Shuru
Apke Nagar Ki App…
ग्राम पोस्ट पढ़ोरी थाना मौदहा जिला हमीरपुर यूपी 210507 सेना स्थल की सेवा
Vivek Kumar
ग्राम पोस्ट पढ़ोरी थाना मौदहा जिला हमीरपुर यूपी 210507 सेना स्थल की सेवा
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- मौदहा (हमीरपुर)। मौदहा क्षेत्र में बीती शनिवार-रविवार की रात हुई तेज बारिश और रविवार दोपहर बाद आंधी के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। पहले जहां बीते सप्ताह आई आंधी-बारिश से फसलों को मामूली नुकसान हुआ था, वहीं इस बार की बारिश ने खेतों में खड़ी और कटी पड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी कमर तोड़ दी है। क्षेत्र के कई गांवों से ओलावृष्टि की सूचना मिलने के बाद किसान नुकसान का आंकलन करने में जुट गए हैं। सबसे ज्यादा असर गेहूं, चना और सरसों की फसल पर पड़ा है। किसानों के अनुसार, खेतों में कटी पड़ी फसल भीगने से खराब होने लगी है, जबकि खड़ी फसल तेज हवाओं और ओलों से झुक गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि चना और सरसों की करीब 80 प्रतिशत, जबकि गेहूं की लगभग 50 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि जो गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है, उसे हार्वेस्टर से काटना मुश्किल होगा। ऐसी फसल को अब मजदूरों के सहारे ही काटा जा सकेगा, जिससे लागत भी बढ़ेगी और समय भी लगेगा। जिन किसानों का चना और लाही (सरसों) अभी कटना बाकी है, उन्हें सबसे अधिक नुकसान होने की आशंका है। हालांकि कुछ किसानों को अभी भी उम्मीद है कि खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल सूखने के बाद कुछ हद तक दाना दे सकती है। वहीं जिन क्षेत्रों में बंधा की जमीन पर देर से बुवाई हुई थी, वहां फिलहाल नुकसान कम बताया जा रहा है। लेकिन किसानों का साफ कहना है कि अगर मौसम का यही मिजाज बना रहा, तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है। किसानों की पीड़ा किसानों का कहना है कि “जो फसल खेत में गिर गई है, वह हार्वेस्टर से नहीं उठेगी। मजदूरों से कटवानी पड़ेगी। चना और लाही की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान है। गेहूं में पहले मामूली नुकसान था, लेकिन ओलावृष्टि के बाद अब नुकसान ज्यादा हो गया है।” ग्राउंड रिपोर्ट का निष्कर्ष मौदहा क्षेत्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर गहरी चोट की है। रबी सीजन की तैयार खड़ी फसल पर आई इस प्राकृतिक मार ने गांव-गांव में चिंता बढ़ा दी है। अब किसानों की निगाहें मौसम के अगले रुख और प्रशासन की राहत व्यवस्था पर टिकी हैं।6
- आज शाम 06 बजे आंधी तूफान तेज बारिश और ओला वृष्टि के चलते थाना तिंदवारी के प्रशासनिक भवन का छज्जा आंशिक रूप से गिर गया था जिसकी वजह से जनसुनवाई कर रहे पुलिसकर्मियों तथा थाने पर आए बुजुर्ग दंपत्ति को मामूली चोटे आई हैं उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया डॉक्टरों द्वारा इलाज कर दिया गया। उनकी चोटें सामान बताई गई है जिनकी स्थिति ठीक है। थाना परिसर के छज्जा की सुरक्षा व मरम्मत की कार्यवाही कराई जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज।1
- बांदा । जनपद बांदा के नगर क्षेत्र में लोहिया पुल के पास स्थित कान्हा कुंज में रविवार को विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान समिति के जिलाध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 27 अप्रैल 2026 को देशभर में गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग को लेकर व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक जनपद की तहसीलों में एक साथ प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि गौ रक्षा समिति लगातार गौवंश के संरक्षण और उनके हितों के लिए कार्य कर रही है। इस अभियान के माध्यम से गौवंश की वर्तमान दयनीय स्थिति में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही जनजागरूकता बढ़ाने के लिए तहसील स्तर पर रैलियां और शोभायात्राएं भी निकाली जाएंगी।बैठक में निर्णय लिया गया कि 27 अप्रैल को विशाल शोभायात्रा निकालकर लोगों को इस मुहिम से जोड़ा जाएगा और गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को मजबूती से उठाया जाएगा। इस मौके पर जिला मंत्री सुतकीर्ति गुप्ता, अनीता गुप्ता, आरती वाल्मीकि, अधिवक्ता प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष दीपक शुक्ला, जिला प्रभारी सुरेश कान्हा, सह प्रभारी आलोक कुमार निगम, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार मिश्रा, सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।1
- तिंदवारी थाने में हादसा: आंधी-ओलावृष्टि से छज्जा गिरा, पुलिसकर्मी और बुजुर्ग दंपत्ति घायल बांदा के तिंदवारी थाना परिसर में रविवार शाम तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। प्रशासनिक भवन का छज्जा आंशिक रूप से गिर गया, जिससे वहां मौजूद पुलिसकर्मी और जनसुनवाई के लिए आए एक बुजुर्ग दंपत्ति घायल हो गए। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत सामान्य बताई है। फिलहाल छज्जे की मरम्मत और सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इस पूरे मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज ने जानकारी दी है। #BandaNews #Tindwari #WeatherAlert #Storm #Rain #Hailstorm #BreakingNews #UPNews #Police #Accident #GroundReport1
- Post by Raj dwivedi1
- #Apkiawajdigital बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बांदा के किसानों की कमर टूटी, 90% तक फसल बर्बाद; मुआवजे की उठी मांग बांदा/बबेरू | 5 अप्रैल, 2026 बुंदेलखंड की धरती पर कुदरत के कहर ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से तबाह हुई फसलों की पीड़ा को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने के लिए आज बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने एक अनोखा और हृदयविदारक प्रदर्शन किया। जनपद बांदा के खेतों में पहुँचकर नोमानी ने गीले गेहूं के भारी गट्ठे को अपने सिर पर रखा और सरकार को सोते से जगाने का आह्वान किया। खेतों में बिछ गई 'सोने' जैसी फसल, किसान बेहाल मीडिया बन्धुओं को किसानों के बीच से वीडियो संदेश के माध्यम से सम्बोधित करते होते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि बांदा और बबेरू क्षेत्र में प्रकृति के तांडव ने गेहूं, चना और लाही की तैयार खड़ी फसल को मटियामेट कर दिया है। आंधी और ओलों ने न केवल अनाज छीना है, बल्कि आम के बौर, अमरूद के फूल और सब्जियों को भी भारी नुकसान पहुँचाया है। खेतों में फसल गिरने से 80 से 90 प्रतिशत तक उत्पादन घटने का अनुमान है, जिससे किसान भुखमरी की कगार पर पहुँच गया है। प्रमुख मांगें: कर्ज माफी और तत्काल मुआवजा बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने जनहित में उत्तर प्रदेश सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं: कर्ज माफी: प्रभावित किसानों का कृषि ऋण ब्याज सहित तत्काल माफ किया जाए। निष्पक्ष सर्वे: संबंधित अधिकारियों को तत्काल आदेश देकर क्षति का जमीनी सर्वे कराया जाए। उचित मुआवजा: बर्बाद हुई फसल का उचित और सम्मानजनक मुआवजा जल्द से जल्द किसानों के खातों में भेजा जाए। "किसान का सिर आज बोझ से नहीं, बल्कि बर्बादी के दर्द से झुका हुआ है। अगर सरकार ने जल्द सर्वे कराकर मुआवजा घोषित नहीं किया, तो बुंदेलखंड इंसाफ सेना अशोक लाट पर अनिश्चितकालीन धरने के लिए मजबूर होगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।" — ए.एस. नोमानी, राष्ट्रीय अध्यक्ष किसानों का एकजुट समर्थन प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में प्रभावित किसान मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्य रूप से छोटा वर्मा, पंकज तिवारी, अनूप सिंह, सुनीता समेत दर्जनों किसानों ने अपनी व्यथा सुनाई और सरकार से मदद की गुहार लगाई। किसानों का कहना है कि उनकी साल भर की मेहनत अब मिट्टी में मिल चुकी है, और अब केवल सरकारी मदद ही उन्हें इस संकट से उबार सकती है।1
- हमीरपुर। रमेड़ी मुहल्ले में रेखा पत्नी अभय को पहली संतान के रूप में बेटी हुई। परिवार ने इसे खुशी का भव्य त्योहार बना दिया। ➡️ अस्पताल से घर तक डीजे, ढोल नगाड़े और कारों का काफिला। ➡️ रास्ते में पुष्प वर्षा और घर में आतिशबाजी। ➡️ रोली का टीका लगाकर जोरदार स्वागत, परिवार ने डीजे की धुन पर किया नाच। आज भी कुछ परिवार बेटियों के जन्म को गर्व और उत्सव का अवसर मानते हैं, यह हमीरपुर का यह परिवार इसका जीता-जागता उदाहरण है।1
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जेएन महाविद्यालय के प्राचार्य के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन।1
- बांदा: क्योंटरा क्षेत्र में रेलवे द्वारा दोहरी पटरी बिछाने के कार्य के चलते रेलवे अंडरब्रिज का रास्ता बंद कर दिया गया है। इस अचानक बंदी से स्थानीय लोगों, वाहन चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि लोग जान जोखिम में डालकर पटरी पार करते नजर आ रहे हैं, जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। खास बात यह है कि पास में स्कूल भी संचालित हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे प्रशासन ने अंडरब्रिज बंद तो कर दिया, लेकिन वैकल्पिक मार्ग या सुरक्षित आवागमन की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई। इससे रोजाना आने-जाने वालों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों और राहगीरों ने रेलवे अधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द कोई अस्थायी रास्ता, बैरिकेडिंग या सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।3