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डबल इंजन सरकार के दावे और ज़मीन की सच्चाई में ज़मीन-आसमान का फर्क! हमीरपुर में एक गर्भवती महिला को कीचड़ और दलदल भरे रास्ते पर बैलगाड़ी से अस्पताल ले जाया गया। क्या यही है ‘विकास मॉडल’? देखिए पूरी रिपोर्ट Lock MooD News पर!
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डबल इंजन सरकार के दावे और ज़मीन की सच्चाई में ज़मीन-आसमान का फर्क! हमीरपुर में एक गर्भवती महिला को कीचड़ और दलदल भरे रास्ते पर बैलगाड़ी से अस्पताल ले जाया गया। क्या यही है ‘विकास मॉडल’? देखिए पूरी रिपोर्ट Lock MooD News पर!
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- सौर बाजार समदा मुख्य सड़क मार्ग में सखुआ गाँव के समीप एक ट्रैक्टर चालक संतुलन खो कर बाइक सवार व्यक्ति को जोरदार धक्का मार दिया जिसे गंभीर अवस्था में सौर बाजार स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया1
- सहरसा | कनरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत फरेवा मुसहरी के निकट खेत में कीटनाशक दवा खाने से शनिवार सुबह ग्यारह बजे के करीब चार युवकों की हालत गंभीर हो गई.जिनमें से इलाज के दौरान दो युवकों की मौत हो गई.जबकि दो अन्य का इलाज विभिन्न अस्पताल में जारी है.मृतकों की पहचान फरेवा मुसहरी निवासी स्व. मांगन सदा के 17 वर्षीय पुत्र सन्नी कुमार तथा अर्जुन सदा के 22 वर्षीय पुत्र राजा कुमार के रूप में हुई है.वहीं घटना में भोला सदा के 15 वर्षीय पुत्र सनोज कुमार तथा कुजली सदा के 16 वर्षीय पुत्र मुरारी कुमार गंभीर रूप से बीमार हैं और उनका इलाज चल रहा है.इधर घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया.जिलाधिकारी दीपेश कुमार, पुलिस अधीक्षक हिमांशु, एसडीओ आलोक राय तथा एसडीपीओ मुकेश कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर घटना की जांच-पड़ताल की तथा परिजनों एवं स्थानीय लोगों से पूछताछ कर घटना के कारणों की जानकारी ली.घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और मृतक युवकों के घरों में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.प्रशासन द्वारा मामले की जांच जारी है तथा घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है.इस संबंध में सहरसा एसपी हिमांशु ने बताया कि कनरिया थाना को सूचना मिली कि चार युवकों के द्वारा कीटनाशक पदार्थ जैसी खाई गई है.जिसके बाद दो की मौत की सूचना आई.जिसके बाद सिमरी बख्तियारपुर एसडीओ और एसडीपीओ मौके पर पहुंचे.चूंकि मामला काफी संवेदनशील है.इसलिए हमने और जिलाधिकारी महोदय ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल की और परिजनों से बात की.1
- मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल अंतर्गत परड़िया व हथिऔंधा पंचायत में आयोजित पैक्स चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया, लेकिन शाम में हुई मतगणना काफी रोमांचक और हंगामेदार रही। हथिऔंधा पैक्स चुनाव में शिवकुमार भगत को 386 मत प्राप्त हुए और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी मो. शमीम (196 मत) को हराकर जीत दर्ज की। वहीं परड़िया पैक्स की मतगणना रात करीब साढ़े नौ बजे उस समय बेहद रोमांचक हो गई जब प्रारंभिक परिणाम में सुरेन्द्र झा को 296, अमोद मेहता को 294, अशोक ठाकुर को 263 तथा दिलीप चौधरी को 101 मत मिलने की घोषणा की गई। इस घोषणा के अनुसार सुरेन्द्र झा को 2 मतों से विजयी बताया गया। हालांकि, अमोद मेहता ने परिणाम को अस्वीकार करते हुए पुनः मतगणना के लिए आवेदन दिया। इसके बाद हुई री-काउंटिंग का अंतिम फैसला रात करीब 11 बजे आया, जिसमें अमोद मेहता को 1 मत से विजयी घोषित कर दिया गया। मतगणना से असंतुष्ट प्रत्याशी ने बीडीओ पर लगाया धांधली का आरोप री-काउंटिंग का परिणाम आते ही सुरेन्द्र झा के समर्थकों ने जोरदार विरोध व हंगामा शुरू कर दिया। समर्थकों का कहना था कि पहले सुरेन्द्र झा को 2 मतों से विजयी बताया गया, फिर री-काउंटिंग में उन्हें 1 मत से पराजित कैसे कर दिया गया। या तो पहले गिनती गलत हुई या बाद में गड़बड़ी की गई। समर्थकों ने री-काउंटिंग के दौरान बीडीओ पर रिश्वत लेकर पक्षपातपूर्ण तरीके से हराने का आरोप लगाया और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। करीब डेढ़ घंटे तक प्रखंड कार्यालय के समीप सड़क जाम कर विरोध जताया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला व पुरुष समर्थक मौजूद रहे। बाद में प्रत्याशी सुरेन्द्र झा एवं थाना अध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह के समझाने-बुझाने पर रात करीब 12 बजे जाम समाप्त कराया गया। इस संबंध में बीडीओ अमित कुमार ने बताया कि मतगणना पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से, दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कराई गई है तथा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया।4
- मधेपुरा से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। सरकारी मिड डे मील योजना के तहत परोसी गई खिचड़ी खाने से 70 से अधिक मासूम बच्चे बीमार पड़ गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मिड डे मील में छिपकली गिरने की आशंका जताई जा रही है। बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत के बाद मधेपुरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। 👉 सवाल साफ है — क्या बच्चों की थाली की कोई निगरानी नहीं? क्या मिड डे मील में गुणवत्ता जांच सिर्फ कागज़ों तक सीमित है? और अगर किसी बच्चे की जान चली जाती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? सरकार और प्रशासन को अब सिर्फ बयान नहीं, जवाब और कार्रवाई देनी होगी। #MadhepuraNews #MidDayMealScam #BiharBreaking #GovernmentFailure #SchoolFoodSafety #ChildrenInDanger #BiharNewsHindi #SystemFailure #BreakingNews #MidDayMeal #PublicIssue1
- महारानी की विदाई 🥹🤌🏻🥹 #birasjan #maa ki 🤌🏻🥹@gulshangupta5179 #trendingreels #foryou1
- बटेश्वर मंदिर पार्क पुराना हथियारों1
- चलती बिजली लाइन से तार चोरी करने पहुँचा चोर खम्भे पर ही चिपक गया ⚡ साथी भागे, युवक गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती!1
- मधेपुरा में चोर और झपटमार गिरोह का बोलबाला है। आए दिन हो रही चोरी और छिनतई की घटनाओं के बावजूद पुलिस अपराधियों पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। ताजा मामला शुक्रवार का है, जब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मेन ब्रांच से रुपये निकालकर घर लौट रहे मां-बेटे को झपटमारों ने निशाना बना लिया और दिनदहाड़े बाइक की डिक्की तोड़कर एक लाख 90 हजार रुपये लेकर फरार हो गए। घटना के संबंध में गम्हरिया थाना क्षेत्र के चिकनी फुलकाहा निवासी प्रवीण प्रभाकर ने सदर थाना में आवेदन दिया है। उन्होंने बताया कि वह दोपहर करीब 3.15 बजे एसबीआई मेन ब्रांच से 1.90 लाख रुपये निकालकर बाइक की डिक्की में रखकर गौशाला वार्ड चार स्थित किराए के मकान की ओर जा रहे थे। इसी दौरान झपटमारों ने उनकी बाइक की डिक्की तोड़ी और रुपये लेकर आराम से भाग निकले। पीड़ित ने थाना अध्यक्ष से रुपये की बरामदगी और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की है। दरअसल, मधेपुरा इन दिनों अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। चोरी और छिनतई की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस एक भी बड़ी वारदात का उद्भेदन करने में विफल साबित हो रही है। गुरुवार की रात भर्राही थाना क्षेत्र के बुधमा गांव में चोरों ने दरवाजे पर खड़े तीन ट्रैक्टर की बैटरी चोरी कर ली, जबकि इससे पहले प्रोफेसर कॉलोनी में एक रिटायर अधिकारी के घर 20 लाख रुपये से अधिक की चोरी हुई थी, लेकिन आज तक पुलिस एक भी आरोपी को पकड़ नहीं पाई। इसी तरह जनवरी माह में वार्ड तीन के एक बंद घर से 10 लाख रुपये से अधिक के सामान की चोरी हुई, न तो सामान बरामद हुआ और न ही चोरों का कोई सुराग मिला। लगातार हो रही इन घटनाओं से आम लोग दहशत में हैं और पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठा रहे हैं। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे दिनदहाड़े वारदात को अंजाम दे रहे हैं, जबकि पुलिस केवल कागजी कार्रवाई और आश्वासन तक सीमित नजर आ रही है।4
- कुछ महीने बाद पंचायती चुनाव नजदीक है इस वीडियो को लेकर आप क्या कहना चाहते हैं1