सिद्धार्थनगर जिले में एक मदरसे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 17 लाख रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। यह घटना इटवा तहसील क्षेत्र के भदोखर स्थित जामिया अरबिया हशमतिया अहले सुन्नत मेराजुल उलूम मदरसे से जुड़ी है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर, शोहरतगढ़ पुलिस ने मदरसे के पूर्व प्रबंधक मोहसिन खान सहित चार लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित गुलाम मोईनुद्दीन ने आरोप लगाया है कि पूर्व प्रबंधक मोहसिन खान ने उन्हें मदरसे में नौकरी दिलाने का वादा करके 17 लाख रुपये ठगे। उन्होंने बताया कि यह पूरी रकम बैंक खाते के माध्यम से और नकद दोनों तरह से दी गई थी। पीड़ित के अनुसार, पैसे लेने के बावजूद उन्हें न तो कोई नियुक्ति मिली और न ही उनके रुपये वापस किए गए। आरोपित लगातार उन्हें टालमटोल करते रहे। काफी समय तक इंतजार करने और कोशिश करने के बाद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो गुलाम मोईनुद्दीन ने शोहरतगढ़ थाने में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। शोहरतगढ़ पुलिस ने बताया कि मोहसिन खान और अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि वे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं और इकट्ठा किए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिद्धार्थनगर जिले में एक मदरसे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 17 लाख रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। यह घटना इटवा तहसील क्षेत्र के भदोखर स्थित जामिया अरबिया हशमतिया अहले सुन्नत मेराजुल उलूम मदरसे से जुड़ी है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर, शोहरतगढ़ पुलिस ने मदरसे के पूर्व प्रबंधक मोहसिन खान सहित चार लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित गुलाम मोईनुद्दीन ने आरोप लगाया है कि पूर्व प्रबंधक मोहसिन खान ने उन्हें मदरसे में नौकरी दिलाने का वादा करके 17 लाख रुपये ठगे। उन्होंने बताया कि यह पूरी रकम बैंक खाते के माध्यम से और नकद दोनों तरह से दी गई थी। पीड़ित के अनुसार, पैसे लेने के बावजूद उन्हें न तो कोई नियुक्ति मिली और न ही उनके रुपये वापस किए गए। आरोपित लगातार उन्हें टालमटोल करते रहे। काफी समय तक इंतजार करने और कोशिश करने के बाद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो गुलाम मोईनुद्दीन ने शोहरतगढ़ थाने में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। शोहरतगढ़ पुलिस ने बताया कि मोहसिन खान और अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि वे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं और इकट्ठा किए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- सिद्धार्थनगर जिले के बांसी तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत नेऊसा के जगमोहनी गांव से रेलवे ठेकेदार की मनमानी का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों के आरोपानुसार, यहाँ एक रेलवे ठेकेदार द्वारा नियमों को ताक पर रखकर पोखरे की अवैध खुदाई की जा रही है, जहाँ रात के अंधेरे में पोखरे से मिट्टी खोदकर उसे रेलवे कार्य में बेचा जा रहा है। इस अवैध खुदाई से न केवल राजस्व को चूना लग रहा है, बल्कि गांव में बड़े हादसे का खतरा भी पैदा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि खुदाई का काम मुख्य रूप से रात के समय किया जाता है, जिससे पोखरा इतना गहरा हो गया है कि वह अब एक गहरे कुएं में तब्दील होता जा रहा है। ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि आने वाले बरसात के मौसम में पोखरा पानी से लबालब भर जाएगा, और अगर कोई मवेशी, जानवर या बच्चे इसमें जाते हैं तो उनका डूबना तय है, जो उनके लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इस अवैध खनन और मनमानी को लेकर जगमोहनी गांव के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि इस अवैध खुदाई को तुरंत रोका जाए, ठेकेदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, और पोखरे को सुरक्षित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। अब देखना यह होगा कि स्थानीय प्रशासन इस मामले में कब तक सुध लेता है और ठेकेदार की इस मनमानी पर कब लगाम कसी जाती है।1
- सर्वे रिपोर्ट में अपना नाम सामने आने के बावजूद, हसीब खान ने स्पष्ट किया है कि यह समाजवादी पार्टी की आधिकारिक घोषणा नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी जिस भी उम्मीदवार को अधिकृत रूप से घोषित करेगी, उसे तन, मन और धन से एकजुट होकर चुनाव लड़ाया जाएगा।1
- बलरामपुर जिले में एक पुलिया के भीतर एक तेंदुआ बैठा हुआ देखा गया है। तेंदुए को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। इस घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी तुरंत मौके पर पहुँच गई है।1
- बलरामपुर जिले में एक गरीब व्यक्ति ने भूमि माफिया से अपनी जान बचाने के लिए योगी जी से गुहार लगाई है। यह मामला तुलसीपुर तहसील के बिशनपुर पिपरहवा क्षेत्र से जुड़ा है, जहाँ कथित तौर पर "कथाकथित नेतागिरी" के चक्कर में बालू और माटी के अवैध कारोबार के बाद अब भूमि माफिया भी गरीबों को प्रताड़ित कर रहे हैं। पीड़ित हनीफ, जो पिपरहवा के निवासी हैं, ने बताया कि उन्होंने 1988 में अपनी जमीन का बैनामा लिया था। आज, उसी जमीन के लिए उनकी जान लेने तक की तैयारी है। गरीब व्यक्ति ने अपनी जान बचाने के लिए योगी जी से सीधी अपील की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि पिपरहवा बिशनपुर में सही ढंग से जांच कराई जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि गरीबों की जमीन पर कब्जा किया गया है।1
- सिद्धार्थनगर से भगवा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने हिंदुत्व के विषय पर एक बयान दिया है।1
- राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र स्थित लोगबंधु चौराहे पर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक अचानक एक ऊंचे होल्डिंग बोर्ड पर चढ़ गया। युवक को ऊपर चढ़ा देख मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही आशियाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए। हालाँकि, युवक काफी देर तक नीचे आने को तैयार नहीं हुआ, जिसके चलते पुलिस को उसे उतारने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने फायर ब्रिगेड टीम को भी मौके पर बुलाया और बचाव टीम द्वारा युवक को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिशें लगातार जारी रहीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह युवक पिछले दो-चार दिनों से इसी इलाके में घूम रहा था और उसने कई वाहनों के साइड मिरर भी तोड़ दिए थे, जिससे आसपास के लोग पहले से ही परेशान थे। फिलहाल, पुलिस और राहत टीम युवक को सुरक्षित नीचे उतारने में जुटी हुई है, और इस घटना के कारण लोगबंधु चौराहे पर काफी देर तक भारी भीड़ लगी रही।1
- बलरामपुर जिले के पंचायत सहायकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिला अधिकारी न्यायिक श्री शिव नारायण सिंह को सौंपा है, जिसमें उनके मानदेय और सेवा शर्तों को अपर्याप्त और असंतोषजनक बताया गया है। इस दौरान समाजसेवी युगल किशोर शुक्ल ने पंचायत सहायकों का मोर्चा संभाला और उनका समर्थन किया। ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायत सहायक प्रदेश की ग्राम पंचायतों में विभिन्न डिजिटल, प्रशासनिक और जनहित के कार्यों का निरंतर निर्वहन करते हुए शासन की योजनाओं और डिजिटल सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वर्तमान में पंचायत सहायकों को मात्र ₹6000 प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है, जो बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की आवश्यकताओं के हिसाब से अत्यंत कम है। इस अल्प मानदेय में एक परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा और अन्य आवश्यक खर्चों का वहन करना बेहद कठिन हो गया है, जिससे उन्हें और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत सहायकों ने अपनी आर्थिक और सामाजिक स्थिति को देखते हुए पाँच मुख्य मांगें रखी हैं: मानदेय बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष ₹30,000 प्रतिमाह किया जाए या कम से कम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम कुशल मजदूरी दर लागू की जाए; अनुबंध प्रणाली समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली बनाई जाए; विवाह उपरांत महिला पंचायत सहायकों हेतु स्थानांतरण/समायोजन नीति लागू की जाए; ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया में पंचायत सहायकों को 50% आरक्षण प्रदान किया जाए; और पंचायत सहायकों एवं उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए। पंचायत सहायकों ने इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्यवाही की अपील की है, विश्वास व्यक्त करते हुए कि प्रदेश सरकार उनकी समस्याओं का सकारात्मक एवं न्यायोचित समाधान करेगी। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि निर्धारित समयावधि में उनकी मांगों पर उचित विचार एवं आवश्यक कार्यवाही नहीं की जाती है, तो समस्त पंचायत सहायक अपनी समस्याओं की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करने हेतु दिनांक 15 जून 2026 को ईको गार्डेन, लखनऊ में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे। इस अवसर पर पंचायत सहायक यूनियन के जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता के साथ समाजसेवी युगल किशोर शुक्ल एडवोकेट एवं पूर्व सांसद प्रत्याशी लोकसभा श्रावस्ती और जिले भर के पंचायत सहायक मौजूद रहे। युगल किशोर शुक्ल ने इस नौकरी को 'सांप के गले में छछुंदर' के समान बताया, जिसमें ग्राम पंचायत के होनहार मेधावी युवा सेवा दे रहे हैं और आर्थिक शोषण झेल रहे हैं।1
- लखनऊ में एक वीडियोग्राफर और उसके साथियों से हुई लूट की घटना का 24 घंटे के भीतर ही थाना इटौंजा पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस घटना में शामिल तीन शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन लुटेरों से लाखों रुपये मूल्य का फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी उपकरण बरामद किया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस लूट के पूरे षडयंत्र का मुख्य सूत्रधार वादी के साथ काम करने वाला सहयोगी रोहन कुमार शर्मा ही था। पुलिस ने लुटेरों के कब्जे से एक तमंचा, छह कैमरा/मोबाइल, सात लेंस, दो गिंबल और अन्य वीडियोग्राफी उपकरण बरामद करने में सफलता पाई है।1
- बस्ती जिले में 'शिव भगत' नामक खनन माफिया का आतंक जारी है, जिससे कलवारी थाना क्षेत्र के धोबहट, भंगुरा और मुरादपुर की धरती 'करहा रही' है। दिन-रात जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रालियों की बेखौफ आवाजाही यह साबित करती है कि नियम-कानून कागजों में नहीं, बल्कि माफिया की जेब में बंद हैं, जिससे 'सत्ता के संरक्षण में खनन माफिया का तांडव' चल रहा है। खनन माफिया शिव भगत द्वारा धोबहट में मिट्टी का यह अवैध खनन जारी है, और खनन विभाग व स्थानीय प्रशासन की 'चुप्पी' कई गंभीर सवाल खड़े करती है, जिससे यह 'मौत का तांडव' बदस्तूर कायम है; क्या यह मिलीभगत का नतीजा है? इस अवैध गतिविधि से सरकारी खजाने को प्रतिदिन 'लाखों का राजस्व' चूना लगाया जा रहा है, और पर्यावरण का भी विनाश हो रहा है, जिसमें उपजाऊ खेतों का खात्मा और ग्रामीण रास्तों को भारी पंजों से चलने लायक नहीं छोड़ना शामिल है। चिंता व्यक्त की गई है कि मानसून में ये खोदे गए गड्ढे जानलेवा साबित हो सकते हैं। प्रशासन पर यह सवाल उठाया गया है कि आखिर शिव भगत को किसका संरक्षण प्राप्त है कि नियम-कानूनों का खुलेआम उल्लंघन करने के बावजूद उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस और खनन विभाग सहित सभी की चुप्पी से क्षेत्र में 'माफिया राज' कायम होने का संदेश गया है। बस्ती की जनता अब और सहन करने को तैयार नहीं है, और जिला प्रशासन से उसकी नैतिकता और साहस पर सवाल उठाया गया है। यह मांग की गई है कि जिम्मेदार अधिकारी तत्काल कार्रवाई करें और माफिया की जेसीबी पर लगाम लगाएं, वरना जनता का आक्रोश सड़कों पर उतरेगा और यह प्रशासनिक 'बेबसी' या 'मिलीभगत' भारी पड़ेगी।1