बस्ती जिले में 'शिव भगत' नामक खनन माफिया का आतंक जारी है, जिससे कलवारी थाना क्षेत्र के धोबहट, भंगुरा और मुरादपुर की धरती 'करहा रही' है। दिन-रात जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रालियों की बेखौफ आवाजाही यह साबित करती है कि नियम-कानून कागजों में नहीं, बल्कि माफिया की जेब में बंद हैं, जिससे 'सत्ता के संरक्षण में खनन माफिया का तांडव' चल रहा है। खनन माफिया शिव भगत द्वारा धोबहट में मिट्टी का यह अवैध खनन जारी है, और खनन विभाग व स्थानीय प्रशासन की 'चुप्पी' कई गंभीर सवाल खड़े करती है, जिससे यह 'मौत का तांडव' बदस्तूर कायम है; क्या यह मिलीभगत का नतीजा है? इस अवैध गतिविधि से सरकारी खजाने को प्रतिदिन 'लाखों का राजस्व' चूना लगाया जा रहा है, और पर्यावरण का भी विनाश हो रहा है, जिसमें उपजाऊ खेतों का खात्मा और ग्रामीण रास्तों को भारी पंजों से चलने लायक नहीं छोड़ना शामिल है। चिंता व्यक्त की गई है कि मानसून में ये खोदे गए गड्ढे जानलेवा साबित हो सकते हैं। प्रशासन पर यह सवाल उठाया गया है कि आखिर शिव भगत को किसका संरक्षण प्राप्त है कि नियम-कानूनों का खुलेआम उल्लंघन करने के बावजूद उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस और खनन विभाग सहित सभी की चुप्पी से क्षेत्र में 'माफिया राज' कायम होने का संदेश गया है। बस्ती की जनता अब और सहन करने को तैयार नहीं है, और जिला प्रशासन से उसकी नैतिकता और साहस पर सवाल उठाया गया है। यह मांग की गई है कि जिम्मेदार अधिकारी तत्काल कार्रवाई करें और माफिया की जेसीबी पर लगाम लगाएं, वरना जनता का आक्रोश सड़कों पर उतरेगा और यह प्रशासनिक 'बेबसी' या 'मिलीभगत' भारी पड़ेगी।
बस्ती जिले में 'शिव भगत' नामक खनन माफिया का आतंक जारी है, जिससे कलवारी थाना क्षेत्र के धोबहट, भंगुरा और मुरादपुर की धरती 'करहा रही' है। दिन-रात जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रालियों की बेखौफ आवाजाही यह साबित करती है कि नियम-कानून कागजों में नहीं, बल्कि माफिया की जेब में बंद हैं, जिससे 'सत्ता के संरक्षण में खनन माफिया का तांडव' चल रहा है। खनन माफिया शिव भगत द्वारा धोबहट में मिट्टी का यह अवैध खनन जारी है, और खनन विभाग व स्थानीय प्रशासन की 'चुप्पी' कई गंभीर सवाल खड़े करती है, जिससे यह 'मौत का तांडव' बदस्तूर कायम है; क्या यह मिलीभगत का नतीजा है? इस अवैध गतिविधि से सरकारी खजाने को प्रतिदिन 'लाखों का राजस्व' चूना लगाया जा रहा है, और पर्यावरण का भी विनाश हो रहा है, जिसमें उपजाऊ खेतों का खात्मा और ग्रामीण रास्तों को भारी पंजों से चलने लायक नहीं छोड़ना शामिल है। चिंता व्यक्त की गई है कि मानसून में ये खोदे गए गड्ढे जानलेवा साबित हो सकते हैं। प्रशासन पर यह सवाल उठाया गया है कि आखिर शिव भगत को किसका संरक्षण प्राप्त है कि नियम-कानूनों का खुलेआम उल्लंघन करने के बावजूद उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस और खनन विभाग सहित सभी की चुप्पी से क्षेत्र में 'माफिया राज' कायम होने का संदेश गया है। बस्ती की जनता अब और सहन करने को तैयार नहीं है, और जिला प्रशासन से उसकी नैतिकता और साहस पर सवाल उठाया गया है। यह मांग की गई है कि जिम्मेदार अधिकारी तत्काल कार्रवाई करें और माफिया की जेसीबी पर लगाम लगाएं, वरना जनता का आक्रोश सड़कों पर उतरेगा और यह प्रशासनिक 'बेबसी' या 'मिलीभगत' भारी पड़ेगी।
- यहां सेवा के दौरान कभी भी दुर्घटना होने की आशंका व्यक्त की गई है, जहाँ लगातार किसी भी समय बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।1
- राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र स्थित लोगबंधु चौराहे पर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक अचानक एक ऊंचे होल्डिंग बोर्ड पर चढ़ गया। युवक को ऊपर चढ़ा देख मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही आशियाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए। हालाँकि, युवक काफी देर तक नीचे आने को तैयार नहीं हुआ, जिसके चलते पुलिस को उसे उतारने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने फायर ब्रिगेड टीम को भी मौके पर बुलाया और बचाव टीम द्वारा युवक को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिशें लगातार जारी रहीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह युवक पिछले दो-चार दिनों से इसी इलाके में घूम रहा था और उसने कई वाहनों के साइड मिरर भी तोड़ दिए थे, जिससे आसपास के लोग पहले से ही परेशान थे। फिलहाल, पुलिस और राहत टीम युवक को सुरक्षित नीचे उतारने में जुटी हुई है, और इस घटना के कारण लोगबंधु चौराहे पर काफी देर तक भारी भीड़ लगी रही।1
- संत कबीर नगर के मेंहदावल नगर क्षेत्र में स्थित नगर सरकारी बैंक के पास लगे एक मोबाइल टावर पर एक युवक जान देने की धमकी देते हुए चढ़ गया। सूरज पटेल नामक यह युवक, जो बिहार के औरंगाबाद जिले के हंसापुर थाना अंतर्गत सिंहाडी गांव का निवासी है, अपनी पत्नी और बच्चे के न मिलने से परेशान होकर यह कदम उठा रहा था। इस घटना के कारण मौके पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए और अफरा-तफरी मच गई, साथ ही कई लोग इस वाकये का वीडियो बना रहे थे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और युवक को मोबाइल पर बातचीत कर समझाने का प्रयास किया। पुलिस और स्थानीय पत्रकारों की समझाइश के बाद, युवक आखिरकार टावर से नीचे उतर गया। इसके बाद पुलिस युवक को थाने ले गई। इस दौरान, पुलिस के पहुँचने पर जमा भीड़ को हटाया गया।4
- संतकबीरनगर में समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ अन्य जनसमस्याओं को लेकर अपनी आवाज़ बुलंद की है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति का नाम कई बार दर्ज होने जैसी अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अब्दुल कलाम के नेतृत्व में, पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल 4 जून 2026 को जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपेगा। इस ज्ञापन के माध्यम से जिले की विभिन्न समस्याओं और जनता की मांगों को प्रशासन के सामने रखा जाएगा। पार्टी ने बढ़ती महंगाई को भी प्रमुखता से उठाया है, जिससे आम जनता पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। समाजवादी पार्टी का कहना है कि पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लगातार बढ़ती कीमतों से आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है और सरकार को इस दिशा में तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए। पार्टी ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाएं।1
- संतकबीरनगर जनपद में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत, प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दुबे और एसओजी प्रभारी रजनीश राय के नेतृत्व में एक टीम ने झपटमारी के तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में अवधेश कुमार धुरिया, सौरभ यादव और प्रभात यादव शामिल हैं, जो कसैला और निखरतपार, थाना कोतवाली खलीलाबाद के निवासी हैं। इन्हें मेहदावल बाईपास रोड चौराहे के पास से पकड़ा गया। पुलिस ने इनके पास से झपटमारी के 06 मोबाइल फोन, 01 अवैध .315 बोर तमंचा और घटना में इस्तेमाल की गई 01 मोटरसाइकिल बरामद की है। यह कार्रवाई 03 जून 2026 को महातम पुत्र रामराज निवासी गौसपुर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई। महातम ने बताया था कि 30 मई 2026 की सुबह जब वे अपने घर से बरदहिया बाजार जा रहे थे और विधियानी तिराहा के आगे ओवरब्रिज पर थे, तभी उनके मोबाइल पर फोन आया। उन्होंने गाड़ी रोककर बात करना शुरू किया। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर सवार चार अज्ञात लड़के आए और उनका मोबाइल झपटकर भागने लगे। भागते समय उनमें से एक लड़के के पास असलहा (कट्टा) दिखाई दिया, जिसके डर से पीड़ित शोर नहीं मचा पाया। इस शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली खलीलाबाद में मु0अ0सं0 464/2026 धारा 304(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। मोबाइल बरामदगी के बाद इस अभियोग में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई, साथ ही मु0अ0सं0 465/2026 धारा 317(2) बीएनएस व 3/25 आर्म्स एक्ट भी पंजीकृत किया गया। पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि वे अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर बरदहिया, गोला, विधियानी, मगहर, कटबंध जैसे स्थानों पर मोटरसाइकिल से घूमते थे। वे लोगों को कट्टा दिखाकर मोबाइल छीन लेते थे। उन्होंने स्वीकार किया कि 30 मई 2026 को उन्होंने मुखलिस पुर रोड पुल पर एक ऑटो चालक को कट्टा दिखाकर उसका मोबाइल छीना था, जो अवधेश कुमार धुरिया के पास से बरामद हुआ है। शेष 05 मोबाइल उन्होंने मगहर कटबंध और अन्य जगहों से राह चलते लोगों से छीने थे। वे इन छीने हुए मोबाइलों को घूम-फिरकर अज्ञात लोगों को बेच देते थे और मिले हुए पैसे को आपस में बाँटकर अपने खर्चों के लिए इस्तेमाल करते थे। अभियुक्तों के बयान से यह भी ज्ञात हुआ है कि इन्होंने पूर्व में भी कई ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है, जिनकी जाँच कर नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अनिल कुमार यादव सहित कई पुलिसकर्मी और सर्विलांस टीम संतकबीरनगर के सदस्य शामिल थे।2
- संतकबीरनगर जिले में आल इंडिया पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले तथा पुलिस विभाग का गौरव बढ़ाने वाली दो महिला उपनिरीक्षकों को पुलिस अधीक्षक ने सम्मानित किया है। पुलिस कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह की उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया। सम्मानित की गईं महिला उपनिरीक्षक सरिता नागवंशी और शीला यादव को उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक सरिता नागवंशी को 15 हजार रुपये और उपनिरीक्षक शीला यादव को 5 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इन दोनों महिला अधिकारियों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में कुल 10 पदक हासिल कर जनपद और पुलिस विभाग का नाम रोशन किया है। उपनिरीक्षक सरिता नागवंशी ने आल इंडिया पुलिस टेबल टेनिस प्रतियोगिता में ओपन डबल्स 50 प्लस महिला वर्ग में रजत पदक, सिंगल 50 प्लस महिला वर्ग में कांस्य पदक और मिक्स्ड डबल्स 50 प्लस वर्ग में कांस्य पदक प्राप्त किया। वहीं, उपनिरीक्षक शीला यादव ने आल इंडिया पुलिस टेबल टेनिस प्रतियोगिता के ओपन डबल्स 50 प्लस महिला वर्ग में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने दोनों महिला अधिकारियों की इन उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता पुलिस विभाग के अन्य कर्मियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जनपद और प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।1
- बस्ती जिले में 'शिव भगत' नामक खनन माफिया का आतंक जारी है, जिससे कलवारी थाना क्षेत्र के धोबहट, भंगुरा और मुरादपुर की धरती 'करहा रही' है। दिन-रात जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रालियों की बेखौफ आवाजाही यह साबित करती है कि नियम-कानून कागजों में नहीं, बल्कि माफिया की जेब में बंद हैं, जिससे 'सत्ता के संरक्षण में खनन माफिया का तांडव' चल रहा है। खनन माफिया शिव भगत द्वारा धोबहट में मिट्टी का यह अवैध खनन जारी है, और खनन विभाग व स्थानीय प्रशासन की 'चुप्पी' कई गंभीर सवाल खड़े करती है, जिससे यह 'मौत का तांडव' बदस्तूर कायम है; क्या यह मिलीभगत का नतीजा है? इस अवैध गतिविधि से सरकारी खजाने को प्रतिदिन 'लाखों का राजस्व' चूना लगाया जा रहा है, और पर्यावरण का भी विनाश हो रहा है, जिसमें उपजाऊ खेतों का खात्मा और ग्रामीण रास्तों को भारी पंजों से चलने लायक नहीं छोड़ना शामिल है। चिंता व्यक्त की गई है कि मानसून में ये खोदे गए गड्ढे जानलेवा साबित हो सकते हैं। प्रशासन पर यह सवाल उठाया गया है कि आखिर शिव भगत को किसका संरक्षण प्राप्त है कि नियम-कानूनों का खुलेआम उल्लंघन करने के बावजूद उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस और खनन विभाग सहित सभी की चुप्पी से क्षेत्र में 'माफिया राज' कायम होने का संदेश गया है। बस्ती की जनता अब और सहन करने को तैयार नहीं है, और जिला प्रशासन से उसकी नैतिकता और साहस पर सवाल उठाया गया है। यह मांग की गई है कि जिम्मेदार अधिकारी तत्काल कार्रवाई करें और माफिया की जेसीबी पर लगाम लगाएं, वरना जनता का आक्रोश सड़कों पर उतरेगा और यह प्रशासनिक 'बेबसी' या 'मिलीभगत' भारी पड़ेगी।1