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नरेगा भुगतान से संबंधित एक ऐबी (AB) पर प्रशासक के पुत्र द्वारा नोट लगाए जाने के कारण एक विवाद उत्पन्न हो गया है। इस घटना के परिणामस्वरूप विवाद बढ़ गया और इसने एक बड़े बवाल का रूप ले लिया।
National Sach
नरेगा भुगतान से संबंधित एक ऐबी (AB) पर प्रशासक के पुत्र द्वारा नोट लगाए जाने के कारण एक विवाद उत्पन्न हो गया है। इस घटना के परिणामस्वरूप विवाद बढ़ गया और इसने एक बड़े बवाल का रूप ले लिया।
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- एक महिला ने मदद की गुहार लगाते हुए आरोप लगाया है कि नगला हरी गांव, राय गांव में कुछ व्यक्तियों ने जबरदस्ती उसका आधार कार्ड बदल दिया है। उसने बताया कि उसे उठाकर उसका आधार कार्ड बदला गया और इस जबरन कार्रवाई के कारण उसे अपने बच्चों और पति से भी अलग कर दिया गया है। महिला ने अपनी स्थिति को बेहद निराशाजनक बताया है। महिला ने इस घटना के लिए सोनू, मोनू, चंद्रशेखर, शेर सिंह और धीरे सिंह नामक व्यक्तियों को जिम्मेदार ठहराया है। उसने इन व्यक्तियों के मोबाइल नंबर 6397919230, 9756002593 और 9259167374 भी साझा किए हैं। महिला का कहना है कि उसे इस मामले में शिकायत दर्ज करने का कोई मौका नहीं दिया जा रहा है और वह अपनी लोकेशन के लिए सहायता चाहती है।4
- मंगलवार, 30 जून 2026 को मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र स्थित गोवर्धन चौराहे पर एक डंफर और कार की टक्कर के बाद जमकर हंगामा हो गया। हादसे के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट और अभद्रता के आरोपों तक पहुंच गई, जिसके चलते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कार सवार राधा सिटी निवासी पूजा का आरोप है कि टक्कर के बाद डंफर चालक ने उनके साथ और कार चालक के साथ मारपीट की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसके साथ ही, महिला और कार चालक ने ट्रैफिक पुलिस के व्यवहार पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें उचित सहयोग नहीं मिला और ट्रैफिक पुलिस पर भी अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी पुलिस को दे दी गई है और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना और उसके बाद हुए विवाद के लिए कौन जिम्मेदार था।2
- जनपद मथुरा के थाना छाता क्षेत्र के नौगांव से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ लालच में रिश्तों को शर्मसार करते हुए सगे चाचा और ताऊ ने मिलकर अपनी ही तीन अनाथ भतीजियों, कुमारी संध्या और चांदनी, का हक छीन लिया। इन बच्चियों को पाई-पाई के लिए मोहताज कर बेघर कर दिया गया है। अनाथ बच्चियों की संपत्ति हड़पने के लिए उनके दादा के नाम पर एक फर्जी वसीयत तैयार की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, नौगांव निवासी वीरेंद्र की कुछ समय पूर्व मृत्यु हो गई थी। पति की मौत के बाद, उनकी पत्नी रजनी ने सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते दूसरा विवाह कर लिया। वीरेंद्र और रजनी की तीन मासूम बच्चियां हैं, जो अपने पिता की मौत और माँ के चले जाने के बाद पूरी तरह अनाथ और असहाय हो गई हैं। नियम और नैतिकता के आधार पर पिता वीरेंद्र के हिस्से की संपत्ति पर उनकी इन तीन बेटियों का हक था। बताया जा रहा है कि बच्चियों के दादा (बाबा) की मृत्यु से पहले ही उनके पिता वीरेंद्र की मौत हो चुकी थी। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए चाचा-ताऊ ने कथित तौर पर मौज नौगांव, खसरा संख्या 683 के संबंध में एक फर्जी वसीयत तैयार करवा ली। इस फर्जी वसीयत में वीरेंद्र के हिस्से को गायब कर पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि, "जब बच्चियों के पिता जीवित ही नहीं थे, तो दादा की संपत्ति में से पोतियों का हक मारना सीधे तौर पर जालसाजी और धोखाधड़ी है। बच्चियों को जानबूझकर बेघर और बेसहारा कर दिया गया है।" इस धोखाधड़ी के बाद, तीनों बच्चियां पूरी तरह से बेघर हो चुकी हैं; उनके पास न तो रहने के लिए छत है और न ही भरण-पोषण का कोई साधन। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि सगे खून ने ही मासूमों के साथ इतना बड़ा विश्वासघात किया। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों से इस मामले की जांच कर जालसाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बच्चियों को उनका हक दिलाने की गुहार लगाई है।1
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में गैस माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। यह मामला फिरोजाबाद से सामने आया है, जहाँ गैस माफियाओं पर महत्वपूर्ण एक्शन लिया गया।1
- जनपद मथुरा में नौहझील-शेरगढ़ रोड पर गंगाजल पाइपलाइन अचानक फटने से पूरा इलाका दरिया में तब्दील हो गया। इस ब्लास्ट के कारण सड़क पर कई फीट तक पानी भर गया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। करीब दो घंटे तक लाखों लीटर गंगाजल लगातार बहता रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई वाहन पानी में फंस गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना की सूचना दिए जाने के बावजूद संबंधित विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। अब क्षेत्रवासी तत्काल पाइपलाइन की मरम्मत, जलापूर्ति बहाल करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।1
- ब्यावर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, लांबिया ग्राम में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ गए हैं। गांव के कई घरों में नलों से गंदा, मटमैला और तेज बदबूदार पानी आने से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। इस दूषित पानी के कारण उनमें बीमारियों का भय बढ़ गया है, साथ ही स्वच्छ पेयजल के अभाव में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पानी उपयोग योग्य नहीं है और उन्हें इसे नालियों में बहाना पड़ रहा है। ग्रामीण जेठाराम लिंबा ने बताया कि पिछले कई दिनों से उनके घर की पेयजल लाइन से मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा है, जिसकी शिकायत जलदाय विभाग को देने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। पीने योग्य न होने के कारण उनके परिवार को अन्य स्रोतों से पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। संवाददाता नेमदास वैष्णव ने भी मौके पर पानी का जायजा लिया, जो रंगीन और अत्यधिक बदबूदार था, जिसके पास थोड़ी देर खड़ा रहना भी मुश्किल था। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है और उन्हें मुंहमांगे दामों पर निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। उनका यह भी कहना है कि जल जीवन मिशन और जलदाय विभाग द्वारा बिछाई गई पाइपलाइन में बार-बार लीकेज होने से पेयजल आपूर्ति लगातार प्रभावित होती रहती है। ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के तहत कई अधूरे कार्यों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के लिए मुख्य मार्गों को खोदा गया था, लेकिन ठेकेदार ने सड़क की मरम्मत नहीं कराई, जिससे जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। बरसात के मौसम में ये गड्ढे वाहन चालकों और बुजुर्गों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पेयजल पाइपलाइन की तकनीकी जांच करवाकर दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, लीकेज को दूर किया जाए और अधूरे कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इस मामले में जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि किसी उपभोक्ता के पुराने पेयजल कनेक्शन में लीकेज है, जिससे आपूर्ति के दौरान गंदा पानी मिल रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभाग जल्द ही संबंधित लीकेज को ठीक करके पेयजल आपूर्ति को सुचारु और स्वच्छ बनाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर के गुजैनी थाना क्षेत्र से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक युवती के साथ कथित रूप से मारपीट और अभद्र व्यवहार होता दिखाई दे रहा है, जिसने लोगों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वायरल वीडियो और घटना की जांच में पुष्टि होने पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है, क्योंकि किसी भी विवाद में कानून को अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। RPRNEWS TV DIGITAL और ब्रज की आवाज समाचार पत्र ने अपील की है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को कड़ी सजा मिले और यह सुनिश्चित किया जाए कि महिलाओं की सुरक्षा हमेशा बनी रहे।1