पन्ना-पहाड़ीखेड़ा मार्ग के लिए अधिग्रहित जमीन का नहीं मिला मुआवजा, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार, आंदोलन की चैतावनी पन्ना-पहाड़ीखेड़ा मार्ग के लिए अधिग्रहित जमीन का नहीं मिला मुआवजा, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार, आंदोलन की चैतावनी पन्ना। पन्ना से पहाड़ीखेड़ा मार्ग निर्माण के लिए ग्राम लक्ष्मीपुर में अधिग्रहित भूमि का मुआवजा अब तक नहीं मिलने से प्रभावित भू-स्वामियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। मुआवजा राशि के भुगतान की मांग को लेकर आवेदकगण ने कलेक्टर पन्ना को आवेदन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। आवेदकों का कहना है कि अधिग्रहित भूमि पर सड़क का निर्माण कर दिया गया है, लेकिन उन्हें आज तक नियमानुसार मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हुई है। आवेदकों के अनुसार, भू-अर्जन के भुगतान के लिए करीब 6.5 करोड़ रुपये की राशि जमा किए जाने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि संबंधित विभाग द्वारा अब तक उक्त राशि जमा नहीं की गई है। इसको लेकर प्रभावित भू-स्वामियों में नाराजगी है। *मुआवजा नहीं मिलने से परिवार के भरण-पोषण में परेशानी* आवेदन में भू-स्वामियों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के बावजूद मुआवजा नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवार के भरण-पोषण के साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। *आंदोलन की चेतावनी* आवेदकों ने कलेक्टर से मांग की है कि उन्हें नियमानुसार मुआवजा राशि का भुगतान एक सप्ताह के भीतर कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में मुआवजा नहीं मिला तो वे आंदोलन करने और आमरण अनशन करने के लिए मजबूर होंगे।
पन्ना-पहाड़ीखेड़ा मार्ग के लिए अधिग्रहित जमीन का नहीं मिला मुआवजा, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार, आंदोलन की चैतावनी पन्ना-पहाड़ीखेड़ा मार्ग के लिए अधिग्रहित जमीन का नहीं मिला मुआवजा, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार, आंदोलन की चैतावनी पन्ना। पन्ना से पहाड़ीखेड़ा मार्ग निर्माण के लिए ग्राम लक्ष्मीपुर में अधिग्रहित भूमि का मुआवजा अब तक नहीं मिलने से प्रभावित भू-स्वामियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। मुआवजा राशि के भुगतान की मांग को लेकर आवेदकगण ने कलेक्टर पन्ना को आवेदन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की
मांग की है। आवेदकों का कहना है कि अधिग्रहित भूमि पर सड़क का निर्माण कर दिया गया है, लेकिन उन्हें आज तक नियमानुसार मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हुई है। आवेदकों के अनुसार, भू-अर्जन के भुगतान के लिए करीब 6.5 करोड़ रुपये की राशि जमा किए जाने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि संबंधित विभाग द्वारा अब तक उक्त राशि जमा नहीं की गई है। इसको लेकर प्रभावित भू-स्वामियों में नाराजगी है। *मुआवजा नहीं मिलने से परिवार के भरण-पोषण में परेशानी* आवेदन में भू-स्वामियों ने
कहा कि भूमि अधिग्रहण के बावजूद मुआवजा नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवार के भरण-पोषण के साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। *आंदोलन की चेतावनी* आवेदकों ने कलेक्टर से मांग की है कि उन्हें नियमानुसार मुआवजा राशि का भुगतान एक सप्ताह के भीतर कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में मुआवजा नहीं मिला तो वे आंदोलन करने और आमरण अनशन करने के लिए मजबूर होंगे।
- सार्वजनिक रास्ते पर दबंगई: अवैध पिलर खोदकर मार्ग अवरुद्ध करने का प्रयास, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत। ग्राम सहिलवारा (तहसील गुनौैड़) में एक आम रास्ते (खड़ंजा) को बंद कर अवैध निर्माण करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ग्रामीण कुलदीप द्विवेदी (पंच) ने आज बुधवार 12 अगस्त को शाम 5 बजे जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन के अनुसार, गांव के ही निवासी श्रीकांत द्विवेदी पर जबरन गुंडागर्दी के बल पर 10 फीट चौड़े सार्वजनिक खड़ंजे पर पिलर खोदकर अवैध निर्माण करने का आरोप है। मना करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। इससे ग्रामीणों व वाहनों का आवागमन पूरी तरह बाधित होने की आशंका है। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने सरपंच, सचिव, पटवारी शिवानी शर्मा, एसडीएम तथा तहसीलदार गुनौैड़ को कई बार शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सरपंच-सचिव तो पावती तक नहीं दे रहे हैं। आवेदक और अन्य ग्रामीणों ने कलेक्टर महोदय से मांग की है कि संबंधित राजस्व अधिकारियों को आदेशित कर तत्काल मौके का निरीक्षण कराया जाए तथा अवैध निर्माण और अतिक्रमण को रुकवाया जाए।4
- पन्ना-पहाड़ीखेड़ा मार्ग के लिए अधिग्रहित जमीन का नहीं मिला मुआवजा, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार, आंदोलन की चैतावनी पन्ना-पहाड़ीखेड़ा मार्ग के लिए अधिग्रहित जमीन का नहीं मिला मुआवजा, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार, आंदोलन की चैतावनी पन्ना। पन्ना से पहाड़ीखेड़ा मार्ग निर्माण के लिए ग्राम लक्ष्मीपुर में अधिग्रहित भूमि का मुआवजा अब तक नहीं मिलने से प्रभावित भू-स्वामियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। मुआवजा राशि के भुगतान की मांग को लेकर आवेदकगण ने कलेक्टर पन्ना को आवेदन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। आवेदकों का कहना है कि अधिग्रहित भूमि पर सड़क का निर्माण कर दिया गया है, लेकिन उन्हें आज तक नियमानुसार मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हुई है। आवेदकों के अनुसार, भू-अर्जन के भुगतान के लिए करीब 6.5 करोड़ रुपये की राशि जमा किए जाने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि संबंधित विभाग द्वारा अब तक उक्त राशि जमा नहीं की गई है। इसको लेकर प्रभावित भू-स्वामियों में नाराजगी है। *मुआवजा नहीं मिलने से परिवार के भरण-पोषण में परेशानी* आवेदन में भू-स्वामियों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के बावजूद मुआवजा नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवार के भरण-पोषण के साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। *आंदोलन की चेतावनी* आवेदकों ने कलेक्टर से मांग की है कि उन्हें नियमानुसार मुआवजा राशि का भुगतान एक सप्ताह के भीतर कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में मुआवजा नहीं मिला तो वे आंदोलन करने और आमरण अनशन करने के लिए मजबूर होंगे।3
- युवा समाजसेवी अंकित पाठक नें सिमरिया क्षेत्र के पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर उपलब्ध काराने की CMHO से रखी मांग। मीडिया से बातचीत मे श्री पाठक ने कहा कि “स्वास्थ्य सुविधा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है। ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान होना चाहिए।1
- मां तुझे सलाम मेरी पतंग मेरी अभिव्यक्ति मेरी पहचान प्रतियोगिता आयोजित माँ तुझे सलाम... मेरी पतंग, मेरी अभिव्यक्ति, मेरी पहचान प्रतियोगिता आयोजित पन्ना /अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा एवं मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया के निर्देशानुसार 15 से 25 वर्ष की बेटियों के लिए ‘माँ तुझे सलाम—मेरी पतंग, मेरी अभिव्यक्ति, मेरी पहचान’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसी क्रम में पन्ना में आस्था तिवारी द्वारा मदर कॉन्वेंट स्कूल में छात्राओं के बीच पहुंचकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए तिरंगे के रंगों से सजी पतंगों के माध्यम से देशभक्ति, नारी सशक्तीकरण, न्याय, समानता और स्वतंत्र अभिव्यक्ति का संदेश दिया। छात्राओं ने अपनी रचनात्मक सोच और प्रतिभा को पतंगों के जरिए अभिव्यक्त किया। इस दौरान छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य 15 से 25 वर्ष की युवा बेटियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और मौलिक विचारों को प्रोत्साहित करना है। प्रतिभागियों को अपनी पतंग पर देशभक्ति, नारी सशक्तीकरण अथवा समाज सुधार से जुड़ा संदेश लिखकर पतंग उड़ाते हुए फोटो एवं संक्षिप्त वीडियो बनाकर निर्धारित माध्यम पर साझा करना है। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को अपनी अभिव्यक्ति को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। आस्था तिवारी ने कहा कि बेटियों की रचनात्मकता और आत्मविश्वास समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने देश के प्रति प्रेम और जागरूकता का संदेश देते हुए प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भागीदारी की।1
- रिपोर्ट — भागीरथ विश्वकर्मा जिला — पन्ना, मध्यप्रदेश । हेडलाइन— पन्ना के मोहन्द्रा में अनोखा दरबार! श्रद्धालु नहीं, बीमारियों से परेशान मरीज पहुंचते हैं धाम; भभूत से लकवा, टीबी, कैंसर और शुगर ठीक होने का दावा, 5 मंगलवार में रोग निदान की कही जा रही बात। एंकर— एक ऐसा धाम... जहां अर्जी लगाने के लिए न कोई शुल्क है, न कोई तय नियम।जहां श्रद्धालुओं के साथ बड़ी संख्या में अलग-अलग बीमारियों से परेशान लोग भी पहुंचते हैं।दावा किया जाता है कि यहां महज भभूत ग्रहण करने और लगातार पांच मंगलवार आने से कई गंभीर बीमारियों में राहत मिलती है। जी हां... हम यह दावा अपनी ओर से नहीं कर रहे, बल्कि यहां आने वाले लोगों और धाम के पीठाधीश के दावों को आपके सामने रख रहे हैं। मामला पन्ना जिले के पवई क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहन्द्रा का है, जहां गांव के बीच स्थित एक छोटे से धार्मिक स्थल पर मंगलवार के दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। नेशनल न्यूज लाइव की टीम जब मौके पर पहुंची, तो वहां सैकड़ों की संख्या में लोग नजर आए।पूछताछ करने पर पता चला कि यहां आने वालों में कई ऐसे लोग भी हैं, जो लकवा, टीबी, शुगर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित होने की बात बता रहे थे। इस धाम के पीठाधीश्वर कन्हैया पौराणिक का दावा है कि यहां आने वाले लोगों को किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता। उनके अनुसार, भभूत के माध्यम से लोगों को राहत मिलने की मान्यता है और कई लोग लगातार पांच मंगलवार यहां आकर अपनी बीमारी ठीक होने की बात कहते हैं। कन्हैया पौराणिक का कहना है कि यह दरबार उनके पिता बोटु महाराज शिव प्रसाद पौराणिक भी वर्षों तक लगाते रहे। पिता के निधन के बाद अब धाम के संचालन की जिम्मेदारी उनके पास है। मंगलवार को यहां पहुंचने वाले लोगों में कोई बीमारी से परेशान दिखाई दिया, तो कोई अपनी मनोकामना लेकर पहुंचा था।कई लोगों ने बातचीत के दौरान दावा किया कि उन्हें यहां आने के बाद अपनी बीमारी में फायदा मिला और कुछ लोगों ने पांच मंगलवार आने के बाद पूरी तरह ठीक होने की बात भी कही। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्राउंड रिपोर्ट— यहां सबसे खास बात यह है कि लोग अपनी मर्जी से अर्जी लगाने की बात कहते हैं और इसके लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता। लेकिन सवाल भी बड़ा है—क्या वास्तव में केवल भभूत या इस तरह की धार्मिक प्रक्रिया से गंभीर बीमारियां ठीक हो सकती हैं? यह स्थान लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र हो सकता है, लेकिन बीमारी ठीक होने के दावों को वैज्ञानिक जांच और चिकित्सकीय प्रमाण के बिना अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। नेशनल न्यूज लाइव यहां मौजूद लोगों और धाम के पीठाधीश द्वारा किए गए दावों की पुष्टि नहीं करता है।हमारा उद्देश्य किसी की आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि इस पूरे मामले को तथ्यों और संवेदनशीलता के साथ आपके सामने रखना है। आखिर क्या है इस धाम की पूरी कहानी? क्यों दूर-दूर से लोग यहां पहुंच रहे हैं? क्या वाकई पांच मंगलवार आने के बाद गंभीर बीमारियों से राहत मिलने का दावा सच है, या फिर यह सिर्फ आस्था और विश्वास का विषय है? इन तमाम सवालों के जवाब तलाशती नेशनल न्यूज लाइव की देखिए खास रिपोर्ट ।1
- सिमरिया।मीडिया से बातचीत मे श्री पाठक ने भाजपा क़े सत्ताधीन नेताओं पर जमकर साधा निशाना कहा कि यदि क्षेत्र कि स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त नहीं हुई तो बैठुगा धरने पर। युवा समाजसेवी अंकित पाठक नें सिमरिया क्षेत्र के पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर उपलब्ध काराने की CMHO से रखी मांग।1
- बराहो बाबा स्थान पर विवाद ने लिया खूनी रूप, एक की मौत, दूसरा गंभीर, पुलिस जांच में जुटी! #Panna #Pawai #Baraho1