Shuru
Apke Nagar Ki App…
यहां सेवा के दौरान कभी भी दुर्घटना होने की आशंका व्यक्त की गई है, जहाँ लगातार किसी भी समय बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।
Jamal akhtar
यहां सेवा के दौरान कभी भी दुर्घटना होने की आशंका व्यक्त की गई है, जहाँ लगातार किसी भी समय बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- सिद्धार्थनगर जिले में एक मदरसे में नौकरी दिलाने के बहाने ₹17 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यह घटना इटवा तहसील के भदोखर स्थित जामिया अरबिया हशमतिया अहले सुन्नत मेराजुल उलूम मदरसे से जुड़ी है। पीड़ित की शिकायत के बाद, शोहरतगढ़ पुलिस ने इस मामले में मदरसे के पूर्व प्रबंधक मोहसिन खान सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित गुलाम मोईनुद्दीन ने बताया कि पूर्व प्रबंधक मोहसिन खान ने उन्हें मदरसे में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया था और इस एवज में उनसे ₹17 लाख लिए थे। यह राशि बैंक खाते के माध्यम से और नकद दोनों तरह से दी गई थी। गुलाम मोईनुद्दीन का कहना है कि पैसे लेने के बावजूद उन्हें न तो नौकरी दी गई और न ही उनके पैसे वापस किए गए, बल्कि लगातार टालमटोल की जाती रही। काफी प्रयासों के बाद भी जब उन्हें न्याय नहीं मिला, तो उन्होंने शोहरतगढ़ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले को संज्ञान में लेते हुए, शोहरतगढ़ पुलिस ने तत्काल मोहसिन खान और तीन अन्य लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- संत कबीर नगर के मेंहदावल नगर क्षेत्र में स्थित नगर सरकारी बैंक के पास लगे एक मोबाइल टावर पर एक युवक जान देने की धमकी देते हुए चढ़ गया। सूरज पटेल नामक यह युवक, जो बिहार के औरंगाबाद जिले के हंसापुर थाना अंतर्गत सिंहाडी गांव का निवासी है, अपनी पत्नी और बच्चे के न मिलने से परेशान होकर यह कदम उठा रहा था। इस घटना के कारण मौके पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए और अफरा-तफरी मच गई, साथ ही कई लोग इस वाकये का वीडियो बना रहे थे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और युवक को मोबाइल पर बातचीत कर समझाने का प्रयास किया। पुलिस और स्थानीय पत्रकारों की समझाइश के बाद, युवक आखिरकार टावर से नीचे उतर गया। इसके बाद पुलिस युवक को थाने ले गई। इस दौरान, पुलिस के पहुँचने पर जमा भीड़ को हटाया गया।4
- घर के बिल्कुल पास कूड़ा फेंके जाने से स्थानीय निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस कूड़े के कारण उनके घरों में मच्छर घुस रहे हैं और लगातार बदबू आ रही है, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है।1
- कॉकरोच जनता पार्टी ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बातें रखी गईं या क्या घोषणाएँ की गईं, इस संबंध में कोई विवरण सामने नहीं आया है।1
- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के उतरौला में हुए अहरौला हत्याकांड में पीड़ित को अभी तक सहायता नहीं मिली है। इस संबंध में सवाल उठाया गया है कि बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने पीड़ित को सहायता न मिलने की स्थिति पर क्या बयान दिया है।1
- संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल में, पुलिस ने झपटमारी के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन, एक अवैध .315 बोर का तमंचा और घटना में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के अभियान के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य जिले में अपराधों को न्यूनतम करना है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अवधेश कुमार धुरिया पुत्र कृष्ण कुमार निर्भिक, सौरभ यादव पुत्र रामशब्द और प्रभात यादव पुत्र राजेश यादव के रूप में हुई है, ये सभी कसैला और निखरतपार, थाना कोतवाली खलीलाबाद, संतकबीरनगर के निवासी हैं। इन्हें मेहदावल बाइपास रोड चौराहे के पास से उस समय दबोचा गया, जब पुलिस टीम मु0अ0सं0 464/2026 धारा 304(2) बीएनएस थाना कोतवाली खलीलाबाद से संबंधित मामले की जांच कर रही थी। इस संयुक्त कार्रवाई में एसओ जय प्रकाश दुबे और प्रभारी एसओजी रजनीश राय के नेतृत्व में गठित टीम शामिल थी। टीम में उपनिरीक्षक अनिल कुमार यादव, हेड कांस्टेबल गणेश प्रसाद, कांस्टेबल दिपेश कुमार, बलराम यादव, आशीष कुमार यादव, दुर्गेश, देवेन्द्र वर्मा, महिला कांस्टेबल साधना और महिला कांस्टेबल आरजू सिंह भी मौजूद थीं। खलीलाबाद पुलिस झपटमारी जैसे अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है।2
- सिद्धार्थनगर से भगवा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने हिंदुत्व के विषय पर एक बयान दिया है।1
- बस्ती जिले में 'शिव भगत' नामक खनन माफिया का आतंक जारी है, जिससे कलवारी थाना क्षेत्र के धोबहट, भंगुरा और मुरादपुर की धरती 'करहा रही' है। दिन-रात जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रालियों की बेखौफ आवाजाही यह साबित करती है कि नियम-कानून कागजों में नहीं, बल्कि माफिया की जेब में बंद हैं, जिससे 'सत्ता के संरक्षण में खनन माफिया का तांडव' चल रहा है। खनन माफिया शिव भगत द्वारा धोबहट में मिट्टी का यह अवैध खनन जारी है, और खनन विभाग व स्थानीय प्रशासन की 'चुप्पी' कई गंभीर सवाल खड़े करती है, जिससे यह 'मौत का तांडव' बदस्तूर कायम है; क्या यह मिलीभगत का नतीजा है? इस अवैध गतिविधि से सरकारी खजाने को प्रतिदिन 'लाखों का राजस्व' चूना लगाया जा रहा है, और पर्यावरण का भी विनाश हो रहा है, जिसमें उपजाऊ खेतों का खात्मा और ग्रामीण रास्तों को भारी पंजों से चलने लायक नहीं छोड़ना शामिल है। चिंता व्यक्त की गई है कि मानसून में ये खोदे गए गड्ढे जानलेवा साबित हो सकते हैं। प्रशासन पर यह सवाल उठाया गया है कि आखिर शिव भगत को किसका संरक्षण प्राप्त है कि नियम-कानूनों का खुलेआम उल्लंघन करने के बावजूद उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस और खनन विभाग सहित सभी की चुप्पी से क्षेत्र में 'माफिया राज' कायम होने का संदेश गया है। बस्ती की जनता अब और सहन करने को तैयार नहीं है, और जिला प्रशासन से उसकी नैतिकता और साहस पर सवाल उठाया गया है। यह मांग की गई है कि जिम्मेदार अधिकारी तत्काल कार्रवाई करें और माफिया की जेसीबी पर लगाम लगाएं, वरना जनता का आक्रोश सड़कों पर उतरेगा और यह प्रशासनिक 'बेबसी' या 'मिलीभगत' भारी पड़ेगी।1