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कांग्रेस पार्टी ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन पूरे देश में विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया गया।
SURYA NEWS
कांग्रेस पार्टी ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन पूरे देश में विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया गया।
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- पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या के लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि अधिकारियों की भी सीधी जवाबदेही बनती है। इसके साथ ही, उन कोचिंग सेंटरों की भी बड़ी जिम्मेदारी है जो इस तरह के लीक को बढ़ावा देते हैं। स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि जिस दिन सभी कोचिंग सेंटर बंद हो जाएँगे, उसी दिन पेपर लीक होना पूरी तरह से रुक जाएगा। यह भी बताया गया है कि हर बार जब कोई पेपर लीक होता है, तो लाखों बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है।1
- कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग एक बार फिर दोहराई है। अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि यदि धर्मेंद्र प्रधान शनिवार तक अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो इसके विरोध में अब हर राज्य और शहर में प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं इन प्रदर्शनों में शामिल होंगे और राजधानी दिल्ली में भी फिर से विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।1
- कांग्रेस पार्टी ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन पूरे देश में विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया गया।1
- इलाहाबाद से दिल्ली पहुंची एक महिला के साथ स्नेचिंग की घटना सामने आई है, जिसमें उसके हाथ से स्नेचर ने पर्स छीन लिया और फिर उसे दूसरे स्नेचर को थमाकर फरार हो गया। पीड़ित महिला ने बताया कि इस पर्स में लगभग डेढ़ या पौने दो लाख रुपये के सोने के आभूषण थे, जो वह शादी में देने के लिए ले जा रही थी। दिल्ली पुलिस ने एक स्नेचर को पकड़ लिया है, लेकिन महिला का आरोप है कि पुलिस ने उसकी बात नहीं सुनी। पकड़े गए चोर ने महिला से कहा था कि उसने सामान दूसरे चोर को दिया है और वह उसे वहां तक पहुंचा देगा, ताकि महिला को उसका सामान वापस मिल सके। हालांकि, महिला का कहना है कि पुलिस ने उनकी एक न मानी और उन्हें यह कहकर भगा दिया कि अब स्नेचर जेल जाएगा और उन्हें अपना काम करना चाहिए। महिला व उसके पति ने काफी मिन्नतें और खुशामद की, फिर भी पुलिस ने उनकी नहीं सुनी। यह घटना दिल्ली पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े करती है कि क्या पुलिस को दबंगों से डर है या यह 'बंद लिफाफे' का खेल है।1
- भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर देश भर के साधु-संत और महामंडलेश्वर रूप सिंह नगर में एकत्रित हुए। यह सभा भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की अपनी मांग को पुरजोर तरीके से रखने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए धर्मगुरुओं ने हिस्सा लिया।1
- दिल्ली के होलम्बी खुर्द में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ नगर निगम (MCD) की कथित लापरवाही के कारण एक सात वर्षीय बच्ची की जान चली गई। बताया जा रहा है कि एमसीडी की जरा सी लापरवाही ने इस बच्ची की जान ले ली, क्योंकि एक जर्जर सेफ्टी टैंक खुला पड़ा था। यह घटना कई सवाल खड़े करती है कि आखिर यह लापरवाही किसकी थी और क्यों एक जर्जर सेफ्टी टैंक को खुला छोड़ दिया गया।1
- फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप में सोमवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 8.2 मापी गई है। इस शक्तिशाली भूकंप के बाद फिलीपींस और इंडोनेशिया के कुछ हिस्सों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है, जिसके साथ ही तटीय समुदायों को निकासी संबंधी सलाह भी दी गई। भूकंप के उपरांत, अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने सुनामी का खतरा बताते हुए आगाह किया कि खतरनाक लहरें क्षेत्र के तटों को प्रभावित कर सकती हैं। इसी क्रम में, इंडोनेशिया की जियोफिजिक्स एजेंसी ने देश के उत्तरपूर्वी तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की और निवासियों से सतर्क रहने तथा आधिकारिक निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। अधिकारियों ने दक्षिणी फिलीपींस के कई प्रांतों के निवासियों को तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है, क्योंकि एक मीटर से अधिक ऊंची सुनामी लहरों के प्रभावित तटीय क्षेत्रों से टकराने की चेतावनी दी गई है। यह भी चेतावनी दी गई है कि इस भीषण भूकंप से काफी नुकसान हो सकता है और आने वाले घंटों तथा दिनों में इसके बाद तेज झटके आने की संभावना है। क्षेत्र भर की आपातकालीन एजेंसियां वर्तमान में समुद्र स्तर की स्थिति पर लगातार नज़र रख रही हैं और भूकंप के प्रभावों का आकलन कर रही हैं। इससे पहले रविवार को भारत सहित कई देशों में 5.3 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे, जिसका केंद्र भूटान था। भारत में, इसका असर असम और बंगाल के कुछ हिस्सों में देखने को मिला, जबकि नेपाल, चीन और भूटान में भी ये झटके महसूस किए गए थे।4