श्री जोगणिया माता शक्तिपीठ संस्थान को ITAT से बड़ी कानूनी राहत, फॉर्म 10B में देरी के बावजूद टैक्स छूट बरकरार, धारा 12AA के तहत पंजीयन के भी निर्देश..., बेगूं/चित्तौड़गढ़: मेवाड़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री जोगणिया माता शक्तिपीठ प्रबंध एवं विकास संस्थान को आयकर मामलों में बड़ी कानूनी सफलता मिली है। संस्थान के अध्यक्ष सत्यनारायण जोशी ने बताया कि आयकर अपीलीय प्राधिकरण (ITAT) की जोधपुर पीठ ने संस्थान से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में राहत प्रदान करते हुए आयकर विभाग के आदेशों पर अहम निर्णय सुनाया है। मामले में ITAT ने स्पष्ट किया कि यदि किसी ट्रस्ट की ऑडिट रिपोर्ट फॉर्म 10B निर्धारित समय पर पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पाती, लेकिन आकलन या रिटर्न प्रोसेसिंग के समय रिपोर्ट आयकर अधिकारी के समक्ष उपलब्ध है, तो केवल इस प्रक्रियात्मक देरी के आधार पर धारा 11 एवं 12 की कर छूट से वंचित नहीं किया जा सकता। संस्थान की ओर से बताया गया कि आयकर वर्ष 2022-23 का रिटर्न एवं ऑडिट रिपोर्ट 31 दिसंबर 2022 को प्रस्तुत कर दी गई थी, लेकिन फॉर्म 10B निर्धारित समय में अलग से अपलोड नहीं हो सका। इसी आधार पर विभाग ने धारा 11 का लाभ नहीं देते हुए करीब 4.93 करोड़ रुपये की कर एवं ब्याज मांग निर्धारित की थी। प्रथम अपील में भी विभाग का आदेश बरकरार रहा। ब्याज सहित यह मांग बढ़कर करीब 5.53 करोड़ रुपये हो गई थी। इसके बाद संस्थान ने ITAT में अपील की। संस्थान की ओर से अधिवक्ता महेंद्र गार्गिया ने प्रभावी पैरवी करते हुए तर्क रखा कि फॉर्म 10B जमा अथवा अपलोड करना प्रक्रियात्मक अनुपालन है और मात्र तकनीकी देरी के आधार पर ट्रस्ट की मूल कर छूट समाप्त नहीं की जा सकती। इन दलीलों को स्वीकार करते हुए ITAT ने संस्थान की अपील स्वीकार की और धारा 11 का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। पीठ ने यह भी महत्वपूर्ण सिद्धांत प्रतिपादित किया कि किसी कारण से धारा 11 का लाभ उपलब्ध न होने की स्थिति में भी ट्रस्ट की पूरी सकल प्राप्ति को सीधे कर योग्य आय नहीं माना जा सकता। कर निर्धारण में वाणिज्यिक सिद्धांतों के आधार पर वास्तविक शुद्ध आय को ध्यान में रखा जाना चाहिए। धारा 12AA के पंजीयन पर भी बड़ी राहत संस्थान को एक अन्य मामले में भी महत्वपूर्ण सफलता मिली है। ITAT जोधपुर पीठ ने आयकर आयुक्त (छूट) को पुराने कानून की धारा 12AA के तहत संस्थान का पंजीयन प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि संस्थान को पूर्व में धारा 12AA के तहत पंजीयन के स्थान पर नए प्रावधानों की धारा 12AB के तहत केवल सीमित अवधि, 25 सितंबर 2020 से 31 मार्च 2021 तक का पंजीयन दिया गया था। इस आदेश को ITAT में चुनौती दी गई। सुनवाई के दौरान संस्थान की ओर से कानूनी पक्ष मजबूती से रखा गया, जिसके बाद न्यायाधिकरण ने संस्थान के पक्ष में निर्णय देते हुए पुराने कानून के तहत पंजीयन का मार्ग प्रशस्त किया। इस निर्णय से संस्थान को पूर्ववर्ती वर्षों में आयकर अधिनियम की धारा 11 एवं 12 के तहत मिलने वाली छूट का लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी। कई अन्य मामले भी विचाराधीन संस्थान के अनुसार ITAT जोधपुर पीठ में वर्ष 2019-20 और 2018-20 से जुड़े दो प्रकरण भी विभाग को पुनः विचार के लिए भेजे गए हैं। वहीं वर्ष 2020-21 के एक मामले की सुनवाई आगामी दिनों में प्रस्तावित है, जबकि वर्ष 2017-2018 का एक प्रकरण आयकर विभाग में विचाराधीन है। संस्थान को उम्मीद है कि वर्तमान महत्वपूर्ण फैसलों से इन मामलों में भी कानूनी राहत का मार्ग मजबूत होगा। सलाहकार की भूमिका की सराहना संस्थान अध्यक्ष सत्यनारायण जोशी ने बताया कि इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में संस्थान के वरिष्ठ सलाहकार दलपत सिंह साखला की विशेष भूमिका रही। उन्होंने पूरे प्रकरण में लगातार मार्गदर्शन, मेहनत और प्रभावी प्रयास किए। अध्यक्ष एवं संस्थान के पदाधिकारियों ने अधिवक्ता महेंद्र गार्गिया सहित मामले से जुड़े सभी सहयोगियों का आभार जताया। गौरतलब है कि धारला स्थित श्री जोगणिया माता मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। संस्थान द्वारा गौशाला, वेद विद्यालय सहित विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं। संस्थान का कहना है कि ITAT के इन फैसलों से भविष्य में जनकल्याणकारी एवं धार्मिक गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी तथा समान परिस्थितियों वाले अन्य ट्रस्टों को भी कानूनी राहत का रास्ता मिल सकता है।
श्री जोगणिया माता शक्तिपीठ संस्थान को ITAT से बड़ी कानूनी राहत, फॉर्म 10B में देरी के बावजूद टैक्स छूट बरकरार, धारा 12AA के तहत पंजीयन के भी निर्देश..., बेगूं/चित्तौड़गढ़: मेवाड़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री जोगणिया माता शक्तिपीठ प्रबंध एवं विकास संस्थान को आयकर मामलों में बड़ी कानूनी सफलता मिली है। संस्थान के अध्यक्ष सत्यनारायण जोशी ने बताया कि आयकर अपीलीय प्राधिकरण (ITAT) की जोधपुर पीठ ने संस्थान से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में राहत प्रदान करते हुए आयकर विभाग के आदेशों पर अहम निर्णय सुनाया है। मामले में ITAT ने स्पष्ट किया कि यदि किसी ट्रस्ट की ऑडिट रिपोर्ट फॉर्म 10B निर्धारित समय पर पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पाती, लेकिन आकलन या रिटर्न प्रोसेसिंग के समय रिपोर्ट आयकर अधिकारी के समक्ष उपलब्ध है, तो केवल इस प्रक्रियात्मक देरी के आधार पर धारा 11 एवं 12 की कर छूट से वंचित नहीं किया जा सकता। संस्थान की ओर से बताया गया कि आयकर वर्ष 2022-23 का रिटर्न एवं ऑडिट रिपोर्ट 31 दिसंबर 2022 को प्रस्तुत कर दी गई थी, लेकिन फॉर्म 10B निर्धारित समय में अलग से अपलोड नहीं हो सका। इसी आधार पर विभाग ने धारा 11 का लाभ नहीं देते हुए करीब 4.93 करोड़ रुपये की कर एवं ब्याज मांग निर्धारित की थी। प्रथम अपील में भी विभाग का आदेश बरकरार रहा। ब्याज सहित यह मांग बढ़कर करीब 5.53 करोड़ रुपये हो गई थी। इसके बाद संस्थान ने ITAT में अपील की। संस्थान की ओर से अधिवक्ता महेंद्र गार्गिया ने प्रभावी पैरवी करते हुए तर्क रखा कि फॉर्म 10B जमा अथवा अपलोड करना प्रक्रियात्मक अनुपालन है और मात्र तकनीकी देरी के आधार पर ट्रस्ट की मूल कर छूट समाप्त नहीं की जा सकती। इन दलीलों को स्वीकार करते हुए ITAT ने संस्थान की अपील स्वीकार की और धारा 11 का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। पीठ ने यह भी महत्वपूर्ण सिद्धांत प्रतिपादित किया कि किसी कारण से धारा 11 का लाभ उपलब्ध न होने की स्थिति में भी ट्रस्ट की पूरी सकल प्राप्ति को सीधे कर योग्य आय नहीं माना जा सकता। कर निर्धारण में वाणिज्यिक सिद्धांतों के आधार पर वास्तविक शुद्ध आय को ध्यान में रखा जाना चाहिए। धारा 12AA के पंजीयन पर भी बड़ी राहत संस्थान को एक अन्य मामले में भी महत्वपूर्ण सफलता मिली है। ITAT जोधपुर पीठ ने आयकर आयुक्त (छूट) को पुराने कानून की धारा 12AA के तहत संस्थान का पंजीयन प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि संस्थान को पूर्व में धारा 12AA के तहत पंजीयन के स्थान पर नए प्रावधानों की धारा 12AB के तहत केवल सीमित अवधि, 25 सितंबर 2020 से 31 मार्च 2021 तक का पंजीयन दिया गया था। इस आदेश को ITAT में चुनौती दी गई। सुनवाई के दौरान संस्थान की ओर से कानूनी पक्ष मजबूती से रखा गया, जिसके बाद न्यायाधिकरण ने संस्थान के पक्ष में निर्णय देते हुए पुराने कानून के तहत पंजीयन का मार्ग प्रशस्त किया। इस निर्णय से संस्थान को पूर्ववर्ती वर्षों में आयकर अधिनियम की धारा 11 एवं 12 के तहत मिलने वाली छूट का लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी। कई अन्य मामले भी विचाराधीन संस्थान के अनुसार ITAT जोधपुर पीठ में वर्ष 2019-20 और 2018-20 से जुड़े दो प्रकरण भी विभाग को पुनः विचार के लिए भेजे गए हैं। वहीं वर्ष 2020-21 के एक मामले की सुनवाई आगामी दिनों में प्रस्तावित है, जबकि वर्ष 2017-2018 का एक प्रकरण आयकर विभाग में विचाराधीन है। संस्थान को उम्मीद है कि वर्तमान महत्वपूर्ण फैसलों से इन मामलों में भी कानूनी राहत का मार्ग मजबूत होगा। सलाहकार की भूमिका की सराहना संस्थान अध्यक्ष सत्यनारायण जोशी ने बताया कि इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में संस्थान के वरिष्ठ सलाहकार दलपत सिंह साखला की विशेष भूमिका रही। उन्होंने पूरे प्रकरण में लगातार मार्गदर्शन, मेहनत और प्रभावी प्रयास किए। अध्यक्ष एवं संस्थान के पदाधिकारियों ने अधिवक्ता महेंद्र गार्गिया सहित मामले से जुड़े सभी सहयोगियों का आभार जताया। गौरतलब है कि धारला स्थित श्री जोगणिया माता मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। संस्थान द्वारा गौशाला, वेद विद्यालय सहित विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं। संस्थान का कहना है कि ITAT के इन फैसलों से भविष्य में जनकल्याणकारी एवं धार्मिक गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी तथा समान परिस्थितियों वाले अन्य ट्रस्टों को भी कानूनी राहत का रास्ता मिल सकता है।
- नीमच में जनसुनवाई शिविर, 12 सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण नीमच में पुलिस कंट्रोल रूम स्थित सभाकक्ष में 25 अगस्त को जिला स्तरीय जनसुनवाई एवं शिकायत निवारण शिविर आयोजित हुआ। पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास ने आवेदकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित थाना प्रभारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। शिविर में सीएम हेल्पलाइन की लेवल-1, 2 और 3 की 12 शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण कर उन्हें बंद करवाया गया। वहीं करीब 26 आवेदकों ने अपनी समस्याएं एसपी के समक्ष रखीं। एसपी ने अधिकारियों को समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए। शिविर में भूमि विवाद, पुलिस कार्रवाई सहित विभिन्न मामलों पर सुनवाई की गई।1
- महंगी चीनी का कारण क्या एथेनॉल है? सरकार ने बताई सच्चाई त्यौहारों का मौसम आते ही चीनी के दाम भी बढ़ना शुरू हो गए हैं, इसे लेकर कई लोगों ने कहा कि ये सब एथेनॉल की वजह से हो रहा है. अब हाल ही में सरकार ने इस पर सफाई पेश की है.चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन में इसकी उपलब्धता और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कई कदम उठाए हैं. सरकार के मुताबिक 20 जुलाई को चीनी की औसत कीमत 48.18 रुपये प्रति किलो थी जो 20 अगस्त को बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलो हो गई.गन्ने की फसल में रेड रॉट और टॉप बोरर बीमारी के साथ ज्यादा बारिश और जलभराव से भी नुकसान हुआ है. इसके अलावा त्योहारी सीजन में मांग बढ़ना कुछ कारोबारियों और मिलों की जमाखोरी और दुनियाभर में चीनी की सप्लाई कम होना भी कीमत बढ़ने की वजह बताई गई है.दुनिया में भी चीनी की सप्लाई पर दबाव चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. सरकार के मुताबिक 2026-27 में दुनिया में करीब 33 लाख टन चीनी की कमी रहने का अनुमान है. इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमत 30 जून को 474 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 20 अगस्त को 552 डॉलर प्रति टन हो गई यानी करीब दो महीने में 16% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. जमाखोरी रोकने के लिए स्टॉक लिमिट सरकार ने चीनी की जमाखोरी रोकने के लिए डीलरों पर 400 टन की स्टॉक लिमिट लगा दी है. यह नियम 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा. 1 सितंबर से बड़े खरीदार यानी बल्क कंज्यूमर्स 15 दिन की खपत से ज्यादा चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे. केंद्र और राज्य सरकार की टीमें चीनी मिलों में जाकर स्टॉक की जांच भी कर रही हैं ताकि जमाखोरी और कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिशों पर रोक लगाई जा सके. 10 लाख टन चीनी का ड्यूटी-फ्री आयात घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति देने का फैसला किया है. साथ ही राज्यों और चीनी मिलों को 15 अक्टूबर से क्रशिंग शुरू करने की सलाह दी गई है. सरकार का अनुमान है कि इससे अक्टूबर में चीनी उत्पादन सामान्य 3-4 लाख टन के मुकाबले बढ़कर 10 लाख टन से ज्यादा हो सकता है. सरकार का कहना है कि इन कदमों से त्योहारी सीजन में चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी.2
- नन्हे हाथों का हरियाली संकल्प बी.आर. संस्था ने दिया पर्यावरण जागरूकता संदेश नीमच। की बी.आर. संस्था फाउंडेशन ने राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय, शाहपुरा में 'उत्सव अभियान' के तहत पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसका नेतृत्व बाल पर्यावरण योद्धा श्रेया कुमावत ने किया। संस्था के संस्थापक कृष्ण परिहार के जन्मदिन पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने वृक्षारोपण, जल संरक्षण, और प्लास्टिक मुक्त वातावरण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में फिजूलखर्ची के बजाय जन्मदिन और वर्षगांठ जैसे अवसरों को समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का संदेश दिया गया।1
- NEWS:-पिपलिया स्टेशन पर रेल सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन, हनुमान चालीसा का पाठ कर जताया विरोध मनासा।पिपलिया रेलवे स्टेशन पर यात्री ट्रेनों के ठहराव सहित विभिन्न रेल समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर मंगलवार को रेल सुविधा विस्तार समिति के बैनर तले नगर व क्षेत्रवासियों ने प्रदर्शन किया। सुबह 10 बजे स्टेशन स्थित बालाजी मंदिर पर समिति सदस्यों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर रेलवे अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को सद्बुद्धि देने की कामना की। इसके बाद नारेबाजी करते हुए क्षेत्रवासी स्टेशन कार्यालय पहुंचे और मंडल रेल प्रबंधक के नाम स्टेशन अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि पिपलिया स्टेशन क्षेत्र का महत्वपूर्ण कृषि, व्यापारिक एवं आवागमन का केंद्र है। यह स्टेशन आसपास के दर्जनों गांवों एवं कस्बों के लिए प्रमुख रेल संपर्क माध्यम है। क्षेत्र के किसान अपनी कृषि उपज के परिवहन, व्यापारी व्यापारिक कार्यों, विद्यार्थी शिक्षा तथा श्रमिक एवं कर्मचारी रोजगार एवं दैनिक आवागमन के लिए इसी स्टेशन पर निर्भर हैं। इसके अलावा धार्मिक, सामाजिक एवं पारिवारिक कारणों से भी बड़ी संख्या में यात्री प्रतिदिन यहां से रेल यात्रा करते हैं। समिति ने कहा कि इसके बावजूद पिपलिया स्टेशन पर कई आवश्यक रेल सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। यात्री ट्रेनों के पर्याप्त ठहराव नहीं होने से क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को अन्य स्टेशनों पर जाकर ट्रेन पकड़ने की मजबूरी रहती है, जिससे समय एवं धन दोनों की अतिरिक्त बर्बादी होती है।क्षेत्रवासियों ने रेलवे से पिपलिया स्टेशन पर प्रमुख यात्री ट्रेनों के ठहराव शुरू करने, बंद किए गए ठहरावों को पुनः बहाल करने तथा स्टेशन पर आवश्यक यात्री सुविधाओं का विस्तार करने की मांग की। समिति ने चेतावनी दी कि मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।1
- MP - देर रात कलेक्टर दिव्यांक सिंह भी धानमंडी क्षेत्र पहुंचे और जलभराव की स्थिति का जायजा लिया... आधी रात को सड़कों पर उतरे नवागत कलेक्टर दिव्यांक सिंह अतिवृष्टि के बीच शहर का लिया जायजा मन्दसौर अत्यधिक बारिश के चलते मन्दसौर शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की सूचना मिलने के बाद नवागत जिला कलेक्टर दिव्यांक सिंह आधी रात को ही अधिकारियों की टीम के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों के निरीक्षण पर निकल पड़े। कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया और शहरवासियों से चर्चा कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।1
- क्या मध्य प्रदेश में गुंडाराज माफिया राज है यह सत्ता का दुरुपयोग है1
- सुवासरा लगातार बारिश के कारण सुवासरा नाला जिसके नीचे से होकर मंदसौर शामगढ की और जाया जाता है लगातार बारिश होने पर नाले में पानी भरा वाहनों की आवाजाही हुई बंद सुवासरा लगातार बारिश के कारण सुवासरा नाला जिसके नीचे से होकर मंदसौर शामगढ की और जाया जाता है लगातार बारिश होने पर नाले में पानी भरा वाहनों की आवाजाही हुई बंद1
- टीएल बैठक में कलेक्टर के सख्त निर्देश, समय-सीमा में करें शिकायतों का निराकरण नीमच, 25 अगस्त 2026। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में टीएल बैठक आयोजित हुई। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान और जनकल्याण शिविर सहित लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए। फोर्स क्लोजर से पहले हितग्राही से चर्चा अनिवार्य की गई। जनविश्वास शिविर की शिकायतें सात दिवस में निपटाने, फॉर्मर रजिस्ट्री में किसानों का पंजीयन बढ़ाने तथा स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की जांच के निर्देश दिए। 336 आवेदनों में 261 लंबित मिलने पर नाराजगी जताई और लापरवाह अधिकारियों को नोटिस देने के निर्देश दिए।1