मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में स्थित भितरवार नगर के वार्ड नंबर 1 में, एचपी पेट्रोल पंप के सामने के हालात इन दिनों बद से बदतर हो चुके हैं। स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण यहाँ करीब आधा दर्जन वार्डों के नालों का गंदा पानी एकत्रित हो रहा है। जल निकासी की कोई पुख्ता व्यवस्था न होने से अब यह क्षेत्र एक विशाल गंदे तालाब में तब्दील हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर हो गया है। इस सड़ते हुए पानी में बड़े पैमाने पर मच्छर और डेंगू-मलेरिया का लार्वा पनप रहा है, जिसके चलते आसपास के इलाकों में गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। इसके साथ ही, बारिश और जलभराव के कारण आए दिन लोगों के घरों में जहरीले कीड़े-मकोड़े और अन्य जीव-जंतु घुस रहे हैं, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। इस गंभीर स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। वार्ड वासियों का कहना है कि उन्होंने जल निकासी ठप होने की शिकायत कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से की है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। जनता सीधा सवाल उठा रही है कि यदि इस गंदगी की वजह से कोई महामारी फैलती है या किसी जहरीले जीव के काटने से कोई जनहानि होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? क्षेत्रीय नागरिकों ने नगर निकाय के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) और जिला प्रशासन से तत्काल गंदे पानी की निकासी कराने, क्षेत्र में तुरंत फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने, तथा आधा दर्जन वार्डों के पानी के लिए स्थायी नाला निर्माण कराने की मांग की है। नागरिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने और सीएम हेल्पलाइन पर सामूहिक शिकायत दर्ज कराने के लिए मजबूर होंगे।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में स्थित भितरवार नगर के वार्ड नंबर 1 में, एचपी पेट्रोल पंप के सामने के हालात इन दिनों बद से बदतर हो चुके हैं। स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण यहाँ करीब आधा दर्जन वार्डों के नालों का गंदा पानी एकत्रित हो रहा है। जल निकासी की कोई पुख्ता व्यवस्था न होने से अब यह क्षेत्र एक विशाल गंदे तालाब में तब्दील हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों
का जीवन दूभर हो गया है। इस सड़ते हुए पानी में बड़े पैमाने पर मच्छर और डेंगू-मलेरिया का लार्वा पनप रहा है, जिसके चलते आसपास के इलाकों में गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। इसके साथ ही, बारिश और जलभराव के कारण आए दिन लोगों के घरों में जहरीले कीड़े-मकोड़े और अन्य जीव-जंतु घुस रहे हैं, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। इस गंभीर स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी
आक्रोश है। वार्ड वासियों का कहना है कि उन्होंने जल निकासी ठप होने की शिकायत कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से की है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। जनता सीधा सवाल उठा रही है कि यदि इस गंदगी की वजह से कोई महामारी फैलती है या किसी जहरीले जीव के काटने से कोई जनहानि होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? क्षेत्रीय नागरिकों ने नगर निकाय के मुख्य
नगरपालिका अधिकारी (CMO) और जिला प्रशासन से तत्काल गंदे पानी की निकासी कराने, क्षेत्र में तुरंत फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने, तथा आधा दर्जन वार्डों के पानी के लिए स्थायी नाला निर्माण कराने की मांग की है। नागरिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने और सीएम हेल्पलाइन पर सामूहिक शिकायत दर्ज कराने के लिए मजबूर होंगे।
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में स्थित भितरवार नगर के वार्ड नंबर 1 में, एचपी पेट्रोल पंप के सामने के हालात इन दिनों बद से बदतर हो चुके हैं। स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण यहाँ करीब आधा दर्जन वार्डों के नालों का गंदा पानी एकत्रित हो रहा है। जल निकासी की कोई पुख्ता व्यवस्था न होने से अब यह क्षेत्र एक विशाल गंदे तालाब में तब्दील हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर हो गया है। इस सड़ते हुए पानी में बड़े पैमाने पर मच्छर और डेंगू-मलेरिया का लार्वा पनप रहा है, जिसके चलते आसपास के इलाकों में गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। इसके साथ ही, बारिश और जलभराव के कारण आए दिन लोगों के घरों में जहरीले कीड़े-मकोड़े और अन्य जीव-जंतु घुस रहे हैं, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। इस गंभीर स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। वार्ड वासियों का कहना है कि उन्होंने जल निकासी ठप होने की शिकायत कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से की है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। जनता सीधा सवाल उठा रही है कि यदि इस गंदगी की वजह से कोई महामारी फैलती है या किसी जहरीले जीव के काटने से कोई जनहानि होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? क्षेत्रीय नागरिकों ने नगर निकाय के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) और जिला प्रशासन से तत्काल गंदे पानी की निकासी कराने, क्षेत्र में तुरंत फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने, तथा आधा दर्जन वार्डों के पानी के लिए स्थायी नाला निर्माण कराने की मांग की है। नागरिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने और सीएम हेल्पलाइन पर सामूहिक शिकायत दर्ज कराने के लिए मजबूर होंगे।4
- नारू दादा ने अपना वादा पूरा कर दिया है। अब यह देखना है कि दतिया की जनता भी अपना वादा निभाएगी या नहीं। इस विषय पर लोगों से अपनी राय कमेंट में देने का आग्रह किया गया है।1
- शिवपुरी के पोलो ग्राउंड में 5 जुलाई को एक ऐतिहासिक भूमि-पूजन एवं विकास कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में, भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव ने एक वीडियो संदेश जारी कर जिले के समस्त नागरिकों से इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की भावुक अपील की है। जाटव ने जानकारी दी कि इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, और उद्योगपति करण अदाणी की संभावित उपस्थिति रहेगी। उनके अनुसार, यह आयोजन शिवपुरी के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, और एक समृद्ध भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। भाजपा जिला अध्यक्ष ने जिलेवासियों से आग्रह किया है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनें और शिवपुरी की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बनें।1
- एक भांजी ने यह दृढ़तापूर्वक कहा है कि वह न्याय के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।1
- झांसी जिले से सामने आए एक वायरल वीडियो में कुछ लड़कियां एक पुलिसकर्मी को उसकी वर्दी उतरवाने की धमकी देती हुई नजर आ रही हैं। यह घटना समाज में बढ़ रही अराजकता और कानून के प्रति घटते सम्मान को दर्शाती है। ऐसी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई होना आवश्यक है ताकि कानून का राज कायम रह सके और व्यवस्था बनी रहे।1
- शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-27 फोरलेन पर स्थित सिरसौद चौराहे पर गुरुवार शाम 4 बजे प्रशासन ने शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। सर्वे नंबर 427 की इस शासकीय भूमि पर एसडीएम अनुपम शर्मा और तहसीलदार की मौजूदगी में अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। प्रशासन ने जेसीबी की मदद से विजय साहू द्वारा किए गए अवैध निर्माण, जिसमें पक्की दीवार, पिलर और टीनशेड बनाकर कब्जा किया गया था, उसे हटाया। यह कार्रवाई करीब एक घंटे तक चली और नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद अंजाम दी गई। इस दौरान स्थानीय पटवारी बंटी गुप्ता, अखिलेश जोशी और पुलिस बल भी मौजूद रहा। एसडीएम अनुपम शर्मा ने जानकारी दी कि इसी सर्वे नंबर के अन्य कब्जाधारियों को भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं और जल्द ही उनके खिलाफ भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।1
- दतिया जिले में साइबर अपराधों के प्रति आम जनता को जागरूक करने के लिए पुलिस का 'ऑपरेशन सेफ क्लिक 2.0' अभियान लगातार जारी है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों पर, दतिया पुलिस ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में गहन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इन कार्यक्रमों में पेट्रोल पंप, मुख्य बाजार, शिक्षण संस्थानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों तथा पेट्रोल पंप कर्मचारियों को साइबर धोखाधड़ी से बचने की विस्तृत जानकारी दी गई। अभियान के दौरान, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने QR कोड फ्रॉड, फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट, ऑनलाइन पेमेंट धोखाधड़ी, फिशिंग लिंक, फर्जी कस्टमर केयर नंबर और OTP ठगी जैसे विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों से बचाव के उपाय साझा किए। उन्होंने लोगों को विशेष रूप से समझाया कि QR कोड स्कैन करने से भुगतान प्राप्त नहीं होता, बल्कि भेजा जाता है, इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर इसे स्कैन न करें। साथ ही, ऑनलाइन भुगतान की पुष्टि हमेशा अपने बैंक खाते या अधिकृत ऐप से ही करने की सलाह दी गई। पुलिस ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की जानकारी देते हुए अपील की है कि किसी भी साइबर ठगी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत इन माध्यमों पर या स्थानीय पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर संभावित नुकसान को कम किया जा सके।1
- भितरवार में मॉनसून की शुरुआती बारिश ने नगर पालिका और प्रशासन के विकास संबंधी तमाम दावों की पोल खोल दी है। जमीनी हालात और उपलब्ध तस्वीरें इस बात की गवाही दे रही हैं कि क्षेत्र की मुख्य गलियाँ और रास्ते तालाब में तब्दील हो चुके हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस जलभराव के कारण राहगीरों का पैदल चलना अत्यंत मुश्किल हो गया है, वहीं स्थानीय लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। यह स्थिति नालियों की समुचित सफाई न होने के कारण उत्पन्न हुई है, जिसकी वजह से बारिश का पानी सड़कों पर ही जमा हो रहा है। यह तब हो रहा है जब फाइलों में हर साल नालों की सफाई और रखरखाव पर लाखों रुपये का बजट खर्च दिखाया जाता है, जो कागजी विकास और जमीनी हकीकत के बीच के बड़े अंतर को उजागर करता है। इन परिस्थितियों से त्रस्त जनता अब यह मांग कर रही है कि विकास केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर भी वास्तविक काम हो ताकि उन्हें इस तरह की समस्याओं से निजात मिल सके।1