डीग जिले की बृज नगर विधानसभा की बेरू ग्राम पंचायत में राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के बैनर तले 'चुनाव कराओ_लोकतंत्र बचाओ' सत्याग्रह का आयोजन किया गया। एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा (प्रदेश सचिव, राजीव गांधी पंचायतीराज विभाग, राजस्थान) के नेतृत्व में आयोजित इस जन अभियान में स्थानीय महिलाओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पंचों और युवाओं ने हिस्सा लिया और सामूहिक रूप से लोकतंत्र व संविधान की रक्षा का संकल्प लिया। सेमली ग्राम पंचायत से शुरू हुआ यह जन अभियान अब बेरू ग्राम पंचायत में पहुंच चुका है। सत्याग्रह के मुख्य वक्ता एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जनता की न होकर केवल अपनी पार्टी की सरकार की तरह काम कर रही है और चारों तरफ तानाशाही का माहौल बना रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष न्याय के लिए कांग्रेस सरकार द्वारा स्थापित की गईं ईडी, सीबीआई और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं का भाजपा सरकार दुरुपयोग कर रही है और उनकी स्वतंत्रता छीन ली गई है। उन्होंने मध्य प्रदेश से गांधीवादी नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन निरस्त किए जाने को चुनावी निष्पक्षता पर गंभीर प्रहार बताया और कहा कि पहले भाजपा सिर्फ वोट चोरी करती थी, लेकिन अब सीट चोरी भी करने लगी है। इसके अलावा, राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव समय पर न कराकर सरकार संविधान के अनुच्छेद 243 E और 243 U का खुला उल्लंघन कर रही है और अदालती आदेशों की अवहेलना कर लोगों के वोट डालने व चुनाव लड़ने के अधिकार को छीन रही है। भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इनकी गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश में महंगाई और बेरोजगारी पैर पसार रही है, जिससे अमीर और अमीर तथा गरीब और गरीब होता जा रहा है। सरकार अपने अमीर दोस्तों अडानी और अंबानी को खुश करने के लिए नीतियां बना रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इस दौरान असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (डीग) के अध्यक्ष रामफल सैनी, आनंद यादव, वीरवती, रेखा, हरपयारी, सुशीला, तारा सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आगामी चुनावों में लोकतंत्र और संविधान विरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का दृढ़ संकल्प लिया।
डीग जिले की बृज नगर विधानसभा की बेरू ग्राम पंचायत में राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के बैनर तले 'चुनाव कराओ_लोकतंत्र बचाओ' सत्याग्रह का आयोजन किया गया। एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा (प्रदेश सचिव, राजीव गांधी पंचायतीराज विभाग, राजस्थान) के नेतृत्व में आयोजित इस जन अभियान में स्थानीय महिलाओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पंचों और युवाओं ने हिस्सा लिया और सामूहिक रूप से लोकतंत्र व संविधान की रक्षा का संकल्प लिया। सेमली ग्राम पंचायत से शुरू हुआ यह जन अभियान अब बेरू ग्राम पंचायत में पहुंच चुका है। सत्याग्रह के मुख्य वक्ता एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जनता की न होकर केवल अपनी पार्टी की सरकार की तरह काम कर रही है और चारों तरफ तानाशाही का माहौल बना रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष न्याय के लिए कांग्रेस सरकार द्वारा स्थापित की गईं ईडी, सीबीआई और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं का भाजपा सरकार दुरुपयोग कर रही है और उनकी स्वतंत्रता छीन ली गई है। उन्होंने मध्य प्रदेश से गांधीवादी नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन निरस्त किए जाने को चुनावी निष्पक्षता पर गंभीर प्रहार बताया और कहा कि पहले भाजपा सिर्फ वोट चोरी करती थी, लेकिन अब सीट चोरी भी करने लगी है। इसके अलावा, राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव समय पर न कराकर सरकार संविधान के अनुच्छेद 243 E और 243 U का खुला उल्लंघन कर रही है और अदालती आदेशों की अवहेलना कर लोगों के वोट डालने व चुनाव लड़ने के अधिकार को छीन रही है। भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इनकी गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश में महंगाई और बेरोजगारी पैर पसार रही है, जिससे अमीर और अमीर तथा गरीब और गरीब होता जा रहा है। सरकार अपने अमीर दोस्तों अडानी और अंबानी को खुश करने के लिए नीतियां बना रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इस दौरान असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (डीग) के अध्यक्ष रामफल सैनी, आनंद यादव, वीरवती, रेखा, हरपयारी, सुशीला, तारा सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आगामी चुनावों में लोकतंत्र और संविधान विरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का दृढ़ संकल्प लिया।
- डीग जिले की बृज नगर विधानसभा की बेरू ग्राम पंचायत में राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के बैनर तले 'चुनाव कराओ_लोकतंत्र बचाओ' सत्याग्रह का आयोजन किया गया। एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा (प्रदेश सचिव, राजीव गांधी पंचायतीराज विभाग, राजस्थान) के नेतृत्व में आयोजित इस जन अभियान में स्थानीय महिलाओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पंचों और युवाओं ने हिस्सा लिया और सामूहिक रूप से लोकतंत्र व संविधान की रक्षा का संकल्प लिया। सेमली ग्राम पंचायत से शुरू हुआ यह जन अभियान अब बेरू ग्राम पंचायत में पहुंच चुका है। सत्याग्रह के मुख्य वक्ता एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जनता की न होकर केवल अपनी पार्टी की सरकार की तरह काम कर रही है और चारों तरफ तानाशाही का माहौल बना रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष न्याय के लिए कांग्रेस सरकार द्वारा स्थापित की गईं ईडी, सीबीआई और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं का भाजपा सरकार दुरुपयोग कर रही है और उनकी स्वतंत्रता छीन ली गई है। उन्होंने मध्य प्रदेश से गांधीवादी नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन निरस्त किए जाने को चुनावी निष्पक्षता पर गंभीर प्रहार बताया और कहा कि पहले भाजपा सिर्फ वोट चोरी करती थी, लेकिन अब सीट चोरी भी करने लगी है। इसके अलावा, राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव समय पर न कराकर सरकार संविधान के अनुच्छेद 243 E और 243 U का खुला उल्लंघन कर रही है और अदालती आदेशों की अवहेलना कर लोगों के वोट डालने व चुनाव लड़ने के अधिकार को छीन रही है। भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इनकी गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश में महंगाई और बेरोजगारी पैर पसार रही है, जिससे अमीर और अमीर तथा गरीब और गरीब होता जा रहा है। सरकार अपने अमीर दोस्तों अडानी और अंबानी को खुश करने के लिए नीतियां बना रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इस दौरान असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (डीग) के अध्यक्ष रामफल सैनी, आनंद यादव, वीरवती, रेखा, हरपयारी, सुशीला, तारा सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आगामी चुनावों में लोकतंत्र और संविधान विरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का दृढ़ संकल्प लिया।1
- भरतपुर के नदबई से आज 12/07/2026 के पंचांग संबंधी संपूर्ण जानकारी का लाइव अपडेट जारी किया गया है। पंचांग से जुड़ी पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए लोगों से इस अपडेट को लाइक, शेयर और कमेंट करने के साथ-साथ शुरू ऐप पर फॉलो करने की अपील की गई है।1
- मथुरा-वृंदावन में ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल जारी है, जिससे यात्रियों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चालकों का कहना है कि उनके ₹20,000 तक के चालान काटे जा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी कार्रवाई के विरोध में ही ई-रिक्शा चालकों ने हड़ताल कर दी है।1
- राजस्थान के डीग जिले की नगर विधानसभा (बृजनगर) में सरकारी कीमत पर यूरिया खाद न मिलने और खाद विक्रेताओं द्वारा की जा रही कालाबाजारी के विरोध में किसानों और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा (प्रदेश महासचिव, भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (महासंघ) इंटक प्रदेश सचिव, राजीव गांधी पंचायत राज विभाग एवं असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस राजस्थान) के नेतृत्व में किया गया। किसानों का कहना है कि पूरे डीग जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लत है, जिसके कारण कृषक वर्ग को भारी परेशानी और असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खाद विक्रेता अधिक मुनाफा कमाने के लालच में सरकार द्वारा निर्धारित ₹270 की कीमत पर 45 किलोग्राम का कट्टा देने के बजाय इसे चोरी-छिपे ऊंचे दामों में बेच रहे हैं। इसके अलावा, कुछ यूरिया खाद विक्रेता ₹270 में कट्टा तो दे रहे हैं, लेकिन उसके साथ महंगे कीटनाशक खरीदना अनिवार्य कर रहे हैं। यदि कोई किसान कीटनाशक नहीं खरीदता, तो उसे यूरिया खाद नहीं दी जाती है। इस मजबूरी के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है जिससे उनमें भारी रोष है। एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि पहले ₹270 में 50 किलोग्राम का कट्टा आता था जिसे घटाकर 45 किलोग्राम कर दिया गया, और अब चर्चा है कि सरकार इसे और घटाकर 40 किलोग्राम करने का विचार कर रही है। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि नगर विधानसभा सहित पूरे डीग जिले में यूरिया की कालाबाजारी को तुरंत रोका जाए, सरकारी कीमत पर ही खाद उपलब्ध कराई जाए, और किसानों के हित में खाद के कट्टे का वजन अब और न घटाया जाए। इस प्रदर्शन के अवसर पर प्रताप सिंह नौगावा, रामफल सैनी, शुभम बंसल, सुभान खान और सुनील सैनी सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित रहे।1
- मथुरा के वृंदावन में रुक्मिणी विहार मुख्य द्वार पर प्रदर्शनकारी ई-रिक्शा चालकों ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने इस मार्ग से गुजरने वाले अन्य ई-रिक्शों को जबरन रोका और बात न मानने वाले चालकों के साथ सरेराह हाथापाई और अभद्रता की। प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों ने चलते हुए ई-रिक्शों की चाबियां जबरदस्ती छीन लीं और इस भीषण गर्मी में सवारियों को गाड़ियों से उतारकर सड़क पर खड़ा होने के लिए मजबूर कर दिया। इस पूरे हंगामे के दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पुलिस के सामने ही ई-रिक्शा चालकों को जबरन रोका जा रहा था, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनकर तमाशबीन बनी रही। इस खुलेआम हुई गुंडागर्दी के बाद से स्थानीय रिक्शा चालकों और राहगीरों में भारी गुस्सा है और पूरे इलाके में डर का माहौल है।1