*सड़क सुरक्षा को लेकर एक सराहनीय और अनोखी पहल* *पुलिस अधीक्षक श्री यशपाल सिंह राजपूत*, के निर्देशानुसार एवं *अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री घनश्याम मालवीय* के मार्गदर्शन में *यातायात पुलिस शाजापुर* द्वारा *सड़क सुरक्षा को लेकर एक सराहनीय और अनोखी पहल* की है। अब शासकीय और निजी स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी दी जा रही है। *“यातायात जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम”* के तहत पुलिस न सिर्फ नियम बता रही है, बल्कि बच्चों को सवाल-जवाब और प्रतियोगिता के माध्यम से सक्रिय रूप से जोड़ रही है, जिससे सीखना रोचक और प्रभावी बन सके। मंगलवार को यातायात पुलिस की टीम दुपाड़ा रोड स्थित एक निजी स्कूल पहुंची, जहां कक्षा विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों से यातायात नियमों से जुड़े 30 सवाल पूछे गए और उनसे मौखिक रूप से उत्तर लिए गए। प्रश्नों के सही जवाब देने वाले बच्चों को यातायात पुलिस की ओर से उपहार देकर सम्मानित भी किया गया जिससे बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की छोटी-छोटी टोलियां बनाई गईं। प्रत्येक टोली में चार-चार सदस्य शामिल थे। इस तरह एक दर्जन से अधिक टोलियां बनाकर सभी से सवाल-जवाब किए गए। टीम वर्क के जरिए बच्चों ने नियमों को न केवल समझा, बल्कि आत्मविश्वास के साथ अपने जवाब भी प्रस्तुत किए। इस अवसर पर *यातायात थाना प्रभारी सौरव शुक्ला, सूबेदार रवि शंकर वर्मा , सूबेदार सौरभ चौहान* सहित यातायात पुलिस का स्टाफ मौजूद रहा। अधिकारियों ने बच्चों को हेलमेट, सीट बेल्ट, ट्रैफिक सिग्नल और सड़क पार करने के सुरक्षित तरीकों की जानकारी दी। यातायात थाना प्रभारी सौरव शुक्ला ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही यातायात नियमों के पालन की आदत विकसित करना है। साथ ही बच्चों के माध्यम से यह संदेश उनके माता-पिता तक भी पहुंचे ताकि पूरा परिवार यातायात नियमों के प्रति जागरूक हो। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों की जान बचाने के लिए इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे।
*सड़क सुरक्षा को लेकर एक सराहनीय और अनोखी पहल* *पुलिस अधीक्षक श्री यशपाल सिंह राजपूत*, के निर्देशानुसार एवं *अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री घनश्याम मालवीय* के मार्गदर्शन में *यातायात पुलिस शाजापुर* द्वारा *सड़क सुरक्षा को लेकर एक सराहनीय और अनोखी पहल* की है। अब शासकीय और निजी स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी दी जा रही है। *“यातायात जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम”* के तहत पुलिस न सिर्फ नियम बता रही है, बल्कि बच्चों को सवाल-जवाब और प्रतियोगिता के माध्यम से सक्रिय
रूप से जोड़ रही है, जिससे सीखना रोचक और प्रभावी बन सके। मंगलवार को यातायात पुलिस की टीम दुपाड़ा रोड स्थित एक निजी स्कूल पहुंची, जहां कक्षा विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों से यातायात नियमों से जुड़े 30 सवाल पूछे गए और उनसे मौखिक रूप से उत्तर लिए गए। प्रश्नों के सही जवाब देने वाले बच्चों को यातायात पुलिस की ओर से उपहार देकर सम्मानित भी किया गया जिससे बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के
दौरान बच्चों की छोटी-छोटी टोलियां बनाई गईं। प्रत्येक टोली में चार-चार सदस्य शामिल थे। इस तरह एक दर्जन से अधिक टोलियां बनाकर सभी से सवाल-जवाब किए गए। टीम वर्क के जरिए बच्चों ने नियमों को न केवल समझा, बल्कि आत्मविश्वास के साथ अपने जवाब भी प्रस्तुत किए। इस अवसर पर *यातायात थाना प्रभारी सौरव शुक्ला, सूबेदार रवि शंकर वर्मा , सूबेदार सौरभ चौहान* सहित यातायात पुलिस का स्टाफ मौजूद रहा। अधिकारियों ने बच्चों को हेलमेट, सीट बेल्ट, ट्रैफिक सिग्नल और सड़क पार
करने के सुरक्षित तरीकों की जानकारी दी। यातायात थाना प्रभारी सौरव शुक्ला ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही यातायात नियमों के पालन की आदत विकसित करना है। साथ ही बच्चों के माध्यम से यह संदेश उनके माता-पिता तक भी पहुंचे ताकि पूरा परिवार यातायात नियमों के प्रति जागरूक हो। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों की जान बचाने के लिए इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे।
- घंसौदा में हिरण के शिकार से हड़कंप: ग्रामीणों में थी 'तेंदुए' की दहशत, वन विभाग की जांच में निकले लकड़बग्घे के निशान शाजापुर। जिले के ग्राम घंसौदा में पिछले चार दिनों से दबी जुबान में चल रही तेंदुए की चर्चा ने मंगलवार को उस वक्त जोर पकड़ लिया, जब गांव के पास एक हिरण का शव मिला। जंगली जानवर द्वारा किए गए इस शिकार ने ग्रामीणों के बीच सनसनी फैला दी। ग्रामीणों को आशंका थी कि चार दिन पहले देखे गए तेंदुए ने ही इस वारदात को अंजाम दिया है, लेकिन मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच के बाद अलग ही खुलासा किया है। ग्रामीणों ने 4 दिन पहले देखा था संदिग्ध जानवर ग्रामीणों के मुताबिक, करीब चार दिन पहले गांव के आसपास तेंदुए जैसा एक जानवर देखा गया था। मंगलवार को जब हिरण का शिकार हुआ मिला, तो लोगों का शक यकीन में बदल गया और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी। रेस्क्यू एक्सपर्ट बोले- पग मार्क लकड़बग्घे के हैं सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला और रेस्क्यू एक्सपर्ट हरीश पटेल मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। जांच के बाद विभाग ने स्पष्ट किया कि वहां मिले पैरों के निशान (पग-मार्क) तेंदुए के नहीं, बल्कि लकड़बग्घे (Hyena) के हैं। अधिकारियों के अनुसार, हिरण का शिकार संभवतः लकड़बग्घे द्वारा ही किया गया है। वन विभाग ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने, लेकिन पैनिक न करने की सलाह दी है।2
- Post by User29084
- गले में फंसी चिकन की हड्डी, युवक की हालत हो गई खराब... जान बचाने के लिए करानी पड़ी सर्जरी शाजापुर में एक युवक को चिकन खाना महंगा पड़ गया और उसे सर्जरी करानी पड़ गई. क्योंकि युवक के गले में चिकन की हड्डी फंस गई थी. अगर समय रहते उसकी सर्जरी नहीं की जाती तो उसकी जान भी जा सकती थी.1
- नाटक के माध्यम से तेज गति से वाहन चलाने, स्टंट करने से होने वाली दुर्घटनाओं, साथ ही हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग न करने से होने वाले गंभीर परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।1
- Post by Jivan solanki2
- Post by BadshahSaket BadshahSaket1
- आगर मालवा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत आवासों की प्रथम डी.पी.आर. (191) के हितग्राहियों को प्रथम किस्त की स्वीकृति हेतु बधाई पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन आज दिनांक 03 फरवरी 2026 को नगरपालिका परिषद् आगर में किया गया। कार्यक्रम में विधायक आगर माधवसिंह (मधु) गेहलोत, भाजपा जिला अध्यक्ष ओम मालवीय, नगरपालिका परिषद् अध्यक्ष निलेश जैन पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि भेरूसिंह, मंडल अध्यक्ष भरत प्रजापत, हरिनारायण यादव, बाबुलाल यादव, महेश चौहान, गिरधारीलाल मालवीय, अशोक प्रजापत (विधायक प्रतिनिधि), बाबुलाल विजयपारी, श्रीमती मीना स्वर्णकार सहित पार्षद एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा हितग्राहियों को बधाई पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में विक्रम बोडाना, जगदीश गवली, रानुराज नरवाल, मयंक राजपूत, योगेश योगी, गौरव जैन, राजू भटोदरा, अर्जुन गवली, रऊफ मुल्तानी एवं उपाध्यक्ष प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत मुख्य नगरपालिका अधिकारी कुशलसिंह डोडवे, उपयंत्री निधि पटेल एवं बसंत डुलगज द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन जगदीश गवली द्वारा किया गया।1
- *पुलिस अधीक्षक श्री यशपाल सिंह राजपूत*, के निर्देशानुसार एवं *अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री घनश्याम मालवीय* के मार्गदर्शन में *यातायात पुलिस शाजापुर* द्वारा *सड़क सुरक्षा को लेकर एक सराहनीय और अनोखी पहल* की है। अब शासकीय और निजी स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी दी जा रही है। *“यातायात जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम”* के तहत पुलिस न सिर्फ नियम बता रही है, बल्कि बच्चों को सवाल-जवाब और प्रतियोगिता के माध्यम से सक्रिय रूप से जोड़ रही है, जिससे सीखना रोचक और प्रभावी बन सके। मंगलवार को यातायात पुलिस की टीम दुपाड़ा रोड स्थित एक निजी स्कूल पहुंची, जहां कक्षा विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों से यातायात नियमों से जुड़े 30 सवाल पूछे गए और उनसे मौखिक रूप से उत्तर लिए गए। प्रश्नों के सही जवाब देने वाले बच्चों को यातायात पुलिस की ओर से उपहार देकर सम्मानित भी किया गया जिससे बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की छोटी-छोटी टोलियां बनाई गईं। प्रत्येक टोली में चार-चार सदस्य शामिल थे। इस तरह एक दर्जन से अधिक टोलियां बनाकर सभी से सवाल-जवाब किए गए। टीम वर्क के जरिए बच्चों ने नियमों को न केवल समझा, बल्कि आत्मविश्वास के साथ अपने जवाब भी प्रस्तुत किए। इस अवसर पर *यातायात थाना प्रभारी सौरव शुक्ला, सूबेदार रवि शंकर वर्मा , सूबेदार सौरभ चौहान* सहित यातायात पुलिस का स्टाफ मौजूद रहा। अधिकारियों ने बच्चों को हेलमेट, सीट बेल्ट, ट्रैफिक सिग्नल और सड़क पार करने के सुरक्षित तरीकों की जानकारी दी। यातायात थाना प्रभारी सौरव शुक्ला ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही यातायात नियमों के पालन की आदत विकसित करना है। साथ ही बच्चों के माध्यम से यह संदेश उनके माता-पिता तक भी पहुंचे ताकि पूरा परिवार यातायात नियमों के प्रति जागरूक हो। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों की जान बचाने के लिए इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे।4