Shuru
Apke Nagar Ki App…
नागनपुर गांव में हर वर्ष की भांति इस साल भी साईं बाबा का भव्य भंडारा आयोजित किया गया। इस वार्षिक धार्मिक आयोजन में सकलडीहा के विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने साईं बाबा का प्रसाद ग्रहण किया।
Ajay Singh
नागनपुर गांव में हर वर्ष की भांति इस साल भी साईं बाबा का भव्य भंडारा आयोजित किया गया। इस वार्षिक धार्मिक आयोजन में सकलडीहा के विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने साईं बाबा का प्रसाद ग्रहण किया।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- नागनपुर गांव में हर वर्ष की भांति इस साल भी साईं बाबा का भव्य भंडारा आयोजित किया गया। इस वार्षिक धार्मिक आयोजन में सकलडीहा के विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने साईं बाबा का प्रसाद ग्रहण किया।1
- मंगलवार को धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी सैलाब गंगा घाटों पर उमड़ पड़ा। भीषण गर्मी के बावजूद, दशाश्वमेध, अस्सी और राजेंद्र प्रसाद जैसे प्रमुख घाटों पर सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जहां उन्होंने आस्था की डुबकी लगाकर मां गंगा की पूजा-अर्चना की। प्रशासन ने इस दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं। कई घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल और जल पुलिस की तैनाती की गई थी। इसके साथ ही, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा आरती और अन्य विशेष पूजन कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। यह पर्व मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान करने और दान-पुण्य के कार्य करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है।2
- वाराणसी में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर नमामि गंगे ने दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया और आरती उतारकर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस आयोजन का उद्देश्य 'अविरल गंगा-निर्मल गंगा' की कामना करना था, जो भारत के 50 करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका का आधार हैं। सनातनी संस्कृति के प्रवाह के प्रतीक के तौर पर मां गंगा की आरती उतारी गई और जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए शपथ दिलाई गई। इस दौरान गंगा जयघोष के बीच राष्ट्र ध्वज भी लहराया गया, राष्ट्रीय नदी गंगा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। नमामि गंगे टीम के सदस्यों ने गंगा तलहटी की सफाई की और लोगों से गंदगी न फैलाने की अपील की। लाउडस्पीकर और स्वच्छता स्लोगन लिखी तख्तियों के माध्यम से घाटों पर हजारों लोगों को जागरूक किया गया, जिन्होंने गंगा दशहरा स्नान के लिए उपस्थिति दर्ज कराई थी। इन श्रद्धालुओं को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जन-भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प भी दिलाया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने बताया कि गंगा दशहरा देवी गंगा के पृथ्वी पर अवतरण के सम्मान में धार्मिक आस्था के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि राजा सगर के साठ हजार पुत्रों का उद्धार करने के लिए धरती पर अवतरित हुई गंगा तब से आज तक पृथ्वीवासियों को मुक्ति, शांति, आजीविका और आनंद प्रदान कर रही हैं। राजेश शुक्ला ने इस बात पर जोर दिया कि गंगा का दर्शन, स्पर्श, पूजन और स्नान ही मानव मात्र के लिए पर्याप्त है और गंगा का शुद्ध होना हमारे पर्यावरण की स्वच्छता का एक महत्वपूर्ण मापदंड है। उन्होंने सरकार के साथ-साथ सभी लोगों से गंगा के प्रति अपने सरोकारों को समझने और ईमानदारी से निभाने का आह्वान किया। इस आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला, महानगर सहसंयोजक सारिका गुप्ता, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, महानगर सहसंयोजक बीना गुप्ता, पंकज अग्रहरि, अवधेश वर्मा, पूनम वर्मा और अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- एसएससी जीडी परीक्षा में व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई, जिसके परिणामस्वरूप देश के कई परीक्षा केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रयागराज सहित कई शहरों में छात्रों ने जमकर हंगामा किया, सड़कें जाम कर दीं और तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आईं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा केंद्रों पर क्षमता से अधिक छात्रों को बुलाया गया था, जिससे भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस गंभीर अव्यवस्था के बाद, एसएससी ने कुछ प्रभावित परीक्षाओं को दोबारा आयोजित कराने की बात कही है। हालाँकि, यह सवाल अभी भी कायम है कि इतनी बड़ी भर्ती परीक्षा में आखिर इतनी बड़ी लापरवाही क्यों बरती गई?1
- दर्जनों इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान कमिश्नरेट पहुंचे। इस दौरान आईटीबीपी के अधिकारी भी वहां मौजूद रहे।1
- आजमगढ़ जनपद में 20 मई 2026 की रात एक हत्या का मामला सामने आया, जिसकी शिकायत 21 मई 2026 को थाना मुबारकपुर में सुनील कुमार पुत्र संतराज ने दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उनके भाई सुशील अपने साथी उमाशंकर उर्फ पिंटू यादव के साथ एक निमंत्रण में गए थे। रात करीब 12 बजे उमाशंकर यादव ने सुनील को सूचित किया कि रानीपुर गाँव जाने वाले मुख्य मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास पंकज सिंह उर्फ सोनू सिंह, अवनीश यादव उर्फ बबलू यादव और एक अज्ञात व्यक्ति ने सुशील की गोली मारकर हत्या कर दी है। इस संबंध में थाना मुबारकपुर में मु0अ0सं0- 197/2026 धारा 103(1) BNS व 3(2), 5, SC/ST ACT के तहत पंकज सिंह, अवनीश यादव और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल द्वारा शुरू की गई। विवेचना के दौरान, सीडीआर, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीन रिक्रिएशन जैसे तथ्यों के आधार पर, यह खुलासा हुआ कि अभियुक्त उमाशंकर उर्फ पिंटू यादव पुत्र प्रेमचंद्र यादव (जो शुरुआती जानकारी देने वाला व्यक्ति था) और वीरेंद्र उर्फ बिंदू यादव पुत्र स्वर्गीय सत्यदेव यादव का नाम घटना में सामने आया। जांच से पता चला कि यह हत्या जमीन की खरीद-फरोख्त और पैसों के लेन-देन को लेकर साथियों द्वारा ही षड़यंत्र रचकर की गई थी।1
- वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र में कादीपुर स्टेशन से सटे कौवापुर गांव में गंभीर पेयजल संकट गहरा गया है, जहाँ करीब 40 घरों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, और सरकार की 'हर घर जल योजना' यहाँ दम तोड़ती दिख रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा बिछाई गई मात्र तीन इंच की पाइपलाइन भारी वाहनों की आवाजाही के कारण जगह-जगह दब गई है और ब्लॉक हो गई है, जिसके चलते बस्ती तक पानी नहीं पहुँच पा रहा है। इस समस्या से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएँ सबसे अधिक प्रभावित हैं। न्यूज टू इंडिया ने मौके पर पहुँचकर पड़ताल की और पाया कि दर्जनों घरों में वाकई एक बूंद भी पानी नहीं पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। इस संबंध में चोलापुर के बीडीओ ने बताया कि मामले में पत्र भेजा जा चुका है और जाँच कराई जा रही है, साथ ही जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत गाँव-गाँव पानी पहुँचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। न्यूज टू इंडिया ने स्वयं जल निगम के पास पहुँचकर देखा कि पानी की टंकी का कार्य अभी तक अधूरा पड़ा है; न तो परिसर की बाउंड्री बनी है और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था है। मौके पर ऑपरेटर भी मौजूद नहीं रहता। जल निगम के पास एक बुजुर्ग ने बताया कि पानी की आपूर्ति चालू या बंद करने के लिए भी कोई जिम्मेदार व्यक्ति समय पर नहीं पहुँचता। इसके अलावा, टंकी परिसर में फर्श निर्माण, सौर ऊर्जा सुरक्षा व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएँ भी अधूरी हैं। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई कब होगी, क्योंकि ठेकेदार लापता हैं और अधिकारी मौन हैं।1
- नागरिकों ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा है कि उन्हें 5 किलो राशन की आवश्यकता नहीं है। उनकी मुख्य माँगें बुनियादी सुविधाओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी को लेकर हैं, जिस पर उनका विशेष जोर है।1