कि उन मानसिक और सामाजिक दबावों की ओर भी इशारा करती है, जिनसे लोग गुज़रते हैं और जिनकी पीड़ा अक्सर अनकही रह जाती है। सेवानिवृत्ति के बाद भी काम करते रहना कई बार आर्थिक आवश्यकताओं और जिम्मेदारियों की मजबूरी को दर्शाता है। ऐसे में यह अचानक हुई घटना कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सिविल लाइंस चौकी पुलिस ने मौके पर पहुँचकर फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है, और पुलिस हर पहलू से इस मामले की जांच कर रही है।
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत लोगों को बिना किसी गारंटी के ऋण उपलब्ध कराने की सुविधा दी जा रही है, ताकि वे अपना छोटा व्यापार शुरू कर सकें। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना और छोटे व्यापारों को प्रोत्साहित करना है।
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    प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत लोगों को बिना किसी गारंटी के ऋण उपलब्ध कराने की सुविधा दी जा रही है, ताकि वे अपना छोटा व्यापार शुरू कर सकें। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना और छोटे व्यापारों को प्रोत्साहित करना है।
    user_Dilip Kumar Bharti
    Dilip Kumar Bharti
    Local News Reporter नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • महोबा जिले में पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) की तानाशाही नीतियों के विरोध में अन्नदाताओं का लगातार धरना पाँच दिनों से जारी है। विभाग के मनमाने रवैये से भड़के किसानों ने अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया है, और यह अनवरत आंदोलन अभी भी जारी है।
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    महोबा जिले में पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) की तानाशाही नीतियों के विरोध में अन्नदाताओं का लगातार धरना पाँच दिनों से जारी है। विभाग के मनमाने रवैये से भड़के किसानों ने अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया है, और यह अनवरत आंदोलन अभी भी जारी है।
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • veerpal ji rajput महोबा शहर में 29/05/2026. 10:45pm UP Uttar Pradesh
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    veerpal ji rajput 
महोबा शहर में 29/05/2026.  10:45pm  UP Uttar Pradesh
    user_Veerpal ji Rajput
    Veerpal ji Rajput
    Pharmacist महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • हमीरपुर में आए भयंकर तूफान ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे आम और जायद की फसलों को तगड़ा झटका लगा है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों की संख्या में आम, नीम, महुआ, पीपल, लभेरा और शीशम जैसे पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गए हैं। विशेष रूप से, आम की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। इसके साथ ही, फैक्ट्री एरिया में भी तूफान का असर देखने को मिला है, जहाँ कई कंपनियों के टीनशेड जमींदोज हो गए हैं। किसानों की खेतों में रखी मूंग की फसल भी तूफान की भेंट चढ़ गई। जानकारी के अनुसार, बंडा के किसान संजय सिंह की पाँच बीघा, कमल सिंह की सात बीघा और बांक के छोटे लाल की 12 बीघा मूंग की फसल तूफान से उड़ गई है। मानवीय क्षति के अलावा, इस तूफान ने जीव-जंतुओं पर भी कहर बरपाया है; फैक्ट्री एरिया में दो दर्जन से अधिक तोतों की मौत हो गई, और ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई मवेशी इसकी चपेट में आकर मारे गए हैं।
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    हमीरपुर में आए भयंकर तूफान ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे आम और जायद की फसलों को तगड़ा झटका लगा है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों की संख्या में आम, नीम, महुआ, पीपल, लभेरा और शीशम जैसे पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गए हैं। विशेष रूप से, आम की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। इसके साथ ही, फैक्ट्री एरिया में भी तूफान का असर देखने को मिला है, जहाँ कई कंपनियों के टीनशेड जमींदोज हो गए हैं।

किसानों की खेतों में रखी मूंग की फसल भी तूफान की भेंट चढ़ गई। जानकारी के अनुसार, बंडा के किसान संजय सिंह की पाँच बीघा, कमल सिंह की सात बीघा और बांक के छोटे लाल की 12 बीघा मूंग की फसल तूफान से उड़ गई है। मानवीय क्षति के अलावा, इस तूफान ने जीव-जंतुओं पर भी कहर बरपाया है; फैक्ट्री एरिया में दो दर्जन से अधिक तोतों की मौत हो गई, और ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई मवेशी इसकी चपेट में आकर मारे गए हैं।
    user_संतोष कुमार चक्रवर्ती
    संतोष कुमार चक्रवर्ती
    Journalist हमीरपुर, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • चरखारी में जगद्गुरु शंकराचार्य का आगमन हुआ, जहाँ उन्होंने धर्म, संस्कृति और गौ रक्षा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह आगमन इन विषयों पर प्रकाश डालने और इनके प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से हुआ।
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    चरखारी में जगद्गुरु शंकराचार्य का आगमन हुआ, जहाँ उन्होंने धर्म, संस्कृति और गौ रक्षा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह आगमन इन विषयों पर प्रकाश डालने और इनके प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से हुआ।
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में गुरुवार देर रात तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया, जहां बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया। इस दुखद घटना में मलबे में दबने से 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन मजदूर घायल हुए हैं। यह दुर्घटना थाना ललपुरा क्षेत्र के मोराकांदर परसनी और थाना कुरारा क्षेत्र के नैठी गांव को जोड़ने वाले पुल पर रात करीब 3 बजे हुई। बताया गया है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान पुल का स्लैब ढह गया, जब कई मजदूर उसके नीचे और आसपास काम कर रहे थे। स्लैब गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान लोकेंद्र निषाद (22), कुलदीप निषाद (19), सावंत यादव (28), सभाजीत (30), पुष्पेंद्र सिंह चौहान (34) और राजेश पाल (42) के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। रेस्क्यू टीम ने जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों ने भी मदद की। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि राहत कार्य तेजी से चलाया गया और सभी मजदूरों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुखद और हृदय विदारक बताया। उन्होंने जिला प्रशासन को SDRF के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दिवंगत मजदूरों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
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    उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में गुरुवार देर रात तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया, जहां बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया। इस दुखद घटना में मलबे में दबने से 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन मजदूर घायल हुए हैं। यह दुर्घटना थाना ललपुरा क्षेत्र के मोराकांदर परसनी और थाना कुरारा क्षेत्र के नैठी गांव को जोड़ने वाले पुल पर रात करीब 3 बजे हुई।

बताया गया है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान पुल का स्लैब ढह गया, जब कई मजदूर उसके नीचे और आसपास काम कर रहे थे। स्लैब गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान लोकेंद्र निषाद (22), कुलदीप निषाद (19), सावंत यादव (28), सभाजीत (30), पुष्पेंद्र सिंह चौहान (34) और राजेश पाल (42) के रूप में हुई है।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। रेस्क्यू टीम ने जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों ने भी मदद की। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि राहत कार्य तेजी से चलाया गया और सभी मजदूरों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुखद और हृदय विदारक बताया। उन्होंने जिला प्रशासन को SDRF के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दिवंगत मजदूरों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
    user_संतोष कुमार चक्रवर्ती
    संतोष कुमार चक्रवर्ती
    Journalist हमीरपुर, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • महोबा के पनवाड़ी ब्लॉक क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसान 26 मई से आमरण अनशन पर बैठे हैं। यह अनशन पनवाड़ी ब्लॉक में छतेसर से रूरीकला तक सड़क चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा न मिलने के विरोध में किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के लिए उनकी भूमि ली गई है, लेकिन उन्हें अब तक निर्धारित मुआवजा राशि नहीं दी गई है। मुआवजा न मिलने के कारण क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी है, जिसके चलते उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। अनशन पर बैठे किसानों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर उनकी समस्या का समाधान करने की मांग की है। किसान नेताओं का कहना है कि आर्थिक प्रतिपूर्ति न मिलने से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और भी व्यापक रूप देंगे। इस आंदोलन को क्षेत्रीय किसानों और ग्रामीणों का भी समर्थन मिल रहा है।
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    महोबा के पनवाड़ी ब्लॉक क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसान 26 मई से आमरण अनशन पर बैठे हैं। यह अनशन पनवाड़ी ब्लॉक में छतेसर से रूरीकला तक सड़क चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा न मिलने के विरोध में किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के लिए उनकी भूमि ली गई है, लेकिन उन्हें अब तक निर्धारित मुआवजा राशि नहीं दी गई है।

मुआवजा न मिलने के कारण क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी है, जिसके चलते उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। अनशन पर बैठे किसानों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर उनकी समस्या का समाधान करने की मांग की है। किसान नेताओं का कहना है कि आर्थिक प्रतिपूर्ति न मिलने से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और भी व्यापक रूप देंगे। इस आंदोलन को क्षेत्रीय किसानों और ग्रामीणों का भी समर्थन मिल रहा है।
    user_Hari Singh
    Hari Singh
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • जनपद हमीरपुर में बीती रात आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई, जिसके चलते लालपुरा थाना क्षेत्र में बेतवा नदी पर परसनी और कुरारा कंदौर गांव के बीच निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में छह मजदूरों, लोकेन्द्र (22), कुलदीप निषाद (19), सावंत यादव (28), सभाजीत (30), पुष्पेंद्र चौहान (34) और राजेश पाल (42) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अवधेश निषाद, कल्लू यादव और राजेश निषाद गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया है कि पुल का निर्माण कार्य दो शिफ्टों में चल रहा था और आंधी-तूफान के बीच स्लैब ढहने के समय दूसरी शिफ्ट के मजदूर ऊपर काम कर रहे थे, जबकि पहली शिफ्ट के कुछ मजदूर नीचे आराम कर रहे थे या ऊपरी हिस्से पर सो रहे थे, जिससे वे मलबे में दब गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को मलबे से निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया है, वहीं लालपुरा थाना प्रभारी राजेश कुमार सरोज ने बताया कि मलबा हटाने का काम जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य व्यक्ति मलबे में दबा न हो। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने जिला प्रशासन को एसडीआरएफ के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य को तेजी से संचालित करने के निर्देश भी दिए हैं।
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    जनपद हमीरपुर में बीती रात आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई, जिसके चलते लालपुरा थाना क्षेत्र में बेतवा नदी पर परसनी और कुरारा कंदौर गांव के बीच निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में छह मजदूरों, लोकेन्द्र (22), कुलदीप निषाद (19), सावंत यादव (28), सभाजीत (30), पुष्पेंद्र चौहान (34) और राजेश पाल (42) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अवधेश निषाद, कल्लू यादव और राजेश निषाद गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया है कि पुल का निर्माण कार्य दो शिफ्टों में चल रहा था और आंधी-तूफान के बीच स्लैब ढहने के समय दूसरी शिफ्ट के मजदूर ऊपर काम कर रहे थे, जबकि पहली शिफ्ट के कुछ मजदूर नीचे आराम कर रहे थे या ऊपरी हिस्से पर सो रहे थे, जिससे वे मलबे में दब गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को मलबे से निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया है, वहीं लालपुरा थाना प्रभारी राजेश कुमार सरोज ने बताया कि मलबा हटाने का काम जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य व्यक्ति मलबे में दबा न हो। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने जिला प्रशासन को एसडीआरएफ के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य को तेजी से संचालित करने के निर्देश भी दिए हैं।
    user_Raj kumar जिला ब्यूरो चीफ
    Raj kumar जिला ब्यूरो चीफ
    मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
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