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भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की बड़ी कार्रवाई, 98 किलो गांजा जब्त। तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर नेपाल की ओर भागे, अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन। नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र स्थित भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 56वीं वाहिनी ने शुक्रवार की अहले सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए 98 किलोग्राम गांजा बरामद किया। हालांकि, तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर नेपाल की ओर फरार हो गए। इसके बाद एसएसबी ने जब्त गांजे को बथनाहा थाना पुलिस को सौंपते हुए अज्ञात तस्करों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 31 जुलाई 2026 की अहले सुबह फुलकाहा बीओपी के अधीन 'आई' समवाय पथरदेवा की विशेष नाका ड्यूटी के दौरान भारत-नेपाल सीमा के समीप संदिग्ध गतिविधि देखी गई। नेपाल की ओर से 4-5 व्यक्ति सिर पर बोरी लेकर भारतीय सीमा की ओर आते दिखाई दिए। एसएसबी जवानों को देखते ही सभी तस्कर बोरियां फेंककर नेपाल की ओर भाग निकले। जवानों ने मौके से चार बोरियां बरामद कीं। स्वतंत्र गवाहों एवं राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में तलाशी लेने पर बोरियों से प्लास्टिक पैकेटों में रखा गांजा बरामद हुआ। एनडीपीएस किट से जांच करने पर बरामद पदार्थ के गांजा होने की पुष्टि हुई। डिजिटल वजन मशीन से तौलने पर चारों बोरियों का कुल वजन 98 किलोग्राम पाया गया। इसके बाद बरामद गांजे को विधिवत जब्त कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई तथा पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। जब्त गांजा, जब्ती सूची एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज बथनाहा थाना को सुपुर्द करते हुए अज्ञात तस्करों के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई का अनुरोध किया गया। इस संबंध में उप निरीक्षक (सामान्य) अतनु दुलाई, 'आई' समवाय पथरदेवा, 56वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा थाना बथनाहा को आवेदन सौंपा गया है। यह कार्रवाई बीओपी प्रभारी सहायक कमांडेंट राणा कुमार के निर्देशन में कैंप प्रभारी उप निरीक्षक अतनु दुलाई के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। बीओपी प्रभारी सहायक कमांडेंट राणा कुमार ने बताया कि एसएसबी के जवान भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में दिन-रात मुस्तैदी से तैनात हैं। इसके बावजूद तस्कर मादक पदार्थों की तस्करी का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तस्करों के मंसूबों को विफल करने के लिए एसएसबी द्वारा लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है और आगे भी हर परिस्थिति में ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

8 hrs ago
user_Ranjit thakur
Ranjit thakur
Local News Reporter नरपतगंज, अररिया, बिहार•
8 hrs ago
40009fc1-7131-435d-acc3-7f7a1fa339a9

भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की बड़ी कार्रवाई, 98 किलो गांजा जब्त। तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर नेपाल की ओर भागे, अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन। नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र स्थित भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 56वीं वाहिनी ने शुक्रवार की अहले सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए 98 किलोग्राम गांजा बरामद किया। हालांकि, तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर नेपाल की ओर फरार हो गए। इसके बाद एसएसबी ने जब्त गांजे को बथनाहा थाना पुलिस को सौंपते हुए अज्ञात तस्करों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 31 जुलाई 2026 की अहले सुबह फुलकाहा बीओपी के अधीन 'आई' समवाय पथरदेवा की विशेष नाका ड्यूटी के दौरान भारत-नेपाल सीमा के समीप संदिग्ध गतिविधि देखी गई। नेपाल की ओर से 4-5 व्यक्ति सिर पर बोरी लेकर भारतीय सीमा की ओर आते दिखाई दिए। एसएसबी जवानों को देखते ही सभी तस्कर बोरियां फेंककर नेपाल की ओर भाग निकले। जवानों ने मौके से चार बोरियां बरामद कीं। स्वतंत्र गवाहों एवं राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में तलाशी लेने पर बोरियों से प्लास्टिक पैकेटों में रखा गांजा बरामद हुआ। एनडीपीएस किट से जांच करने पर बरामद पदार्थ के गांजा होने की पुष्टि हुई। डिजिटल वजन मशीन से तौलने पर चारों बोरियों का कुल वजन 98 किलोग्राम पाया गया। इसके बाद बरामद गांजे को विधिवत जब्त कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई तथा पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। जब्त गांजा, जब्ती सूची एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज बथनाहा थाना को सुपुर्द करते हुए अज्ञात तस्करों के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई का अनुरोध किया गया। इस संबंध में उप निरीक्षक (सामान्य) अतनु दुलाई, 'आई' समवाय पथरदेवा, 56वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा थाना बथनाहा को आवेदन सौंपा गया है। यह कार्रवाई बीओपी प्रभारी सहायक कमांडेंट राणा कुमार के निर्देशन में कैंप प्रभारी उप निरीक्षक अतनु दुलाई के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। बीओपी प्रभारी सहायक कमांडेंट राणा कुमार ने बताया कि एसएसबी के जवान भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में दिन-रात मुस्तैदी से तैनात हैं। इसके बावजूद तस्कर मादक पदार्थों की तस्करी का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तस्करों के मंसूबों को विफल करने के लिए एसएसबी द्वारा लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है और आगे भी हर परिस्थिति में ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

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  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरा में शौचालय का अभाव, एक्स-रे कक्ष के बाहर जलजमाव से मरीज परेशान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरा में शौचालय का अभाव, एक्स-रे कक्ष के बाहर जलजमाव से मरीज परेशान पिपरा (सुपौल): पिपरा प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बुनियादी सुविधाओं की कमी मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। अस्पताल परिसर में समुचित शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से मरीजों, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों एवं दूर-दराज से आने वाले लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए घंटों अस्पताल में रुकने वाले मरीजों को शौचालय के अभाव में असुविधा झेलनी पड़ रही है। वहीं अस्पताल के एक्स-रे कक्ष के बाहर बारिश का पानी जमा रहने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। जलजमाव के कारण मरीजों, दिव्यांगों और बुजुर्गों को एक्स-रे कराने के लिए आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई मरीजों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलने के बजाय बुनियादी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों एवं मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल परिसर में स्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराने तथा पर्याप्त शौचालय का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्था में ऐसी समस्याएं स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं और इन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाना चाहिए। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधक रतीश झा से फोन पर संपर्क किया गया। उन्होंने केवल इतना कहा, "हम अभी कहीं बाहर हैं," और इसके बाद फोन काट दिया। अस्पताल प्रशासन की ओर से समस्याओं के समाधान को लेकर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। मरीजों ने जिला स्वास्थ्य प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
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    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरा में शौचालय का अभाव, एक्स-रे कक्ष के बाहर जलजमाव से मरीज परेशान
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरा में शौचालय का अभाव, एक्स-रे कक्ष के बाहर जलजमाव से मरीज परेशान
पिपरा (सुपौल): पिपरा प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बुनियादी सुविधाओं की कमी मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। अस्पताल परिसर में समुचित शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से मरीजों, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों एवं दूर-दराज से आने वाले लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए घंटों अस्पताल में रुकने वाले मरीजों को शौचालय के अभाव में असुविधा झेलनी पड़ रही है।
वहीं अस्पताल के एक्स-रे कक्ष के बाहर बारिश का पानी जमा रहने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। जलजमाव के कारण मरीजों, दिव्यांगों और बुजुर्गों को एक्स-रे कराने के लिए आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई मरीजों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलने के बजाय बुनियादी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
ग्रामीणों एवं मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल परिसर में स्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराने तथा पर्याप्त शौचालय का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्था में ऐसी समस्याएं स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं और इन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाना चाहिए।
इस संबंध में अस्पताल प्रबंधक रतीश झा से फोन पर संपर्क किया गया। उन्होंने केवल इतना कहा, "हम अभी कहीं बाहर हैं," और इसके बाद फोन काट दिया। अस्पताल प्रशासन की ओर से समस्याओं के समाधान को लेकर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। मरीजों ने जिला स्वास्थ्य प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
    user_Laxman kumar
    Laxman kumar
    Auto Air-conditioning Service पिपरा, सुपौल, बिहार•
    13 hrs ago
  • 13 साल का इंतजार खत्म: मधेपुरा में खुला केंद्रीय विद्यालय, नामांकन शुरू; साहूगढ़ में बनेगा 5.5 एकड़ का स्थायी कैंपस मधेपुरा के हजारों छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जिले में केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत हो गई है। अब छात्रों को गुणवत्तापूर्ण सीबीएसई शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए केंद्रीय विद्यालय में नामांकन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल विद्यालय का संचालन शहर के सुभाष चौक स्थित एसएनपीएम प्लस-टू विद्यालय के अस्थायी परिसर से किया जाएगा। शुरुआती चरण में बालवाटिका-1, बालवाटिका-2, बालवाटिका-3 और कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों का नामांकन लिया जा रहा है। बाइट ---कुमार ठाकुर, केंद्रीय विद्यालय प्रधानाचार्य मधेपुरा विद्यालय प्रशासन के मुताबिक, ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया 30 जुलाई से शुरू हो चुकी है और 10 अगस्त तक चलेगी। प्रत्येक कार्यदिवस सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अभिभावक आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। इधर, केंद्रीय विद्यालय के स्थायी परिसर को लेकर भी बड़ी प्रगति हुई है। राज्य सरकार ने मधेपुरा अंचल के मौजा साहूगढ़ में 5 एकड़ 50 डिसमिल 156 वर्ग कड़ी सरकारी जमीन 30 वर्षों की लीज पर केंद्रीय विद्यालय संगठन को उपलब्ध करा दी है। इसी जमीन पर आधुनिक सुविधाओं से लैस केंद्रीय विद्यालय का स्थायी भवन बनाया जाएगा। आने वाले समय में यहां स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल मैदान और अन्य आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। विद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि प्रवेश पूरी तरह केंद्रीय विद्यालय संगठन की प्रवेश मार्गदर्शिका 2026-27 के अनुसार होगा। आवेदन पत्र में गलत या भ्रामक जानकारी मिलने पर किसी भी स्तर पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल पंजीकरण करा देने से प्रवेश की गारंटी नहीं होगी। अंतिम चयन उपलब्ध सीटों और केंद्रीय विद्यालय संगठन के निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाएगा। केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत मधेपुरा जिले के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अब जिले और आसपास के हजारों बच्चों को सीबीएसई पैटर्न की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही शहर में मिल सकेगी। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा, क्योंकि अब बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों या बड़े शहरों में भेजने की मजबूरी काफी हद तक खत्म होगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय विद्यालय खुलने से जिले में शैक्षणिक माहौल और प्रतिस्पर्धा दोनों मजबूत होंगे। साथ ही छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, बेहतर अनुशासन और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा। कुल मिलाकर, केंद्रीय विद्यालय का आगाज मधेपुरा के लिए सिर्फ एक नए स्कूल की शुरुआत नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उम्मीद और नए अध्याय की शुरुआत है। अब निगाहें साहूगढ़ में बनने वाले स्थायी परिसर पर टिकी हैं, जहां आने वाले वर्षों में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित केंद्रीय विद्यालय जिले की नई पहचान बन सकता है।
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    13 साल का इंतजार खत्म: मधेपुरा में खुला केंद्रीय विद्यालय, नामांकन शुरू; साहूगढ़ में बनेगा 5.5 एकड़ का स्थायी कैंपस
मधेपुरा के हजारों छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जिले में केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत हो गई है। अब छात्रों को गुणवत्तापूर्ण सीबीएसई शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए केंद्रीय विद्यालय में नामांकन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
फिलहाल विद्यालय का संचालन शहर के सुभाष चौक स्थित एसएनपीएम प्लस-टू विद्यालय के अस्थायी परिसर से किया जाएगा। शुरुआती चरण में बालवाटिका-1, बालवाटिका-2, बालवाटिका-3 और कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों का नामांकन लिया जा रहा है।
बाइट ---कुमार ठाकुर, केंद्रीय विद्यालय प्रधानाचार्य मधेपुरा
विद्यालय प्रशासन के मुताबिक, ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया 30 जुलाई से शुरू हो चुकी है और 10 अगस्त तक चलेगी। प्रत्येक कार्यदिवस सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अभिभावक आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा।
इधर, केंद्रीय विद्यालय के स्थायी परिसर को लेकर भी बड़ी प्रगति हुई है। राज्य सरकार ने मधेपुरा अंचल के मौजा साहूगढ़ में 5 एकड़ 50 डिसमिल 156 वर्ग कड़ी सरकारी जमीन 30 वर्षों की लीज पर केंद्रीय विद्यालय संगठन को उपलब्ध करा दी है। इसी जमीन पर आधुनिक सुविधाओं से लैस केंद्रीय विद्यालय का स्थायी भवन बनाया जाएगा। आने वाले समय में यहां स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल मैदान और अन्य आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
विद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि प्रवेश पूरी तरह केंद्रीय विद्यालय संगठन की प्रवेश मार्गदर्शिका 2026-27 के अनुसार होगा। आवेदन पत्र में गलत या भ्रामक जानकारी मिलने पर किसी भी स्तर पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल पंजीकरण करा देने से प्रवेश की गारंटी नहीं होगी। अंतिम चयन उपलब्ध सीटों और केंद्रीय विद्यालय संगठन के निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाएगा।
केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत मधेपुरा जिले के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अब जिले और आसपास के हजारों बच्चों को सीबीएसई पैटर्न की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही शहर में मिल सकेगी। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा, क्योंकि अब बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों या बड़े शहरों में भेजने की मजबूरी काफी हद तक खत्म होगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय विद्यालय खुलने से जिले में शैक्षणिक माहौल और प्रतिस्पर्धा दोनों मजबूत होंगे। साथ ही छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, बेहतर अनुशासन और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा।
कुल मिलाकर, केंद्रीय विद्यालय का आगाज मधेपुरा के लिए सिर्फ एक नए स्कूल की शुरुआत नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उम्मीद और नए अध्याय की शुरुआत है। अब निगाहें साहूगढ़ में बनने वाले स्थायी परिसर पर टिकी हैं, जहां आने वाले वर्षों में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित केंद्रीय विद्यालय जिले की नई पहचान बन सकता है।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    6 hrs ago
  • बिजली की समस्या आए दिन बढ़ते जा रहा है वार्ड नंबर 4 जहां की जो कि हर एक किलोमीटर दूरी पर है लेकिन जो कि हाथ में बिजली 24 घंटा रहता है और वार्ड नंबर 4 में 4 घंटा से अधिक बिजली बाधित जोकीहाट नगर पालिका में 24 घंटा बिजली रहता है लेकिन उससे पीछे हरवा चौक पड़ता है जो की 1 किलोमीटर की दूरी पर है लेकिन यह बिजली की समस्या हमेशा बढ़ती जाती है आ रहा है जो कि हाथ में लाइट जाता है लेकिन यहां दो घंटा के लिए हरवा गांव वार्ड नंबर 4 में बिजली बातचीत रहता है कभी-कभी 2 घंटे के लिए
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    बिजली की समस्या आए दिन  बढ़ते जा रहा है  वार्ड नंबर 4 जहां की जो कि हर एक किलोमीटर दूरी पर है लेकिन जो कि हाथ में बिजली 24 घंटा रहता है और वार्ड नंबर 4 में 4 घंटा से अधिक बिजली बाधित
जोकीहाट नगर पालिका में 24 घंटा बिजली रहता है लेकिन उससे पीछे हरवा चौक पड़ता है जो की 1 किलोमीटर की दूरी पर है लेकिन यह बिजली की समस्या हमेशा बढ़ती जाती है आ रहा है जो कि हाथ में लाइट जाता है लेकिन यहां दो घंटा के लिए हरवा गांव वार्ड नंबर 4 में बिजली बातचीत रहता है कभी-कभी 2 घंटे के लिए
    user_Abusaale and abuniraale Electrionic baick car sooroom harwa chock  jokihat
    Abusaale and abuniraale Electrionic baick car sooroom harwa chock jokihat
    Teacher जोकीहाट, अररिया, बिहार•
    9 hrs ago
  • ##### Hamare dada g ke jamane ka Bahut hi badhiya nuska ghar ka nuska #### Dosto aap bhi ghar bethe ese bana sakte hai our use bhi kar sakte hai
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    ##### Hamare dada g ke jamane ka Bahut hi badhiya nuska ghar ka nuska ####
Dosto aap bhi ghar bethe ese bana sakte hai our use bhi kar sakte hai
    user_Om Kumar
    Om Kumar
    ग्वालपाड़ा, मधेपुरा, बिहार•
    14 hrs ago
  • निर्मली चौक के समीप प्रधानमंत्री ग्राम सड़क पर जलजमाव, राहगीरों व स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी पिपरा (सुपौल): पिपरा प्रखंड क्षेत्र में निर्मली चौक के समीप प्रधानमंत्री ग्राम सड़क पर जलजमाव, राहगीरों व स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी पिपरा (सुपौल): पिपरा प्रखंड क्षेत्र में एनएच-327ई से रतौली जाने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क पर निर्मली चौक से महज 10 मीटर की दूरी पर बारिश के मौसम में जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। हल्की बारिश के बाद ही सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों, स्कूली बच्चों तथा स्थानीय दुकानदारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर उचित जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी कई दिनों तक जमा रहता है। इससे सड़क पर कीचड़ और फिसलन बनी रहती है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बढ़ जाती है। प्रतिदिन इसी मार्ग से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विद्यालय आते-जाते हैं, जिन्हें जलभराव के बीच होकर गुजरना पड़ता है। कई बार बच्चों के कपड़े और जूते भी गंदे हो जाते हैं, जिससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि सड़क पर पानी जमा रहने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है, जिससे उनके व्यवसाय पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। वाहन चालकों को भी जलजमाव के कारण सड़क की स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि सड़क किनारे नाला निर्माण एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराई जाए, ताकि बरसात के दिनों में लोगों को राहत मिल सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो आगामी दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से शीघ्र कार्रवाई कर आम लोगों को जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। हालांकि इस संबंध में जब प्रखंड विकास पदाधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा जांच करके जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा
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    निर्मली चौक के समीप प्रधानमंत्री ग्राम सड़क पर जलजमाव, राहगीरों व स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी
पिपरा (सुपौल): पिपरा प्रखंड क्षेत्र में
निर्मली चौक के समीप प्रधानमंत्री ग्राम सड़क पर जलजमाव, राहगीरों व स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी
पिपरा (सुपौल): पिपरा प्रखंड क्षेत्र में एनएच-327ई से रतौली जाने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क पर निर्मली चौक से महज 10 मीटर की दूरी पर बारिश के मौसम में जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। हल्की बारिश के बाद ही सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों, स्कूली बच्चों तथा स्थानीय दुकानदारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर उचित जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी कई दिनों तक जमा रहता है। इससे सड़क पर कीचड़ और फिसलन बनी रहती है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बढ़ जाती है। प्रतिदिन इसी मार्ग से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विद्यालय आते-जाते हैं, जिन्हें जलभराव के बीच होकर गुजरना पड़ता है। कई बार बच्चों के कपड़े और जूते भी गंदे हो जाते हैं, जिससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है।
आसपास के दुकानदारों ने बताया कि सड़क पर पानी जमा रहने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है, जिससे उनके व्यवसाय पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। वाहन चालकों को भी जलजमाव के कारण सड़क की स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि सड़क किनारे नाला निर्माण एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराई जाए, ताकि बरसात के दिनों में लोगों को राहत मिल सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो आगामी दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से शीघ्र कार्रवाई कर आम लोगों को जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। हालांकि इस संबंध में जब प्रखंड विकास पदाधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा जांच करके जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा
    user_Laxman kumar
    Laxman kumar
    Auto Air-conditioning Service पिपरा, सुपौल, बिहार•
    17 hrs ago
  • बिहार के दरभंगा में बाल काटने का खौफ बढ़ रहा है लोग अकले सोने से डर रहे है बिहार के दरभंगा में बाल काटने के मामला सामने आया है
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    बिहार के दरभंगा में बाल काटने का खौफ बढ़ रहा है लोग अकले सोने से डर रहे है 
बिहार के दरभंगा में बाल काटने के मामला सामने आया है
    user_Manoj Kumar
    Manoj Kumar
    निर्मली, सुपौल, बिहार•
    19 hrs ago
  • मोहम्मदी चौक पर जलजमाव से परेशानी, दुकानदारों ने की नाली निर्माण की मांग रिपोर्टर मुजाहीर किशनगंज टेढ़ागाछ: किशनगंज जिला के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत धबैली पंचायत के मोहम्मदी चौक पर जलजमाव की समस्या से आम राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चौक पर प्रतिदिन हजारों लोगों का आना-जाना होता है, लेकिन बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो जाने से आवागमन प्रभावित हो जाता है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण दुकानदारों को भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि लंबे समय से यहां नाली निर्माण की जरूरत महसूस की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है। स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मोहम्मदी चौक पर जल्द से जल्द नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि जलजमाव की समस्या से निजात मिल सके और आम लोगों को राहत मिले।
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    मोहम्मदी चौक पर जलजमाव से परेशानी, दुकानदारों ने की नाली निर्माण की मांग 
 
रिपोर्टर मुजाहीर किशनगंज 

टेढ़ागाछ: किशनगंज जिला के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत धबैली पंचायत के मोहम्मदी चौक पर जलजमाव की समस्या से आम राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चौक पर प्रतिदिन हजारों लोगों का आना-जाना होता है, लेकिन बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो जाने से आवागमन प्रभावित हो जाता है।
जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण दुकानदारों को भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि लंबे समय से यहां नाली निर्माण की जरूरत महसूस की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है।
स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मोहम्मदी चौक पर जल्द से जल्द नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि जलजमाव की समस्या से निजात मिल सके और आम लोगों को राहत मिले।
    user_Mohammad mujahir
    Mohammad mujahir
    तेरहागछ, किशनगंज, बिहार•
    6 hrs ago
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