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आखिर आज कल के बच्चों को हो क्या गया है जब सच्चाई सामने आई तो जानकार रह गए दंग 🥺🥺 आखिर आज कल के बच्चों को हो क्या गया है आज गया के बायपास क्षेत्र के ब्रह्मयोनि पर्वत के नजदीक एक घरेलू बच्चे से जब मिलने पहुंचे तो उसकी कार्य शैली को देखकर दंग रह गए और जब उनकी मां से बात की तो काफी आश्चर्य जनक लगा जब बाते शुरू हुई और पूछा गया कि बच्चा खाना खाते वक्त भी फोन क्यों इस्तमाल कर रहा है तो बताया गया कि जब तक फोन नहीं देखता है खाना नहीं खाता है जब हमने और भी घरों में जानने का प्रयास किया तो सच सामने आया बहुत ही भयाव है आज कल के बच्चे करीब दिन में शायद 3 से 4घंटे फोन इस्तमाल कर रहे है इससे बच्चे के दिमाग पे और आंख पे काफी दुष्प्रभाव पड़ सकता है ये उनके माता पिता को पता क्यों नहीं चलता;;;;; और जब पूछ ताछ किया तो पता चला कि बच्चों को फोन का आदत लगाने के पीछे उनकी मां का ही हाथ है उनसे छुटकारा पाने के लिए हर बात पे फोन में वीडियो गेम और कार्टून लगा कर देना और फ्री होकर काम करते रहना इससे बच्चे को आदत हो जाती है और आखरी में मजबूरी हो जाती है फोन देना सभी महिलाओं को समझना चाहिए कि शुरुआती से ही अगर बच्चों को बात बात पे फोन न दिया जाए तो शायद उनकी आदत न लगे और आखिरी में मजबूरी न पड़े कि खाना खिलाने के लिए भी उनको फोन का सहारा लेना पड़े बाकी बच्चों को फोन देने के ऊपर आपकी क्या राय है आपलोग कमेंट बॉक्स में लिखे

10 hrs ago
user_Suraj Kumar
Suraj Kumar
Voice of people Bodh Gaya, Bihar•
10 hrs ago

आखिर आज कल के बच्चों को हो क्या गया है जब सच्चाई सामने आई तो जानकार रह गए दंग 🥺🥺 आखिर आज कल के बच्चों को हो क्या गया है आज गया के बायपास क्षेत्र के ब्रह्मयोनि पर्वत के नजदीक एक घरेलू बच्चे से जब मिलने पहुंचे तो उसकी कार्य शैली को देखकर दंग रह गए और जब उनकी मां से बात की तो काफी आश्चर्य जनक लगा जब बाते शुरू हुई और पूछा गया कि बच्चा खाना खाते वक्त भी फोन क्यों इस्तमाल कर रहा है तो बताया गया कि जब तक फोन नहीं देखता है खाना नहीं खाता है जब हमने और भी घरों में जानने का प्रयास किया तो सच सामने आया बहुत ही भयाव है आज कल के बच्चे करीब दिन में शायद 3 से 4घंटे फोन इस्तमाल कर रहे है इससे बच्चे के दिमाग पे और आंख पे काफी दुष्प्रभाव पड़ सकता है ये उनके माता पिता को पता क्यों नहीं चलता;;;;; और जब पूछ ताछ किया तो पता चला कि बच्चों को फोन का आदत लगाने के पीछे उनकी मां का ही हाथ है उनसे छुटकारा पाने के लिए हर बात पे फोन में वीडियो गेम और कार्टून लगा कर देना और फ्री होकर काम करते रहना इससे बच्चे को आदत हो जाती है और आखरी में मजबूरी हो जाती है फोन देना सभी महिलाओं को समझना चाहिए कि शुरुआती से ही अगर बच्चों को बात बात पे फोन न दिया जाए तो शायद उनकी आदत न लगे और आखिरी में मजबूरी न पड़े कि खाना खिलाने के लिए भी उनको फोन का सहारा लेना पड़े बाकी बच्चों को फोन देने के ऊपर आपकी क्या राय है आपलोग कमेंट बॉक्स में लिखे

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  • विश्व प्रसिद्ध अंतः सलिला, मोक्ष दायिनी, फल्गु नदी के पूर्वी छोर के सलेमपूर से अलीपूर तथा पश्चिमी छोर के केंदुई से कंडी तक बसे लोगों के द्वारा श्रमदान से सफाई एवं स्वच्छ रखने का अभियान का शुभारंभ लोक आस्था के महापर्व चैती छठ 24 मार्च 2026 से करने का निर्णय लिया गया है। "श्रमदान से फल्गु स्वच्छ बनाओ अभियान " के संयोजक प्रो विजय कुमार मिट्ठू, अध्यक्ष महंथ बावन भगवान, महासचिव बैजू प्रसाद, प्रो दीनानाथ, प्रो बी के पी वर्मा, पवन कुमार, अजीत कुमार शर्मा, ओंकार नाथ सिंह, अरविंद कुमार सिंह, गौतम सिंह, चुन्ना यादव, दामोदर गोस्वामी, टिंकू गिरी, संतोष चौरसिया, तारकेश्वर नाथ पटवा, राणा रंजीत सिंह, आदि ने कहा कि फल्गु नदी के उद्गम स्थल से गयाजी शहर तक कई बाँध बनने, बालू खनन, नाली की पानी, कुड़ा डालने तथा पहले की तरह लगातार सोई नहीं चलने से आबादी वाले हिस्से में झाड़ी, कुश, गंदगी से इसकी स्वच्छता तार- तार हो रही है, जिसे हमेशा साफ़ रखने के लिए सालों भर छुट्टी के दिन प्रत्येक रविवार को घंटा, दो घंटा श्रमदान से इस विश्व प्रसिद्ध नदी को स्वच्छ रखा जा सकता है। इस अभियान से फल्गु नदी के पश्चिमी छोर के केंदुई, डण्डी बाग, घुघरि टांड, लखनपुरा, विष्णुपद , देव घाट, गायत्री घाट, ब्राह्मणी घाट, पिता महेश्वर घाट, महादेव घाट, सीढिया घाट, किरानी घाट, राय बिंदेशवरी घाट, मोरीया घाट, पंचायती अखाड़ा घाट, रामशीला घाट, कंडी आदि क्षेत्रों के लोगों तथा पूर्वी छोर के भदेजा- भदेजी , सलेमपूर, स्वामि सहजानंद सरस्वती कॉलोनी, भूसनडा, लखीबाग , उतरी लखीबाग , जनकपूर, हेठ मानपूर, पटवा टोली, अलीपूर, शादीपूर क्षेत्रों के लोगों को जोड़ने हेतु जनजागरण चलाया जाएगा। श्रम दान महादान के नारों को बुलंद करते हुए स्वच्छ फल्गु, स्वच्छ गयाजी बनाने हेतु गयाजी वासियों से नम्र निवेदन है कि लोक आस्था के महापर्व चैती छठ के दिन से फल्गु नदी में अपने अपने मुहल्ला, गांव, टोला के सामने नदी में उतर कर श्रमदान से सफाई कार्य शुभारंभ करने की कृपा करें। भवदीय विजय कुमार मिट्ठू
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    विश्व प्रसिद्ध अंतः सलिला, मोक्ष दायिनी, फल्गु नदी के पूर्वी छोर के सलेमपूर से अलीपूर तथा पश्चिमी छोर के केंदुई से कंडी तक बसे लोगों के द्वारा श्रमदान से सफाई एवं स्वच्छ रखने का अभियान का शुभारंभ लोक आस्था के महापर्व चैती छठ 24 मार्च 2026 से करने का निर्णय लिया गया है। 
"श्रमदान से फल्गु स्वच्छ बनाओ अभियान " के संयोजक प्रो विजय कुमार मिट्ठू, अध्यक्ष महंथ बावन भगवान, महासचिव  बैजू प्रसाद, प्रो दीनानाथ, प्रो बी के पी वर्मा, पवन कुमार, अजीत कुमार शर्मा, ओंकार  नाथ सिंह,  अरविंद कुमार सिंह,  गौतम सिंह,  चुन्ना यादव,  दामोदर गोस्वामी,  टिंकू गिरी, संतोष चौरसिया,  तारकेश्वर  नाथ पटवा, राणा रंजीत सिंह, आदि ने कहा कि फल्गु नदी के उद्गम स्थल से गयाजी शहर तक कई बाँध बनने, बालू खनन, नाली की पानी,  कुड़ा डालने तथा पहले की तरह लगातार सोई नहीं चलने से आबादी  वाले हिस्से में झाड़ी, कुश, गंदगी से इसकी स्वच्छता तार- तार हो रही है, जिसे हमेशा साफ़ रखने के लिए सालों भर छुट्टी के दिन प्रत्येक रविवार को घंटा, दो घंटा श्रमदान से  इस विश्व प्रसिद्ध नदी को स्वच्छ रखा जा सकता है। 
इस अभियान से फल्गु नदी के पश्चिमी छोर के केंदुई, डण्डी बाग,  घुघरि टांड, लखनपुरा, विष्णुपद , देव घाट, गायत्री घाट, ब्राह्मणी घाट, पिता महेश्वर घाट,  महादेव घाट,  सीढिया घाट, किरानी  घाट, राय बिंदेशवरी घाट,  मोरीया घाट, पंचायती अखाड़ा घाट,  रामशीला घाट, कंडी आदि क्षेत्रों के लोगों तथा  पूर्वी छोर के भदेजा- भदेजी , सलेमपूर, स्वामि सहजानंद सरस्वती कॉलोनी, भूसनडा, लखीबाग , उतरी लखीबाग , जनकपूर, हेठ मानपूर, पटवा टोली,  अलीपूर, शादीपूर क्षेत्रों के लोगों को  जोड़ने हेतु जनजागरण चलाया जाएगा। 
श्रम दान महादान के नारों को बुलंद करते हुए स्वच्छ फल्गु,  स्वच्छ गयाजी बनाने हेतु गयाजी वासियों से नम्र निवेदन है कि लोक आस्था के महापर्व चैती छठ के दिन से फल्गु नदी में अपने अपने मुहल्ला,  गांव,  टोला के सामने नदी में उतर कर श्रमदान से सफाई कार्य शुभारंभ करने की कृपा करें। 
भवदीय 
विजय कुमार मिट्ठू
    user_हेमन्त कुमार  सिंह
    हेमन्त कुमार सिंह
    जनहित मे समर्पित Wazirganj•
    1 hr ago
  • गया जिले के गुरुआ प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। दिनभर उमस भरी गर्मी के बाद शाम होते ही तेज हवा के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश शुरू होते ही बाजार में मौजूद लोग इधर-उधर भागते नजर आए। कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति बन गई, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। खासकर ग्रामीण इलाकों में कच्ची सड़कों पर कीचड़ हो जाने से लोगों को चलने-फिरने में दिक्कत हुई। अचानक बदले मौसम के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में रखी फसल और अनाज को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, तेज हवा के कारण कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की खबर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम के इस अचानक बदलाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालांकि, बारिश से तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना जताई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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    गया जिले के गुरुआ प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। दिनभर उमस भरी गर्मी के बाद शाम होते ही तेज हवा के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश शुरू होते ही बाजार में मौजूद लोग इधर-उधर भागते नजर आए। कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति बन गई, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। खासकर ग्रामीण इलाकों में कच्ची सड़कों पर कीचड़ हो जाने से लोगों को चलने-फिरने में दिक्कत हुई।
अचानक बदले मौसम के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में रखी फसल और अनाज को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, तेज हवा के कारण कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की खबर है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम के इस अचानक बदलाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालांकि, बारिश से तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना जताई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
    user_Prem Kr. Mishra
    Prem Kr. Mishra
    Astrologer गुरुआ, गया, बिहार•
    23 hrs ago
  • कोंच में हर्षोल्लास और आपसी सौहार्द के साथ मनाई गई ईद, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम कोंच प्रखंड क्षेत्र में शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार बेहद शांतिपूर्ण और खुशनुमा माहौल में मनाया गया। एक महीने तक चले पवित्र रमजान के रोजों के बाद शुक्रवार शाम चांद का दीदार होते ही चारों ओर खुशी की लहर दौड़ गई, जिसके बाद शनिवार को प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में ईद की नमाज अदा की गई।ईद को लेकर कोंच, आंती, देवरा, उसास, शाहगंज भाम और मड़ुका ढिबरी सहित तमाम इलाकों में सुबह से ही चहल-पहल देखी गई। नए कपड़ों में सजे बच्चे, युवा और बुजुर्गों ने ईदगाहों और मस्जिदों में जाकर देश में अमन-चैन की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट दिखा। वही कोंच थानाध्यक्ष सुदेह कुमार आंती थानाध्यक्ष दिपक कुमार राव ने बताया की सभी संवेदनशील चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस बल की तैनाती के साथ पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरा पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। स्थानीय निवासी अतहर अली, नाजिर हुसैन और मोहम्मद कमाल ने बताया कि एक माह की कठिन इबादत और सब्र के बाद यह खुशियों का त्योहार आता है। इस मौके पर कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने भी शिरकत की। ईद की खुशियों को साझा करने के लिए राजद नेता सरफराज अहमद, तीनेरी सरपंच साहु, सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष मोहम्मद जमीलुर रहमान और जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता मोहब्बत हैदर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी नेताओं ने क्षेत्रवासियों को ईद की बधाई देते हुए इसे आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बताया।
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    कोंच में हर्षोल्लास और आपसी सौहार्द के साथ मनाई गई ईद, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
कोंच  प्रखंड क्षेत्र में शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार बेहद शांतिपूर्ण और खुशनुमा माहौल में मनाया गया। एक महीने तक चले पवित्र रमजान के रोजों के बाद शुक्रवार शाम चांद का दीदार होते ही चारों ओर खुशी की लहर दौड़ गई, जिसके बाद शनिवार को प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में ईद की नमाज अदा की गई।ईद को लेकर कोंच, आंती, देवरा, उसास, शाहगंज भाम और मड़ुका ढिबरी सहित तमाम इलाकों में सुबह से ही चहल-पहल देखी गई। नए कपड़ों में सजे बच्चे, युवा और बुजुर्गों ने ईदगाहों और मस्जिदों में जाकर देश में अमन-चैन की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट दिखा। वही कोंच थानाध्यक्ष सुदेह कुमार आंती थानाध्यक्ष दिपक कुमार राव ने बताया की सभी संवेदनशील चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस बल की तैनाती के साथ पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरा पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
स्थानीय निवासी अतहर अली, नाजिर हुसैन और मोहम्मद कमाल ने बताया कि एक माह की कठिन इबादत और सब्र के बाद यह खुशियों का त्योहार आता है। इस मौके पर कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने भी शिरकत की।
ईद की खुशियों को साझा करने के लिए राजद नेता सरफराज अहमद, तीनेरी सरपंच साहु, सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष मोहम्मद जमीलुर रहमान और जनता दल यूनाइटेड  के वरिष्ठ नेता मोहब्बत हैदर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी नेताओं ने क्षेत्रवासियों को ईद की बधाई देते हुए इसे आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बताया।
    user_नौलेश कुमार
    नौलेश कुमार
    कोंच, गया, बिहार•
    4 hrs ago
  • Alvida Jumma 2026: रमजान का पाक महीना अपने अंतिम दौर में है और रमजान के दौरान दुनिया भर के मुसलमान भाई बहन रोज़ा रखते हैं, नमाज़ अदा करते हैं और खुदा की इबादत करते हैं। इस्लामिक धर्म गुरु के अनुसार, इस वर्ष रमजान एक दुर्लभ संयोग के कारण चर्चा में है।नमस्कार दोस्तों,आज हम एक बहुत ही अहम सवाल पर बात करने वाले हैं—अलविदा जुमा की नमाज़ कब पढ़ी जाए, खासकर तब जब कुछ लोगों ने इसे 13 मार्च को पढ़ लिया, लेकिन अब ईद 21 मार्च को मानी जा रही है। #Ramzan2026 #AlvidaJumma #JumatulWida #Ramadan2026 #RamzanFriday #IslamicFestival #RamadanSpecial #AlvidaJumma2026 #RamzanFacts #MuslimFestival #RamadanNews #IslamicCalendar #JummaNamaz #RamzanUpdate #ReligionNews #RamadanKareem #JummaMubarak #IslamicEvents #FaithAndPrayer #TrendingReligion --------------------------------------------------------------------------------------------------------------
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    Alvida Jumma 2026: रमजान का पाक महीना अपने अंतिम दौर में है और रमजान के दौरान दुनिया भर के मुसलमान भाई बहन रोज़ा रखते हैं, नमाज़ अदा करते हैं और खुदा की इबादत करते हैं। इस्लामिक धर्म गुरु के अनुसार, इस वर्ष रमजान एक दुर्लभ संयोग के कारण चर्चा में है।नमस्कार दोस्तों,आज हम एक बहुत ही अहम सवाल पर बात करने वाले हैं—अलविदा जुमा की नमाज़ कब पढ़ी जाए, खासकर तब जब कुछ लोगों ने इसे 13 मार्च को पढ़ लिया, लेकिन अब ईद 21 मार्च को मानी जा रही है। #Ramzan2026 #AlvidaJumma #JumatulWida #Ramadan2026 #RamzanFriday #IslamicFestival #RamadanSpecial #AlvidaJumma2026 #RamzanFacts #MuslimFestival #RamadanNews #IslamicCalendar #JummaNamaz #RamzanUpdate #ReligionNews #RamadanKareem #JummaMubarak #IslamicEvents #FaithAndPrayer #TrendingReligion --------------------------------------------------------------------------------------------------------------
    user_Sindhu Devi
    Sindhu Devi
    Actor/Actress Rafiganj, Aurangabad•
    6 hrs ago
  • रफीगंज थाना पुलिस ने एक वारंटी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में शनिवार को जेल भेज दिया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान रफीगंज थाना क्षेत्र निवासी नंदलाल मांझी के पुत्र पिंटू कुमार के रूप में की गई है। शनिवार सुबह 10 बजे रफीगंज थाना थानाध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि पिंटू कुमार के विरुद्ध औरंगाबाद न्यायालय द्वारा गैरजमानती वारंट जारी किया गया था, जिसके आलोक में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिंटू कुमार ने कुछ वर्ष पूर्व पड़ोसी गांव की एक युवती से प्रेम विवाह किया था। इस मामले को लेकर युवती के पिता द्वारा रफीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद से ही वह पुलिस की नजर में था। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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    रफीगंज थाना पुलिस ने एक वारंटी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में शनिवार को जेल भेज दिया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान रफीगंज थाना क्षेत्र निवासी नंदलाल मांझी के पुत्र पिंटू कुमार के रूप में की गई है।
शनिवार सुबह 10 बजे रफीगंज थाना थानाध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि पिंटू कुमार के विरुद्ध औरंगाबाद न्यायालय द्वारा गैरजमानती वारंट जारी किया गया था, जिसके आलोक में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिंटू कुमार ने कुछ वर्ष पूर्व पड़ोसी गांव की एक युवती से प्रेम विवाह किया था। इस मामले को लेकर युवती के पिता द्वारा रफीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद से ही वह पुलिस की नजर में था।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
    user_Pappu Kumar
    Pappu Kumar
    पत्रकार रफीगंज, औरंगाबाद, बिहार•
    8 hrs ago
  • लोकतंत्र की आवाज़ निशांत तिवारी प्रभारी झारखंड चतरा (झारखंड):-चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड अंतर्गत डुमरी कला पंचायत के ग्राम बेला में बीते कई महीनों से क्रेशर एवं माइंस संचालकों द्वारा की जा रही अनियंत्रित और भयावह ब्लास्टिंग ने आम जनजीवन को गहरे संकट में डाल दिया है। आज दिनांक 20 मार्च 2026 को हुए एक अत्यंत खतरनाक और जोरदार विस्फोट (ब्लास्ट) ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। यह घटना कोई एक दिन की नहीं, बल्कि लगातार हो रही अवैध गतिविधियों का परिणाम है, जिससे ग्राम बेला के सैकड़ों परिवार भय, असुरक्षा और प्रशासनिक उपेक्षा के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। आज हुए इस भीषण ब्लास्टिंग के कारण ग्राम बेला निवासी श्री उमेश कुमार यादव के कच्चे (मिट्टी के) घर को गंभीर क्षति पहुँची है। उनके घर की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं, जिससे उनका परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन जीने को विवश हो सकता है। इतना ही नहीं, विस्फोट के कारण पत्थरों के बड़े-बड़े टुकड़े उछलकर उनके घर के आंगन और छत पर गिरे, जिससे जान-माल की भारी क्षति होते-होते बची। यदि यह पत्थर सीधे घर के अंदर गिरते, तो किसी भी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विस्फोट के पहले डुमरी कला पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि जो स्वयं को संचालनकर्ता के रूप में प्रस्तुत करते हैं,ग्राम बेला में घुसकर आए और उमेश यादव के परिवार सहित अन्य ग्रामीणों को धमकी भरे लहजे में घर खाली करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि "ब्लास्ट होने वाला है, तुम लोग घर से बाहर निकल जाओ। अगर घर दब गया या कोई नुकसान हुआ तो इसकी जिम्मेदारी हम लोग नहीं लेंगे।" यह कथन न केवल अमानवीय है, बल्कि यह दर्शाता है कि किस प्रकार प्रशासनिक संरक्षण में अवैध खनन और ब्लास्टिंग को खुलेआम अंजाम दिया जा रहा है। एक ओर ग्रामीणों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं, वहीं दूसरी ओर अधिक से अधिक पत्थर निकालकर मुनाफा कमाने की होड़ ने मानव जीवन को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार इसी प्रकार की ब्लास्टिंग की गई है, जिससे घरों में दरारें पड़ चुकी हैं, दीवारें कमजोर हो गई हैं और लोग मानसिक तनाव में जी रहे हैं। बच्चों में भय और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, जैसे दस्त (डायरिया) जैसी बीमारियाँ भी बढ़ने लगी हैं, जो इस प्रदूषित और असुरक्षित वातावरण का परिणाम है। ग्राम बेला के गरीब और असहाय ग्रामीणों ने कई बार इसका विरोध किया, लेकिन हर बार उन्हें दबाने और शांत कराने का प्रयास किया गया। मौके पर कुछ तथाकथित "मैनेजिंग करने वाले लोग" पहुँचते हैं और मामले को दबाने का प्रयास करते हैं, जिससे सच्चाई सामने नहीं आ पाती। यह पूरी व्यवस्था एक संगठित तरीके से काम कर रही है, जिसमें स्थानीय प्रभावशाली लोग, क्रेशर संचालक और माइंस संचालक शामिल हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि डुमरी कला पंचायत के ही निवासी श्री श्रीराम पांडेय जी द्वारा इस गंभीर मुद्दे को लेकर कई बार लिखित आवेदन जिला प्रशासन, उपायुक्त (डीसी) तथा संबंधित पदाधिकारियों को दिए जा चुके हैं। ईमेल के माध्यम से भी लगातार शिकायतें भेजी गई हैं, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह प्रशासनिक उदासीनता और निष्क्रियता को उजागर करता है, जो सीधे-सीधे आम जनता के जीवन को खतरे में डाल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मुखिया प्रतिनिधि द्वारा खुलेआम यह कहा जाता है कि "जो करना है कर लो, जो उखाड़ना है उखाड़ लो, यहां ब्लास्टिंग होगा और तुम लोगों को कहीं और जाना है तो जाओ, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।" यह बयान न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि उन्हें किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का भय नहीं है। यह पूरा मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है— क्या इन क्रेशर और माइंस संचालकों के पास वैध लाइसेंस और पर्यावरणीय अनुमति (Environment Clearance) है? क्या ब्लास्टिंग के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है? क्या स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग इस अवैध गतिविधि से अनभिज्ञ है या जानबूझकर आंखें मूंदे हुए है? क्या ग्रामीणों के जीवन और संपत्ति की कोई कीमत नहीं है? यह स्पष्ट है कि ग्राम बेला और डुमरी कला पंचायत में जो कुछ भी हो रहा है, वह पूरी तरह से कानून और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। भारत के संविधान में प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार दिया गया है, लेकिन यहां के ग्रामीणों को यह मूल अधिकार भी नहीं मिल पा रहा है। अतः इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से हम जिला प्रशासन, राज्य सरकार तथा संबंधित विभागों से निम्नलिखित मांगें करते हैं— 1. ग्राम बेला में चल रहे सभी अवैध क्रेशर और माइंस संचालन की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। 2. ब्लास्टिंग की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए जब तक कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित न हो जाए। 3. जिन अधिकारियों ने अब तक शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की, उनके खिलाफ भी विभागीय जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। 4. प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा (compensation) दिया जाए और उनके घरों की मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए। 5. ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए। 6. दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। यदि शीघ्र ही इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो ग्राम बेला और आसपास के ग्रामीण व्यापक जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। यह केवल एक गांव की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र में फैल रही अवैध खनन माफिया की समस्या है, जो धीरे-धीरे ग्रामीण जीवन, पर्यावरण और सामाजिक व्यवस्था को नष्ट कर रही है। आज जरूरत है कि प्रशासन जागे, कानून का पालन सुनिश्चित करे और गरीब एवं असहाय जनता को न्याय दिलाए।
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    लोकतंत्र की आवाज़
निशांत तिवारी
प्रभारी झारखंड 
चतरा (झारखंड):-चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड अंतर्गत डुमरी कला पंचायत के ग्राम बेला में बीते कई महीनों से क्रेशर एवं माइंस संचालकों द्वारा की जा रही अनियंत्रित और भयावह ब्लास्टिंग ने आम जनजीवन को गहरे संकट में डाल दिया है। आज दिनांक 20 मार्च 2026 को हुए एक अत्यंत खतरनाक और जोरदार विस्फोट (ब्लास्ट) ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। यह घटना कोई एक दिन की नहीं, बल्कि लगातार हो रही अवैध गतिविधियों का परिणाम है, जिससे ग्राम बेला के सैकड़ों परिवार भय, असुरक्षा और प्रशासनिक उपेक्षा के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं।
आज हुए इस भीषण ब्लास्टिंग के कारण ग्राम बेला निवासी श्री उमेश कुमार यादव के कच्चे (मिट्टी के) घर को गंभीर क्षति पहुँची है। उनके घर की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं, जिससे उनका परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन जीने को विवश हो सकता है। इतना ही नहीं, विस्फोट के कारण पत्थरों के बड़े-बड़े टुकड़े उछलकर उनके घर के आंगन और छत पर गिरे, जिससे जान-माल की भारी क्षति होते-होते बची। यदि यह पत्थर सीधे घर के अंदर गिरते, तो किसी भी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था।
स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विस्फोट के पहले डुमरी कला पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि जो स्वयं को संचालनकर्ता के रूप में प्रस्तुत करते हैं,ग्राम बेला में घुसकर आए और उमेश यादव के परिवार सहित अन्य ग्रामीणों को धमकी भरे लहजे में घर खाली करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि "ब्लास्ट होने वाला है, तुम लोग घर से बाहर निकल जाओ। अगर घर दब गया या कोई नुकसान हुआ तो इसकी जिम्मेदारी हम लोग नहीं लेंगे।"
यह कथन न केवल अमानवीय है, बल्कि यह दर्शाता है कि किस प्रकार प्रशासनिक संरक्षण में अवैध खनन और ब्लास्टिंग को खुलेआम अंजाम दिया जा रहा है। एक ओर ग्रामीणों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं, वहीं दूसरी ओर अधिक से अधिक पत्थर निकालकर मुनाफा कमाने की होड़ ने मानव जीवन को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार इसी प्रकार की ब्लास्टिंग की गई है, जिससे घरों में दरारें पड़ चुकी हैं, दीवारें कमजोर हो गई हैं और लोग मानसिक तनाव में जी रहे हैं। बच्चों में भय और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, जैसे दस्त (डायरिया) जैसी बीमारियाँ भी बढ़ने लगी हैं, जो इस प्रदूषित और असुरक्षित वातावरण का परिणाम है।
ग्राम बेला के गरीब और असहाय ग्रामीणों ने कई बार इसका विरोध किया, लेकिन हर बार उन्हें दबाने और शांत कराने का प्रयास किया गया। मौके पर कुछ तथाकथित "मैनेजिंग करने वाले लोग" पहुँचते हैं और मामले को दबाने का प्रयास करते हैं, जिससे सच्चाई सामने नहीं आ पाती। यह पूरी व्यवस्था एक संगठित तरीके से काम कर रही है, जिसमें स्थानीय प्रभावशाली लोग, क्रेशर संचालक और माइंस संचालक शामिल हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि डुमरी कला पंचायत के ही निवासी श्री श्रीराम पांडेय जी द्वारा इस गंभीर मुद्दे को लेकर कई बार लिखित आवेदन जिला प्रशासन, उपायुक्त (डीसी) तथा संबंधित पदाधिकारियों को दिए जा चुके हैं। ईमेल के माध्यम से भी लगातार शिकायतें भेजी गई हैं, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह प्रशासनिक उदासीनता और निष्क्रियता को उजागर करता है, जो सीधे-सीधे आम जनता के जीवन को खतरे में डाल रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि मुखिया प्रतिनिधि द्वारा खुलेआम यह कहा जाता है कि "जो करना है कर लो, जो उखाड़ना है उखाड़ लो, यहां ब्लास्टिंग होगा और तुम लोगों को कहीं और जाना है तो जाओ, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।" यह बयान न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि उन्हें किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का भय नहीं है।
यह पूरा मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है—
क्या इन क्रेशर और माइंस संचालकों के पास वैध लाइसेंस और पर्यावरणीय अनुमति (Environment Clearance) है?
क्या ब्लास्टिंग के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है?
क्या स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग इस अवैध गतिविधि से अनभिज्ञ है या जानबूझकर आंखें मूंदे हुए है?
क्या ग्रामीणों के जीवन और संपत्ति की कोई कीमत नहीं है?
यह स्पष्ट है कि ग्राम बेला और डुमरी कला पंचायत में जो कुछ भी हो रहा है, वह पूरी तरह से कानून और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। भारत के संविधान में प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार दिया गया है, लेकिन यहां के ग्रामीणों को यह मूल अधिकार भी नहीं मिल पा रहा है।
अतः इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से हम जिला प्रशासन, राज्य सरकार तथा संबंधित विभागों से निम्नलिखित मांगें करते हैं—
1. ग्राम बेला में चल रहे सभी अवैध क्रेशर और माइंस संचालन की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
2. ब्लास्टिंग की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए जब तक कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित न हो जाए।
3. जिन अधिकारियों ने अब तक शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की, उनके खिलाफ भी विभागीय जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।
4. प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा (compensation) दिया जाए और उनके घरों की मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए।
5. ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।
6. दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
यदि शीघ्र ही इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो ग्राम बेला और आसपास के ग्रामीण व्यापक जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
यह केवल एक गांव की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र में फैल रही अवैध खनन माफिया की समस्या है, जो धीरे-धीरे ग्रामीण जीवन, पर्यावरण और सामाजिक व्यवस्था को नष्ट कर रही है। आज जरूरत है कि प्रशासन जागे, कानून का पालन सुनिश्चित करे और गरीब एवं असहाय जनता को न्याय दिलाए।
    user_Nishant Tiwari
    Nishant Tiwari
    Local News Reporter शालिग्राम राम नारायणपुर (हंटरगंज), चतरा, झारखंड•
    23 hrs ago
  • गया जिला के टनकुप्पा प्रखंड अन्तर्गत मायापुर में शुक्रवार को सूबे के मुखिया नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के तहत आयोजित सभा उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब सभा में शामिल कुछ लोग अचानक सड़क किनारे स्थित एक किसान के चने के खेत में घुस गए और हरे भरे चने उखाड़ खाने लगे। सभा में दूर-दूर से आए महिला-पुरुषों की भीड़ जैसे ही सड़क किनारे हरे चने की फसल देखी, कई लोग खुद को रोक नहीं पाए और खेत में उतर गए। देखते ही देखते दर्जनों लोग खेत में फैल गए और चने तोड़-तोड़ कर खाने लगे। यह दृश्य इतना सामान्य सा बना दिया गया मानो किसी की महीनों की मेहनत की कोई कीमत ही न हो। सबसे हैरानी की बात यह रही कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी भी उसी खेत के चने खाते हुए नजर आ रहे हैं। जिस पुलिस पर कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है, वही अगर किसी गरीब किसान की फसल को इस तरह नुकसान पहुंचाते दिखे तो यह दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को अंदर तक झकझोर देता है। जरा सोचिए उस किसान पर क्या बीत रही होगी, जिसने दिन रात मेहनत करके, धूप बरसात सहकर अपनी फसल तैयार की होगी। खेत में लहलहाता चना उसके लिए सिर्फ फसल नहीं बल्कि उसके परिवार की उम्मीद, बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च का सहारा होता है। लेकिन कुछ मिनटों की लापरवाही और भीड़ की मानसिकता ने उसकी मेहनत को यूं ही रौंद डाला। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन और पुलिस चाहती तो भीड़ को खेत में जाने से रोक सकती थी। लेकिन जब सुरक्षा में तैनात लोग ही तमाशबीन बन जाएं या खुद फसल तोड़ने लगें, तो फिर किसान किससे न्याय की उम्मीद करे! यह घटना सिर्फ एक खेत के नुकसान की कहानी नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की उस सोच को भी दिखाती है जहां किसी गरीब किसान की मेहनत को मामूली समझ लिया जाता है। सवाल यह भी उठता है कि जिस समृद्धि यात्रा का उद्देश्य विकास और समृद्धि का संदेश देना है, उसी यात्रा के दौरान अगर एक किसान की फसल ही उजाड़ दिए जाए तो यह कैसी समृद्धि है! स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए और जिस किसान की फसल को नुकसान हुआ है उसे उचित मुआवजा दिया जाए। क्योंकि किसान की मेहनत पर चोट सिर्फ उसकी जेब पर नहीं, बल्कि उसकी उम्मीदों पर भी लगती है।
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    गया जिला के टनकुप्पा प्रखंड  अन्तर्गत मायापुर में शुक्रवार को सूबे के मुखिया नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के तहत आयोजित सभा उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब सभा में शामिल कुछ लोग अचानक सड़क किनारे स्थित एक किसान के चने के खेत में घुस गए और हरे भरे चने उखाड़ खाने लगे। सभा में दूर-दूर से आए महिला-पुरुषों की भीड़ जैसे ही सड़क किनारे हरे चने की फसल देखी, कई लोग खुद को रोक नहीं पाए और खेत में उतर गए। देखते ही देखते दर्जनों लोग खेत में फैल गए और चने तोड़-तोड़ कर खाने लगे। यह दृश्य इतना सामान्य सा बना दिया गया मानो किसी की महीनों की मेहनत की कोई कीमत ही न हो। सबसे हैरानी की बात यह रही कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी भी उसी खेत के चने खाते हुए नजर आ रहे हैं। जिस पुलिस पर कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है, वही अगर किसी गरीब किसान की फसल को इस तरह नुकसान पहुंचाते दिखे तो यह दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को अंदर तक झकझोर देता है।
जरा सोचिए उस किसान पर क्या बीत रही होगी, जिसने दिन रात मेहनत करके, धूप बरसात सहकर अपनी फसल तैयार की होगी। खेत में लहलहाता चना उसके लिए सिर्फ फसल नहीं बल्कि उसके परिवार की उम्मीद, बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च का सहारा होता है। लेकिन कुछ मिनटों की लापरवाही और भीड़ की मानसिकता ने उसकी मेहनत को यूं ही रौंद डाला। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन और पुलिस चाहती तो भीड़ को खेत में जाने से रोक सकती थी। लेकिन जब सुरक्षा में तैनात लोग ही तमाशबीन बन जाएं या खुद फसल तोड़ने लगें, तो फिर किसान किससे न्याय की उम्मीद करे!  यह घटना सिर्फ एक खेत के नुकसान की कहानी नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की उस सोच को भी दिखाती है जहां किसी गरीब किसान की मेहनत को मामूली समझ लिया जाता है। सवाल यह भी उठता है कि जिस समृद्धि यात्रा का उद्देश्य विकास और समृद्धि का संदेश देना है, उसी यात्रा के दौरान अगर एक किसान की फसल ही उजाड़ दिए जाए तो यह कैसी समृद्धि है! स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए और जिस किसान की फसल को नुकसान हुआ है उसे उचित मुआवजा दिया जाए। क्योंकि किसान की मेहनत पर चोट सिर्फ उसकी जेब पर नहीं, बल्कि उसकी उम्मीदों पर भी लगती है।
    user_हेमन्त कुमार  सिंह
    हेमन्त कुमार सिंह
    जनहित मे समर्पित Wazirganj•
    23 hrs ago
  • गया जिले के गुरुआ प्रखंड अंतर्गत कम्पलेक्स संसाधन केंद्र, मध्य विद्यालय शेरपुर में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया गया है इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रधानाध्यापक सह कोऑर्डिनेटर श्याम किशोर प्रसाद ने बताया कि मूल्यांकन कार्य 19 मार्च से प्रारंभ होकर 24 मार्च तक चलेगा। इस प्रक्रिया में प्रखंड के पांच मध्य विद्यालयों एवं पांच प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन कार्य में दो मुख्य परीक्षक, 20 सहायक परीक्षक एवं दो टैबुलेटर सहित कुल 24 शिक्षक प्रतिनियुक्त किए गए हैं, जो पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होने बताया कि कुल 6 हजार छात्र छात्राओ का मुल्याकण कार्य प्रगति पर है। वहीं, कम्पलेक्स सेंटर के संचालक सच्चिदानंद शाही ने कहा कि मूल्यांकन कार्य पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ कराया जा रहा है साथ ही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मौके पर शिक्षिका स्वेता सुमन, मुख्य परीक्षक अशोक कुमार चौधरी, अक्षय कुमार, गौरव कुमार, रंधीर कुमार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित है।
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    गया जिले के गुरुआ प्रखंड अंतर्गत कम्पलेक्स संसाधन केंद्र, मध्य विद्यालय शेरपुर में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया गया है इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रधानाध्यापक सह कोऑर्डिनेटर श्याम किशोर प्रसाद ने बताया कि मूल्यांकन कार्य 19 मार्च से प्रारंभ होकर 24 मार्च तक चलेगा। इस प्रक्रिया में प्रखंड के पांच मध्य विद्यालयों एवं पांच प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन कार्य में दो मुख्य परीक्षक, 20 सहायक परीक्षक एवं दो टैबुलेटर सहित कुल 24 शिक्षक प्रतिनियुक्त किए गए हैं, जो पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होने बताया कि कुल 6 हजार छात्र छात्राओ का मुल्याकण कार्य प्रगति पर है। वहीं, कम्पलेक्स सेंटर के संचालक सच्चिदानंद शाही ने कहा कि मूल्यांकन कार्य पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ कराया जा रहा है साथ ही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मौके पर शिक्षिका स्वेता सुमन, मुख्य परीक्षक अशोक कुमार चौधरी, अक्षय कुमार, गौरव कुमार, रंधीर कुमार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित है।
    user_Prem Kr. Mishra
    Prem Kr. Mishra
    Astrologer गुरुआ, गया, बिहार•
    23 hrs ago
  • रजौली के पूर्व राजद विधायक प्रत्याशी Pinky Bharti ने मुरली में आयोजित क्रिकेट मैच का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने की अपील की। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों की अच्छी खासी भीड़ मौजूद रही। उन्होंने युवाओं को खेल के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि खेल से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं तथा इससे अनुशासन और एकता की भावना भी मजबूत होती है।
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    रजौली के पूर्व राजद विधायक प्रत्याशी Pinky Bharti ने मुरली में आयोजित क्रिकेट मैच का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने की अपील की। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों की अच्छी खासी भीड़ मौजूद रही। उन्होंने युवाओं को खेल के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि खेल से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं तथा इससे अनुशासन और एकता की भावना भी मजबूत होती है।
    user_News Of Nawada
    News Of Nawada
    Local News Reporter सिरदला, नवादा, बिहार•
    1 hr ago
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